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Author Archives: Zahid Abbas

हीरोइनें

कोरोना काल में लॉकडाउन के मद्देनजर हमने कम सुविधाओं में बहुत से काम करना सीख लिया है। कोरोना वायरस से बचाव और लॉकडाउन के हालात में कई न्यूली मैरेड लड़कियों को अपनी शादी पर खुद ही मेकअप करना पड़ जाता है क्योंकि ना तो ज्यादा लोग उनकी शादी में पहुंच पाए जिससे उन्हें मदद मिले, ना ही वह खुद पार्लर जाकर तैयार हो पाईं… अगर आपको भी अपनी शादी पर खुद ही मेकअप करना है तो ये ब्राइडल मेकअप गाइड आपके काम आएगी।

पहले स्किन को करें रेडी

अपनी स्किन के मुताबिक स्किन को मॉइश्चराइज करें। कोई भी बेस लगाने के पहले स्किन का मॉइश्चाराइज होना बहुत जरूरी होता है। अगर स्किन में बड़े गड्ढे हैं, तो पोर मिनिमाइजर यूज करें।

एक अच्छा बेस है जरूरी

शादी में जो सबसे जरूरी बात ध्यान रखना है वो है एक अच्छा बेस। नेचुरल मेकअप करना हो या अपने मेकअप से स्टेटमेंट बनाना हो, दोनों ही तरह के लुक के लिए एक अच्छा बेस बेहद जरूरी है। स्टारटिंग प्राइमर से करने पर स्किन के प्रॉब्लम एरिया को ढक सकें। फिर फाउंडेसन का इस्तेमाल करें और अब कंसीलर से जो स्किन ने प्रॉब्लम एरिया को ढक सकें। फिर फाउंडेशन लगाएं और अब कंसीलर से जो भी कमियां हैं जैसे होठों के पास का कालापन या आंख के नीचे के काले घेरे उन्हें छुपाएं। अब पाउडर से फिनिशिंग टच दें। पाउडर फाउंडेशन और कंसीलर को कम नहीं होने देता है।

आंखों पर करें फोकस

सबसे पहले अपने आइब्रो को सही करें। आइब्रो पर हल्के हाथों से आइब्रो पेंसिल लगाएं, अगर कहीं गैप हो तो उसे पेंसिल से भरें। आइब्रो को परफेक्ट दिखाने के लिए आइब्रो जेल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। फिर आंखों को सेट करने का टाइम आता है। आंखों की लाइनिंग के लिए ब्लैक या ब्राउन कोल पेंसिल यूज करें। काजल को स्मज कर आंखों को स्मोकी लुक से सवार सकती हैं या चाहे तो विंग्ड आइलाइनर लगा सकती हैं। आइशैडो के लिए ब्रान्ज और गुल्ड शेड्स यूज करें पर आंखों के बाहर की ओर ब्लैक और ब्राउन के शेड ज्यादा यूज करें। अगर शादी का माहौल है तो आप पिंक के साथ गोल्डन, ब्लू या ग्रीन ग्लिटर वाले आइशैडो इस्तेमाल कर सकती हैं। आईशैडो पर मस्कारा लगाना याद रखें। अगर आपने पहले इस्तेमाल कर लिया है तो आप फेक आईलैशेज यूज कर सकती हैं।

कॉन्टूर करना ना भूलें

भले ही आंखें ब्राइडल लुक का फोकल प्वाइंट होती है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप चेहरे के दूसरे फीचर्स पर ख्याल ही ना करें। पाउडर या क्रीम से चीक बोन्स के नीचे, जॉ लाइन, फोरहेड और नाक के दोनों साइड कॉन्टूरिंग करें ताकि चेहरा शार्प और खूबसूरत दिखे। अगर इससे चीक पर फैट है या डबल चिन है तो यह कम नजर आते हैं।

हाईलाइट करना भी है जरूरी

ध्यान रहे सिर्फ कॉन्टूरिंग करना ही काफी नहीं होता। चेहरे के हाई प्वाइंट्स जैसे चीक बोन्स, ब्रो बोन्स, आंख के भीतर वाले कोनों पर और आइलिड्स के ठीक ऊपर वाले हिस्से को हाईलाइट करें। इससे फेस ग्लो करेगा और आप दूसरे से अलग दिखेंगी।

