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Author Archives: Pooja Sharma

Hair Style

हम सभी भरपूर कोशिश करते है कि हम वो सब कर ले जिससे हमारे बाल पहले से बेहतर हो जाए। पहले से ज्यादा घने चमकदार और लंबे हो जाए। इसके लिए बाजार में ढ़ेरों प्रोडक्ट है, किसी में कुछ फायदेमंद तेलों का मिश्रण है तो किसी में फूलों का अर्क, किसी में कपूर है तो किसी में अंडा। लेकिन किसी एक प्रोडक्ट में आपको सब मिल जाए इसकी आपको कोई गारंटी नहीं देता। कई बार कुछ प्रोडक्ट तो आपको फायदा पहुंचाने के बजाय और अधिक नुकसान पहुंचा देते है, और इसके बाद शुरू होता है, वो सिलसिला जब आप हर प्रोडक्ट पर आंखें मूंद कर भरोसा करना बंद कर देते है, और हर एक प्रोडक्ट को शक की निगाह से देखते है।

 तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताते है, जो आपके बालों को कमाल बना देंगे वो भी बिना किसी नुकसान के, तो चलिए जानते है उन बेहतरीन चीजों के बारे में जो आपके मन मुताबिक परिणाम देंगे और जिन पर आप आंखें मूंद कर भरोसा कर सकेंगे।
तो हमारी इस सूची में सब पहला नाम है:
1. नीम: जी हां, नीम एक ऐसा इंग्रिडेंट है जो आपकी एक से ज्यादा समस्याओं का समाधान अकेला कर सकता है। बालों में डैंड्रफ, और बालों का झड़ना कम करने जैसे औषधीय गुण है। इसलिए अक्सर ये सलाह दी जाती है कि नीम की पत्तियों का इस्तेमाल हेयर मास्क की तरह करना चाहिए। या फिर आप इसको पानी में उबाल कर इससे अपने बाल धो सकती है। अगर आप ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहती तो आपको सलाह दी जाती है कि आप ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल करे जिनमें नीम अब्स्ट्रैक्ट शामिल हो। इससे आप जल्द ही अपने बालों में फर्क महसूस करेंगी।
Hair Style
2. नारियल पानी: हम शुरू से सुनते आए है कि नारियल का तेल हमारे बालों के लिए बहुत अच्छा होता है, इसमें अनेकों तरह के गुण पाए जाते है, लेकिन अब ये जानना भी जरूरी है कि नारियल तेल के साथ साथ नारियल पानी भी हमारे बालों के लिए बहुत उपयोगी है। यह शरीर को तो हाइड्रेट करता ही है, साथ साथ ये बालों के लिए भी कंडीशनर का काम करता है। उन्हें टूटने से भी रोकता है। नारियल पानी बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आप इसे सीधे बालों पर भी अप्लाई कर सकती है। या फिर आप ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल कर सकती है जिनमे नारियल पानी भी एक इंग्रिडेंट की तरह शामिल हो।
3. शहद: जी हां, शहद आपके बेजान बालों में नई जान डाल सकता है। जैसा की हम सभी जानते है शहद अपने हीलिंग गुणों की वजह से काफी चर्चित है । यह नमी को बनाए रखता है इस वजह से इसको ब्यूटी प्रोडक्ट में भी मिलाया जाता है। आप अपने बालों में लगाने के लिए शहद वाला मास्क बना सकते है। या फिर आप इसके लिए ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल कर सकते है जिसमें शहद को शामिल किया जाता है।
4. ग्रीन टी: ग्रीन टी वैसे तो हमारे पेट की चर्बी को कम करने का कार्य बड़ी आसानी से कर लेती है लेकिन इसके साथ साथ ये अपने एंटी ऑक्सीडेंट गुण और ताज़गी से भरपूर है। अगर हम इसका इस्तेमाल अपने बालों के लिए करते है तो ये उनका टेक्सचर सुधरती है और उनका झड़ना भी रोकती है। ये बालों के रूखेपन से भी आपको राहत दिलाएगी और यकीनन ये आपको डैंड्रफ जैसी समस्या से निजात दिलाएगी।
तो आप लोग इन इंग्रिडेंट को इस्तेमाल करके अपने बालों को एक नया जन्म दे सकते है।
With regular hair massage our hair can become beautiful and healthy
