Search
  • Noida, Uttar Pradesh,Email- masakalii.lifestyle@gmail.com
  • Mon - Sat 10.00 - 22.00

Author Archives: Zahid Abbas

If you feel tired then this fruit is beneficial for you

वैसे तो फलों का राजा आम को कहा जाता है लेकिन खट्टा मीठा अनानास खाना किसे अच्छा नहीं लगता?
दोस्तों, अनानास ना सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे खाने के सेहत को बहुत सारे फायदे होते हैं। यह विटामिन ए, फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैगनीज, फॉलेट से भरपूर होता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें अनेक रोगों से बचाता है।

सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा इसके अनेक फायदे हैं जो आपकी बहुत सी समस्याओं को सुलझा देगा। तो ज्यादा समय ना लेते हुए चलिए जानते हैं इसके अन्य फायदों के बारे में-

1. यह यूरिन इन्फेक्शन, व यूरिन से जुड़ी बीमारियों को दूर करता है।कई बार आप महसूस करते है कि आपको मूत्र मार्ग में जलन, या मूत्र का रंग गाढ़ा पीला या यूरिन इन्फेक्शन ने घेर लिया है तो ऐसे में आप अनन्नास का नियमित सेवन करे।

2. अगर आपको पेट की गैस की दिक्कत या दर्द या एसिडिटी रहती है तो आपको इसका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

3. यह शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता है। अगर आप पूरा दिन बहुत थका सा महसूस करते है या आपको बहुत कमजोरी महसूस होती है तो आप अपने आहार में दोनो टाइम अनानास को सलाद में शामिल करें।

4. इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को साफ रखते हैं। ये एंटी ऑक्सीडेंट हमारे शरीर को डिटॉक्स करने में सहायता करते है। इससे हमारा शरीर अंदर से साफ होता है।

5. उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को इसे अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए इसमें सोडियम और पोटेशियम काफी मात्रा में होता है जिससे यह रक्त के प्रवाह को ठीक रखता है।

6. इसके नियमित सेवन से विटामिन ए और विटामिन बी की कमी भी पूरी होती है।

7. होंठों के सूखने की समस्या के लिए आप नियमित रूप से अनानास का सेवन कर सकते हैं। इसमें विटामिन बी होता है जो हमारे शरीर को पोषण देता है।

8. अनानास हमारा वजन कम करने में भी सहायता करता है। अगर आप वजन बढ़ने से परेशान है तो ये आपकी परेशानी का आसान सा उपाय है। इसके नियमित सेवन से आप वजन घटाने में सफल हो सकते है।

9. नियमित अनानास खाने से हमें हमारी ज़िद्दी झुरियो से भी छुटकारा मिल सकता है इसमें बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन पाए जाते हैं जो चेहरे की रंगत सुधारने और जिद्दी झुरियों से राहत दिलवाने में सहायक है।

Ashoka tree is said to be women friendly in Ayurveda, as well as it is rich in many medicinal properties.

हम अक्सर अशोक के पेड़ को पार्क में, अपने घरों में, ऑफिस में या मंदिरों में देखते हैं। यह देखने में बहुत ही खूबसूरत होता है। चिकनी पत्तियों वाला यह लंबा पेड़ औषधीय गुणों के कारण भी प्रसिद्ध है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसे ज्योतिष शास्त्रों में दुखों का नाश करने वाला माना गया है।  इस पेड़ की खास बात यह है कि इसके पत्ते, जड़, छाल, फूल सब औषधि के रूप में काम आते हैं। इस पेड़ के भाग को महिलाओं की अनेक बीमारियों को दूर करने वाला माना जाता हैं। आयुर्वेद में इसे Women Friendly पेड़ भी कहा गया है।