लिप्स को करें डिफाइन

अभिनेत्री जेनेलिया

लिप्स को सबसे पहले अच्छी तरह मॉइश्चराइज करें। लिप्स अगर फटे हुए हैं या बहुत ड्राई हैं तो मेकअप शुरू करने के पहले ही लिप्स को स्क्रब कर लें। अब लिपस्टिक के रंग से मैच करता हुआ लिप लाइनर से लिप्स को आउटलाइन करें और फिर लिपस्टिक लगाएं। अगर आपको शाइन पसंद है तो हल्का सा लिप ग्लॉस भी लगाएं।

टच अप है जरूरी

अपने पूरे मेकअप को सेट रखने के लिए फेस पर मेकअप सेट करने वाला मिस यूज कर सकती हैं। इससे मेकअप हेवी और बहुत लेयर्स में नजर नहीं आएगा। जब भी रस्मों के बीच आपको मौका मिले अपने मेकअप में हल्का टच अप करती रहिए।

अपनी स्किन में ऐसे रहे खुश

ये तो सच है कि क्योंकि आपकी शादी है तो हर किसी की नजर आप पर ही होगी पर इसका यह मतलब नहीं हो कि आपको अपनी शादी के दिन बिलकुल अलग दिखना है। आप अपना मेकअप खुद कर रही हैं और सारा कंट्रोल आपके पास है। अपने फीचर्स को हाईलाइट कीजिए, आंखों के साथ फन भी हो, कम मेकअप करना है, कम करिए लेकिन खुश रहिए और मुस्कुराइए क्योंकि मुस्कुराते चेहरे सा कोई चेहरा हसीन नहीं होता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

कैरट सीड ऑयल का प्रयोग सदियों से ग्रीस और रोम के लोग स्किन के सूजन को कम करने के लिए आए हैं। इसे चाइना के भी पारंपरिक दवाइयों में किया जाता रहा है और अब इसे कोरियन औरतों के एजलेस, ग्लोइंग स्किन की भी बड़ी वजह मानी जा रही है। बता दें कि दूसरे कोरियन ब्यूटी ट्रेंड की तरह इसके बारे में भी लोगों के मन में उत्सुकता है। आइये जाने क्या है कैरट सीड ऑयल और इसे कैसे करना है इस्तेमाल-

जानें कैरट सीड ऑयल के बारे में-

आप अगर ये सोच रही हैं कि स्किन के लिए यूज होने वाले ये ऑयल गाजर से निकाला गया तेल है तो आप इसके नाम से थोड़ा कन्फ्यूज हो रही है। कैरट सीड ऑयल एक ऐसे पौधे से बनता है जिसमें सफेद फूल होते हैं और इसे वाइल्ड कैरट और क्वीन एन्स लेस के नाम से पुकारा जाता है। इस प्लांट के सीड से स्टीम डिस्टिलेशन की प्रक्रिया से निकाला जाता है। जानकारी के लिए बताता चलूं कि गाजर का तेल गाजर के पौधों के जड़ों को पीसकर बनाया जाता है और वह एसेंशियल ऑयल नहीं होता। कैरेट सीड ऑयल दूसरे किसी भी एसेंशियल ऑयल की तरह खाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता जबकि गाजर का तेल कई जगहों पर खाने में इस्तेमाल होता है।

कैरेट सीड ऑयल के फायदे

कोरियन मॉडल

कैरट सीड ऑयल पीले रंग का होता है और इसका स्मेल काफी अच्छा होता है। परफ्यूम इंडस्ट्री में इसे लंबे समय से प्रयोग में लाया जा रहा है और अब कॉस्मेटिक में भी इसके खुबियों के कारण फायदा उठाया जा रहा है। कई शोध भी कैरट सीड के एंटी एजिंग गुणों के बारे में बात कर चुके हैं और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के जर्नल में छपे भारतीय वैज्ञानिकों के जरिए किए गए शोध में ये बात साबित भी हो चुकी है कि जिन कॉस्मेटिक्स में कैरट ऑयल मिलाया गया है उनमें एंटी एजिंग के गुण मौजूद हैं।