बालों की नियमित मसाज उन्हें अंदर से पोषण देती है, जिससे वो कमज़ोर होकर टूटना बंद हो जाते है। इस नियमित मिलते पोषण से वो और अधिक चमकदार और घने हो जाते है।  नियमित मसाज से बालों को न केवल नमी मिलती है, बल्कि स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन भी तेज हो जाता है।
लेकिन याद रखिए बालों को मसाज का लाभ तभी मिलेगा जब आप सही तरीके से मसाज करेंगे। अब आप सोचेंगी कि आप तो ये आसानी से कर लेती है, फिर इसमें सही और गलत तरीका क्या है? तो चलिए फिर आज हम आपको बताते है कुछ ऐसी ही हेयर मिस्टेक जिसकी वजह से हमारे बालों को पूरा लाभ नहीं मिलता। आईए जानते है-
1. तेल को गर्म ना करना:
With regular hair massage our hair can become beautiful and healthy
कई बार हम तेल को सीधा ही अपने स्कैल्प पर लगाना शुरू कर देते है जो गलत है। ठंडा या सामान्य तापमान पर तेल थोड़ा गाढ़ा होता है, इस वजह से वो हमारे स्कैल्प की गहराई तक नहीं जा पाता। इसलिए मसाज करने से पहले तेल को हल्का गर्म करना चाहिए जिससे वो हमारे स्कैल्प में गहराई तक जा सके।
2. मसाज के तुरंत बाद सिर धोना:
आमतौर पर देखा जाता है कि आप और हम अक्सर मसाज के तुरंत बाद नहाने चले जाते है और बालों को भी धोने लगे है। लेकिन यह तरीका बिलकुल भी ठीक नहीं है। तेल को मसाज के बाद जड़ों तक जाने और उनको पोषण देने में थोड़ा समय लगता है इसलिए जरूरी है कि आप मसाज के एक घंटे बाद रुककर ही बालों को धोएं।
3. गीले बालों को बांधना:
कभी भी गीले बालों को बांधने या खींचने की गलती न करे । उस समय बाल गीले होते है तथा कमज़ोर होते है, ऐसे में उन्हें बांधना उसकी सहेत को नुकसान पहुंचा सकता है।
4. रात भर बालों में तेल लगा कर रखना:
With regular hair massage our hair can become beautiful and healthy
कभी भी रात भर के लिए बालों में तेल लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए ।इससे स्कैल्प के पोर्स बंद हो सकते हैं ।जी हां, बालों में तेल लगाने के बाद हमें 1 या 2 घंटे बाद बालों को वाश कर लेना चाहिए ।
5. गीले बालों में कंघी न करे:
हम अक्सर ऑफिस, स्कूल या कार्यालय की जल्दी में गीले बालों में कंघी करने लगते है और नतीजा ये होता है कि एक बड़ा सा बालों का गुच्छा हमारी कंघी में होता है। जी हां, गीले बालों में कंघी करने से बाल कमज़ोर होकर टूटने लगते है। और उनका टेक्सचर भी खराब हो जाता है। तो बेहतर है की आप बालों को सूखने के बाद ही कंघी करे।
6. तेज़ी से मसाज करना:
जी हां, कभी भी अपने बालों में तेजी से मसाज ना करे । ऐसा करने से बाल उलझते है और फिर टूटते है। इसलिए जितना हो सके बालों में बिल्कुल हल्के हाथों से मसाज करे।
आज के लिए बस इतना ही, फिर मिलते है एक नए लेख के साथ और आपकी कुछ उलझनों के हल के साथ।
Nine days festival, worshiping different forms of Maa every day..

अक्टूबर का महीना अपने साथ साथ वो मनमोहक कपूर की खुशबू भी लेकर आया है जो न सिर्फ हमारे घरों को पवित्र करती है, बल्कि घरों के साथ साथ हमारे मन को भी पाक कर देती है। आप बिलकुल सही समझे है, हम बात कर रहे है हिंदुओं के पवित्र त्योहार नवरात्रि कि। हम सब जानते है नवरात्रि हिंदुओं के पवित्र और मुख्य त्योहारों में से एक है। वैसे तो नवरात्रि पूरे साल में चार बार आते है लेकिन शुक्ल पक्ष के नवरात्रि अपने आप में खास है।

ये नौ दिनों का त्योहार है, जिसमें हर दिन मां आदि शक्ति के अलग अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। जी हां, 9 स्वरूपों का अपना अलग ही महत्व है।