जानते हैं इसके कुछ जादुई फायदों के बारे में, जो महिलाओं की कई समस्याओं में है रामबाण
1.एजिंग इफेक्ट कम करें: अशोक के छाल को पानी में उबाल कर काढ़ा जैसा बनाकर चेहरे या प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए। अशोक में कुछ एंटी एजिंग गुण होते है। जिससे ये त्वचा की रंगत निखारता है तथा बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है।
2. फोड़े-फुंसियों से राहत: कई बार देखा जाता है कि गर्मियों में फोड़े फुंसियों की शिकायत बढ़ जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अशोक की छाल का पेस्ट बनाकर फोड़े फुंसियों पर लगाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
3.यह किडनी में होने वाले स्टोन के दर्द को भी कम करता है: अगर आपको या आपके परिवार में किसी को स्टोन यानी पथरी की समस्या है तो आपको दो ग्राम अशोक के बीज को पानी में पीस कर दिन में तीन बार दो दो चम्मच लेना चाहिए। इससे आपको बहुत अधिक आराम मिलेगा।
4. यूरिन से जुड़ी हुई समस्याओं का रामबाण समाधान: मूत्र विकार, या इससे संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए अशोक के बीज का सेवन करना लाभकारी होता है। इसके लिए अशोक के बीज को पीस कर पानी के साथ सुबह शाम लेना शुरू करे। कुछ ही दिनों में बेहतर परिणाम सामने होंगे।
5. गर्भधान में सहायक: कई बार महिलाएं गर्भधारण के लिए प्रयास कर रहे होती हैं लेकिन उनको गर्भ नहीं ठहरता या फिर टिकता नहीं है, इसके लिए अशोक के फूल भी काफी सहायक साबित होते हैं अशोक के फूल को दही के साथ पेस्ट बनाकर लेना चाहिए जिससे गर्भ धारण आसानी से हो जाएगा और गर्भ टिकेगा भी।
6. श्वेत प्रदर व महावारी के दर्द से दिलाए छुटकारा: जी हां, अक्सर यह देखा जाता है की अधिकतर महिलाएं श्वेत प्रदर की समस्या से ग्रस्त होती है तथा महावारी के समय भी उन्हें ना सहन होने वाले दर्द से गुजरना होता है। तो इससे निजात पाने के लिए अशोक की छाल को पानी में उबाल लें। फिर इसको पीस कर पानी के साथ सेवन करे।
know the secret of Sonal Chauhan

अभिनेत्री सोनल चौहान ने हाल ही में अपने इंस्टा अकाउंट पर अपने स्किन केयर रेजीम के बारे में बताया और कहा है कि उनके रेजीम का पहला कदम योग है और वह इसके साथ ही दिन की शुरुआत करती हैं। हाल ही में उन्होंने कुछ योग आसनों की प्रैक्टिस करते हुए इंस्टाग्राम पर अपनी पिक्स शेयर की है।

सोनल अपने फैशन और फिटने गेम को एक साथ ऑन प्वाइंट रखते हुए अभिनेत्री ने तुलासन योग ‘L’ हैंडस्टैंड पोज के दौरान पेस्टल पर्पल एथलीजर वियर में टोंड बॉडी को फ्लॉन्ट किया। वीकेंड के लिए इससे बेहतर वर्कआउट मोटिवेशन और क्या हो सकता है।

अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए सोनल ने फैंस को अपने इंटेंस वर्कआउट सेशन की झलकियां दीं। एक्ट्रेस ने अलग-अलग आसन परफॉर्म करते हुए तीन फोटो शेयर की हैं।

सोनल ने पहली फोटो में सर्वांगासन (Shoulder Stand) का एक वेरिएशन करते हुए दिखाई दे रही हैं। अभिनेत्री ने फोटो को कैप्शन दिया कि मेरे स्किन केयर रेजीम का पहला स्टेप-

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Sonal Chauhan (@sonalchauhan)

जानें सर्वांगासन के बेनिफिट

  • कंधों को मजबूती देता है
  • गर्दन को मजबूती देता है
  • पीठ को मजबूत करता है
  • सर्वांगासन रीढ़ के बोन में मजबूती और लचीलापन बढ़ाता है।

एथलीटट्स, खासतौर पर दौड़ने वालों के लिए ये योगासन बहुत उपयोगी है।

दूसरी पोस्ट में सोनल तुलासन का अभ्यास करते हुए दिख रही हैं। यह मॉर्डन योग का एक पार्ट है जिसमें आपको हाथ पर शरीर का भार लेकर बैलेंस करना होता है। अभिनेत्री ने इसके फायदो के बारे में भी बात की।