कैरट सीड ऑयल में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। इसमें विटामिन- C और विटामिन- E दोनों की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इतना ही नहीं इस ऑयल में एंटी फंगल और एंटी बैक्टेरियल इलीमेंट भी होते हैं। अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से स्किन में होने वाले किसी भी तरह के सूजन जैसे की आंखों का फफिनेस, एक्ने या किसी और तरह के एलर्जी को कम करने में सहायक होता है।

ऐसे करें इसका इस्तेमाल

फेस मसाज के लिए-

क्योंकि कैरट सीड ऑयल एक एसेंशियल ऑयल है इसलिए जान लें कि इसे किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर ही लगाना है। सिर्फ 2-3 बूंद कैरट सीड ऑयल को किसी कैरियर ऑयल जैसे कैमोलाइल, जोजोबा या नारियल तेल में मिक्स करके चेहरे पर 05 मिनट के लिए मसाज करें और फिर 05 मिनट के बाद फेस पानी से धो लें।

मास्क में मिलाए कैरट सीड ऑयल

किसी क्ले मास्क में कैरट सीड ऑयल की 2 से 3 बूंद मिलाएं और फिर पैक को फेस पर लगाएं। मास्क सूखने पर पानी से चेहरा धो लें।

कैरट ऑयल सीड में है लाजवाब गुण

मन और दिमाग को रेलैक्स करना हो तो 02 बूंद कैरट सीड ऑयल कॉटन में लगाकर सोने की जगह के पास रखें।

पति-पत्नी के बीच मधुर रिश्ता

जब आप जीवन-साथी से उम्र भर का साथ निभाने के वादा करते हैं तो आपके रिश्तों में उम्मीदें परवान चढ़ती है और रिश्ते को बल मिलता है जन्म-जन्मांतर का साथ निभाने का। ..लेकिन बताते चले कि समय के साथ रिश्तों के मायने भी चेंज हो रहे हैं।

किसी भी रिश्ते को बनने में सालों साल लग जाते हैं पर आपसी मनमुटाव और जल्दबाजी में अलग होने का फैसला रिश्ते को उजाड़ देता है। पति-पत्नी के रिश्ते में सबसे ज्यादा जरूरत आपसी समझ और मैच्योरिटी की होती है। कपल्स अगर ये बात समय रहते समझ लें तो आगे कभी किसी भी तरह के परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आइये देखते हैं किन वजहों से रिश्ते में दूरी और मनमुटाव पैदा हो जाती है-

पार्टनर जैसे हो वैसा ही एक्सेप्ट करना

पति-पत्नी के बीच मधुर रिश्ता

रिश्ते के शुरुआती दिनों में तो सब ठीक रहता है लेकिन धीरे-धीरे मनमुटाव के हालात तब पनपने लगते है जब एक दूसरे में कई कमियां नजर आती हैं। एक परफेक्ट पार्टनर की आपकी कल्पना में जब आपका पार्टनर खरा नहीं उतरता है तो यहां से शुरू होता है असल टकराव। रिश्ता वही सक्सेसफुल रहता है जहां आप अपने पार्टनर को बदलने के बजाय उन्हें वैसे ही एक्सेप्ट करें जैसे कि उसे आपने पाया है।

फैसलों में ना हो फासला

पति-पत्नी में तकरार

जब इन्सान एकसाथ रहता है तो रिश्ते में कभी कभी तकरार तो लाजमी है लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें समय में सुलझाना बहुत अहम है। शादी के बाद दोनों को कहां रहना है, बच्चे कब और कितना खर्च करना है, यह सब ऐसे इश्यू हैं जिन पर अगर सहमति ना बने तो दूरियां आ जाती है। रिलेशन में बातें साफ-साफ ना हो तो समस्याएं आना लाजमी है। कहीं फासला ना बढ़े इसके मद्देनजर वक्त रहते सही और मिल-बैठकर फैसले लीजिए।

मिस कम्यूनिकेशन पर नजर रखना

मिसिंग कम्यूनिकेशन

एक घर में रह कर भी कई बार एक दूसरे को क्यों नहीं समझ पाते ? इस सवाल का जवाब है मिस कम्यूनिकेशन यानी कि बातचीत की कभी। आप दोनों पूरा दिन अपने ऑफिस में बिजी रहते हैं… शाम की चाय से लेकर सोने तक या तो दोनों मोबाइल पर बिजी रहते हैं या टेलिविजन पर। डिनर पर बाहर जाने का प्लान भी बनता है तो वहां भी मोबाइल है कि पीछा ही नहीं छोड़ता। जब एक दूसरे के लिए आप वक्त ही नहीं निकालेंगे तो आपको पता ही नहीं चलेगा और रिश्तों में आए मनमुटाव में बदल जाएंगे।

दूसरों के रिश्ते से अपने रिश्ते का कम्पेयर करना

पति-पत्नी का प्यार

सोशल मीडिया के इस जमाने में आपको भले ही अपने पार्टनर की हॉबी के बारे में पता हो या नहीं पर अपने दोस्त के पार्टनर का पसंद-नापसंद का जरूर पता होता है। दूसरा कपल छुट्टियों में कहां गया, सालगिरह में आपकी दोस्त के पति ने उसे क्या गिफ्ट दिया या बेबी शॉवर में आपकी दोस्त ने जैसी फोटो खिंचवाई, वैसा शूट आपने क्यों नहीं कराया, बस इन्हीं टॉपिक्स को मुद्दा बनाकर अगर आप अपने पार्टनर से लड़ने लगेंगी तो रिश्तों में तो खटास आएगी ही।

सुलह करने की आदत नहीं

सुलह की आदत

अगर आप चाहते है कि आपका रिश्ता कामयाब रहे तो कॉम्प्रोमाइज तो आपको करना ही पड़ेगा। इसका यह मतलब जरा भी नहीं है कि आप अपने पार्टनर की ज्यादतियों को सहें या बुरा बर्ताव चुपचाप सहते रहें। इस मतलब है कि कई बार दूसरे की खुशियों को अपनी खुशियों से ज्यादा अहमियत देना, अपने ईगो को रिश्ते में ना आने देना और छोटे-छोटे एडजस्टमेंट करना। सिर्फ थोड़े से बदलाव और रिलेशन में बदलाव खुद महसूस करने लगेंगे।

रिश्ते में विश्वास बनाए रखना 

पति-पत्नी की आपसी समझ

काम के सिलसिले में पति-पत्नी दोनों ही घर से बाहर रहते हैं। जाहिर है कि उनका सोशल सर्किल भी होगा। दोस्तों के साथ हंसी-मजाक भी होगा। अब अगर यह बात आपके पार्टनर को पसंद नहीं है तो समय रहते उन्हें यह समझना होगा कि यह नॉर्मल है। रिश्ते भरोसा पर टिके होते हैं। यहां एक तरफ जरूरी है कि आप अपने पार्टनर को समझाएं कि आप उनका विश्वास नहीं तोड़ेंगे वहीं इस कमिटमेंट को आप ईमानदारी से निभाएं।

एक-दूसरे की इज्जत करना 

पति की बातों को ध्यान से सुनना

जब रिश्ते में एक दूसरे के लिए इज्जत ही नहीं है तो बातें समझना-समझाना तो बहुत दूर की बाच हो जाती है। एग्रसिव बिहेवियर, गुस्सा और बात बात पर ओवर रिएक्ट करना ये कुछ ऐसी आदतें हैं जो किसी भी हरे-भरे रिश्ते में दरार ला सकती हैं।

रिश्ते के बीच फाइनेंश का ध्यान

परफेक्ट मॉम

फाइनेंस को लेकर कपल्स में तनातनी आम तो है लेकिन बेहतर यही है कि समय रहते आप ये बातें अपने पार्टनर से क्लियर कर लें। घर के खर्चों में किसकी कितनी भागीदारी होगी, लोन किस के नाम पर होगा, बच्चों का खर्च कौन उठाएगा, इन बातों पर अगर आप दोनों मिल कर साफ बात कर लेंगे तो आने वाले समय में इन्हें लेकर होने वाले मामले से आप बच सकते हैं।