सोलन ने कहा कि तुलासन एक एडवांस आसन है जो आपके कंसंट्रेशन को केंद्रित करता है और आपके अभ्यास में संतुलन लाता है। जब इसका अभ्यास जागरूकता और माइंडफुलनेस के साथ किया जाता है तो यह कनेक्शन, शक्ति और ज्ञान की गहरी भावना ला सकती है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Sonal Chauhan (@sonalchauhan)

तुलासन के फायदे

यह बाजुओं और कंधों की ताकत में सुधार करता है। पाचन तंत्र में सुधार करता है क्योंकि इसमें कोर और पेट की मांसपेशियों का ज्यादा उपयोग किया जाता है।

संतुलन और जागरुकता में सुधा करता है।

मांसपेशियों जैसे बाइसेप्स, ट्राइसेप्स और बाजुओं के लिए अच्छा व्यायाम है। आत्मविश्वास के साथ-साथ यह मुद्रा स्थिरता की भावना लाती है। मन तथा शरीर को शां करते हुए चिंता और तनाव को कम करने के लिए एक बेहतरीन मुद्रा।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Sonal Chauhan (@sonalchauhan)

अपनी योग सीरीज की आखिरी फोटो में सोनल को ‘L’ हैंडस्टैंड परफॉर्म करते हुए देखा जा सकता है जो अनुभवी परफॉर्मर के लिए है। यह आसन ताकत, स्थिरता और सहनशक्ति को बढ़ाती है। अभिनेत्री ने इस आसन के फायदों के बारे में भी बताया-

‘L’ हैंडस्टैंड के फायदे

  • स्कीन में चमक लाने में मदद करता है
  • यह आसन निश्चित रूप से आपके बॉडी को संतुलित करने में मदद करता है
  • यह आपकी बाजुओं और कोर को मजबूत करता है
  • ‘L’ शेप्ड हैंडस्टैंड आपके कंधों की जकड़न को कम करता है और शरीर को ज्यादा लचीला बनाता है
  • तनाव और गर्दन के तनाव से छुटकारा दिलाता है
  • पेट को टोन करता है
  • दिल के स्वास्थ्य में सुधार करता है
  • रीढ़ की ताकत में सुधार करता है
  • ह्दय गति और ब्लड प्रेशर को कम करता है।

 

If bones want strong and heart fit then eat makhana daily

मखाना एक तरह का ड्राई फ्रूट है जो खाने में काफी स्वादिष्ट होटा है। पोषक तत्वों से भरपूर मखाने में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, Calcium, Magnesium और प्रोटीन के गुण पाए जाते हैं। साथ ही इनमें Sodium, Fats की मात्रा भी काफी कम होती। मखाने का इस्तेमाल करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं। जो लोग ब्लड की कमी से जूझ रहे हैं, हेल्थ एक्सपर्ट उन्हें दूध में मखाना उबालकर खाने की सलाह देते हैं। यह ना सिर्फ पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं बल्कि शरीर में ऊर्जा का भी संचलन करते हैं।

हड्डियां बनती हैं स्ट्रोंग

मखाने में कैल्शियम की काफी मात्रा में पाया जाता है। नियमित तौर पर मखाने का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं। आप अगर चाहें तो मखाने को घी में फ्राई कर भी सेवन कर सकते हैं।

दिल को रखे फिट

मखाना खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही इनमें पोषक तत्व मौजूद होते हैं। मखाने में एक्केलाइड नामक तत्व पाया जाता है जो दिल को दुरुस्त रखने में सहायक होता है। मखाने को डेली सेवन करने से दिल का दौरा का खतरा भी कम होता है।

नींद की समस्या

जो लोग नींद ना आने की समस्या का सामना कर रहे हैं उनके लिए भी मखाना जरूरी हो सकता है। रात में सोने से पहले मखाने वाले दूध के सेवन से अच्छी नींद आती है और अनिंद्रा की समस्या दूर हो जाती है।

एनर्जी का संचयन

मखाना का रोजाना इस्तेमाल से शरीर मजबूत बनता है, क्योंकि यह शरीर में एनर्जी को संचयित करता है। दूध में मौजूद प्रोटीन प्रोटीन बॉडी में ऊर्जा को संचयन करता है।

झुर्रियों से दिलाए छुटकारा

मखाने में मौजूद तत्व एजिंग के निशान यानी झुर्रियों से भी छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। रोजाना मखाने का सेवन करने से त्वचा में इलास्टिसिटी बढ़ जाती है।

डाइजेस्टिव सिस्टम दुरुस्त रखने में असरदार

जो लोग पेट की समस्या यानी कब्ज से परेशान रहते हैं, उनके लिए मखाना किसी रामबाण से कम नहीं है। मखाने में मौजूद फाइबर और आयरन तत्व गैस और अपच की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं। आप दूध में उबालकर मखाने का सेवन कर सकते हैं।

WHO warning: Long working hours increase the risk of heart disease and heart attack

भारत में युवाओं में हार्ट अटैक के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिसके पीछे निष्क्रिय जीवनशैली ,शराब, जंक फूड का सेवन माना जा रहा है। धूम्रपान की वजह से हृदय की मांसपेशियां वक्त के साथ सख्त हो जाती है। इसके कारण यह खून को पंप करने में असमर्थ हो जाती है, जिससे बॉडी के अहम अंगों में OXYGEN और पोषक तत्वों की मात्रा सीमित हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक लंबे समय तक काम से ह्दय रोग और स्ट्रोक से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं। जिसे देखते हुए हमें वक्त रहते सतर्क होने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड- 19 महामारी की शुरुआत के बाद से दुनिया भर में ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे हैं। यह उपाय वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने में सहयोग करने के लिए महत्वपूर्ण रहा है पर इसके कुछ बैड इफेक्ट भी हैं।

इस महामारी में यह एक अहम मुद्दा बन गया है क्योंकि घर से काम करने से लोगों को अपने कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठे रहना पड़ता है। इससे ना सिर्फ काम के घंटे ज्यादा लंबे हो जाते हैं बल्कि काम पर तनाव तेजी से बढ़ रही है। काम के लिए अधिक वक्त अक्सर स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। काम के लिए विश्व स्तर पर एक दूसरे से जुड़े लोग निर्धारित समय के बाद भी घंटों काम में बिजी रहते हैं। यह सब बॉडी में नुकसानदेह एक्टिविटी को बढ़ावा देता है। मालूम हो कि कामों का ज्यादा प्रेशर कई तरह की अन्य बीमारियां भी साथ लाता है।

डॉक्टरों का मानना है कि गतिहीन जीवन शैली, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ता तनाव, हाई कॉलेस्ट्रोल, तंबाकू का सेवन, डाईबिटीज और प्रदुषण भारत में ज्यादा से ज्यादा लोगों को हृदय रोगों की चपेट में ले रहा है। तनाव परीक्षण, कोरोनरी कैल्सीफिकेशन या सीटी, एडवांस्ड लिपिड का टेस्ट सीआरपी आदि जांचों की मदद से हार्ट अटैक होने की पता लग सकता है। लोगों को अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए तीन नियम-

  • 30-40 मिनट दैनिक व्यायाम,
  • बैलेंस आहार
  • सकारात्मक मानसिकता का पालन

World Heart Day हर साल 29 सिंतबर को मनाया जाता है, जिसका मकसद हार्ट रोगों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा और ह्दय रोगों को नियंत्रित करना है। लेकिन हार्ट की बीमारी (CVD) विश्व स्तर पर मृत्यु का सबसे आम वजह बन चुकी है। साल 2016 में सीवीडी से अनुमानित 1.79 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई जो विश्व स्तर पर हुई कुल मौतों का 31 फीसदी था और इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह से हुईं।