नशे से नुकसान

शराब का आदि पति

कोई भी सेंसिबल पार्टनर अपने साथी की किसी भी गलत लत को बढ़ावा तो नहीं देगा। चाहे वो अल्कोहल की तल हो या फिर सट्टेबाजी की आदत। रिलेशनशिप में सेंसबली और रिस्पांसिबल के तहत अगर आप व्यवहार नहीं करेंगे तो रोज की तकरार कब रिश्ते को खत्म कर देगी पता भी नहीं चलेगा और तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।

अपने पार्टनर की दूसरों से तुलना करना

गुस्से में पत्नी

खुद को वो कितनी अच्छी तरह से लेकर आगे चलती है, उसका पति कितना फिट है इस तरह की तुलना आपके रिश्ते के लिए हेल्दी नहीं हैं। अगर किसी की तारीफ भी करनी है तो लहजे का जरूर ख्याल रखें ताकि आपके पार्टनर की फीलिंग हर्ट ना हों।

फोटो सौजन्य- गूगल

योग भगाए रोग, यह कहावत सदियों पुरानी है। हमारे ऋषि-मुनि नियमित योग करते थे और स्वस्थ रहते हुए लंबा जीवन जीते थे। योग हमारे मन-मस्तिष्क के साथ-साथ शरीर को भी फिट रखता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग के महत्व को देश ने ही नहीं बल्कि सारी दुनिया ने भी माना है। इसलिए सारी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयास से हुई। इस बार हम 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएंगे। कोरोना महामारी के की वजह से पिछले साल की तरह इस बार भी देश में योग दिवस का आयोजन वर्चुअल माध्यम के जरिये करने की तैयारी है।

International Yoga Day

योग से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क एवं आत्मा में भी संतुलन बनाया जा सकता है। यही कारण है कि योग से शारीरिक समस्याओं के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाया जा सकता है। योग की इसी खूबी को जानते हुए दुनिया ने इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है। कोरोना संकट से जूझ रही इस दुनिया ने रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दिशा में योग के महत्व को भी भली-भांति समझ लिया है।

कैसे हुई शुरुआत

पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में की थी। पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पूर्ण बहुमत से पारित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में से 177 ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी।

पीएम मोदी ने 27 सितम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कहा था, “योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। यह मनुष्य और प्रकृति के बीच एक सामंजस्य है। योग हमें विचार, संयम, पूर्णता के साथ ही स्वास्थ्य को लेकर एक समग्र दृष्टिकोण भी प्रदान करता है। योग केवल एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है बल्कि यह अपने भीतर छिपी एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। हमारी बदलती जीवन-शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है, तो आएं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करते हैं।”

21 जून का ही दिन क्यों

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून के दिन मनाने के पीछे बहुत बड़ा कारण है। भारतीय संस्कृति के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढलता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है। इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2015 को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने योग किया, जो कि एक रिकॉर्ड था। पीएम मोदी के नेतृत्व में करीब 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे। न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर करीब 30 हजार लोगों ने एक साथ योग किया था। इस खास आयोजन ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए थे। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना। पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम थी- सद्भाव और शांति के लिए योग।

दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

भारत में दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2016 का मुख्य आयोजन चंडीगढ़ में हुआ, जिसमें करीब 35 हजार लोग शामिल हुए। इस आयोजन का नेतृत्व भी प्रधानमंत्री मोदी ने ही किया था। इस योग दिवस में 170 देशों ने हिस्सा लिया। दूसरे योग दिवस की थीम थी- युवाओं को जोड़ें।

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2017 का मुख्य आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में किया गया, जहां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 55 हजार लोगों ने हिस्सा लिया, वहीं न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क में भी हजारों लोगों ने एक साथ योग किया। तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम थी- स्वास्थ्य के लिए योग।

चौथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

International Yoga Day

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018 का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान में आयोजित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ करीब 50 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन की खास बात यह थी कि इसमें सऊदी अरब भी शामिल हुआ। चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम शांति के लिए योग थी।

5वा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

देश में पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 का मुख्य कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे। इस वर्ष की थीम थी- योगा फॉर क्लाइमेट एक्शन।

छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

कोरोना वैश्विक महामारी के मद्देनजर 21 जून, 2020 को छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वर्चुअल माध्यम से मनाया गया। इसकी थीम थी- योगा फॉर हेल्थ – योगा एट होम।

7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2021 की केंद्रीय थीम ‘योग के साथ रहें, घर पर रहें’ है। इस बार भी इसे आभासी मंच पर ही मनाने की तैयारी है।

फोटो सौजन्य गूगल

कहते हैं हौसले और मेहनत के बल पर दुनिया जीती जा सकती है। महाराष्ट्र के सतारा जिले की सुरेखा ने भी दुनिया जीती। ऐसी दुनिया जिसमें पटरियों पर रेल दौड़ाने का जिम्मा सिर्फ पुरुषों का था। ऐसी दुनिया जहां पर ट्रेन चलाने का एकाधिकार पुरुषों का था। उस दुनिया में पहली लोको पायलट बनी सुरेखा। ट्रेन में ड्राइवर की सीट पर बैठी सुरेखा को देखकर कई लोग अचंभित रह जाते हैं। लेकिन सुरेखा की मुस्कान और आत्मविश्वास ने हजारों महिलाओं के भीतर उम्मीद की किरण पैदा की है। आइये, आज भारत की पहली महिला ट्रेन चालक सुरेखा यादव के जज्बे से भरी दास्तां आपको सुनाते हैं।

महाराष्ट्र के सतारा में हुआ जन्म

ट्रेन चालक सुरेखा यादव

सुरेखा यादव का जन्म वर्ष 1965 में महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ। उनके पिता का नाम रामचंद्र भोंसले और माता का नाम सोनाबाई है। पांच भाई-बहनों में वे सबसे बड़ी हैं। उन्होंने जिले में ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। जब आगे पढ़ाई का समय आया तब भी सुरेखा के चुनाव ने सबको अचंभे में डाल दिया। अस्सी के दशक में, इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधिकांश लड़के ही करते थे। लेकिन सुरेखा ने तय किया कि वे भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करेंगी। उन्होंने यह विषय चुनकर अन्य लड़कियों के लिए मिसाल कायम की। डिप्लोमा पूरी करने के बाद सुरेखा नौकरी के लिए प्रयास करने लगी।

ऐसे तय हुई लोको पायलट की राह

पढ़ाई पूरी करने के बाद एक दिन सुरेखा ने लोको पायलट भर्ती की अधिसूचना देखी। उन्होंने आवेदन कर दिया। जब परीक्षा देने के लिए वे प्रवेश परीक्षा कक्ष में पहुंची तो आश्चर्य में पड़ गईं। न केवल सुरेखा बल्कि परीक्षा नियंत्रक और बाकी अभ्यर्थी भी। सुरेखा के आश्चर्य का कारण था कि वे उस परीक्षा कक्ष में, एक मात्र महिला अभ्यर्थी के रूप में उपस्थित थीं। अन्य व्यक्ति चकित क्यों हो रहे थे, इसका अंदाजा आपको लग ही गया होगा। सुरेखा बताती हैं कि, उन्हें नहीं पता था कि अब तक कोई भी महिला इस कार्य के लिए चयनित नहीं हुईं हैं। सुरेखा यादव नहीं जानती थीं, कि वे इतिहास रचने वाली हैं। परीक्षा के विभिन्न चरण सुरेखा ने पास कर लिए और चयनित हो गईं।

ऐसे मिली भारत को मिली पहली महिला ट्रेन चालक

ट्रेन चालक सुरेखा यादव

परीक्षा में चयनित सुरेखा ने छह महीने की ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद उन्हें 1989 में असिस्टेंट ड्राइवर के पद पर नियुक्त कर दिया गया। इस तरह सुरेखा यादव, ट्रेन चलाने वाली भारत की पहली महिला बन गई। उन्होंने 29 साल रेलवे में काम किया। लोकल गाड़ी से लेकर एक्सप्रेस ट्रेन और मालगाड़ी तक सब चलाया। वर्ष 1998 में वह माल गाड़ी की ड्राइवर बन गईं और 2011 में एक्सप्रेस ट्रेन की ड्राइवर नियुक्त हुईं। उन्होंने भारतीय रेलवे में सेवा के दौरान अपने हर दायित्व को बखूबी निभाया। वे भारतीय रेलवे के प्रशिक्षण केंद्र में बतौर प्रशिक्षक की भूमिका भी निभाती हैं।

साल 2011 में मिला एशिया की पहली महिला ड्राइवर का खिताब

वर्ष 2011 का महिला दिवस, सुरेखा यादव को जीवन का सबसे बड़ा उपहार दे गया। इस दिन उन्हें एशिया की पहली महिला ड्राइवर होने का खिताब हासिल हुआ। सुरेखा ने पुणे के डेक्कन क्वीन से सीएसटी रूट पर ड्राइविंग की थी। इसे सबसे खतरनाक रास्ता माना जाता है। इस पटरी पर रेलगाड़ी चलाने के बाद ही सुरेखा को यह सम्मान मिला। भले ही सुरेखा को इस उपाधि से सम्मानित किया गया हो, लेकिन यह सिर्फ उनका सम्मान भर नहीं था, यह हजारों महिलाओं को देहरी लांघकर अपने सपने पूरे करने का न्यौता था। यह आह्वान था महिलाओं को, कि वे हर वो काम करने की हिम्मत जुटाएं जो वो करना चाहती हैं। उनके कदम कभी न रुकें यह सोचकर कि, अमुक कार्यक्षेत्र सिर्फ पुरुषों के लिए है। सुरेखा यादव की जीवन यात्रा से यही प्रेरणा मिल रही है।

फोटो सौजन्य गूगल

पति-पत्नी का प्यार

उनकी सब बातें सुनती हूं लेकिन वह मेरी बातों को अनसुना कर देते हैं। प्यार तो करते हैं लेकिन गिफ्ट कभी-कभी देते हैं। ये कुछ ऐसी शिकायतें हैं जो महिलाओं को अक्सर अपने पार्टनर से होती है। मुमकिन है कि आपके पति आपके दोस्त के पति की तरह सोशल नेटवर्किंग को तवज्जो कम देते हों और फेसबुक और इंस्टा पर प्यार की बिगुल बजाते ना दिखें तो घबराएं नहीं.. क्योंकि ऐसी बहुत सी बातें हैं जो आपके पति को आपके बारे में पसंद हैं और इस बारे में आप अंजान हों।

बिना डिमांड ख्वाहिश को समझना

पति पर भरोसा

कॉफी टेबल पर पड़ी गर्म चाय की प्याली हो या गीली टावेल बेड पर… आप पहले तो थोड़ा बड़बड़येंगी पर फिर खुद ही टावेल बाहर डालेंगी और बिना उनकी डिमांड के फ्रेश चाय बना देंगी। अब आपकी इस खास अदा पर आपके पति नजदीक आने का बहाना ढूंढ़ेंगे। दिन भर में ऐसे और भी कई काम हैं जो आप बिना कहें करती हैं और आपके पति मन ही मन खुद को भाग्यशाली मानते हैं।

तारीफ के ‘वो’ दो लफ्ज़

अरे वाह! आज तो बड़े स्मार्ट लग रहे हो.. अगर आप भी यूं ही अपने पतिदेव की थोड़ी-बहुत तारीफ कर देती है तो आपके पति को आपकी यह बात काफी पसंद है। जी हां, पुरुष भले ही तारीफ सुनने पर महिलाओं की तरह अपनी खुशी जाहिर ना करते हों लेकिन कॉम्पलीमेंट किसे पसंद नहीं।

चाहे कितनी भी हो जिम्मेदारियां नहीं भूलती तारीख

पति के लिए तोहफा

महिलाएं चाहें कितनी प्रोफेशनल क्यों ना हों, कितनी भी एडवांस क्यों ना हों लेकिन शादी की सालगिरह से लेकर आपकी वो पहली मुलाकात ना भूलती हैं और ना भूलने देती हैं। आपके पार्टनर भले ही इन तारीखों को खुद याद ना रखते हों पर आपका इन तारीखों को महत्व देना, याद रखना और सेलिब्रेट करना उन्हें काफी पसंद है।