Motherhood

मां बनना हर महिला के जिंदगी में एक खास मुकाम रखता है। लेकिन कई बार नई माताएं खुद को खो भी देती हैं। हालांकि ये वक्त भी काफी कठिनाइयों भरा होता है पर उससे भी ज्यादा यह एक खूबसूरत अहसास होता है।

अक्सर नई माताएं खुद के लिए वक्त नहीं निकाल पाती हैं जिसकी वजह से वह परेशान हो जाती है। आइये जानते हैं कुछ खास तरीकों के बारे में जिनकी सहायता से आप खुद को खोए बिना इन आसान तरीकों की मदद से मां बनने के अहसास को एंजॉय कर सकती हैं।

बच्चों के साथ बिताए समय

आप बच्चों के साथ कुछ फन एक्टिविटी कर सकती हैं। अपने रोजाना के कामों से समय निकाल कर अपने बच्चे के साथ वक्त बिताएं। ऐसा करने से ना सिर्फ आपको आराम मिलेगा बल्कि आपको अपने बच्चे के साथ स्ट्रॉन्ग बॉन्ड बनाने में भी मदद करेगा।

परफेक्ट बनने की दौड़ में ना रहें

सभी नई मम्मियां हर चीज को पूरी तरह से परफेक्ट करने की खूब कोशिश करती हैं। हालांकि यह कई बार ये संभव नहीं होता है। हम अक्सर गलतियां करते हैं तथा उन्हीं से सीखते हैं, ऐसे में हमें परफेक्ट बनने की दौड़ में नहीं पड़ना चाहिए।

घूमना भी जरूरी है

जरूरी नहीं है कि आप हफ्ते भर घूमने का प्लान बनाएं लेकिन आप एक या दो दिन घूमने-फिरने की योजना बना सकती हैं। आप आस पास किसी मनचाहे जगह पर घूमने जा सकती हैं। यह आपके लिए काफी रिलेक्सिंग की लिहाज से अच्छा हो सकता है।

अपने बॉडी को समझें

ये बात आम है कि नई माताएं पूरी परिवार की फिक्र करती हैं, जिसमें आपके लिए जरूरी है कि आप अपने शरीर की भी थोड़ा सुनें। एक्सरसाइज या योगा रूटीन को पूरी तरह से अपनाएं। अपने परिवार को समझाती रहे कि आपको खुद के लिए एक या दो घंटे की आवश्यकता है। आप अपने बच्चे के सोने के समय को फिक्स जरूर करें और उस बीच खुद को समय दे सकती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Alia makes everyone crazy with her style, learn basic tips for a stylish look

स्टाइलिश लगना कौन नहीं चाहता, हर कोई चाहता है जमाने के हिसाब से खुद को अपडेट रखाना तो आपके वार्डरोब में कुछ पैटर्न के आउटफिट जरूर होने चाहिए। जैसे- फ्लोरल प्रिंट की सबसे स्पेशल बात यह होती है कि कैजुएल वेयर, ट्रिप और कुछ फैशनेबल एक्सेसरीज के साथ पार्टी में भी पहन सकते हैं।

हाल फिलहाल आलिया भट्ट ने फ्लोरल प्रिंट मिनी स्कर्ट पहनकर नजर आई। हाल ही में मुंबई के रेस्टोरेंट के सामने आलिया भट्ट को स्पॉट किया गया। आउटिंग के लिए आलिया ने हैंडमेड कॉटन मिनी ड्रेस पहनी हुई थी। जिसमें आलिया बेहद खूबसूरत नजर आ रही थी। फ्लोरल पेस्टल ड्रेस में अभिनेत्री आलिया मिनिमल लुक में भी बेहद स्टाइलिश लग रही थी।

ये है आलिया के ड्रेस की कीमत

आलिया की ड्रेस की बात करें तो समर समवेयर लेबल की है। ऑफिशियल वेबसाइट पर इस ड्रेस का नाम Sintra Mini है, जिसकी कीमत 5,590 रुपये है।

अभिनेत्री आलिया का फ्लोरल प्रिंट लव

Alia makes everyone crazy with her style, learn basic tips for a stylish look

अभिनेत्री आलिया भट्ट को इससे पहले कई मौकों पर फ्लोरल प्रिंट ड्रेस पहने हुए देखा जा चुका है। आलिया पार्टी, फ्रेंड्स के साथ के आउटिंग, इवेंट्स और शो में भी फ्लोरल प्रिंट ड्रेस कैरी कर चुकी हैं। इसी बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि आलिया को फ्लोरल प्रिंट आउटफिट से कितना प्यार है।

फ्लोरल प्रिंट के लिए खास टिप्स

फ्लोरल प्रिंट के साथ पर्ल जूलरी बहुत अच्छी शानदार है। इसलिए पर्ल नेकलेस और इयररिंग इस तरह के आउटफिट के साथ बहुत अच्छी लगेगी।फ्लोरल प्रिंट ड्रेसेस के साथ आप जैकेट कैरी करना चाहती हैं तो कोई लाइट या डार्क कलर सिंपल जैकेट पहनें, जिससे ड्रेस के प्रिंट खूबसूरती के साथ हाईलाइट हो सके।

आप इवेंट के मुताबिक फ्लोरल प्रिंट के साथ बूट्स, हील्स या कैजुअल फुटवेयर पहन सकती हैं।अपने लुक को ज्यादा हेवी होने से रोकने के लिए फ्लोरल प्रिंट के साथ हमेशा मिनिमल लुक रखें क्योंकि हेवी जूलरी या मेकअप से आपकी ड्रेस मिसमैच लग सकती है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Divya Agarwal is all set to rock with her style and looks in BIGG BOSS 15

बिग बॉस OTT का पहला सीजन फॉलो कर रहे हैं तो आपको मालूम होगा कि बिग बॉस हाउस में अगर किसी का अभी तक का सफर सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव से भरा रहा है तो वो है रियलिटी शो स्टार और अभिनेत्री दिव्या अग्रवाल का।

दिव्या घर में बिना पार्टनर के घुसीं, वीकेंड पर उन्हें करण जौहर ने काफी सवाल पूछे, अभिनेत्री शमिता शेट्टी से उनकी दोस्ती टूट गई तथा बड़ी दिक्कतों के बाद जब उन्हें जीशान के तौर पर पार्टनर मिला तो वो भी घर से निष्कासित कर दिया गया।

मगर इन सभी का असर दिव्या ने कभी भी अपने स्टाइल पर नहीं पड़ने दिया क्योंकि हर दिन के एपिसोड में हम उन्हें किलर आउटफिट्स में देख सकते हैं। देखा जाएं तो कहीं ना कहीं ये शो के प्रति उनके सीरियसनेस को दर्शाता है। वो जानती हैं कि लाखों दर्शक उन्हें स्क्रीन पर देख रहे हैं और उनके सामने प्रेजेंटेबल लगना एक तरह से दर्शकों के प्रति सम्मान दिखाता ही है।

Divya Agarwal is all set to rock with her style and looks in BIGG BOSS 15

इतना ही नहीं ऐसा लगता है कि कई लड़कियों की तरह ड्रेस अप होना दिव्या का भी डिफेंस मेकैनिज्म है। कई लोग खासतौर पर महिलाएं अपनी परेशानियों से ध्यान हटाने के लिए अच्छे कपड़ों और मेकअप के साथ अपना कॉन्फिडेंस और सेल्फ-एस्टीम बूस्ट करती हैं। यहां हम शो पर देखें गए दिव्या के कुछ लाजवाब लुक्स शेयर कर रहे हैं जो उनके बेहतरीन स्टाइल सेंस की मिसाल हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

पति और पत्नी के रिश्ते

यूं तो शादी जिंदगी का वह पड़ाव हैं जहां दो जिंदगियां ही नहीं, दो परिवारों का मिलन होता है लेकिन कई लोग शादी के बाद भी अकेलापन महसूस करते हैं। कई अध्ययनों से यह साफ हुआ है कि 45 साल से अधिक उम्र के तीन विवाहित लोगों में से एक व्यक्ति अकेलेपन का शिकार होता है। एएआरपी राष्ट्रीय सर्वेक्षण के मुताबिक शादी में अकेलापन महसूस कराना इस बात का संकेत है कि रिश्ते में या आपके निजी जीवन में किसी ना किसी को परेशानी जरूर है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस अकेलेपन को कैसे दूर किया जाए?