..आपका गुस्सा लाज़मी है लेकिन

गुस्से में पत्नी

आपके हसबैंड डिनर पर समय पर नहीं पहुंच पाएं, आपका बर्थडे पर गिफ्ट नहीं लाए तो आपका गुस्सा मुनासिब है लेकिन बावजूद इसके सुबह नाश्ते पर आपका उनका इंतजार करना, काफी पसंद हैं उन्हें। आप खफा तो होती है पर आपका प्यार कम नहीं होता और इसी बात से आपकी इज्जत उनके दिल में और बढ़ जाती है।

आप हैं स्पेशल और परफेक्ट मॉम

परफेक्ट मॉम

मां बच्चे के लिए रोल मॉडल से कम नहीं होतीं। मां के साथ बच्चे अपना ज्यादातर समय भी बिताते हैं। आज के समय में भले ही महिलाएं और पुरुष दोनों की अपनी प्रोफेशनल लाइफ हो और दोनों व्यस्त रहते हों पर महिलाओं को अपनी व्यस्तता के बीच भी बच्चों के लिए समय निकालने में महारत होती है। अपने बच्चों पर ध्यान देने से लेकर उन्हें पढ़ाना-लिखाना जो शायद आपके पति आपसे ना कहें लेकिन मन ही मन वह खुश भी होते हैं और आपको इस होम बैलेंस के लिए मानते भी हैं।

फेवरेट खाना बनाना

फेवरेट खाना

कोई मौका नहीं चाहिए महिलाओं को अपने परिवार के लिए उनकी फेवरेट डिश बनाने के लिए। बारिश हो तो पकौड़े तल दिए, बच्चों की डिमांड से पहले चॉकलेट केक बेक कर दिया…हर जगह यही कहानी है…। विश्वास कीजिए दफ्तर में लंच बॉक्स खोलते समय जब उनकी पसंदीदा डिश उनके सामने होती है तो वह खुद को बड़ा लकी मानते हैं और दोस्तों के सामने खुद को खुशनसीब दिखाने का यह मौका नहीं गंवाते।

हर चीज का हल है आपके पास

बात चाहे घर की हो या बच्चे के स्कूल से जुड़ी, कमीज ना मिलने से लेकर बच्चों के लिए होमवर्क तक, आपका प्रॉब्लम्स का चुटकियों में हल कर देना और आपके मैनेजरियल स्किल्स… यही बातें तो हैं जो उन्हें भरोसा देती हैं कि हां- मैं हूं ना।

तसल्ली से सुनना और समझना जरूरी

पति की बातों को ध्यान से सुनना

जिस तरह महिलाएं चाहती हैं कि उन्हें कोई अनसुना ना करे वैसे ही जब आप अपने पति की किसी परेशानी को तसल्ली से सुनती और समझती हैं तो उन्हें आपकी यह आदत ना सिर्फ पसंद आती है बल्कि आप पर उनका विश्वास और प्यार भी बढ़ जाता है।

आपके आत्मविश्वास के कायल हैं

मीटिंग में आपका खुद को आत्मविश्वास के साथ प्रेजेंट करना हो या फिर डिनर पार्टी में उनके दोस्तों से घुलना-मिलना हो, आपका खुद पर विश्वास और खुद को प्रेजेंटेबल रखना कहीं ना कहीं उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

आपका उनपर भरोसा दिखाना 

पति-पत्नी का प्यार

प्रोफेशनल जिंदगी में अगर कोई दिक्कत है या फिर कोई और बात से आप परेशान हैं तो आपका अपने पार्टनर से अपनी परेशानी डिस्कस करना जरूरी है पर शायद आप यह नहीं जानती होंगी कि आप जब अपनी परेशानी उनसे डिस्कस करती हैं तो उन्हें अच्छा लगता है, यह सोचकर कि आपने उन पर भरोसा किया।

अगर पति-पत्नी के रिश्ते की डोर विश्वास और प्यार भरी ना हो तो जल्द ही टूट जाती है…।

पति-पत्नी की आपसी समझ
पति-पत्नी का रिश्ता बड़ा ही खास और जिंदगी के एहसास से जुड़ा होता है। कभी ये एहसास मीठा तो कभी कढ़वाहट से भरा होता है
परिवार के साथ वक्त बिताने का मौका
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