शादी के बाद अगर आपको अकेलापन का एहसास होता है तो यकीन मानें ये टिप्स आपके लिए काफी उपयोगी हो सकती है-

संवाद करें अपने जीवन साथी के साथ-

पति-पत्नी के बीच संवाद जरूरी

हर रिश्ते में कम्युनिकेशन का होना अहम है यानी हर रिश्ते में यह जरूरी है पार्टनर से बात की जाए और जहां कोई भी दिक्कत है उसे जल्द से जल्द हल किया जाए। एक बात समझना जरूरी है कि आपकी तरह आपके पार्टनर भी फील कर रहे हों ये जरूरी तो है नहीं, अब ऐसे में उन्हें आपकी भावनाओं का पता तभी चलेगा जब आप उनसेप अकेला फील कर रहे हैं तो इसका मतलब ये हो गया कि रिश्ते में कोई प्रॉब्लम है। इस वक्त को अपने दोस्तों से मिलने जुलने में लगाएं और चाहें तो कोई क्रिएटिव एक्टिविटी में भी अपना मन लगाएं। खुद के पॉजिटिविटी और क्रिएटिवली इंगेज रखने की हर संभव कोशिश करें।

जानें रिश्ते में बदलाव का कारण

रिश्ते में बदलाव की वजह

अगर आपके रिश्ते में अचानक आए किसी बदलाव से आप दोनों के बीच दूरियां आ सकती है और उसी की वजह से आप अकेला महसूस कर सकती हैं। आप ये समझने में असमर्थ हैं कि क्या बदलाव आया है या कहां एडजस्ट नहीं हो पा रहा है। ऐसी परिस्थिति में मैरिज काउंसलर से बात करें या कोई प्रोफेशनल हेल्प लें। इससे आपको अपने रिश्ते का एक क्लीयर पक्ष जानने और समझने का मौका मिलेगा और एक पॉजिटिव नजरिया भी।

एक-दूजे के प्यार को दें अहमियत

प्यार को समझें

जीवनसाथी से आपका इमोशनल अटैचमेंट जरूरी है। प्यार का एहसास सिर्फ फिजिकल टच, प्यार भरे शब्दों, गिफ्ट देने तक ही नहीं हैं। यह समझना जरूरी है कि आपके पार्टनर क्या चाहते हैं। हो सकता है कि प्यार के मायने उनके लिए दूसरों से थोड़ा हटके हो या फिर शायद उनके प्यार बयां करने का अंदाज औरों से जुदा हो। इमोशनली अटैच रहेंगी तो उन्हें भी समझ पाएंगे और उनके इस अंदाज को भी।

पॉजिटिविट टाइम निकालें

 

पति-पत्नी की आपसी समझ

यह समझना बहुत जरूरी है कि हमें हर चीज के लिए सिर्फ अपने पार्टनर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यह बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है कि अगर आप अकेला फील कर रही हैं तो इसका मतलब ये हो गया कि रिश्ते में कोई प्रॉब्लम है। इस वक्त को अपने दोस्तों से मिलने जुलने में लगाएं और चाहें तो कोई क्रिएटिव एक्टिविटी में भी अपना मन लगाएं। खुद के पॉजिटिविटी और क्रिएटिवली इंगेज रखने की हर जरूरी कोशिश करें।

सोशल मीडिया से जरा बचके

सोशल मीडिया से बचें

 

आजकल सोशल मीडिया हम सब की लाइफ में बहुत ज्यादा घुसपैठ करने लगा है। शादी की तैयारी से लेकर बेबी शावर तक लोग अपने पर्सनल मोमेंट सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आप भी उन मोमेंट्स को देखकर ठीक वैसा ही अपनी लाइफ में भी एक्सपेक्ट करने लगें और वैसा ना होने पर अपने रिश्ते में खामियां निकालना शुरू कर दें।

रिश्ते को जीना सीखें

रिश्ते को जीना सीखें

पति-पत्नी को एक दूसरे को स्पेस देना और एक दूसरे के रिश्ते को इज्जत देना जरूरी होता है। अगर पति या पत्नी शादी से पहले रहे किसी दोस्त से मिलते हैं तो ना तो पत्नी को पति पर शक करना चाहिए और ना ही पति को अपने पत्नी के दोस्ती पर। शादी के बाद भी चाहे पति हो या पत्नी दोनों अपने पूराने दोस्त से मिलने का हक रखते हैं, ये समझना दोनों के लिए जरूरी है। जब हम एक दूसरे के रिश्ते को अहमियत देंगे तो खुद बा खुद रिश्तों में गरमाहट आ जाएगी और रिश्ते को जीना सीख जाएंगे।

फोटो साभार- गूगल

अखरोट की खूबी

ड्राईफ्रूट की फैमिली में अखरोट का जो रूतबा है वो शायद किसी का नहीं। क्या आप जानते हैं अखरोट के नियमित सेवन से लंबा और स्वस्थ जीवन होता है। यह जानकारी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए एक स्टडी में सामने आई है।

यह अध्ययन बताता है कि रोजाना अखरोट के सेवन से मौत का जोखिम कम होता है और जीवन में बढ़ोतरी हो सकती है उनके मुकाबले जो नट्स नहीं खाते हैं। जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित शोध में पाया गया है कि प्रति सप्ताह अखरोट की 05 या अधिक सर्विंग्स खाने से मृत्यु दर को कम किया जा सकता है और लंबी उम्र के लिए भी यह कारगर है।

अमेरिका के शोध वैज्ञानिक यानपिंग ली ने कहा कि इस अध्ययन से हमने जो सीखा है वह यह है कि प्रति सप्ताह मुट्ठी भर अखरोट भी लंबी उम्र में इजाफा करने में सहायक हो सकते हैं। खासकर उनलोगों में जिनके आहार की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।

अखरोट की खूबी

शोध के मुताबिक पाया गया कि सप्ताह में अखरोट की 05 या अधिक सर्विंग्स खाने से मृत्यु की आशंका 14 फीसदी तक कम हो जाती है। कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से मृत्यु की आशंका 25 फीसदी कम और लगभग 1.3 वर्षों तक जीवन में बढ़ोतरी की गुंजाइस हो जाती है।

यह शोध बताता है कि हफ्ते में अगर अखरोट 02 से 04 बार भी खा लिए जाएं तो उसके भी काफी फायदे हैं। ऐसा करने से मौत के खतरे को 13 फीसदी तक कम किया जा सकता है। साथ ही हार्ट की बीमारी से मौत का खतरा 14 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

शोधकर्ताओं की इस रिसर्च में 67,014 महिलाओं और 26,326 पुरुष शामिल थे। महिलाओं की औसत उम्र 63.6 वर्ष और पुरुषों की औसत उम्र 63.3 वर्ष थी। स्टडी में शामिल होने पर प्रतिभागी स्वस्थ थे और लगभग 20 वर्षों तक उनके स्वास्थ्य को मॉनिटर किया गया। इस दौरान हर चार साल में उनके आहार और डाइट का ब्यौरा भी लिया गया जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी पूरी डाइट संबंधी रिपोर्ट दी और यह भी जानकारी दी कि जिसमें उन्होंने अखरोट या बाकी नट्स का कितना सेवन किया। साथ में एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल संबंधी बातों की भी उनसे मालूमात ली गई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि एक ऑब्जर्वेशनल अध्ययन के रूप में ये परिणाम कारण और प्रभाव को साबित नहीं करते हैं पर यह स्टडी इस बात पर फोकस डालती है कि अखरोट का सेवन एक हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ ही लंबी उम्र के लिए भी फायदेमंद है। जिन प्रतिभागियों ने अधिक मात्रा में अखरोट का सेवन किया वे शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव थे, हेल्दी डाइट लेते थे, शराब का सेवन कम करते थे और मल्टीविटामिन भी लेते थे।