तो चलिए और ज्यादा वक्त न लेते हुए हम आपको मां के और करीब ले जाते है और आपको बताते है मां के प्रथम स्वरूप मां शैल पुत्री के बारे में और इसी तरह हम आगे भी आपको इनके 9 स्वरूपों की चर्चा करते रहेंगे और मां की भक्ति और शक्ति की श्रद्धा भाव से स्तुति करेंगे।

तो सबसे पहले हम मां शैल पुत्री के बारे में आपको कुछ मुख्य बातें बताते है-

नवरात्रि का आरंभ मां शैल पुत्री की पूजा अर्चना से शुरू होता है।
मां शैलपुत्री को राजा हिमालय की बेटी भी माना जाता है। इनको मां सती और मां पार्वती का ही स्वरूप कहा जाता है। मां शैलपुत्री नंदी नमक बैल की सवारी करती है।इनके माथे पर चंद्रमा सुशोभित है, तथा इनके हाथों में कमल का फूल होता है।
मां शैलपुत्री को सफेद रंग बहुत पसंद है।
इनकी पूजा में भी सफेद रंग के फूल और सफेद रंग की मिठाई चढ़ाई जाती है। इनकी पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण किए जाते है।

तो चलिए अब जानते है की मां शैलपुत्री को कैसे प्रसन्न करे-

मां शैलपुत्री भक्तों को उनकी भक्ति और श्रद्धा से प्रसन्न होकर मन मुताबिक फल प्रदान करने वाली है।

तो नीचे दिए गए कुछ नियमो का पालन कर आप भी मां से अपनी मुराद मांग सकते है:

1. प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पीले वस्त्र पहनने चाहिए।
2. मिट्टी से मां की वेदी बनाएं।
3. मां की वेदी बनाकर उसमें गेहूं और जौ मिलाकर बोएं।
4. कलश स्थापना करें।
5. इसके बाद सर्व प्रथम गणेश की पूजा करें।
6. मां शैल पुत्री की विधिवत पूजा करें।
7. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

तो आज के लिए बस इतना ही अगले लेख में करेंगे मां के अगले स्वरूप की चर्चा।
तब तक आप लोग मां की भक्ति में लीन रहें, मां जरूर सबकी मनोकामना पूरी करेंगी।

मां और बेटी

पिछले कुछ सालों से याद ही नहीं कि कब मैं सुकून के दो पल बैठकर महसूस कर पाई हूं। बस भागती जा रही हूं, ना तो ये पता है कि रास्ता सही है नहीं  और ना ये पता है कि और कितना बचा है।

ये भी नहीं पता कि खुद के लिए भाग रही हूं या जिंदगी मुझे भगा रही है।

जब स्कूल में थे तो दिल करता था कि जल्दी से जल्दी बड़े हो जाए। अपने फैसले खुद ले पाएं लेकिन जब से बड़े हुए है जिंदगी सिर्फ भगाए जा रही है।

दरअसल जिंदगी की इस जिद्दी दिल से ठनी हुई है, जिंदगी मुझे अपने हिसाब से चलाना चाहती है और दिल अपने हिसाब से।

सच में वो बचपन वाली जिंदगी बहुत हसीन हुआ करती थी जो दिल करता था वो किया करते थे। जब भी कोई दिक्कत परेशानी हुआ करती थी तो मां हुआ करती थी पास, बस एक बार प्यार से सिर पर हाथ रख देती थी तो लगता था कि पूरी दुनिया बस हमारे ही इर्द गिर्द घूम रही है। और कभी प्यार से गोदी में उठाकर माथा चूम लेती थी तो ये दिल 7वें आसमान पर होता था।

उस समय समझ नहीं थी फिर भी सुकून था। आज इस समझदारी ने सारा चैन छीन लिया है।

मां और बेटी

बड़े हो गए,  शादी हो गई, सेटल हो गए लेकिन ये दिल आज भी उन पुराने दिनों में लौटना चाहता है, जहां मां और उसका ढेर सारा प्यार हुआ करता था।

काफी समय बीत गया उस घर से विदा हुए,

काफी समय बीत गया नई दुनिया बसाए हुए,

पर ना जाने क्यों शाम ढलते ही ये दिल उस घर पहुंच जाता है,

मां की आवाज़ सुनने को ये दिल यूंही मचल जाता है,

महक वो मां के खाने की महसूस करना चाहता है,

वो हर त्यौहार उनका बहुत चाव से मनाना,

काफी समय बीत गया उस घर से विदा हुए।

वो हर रोज सुबह जल्दी उठ जाना,

हम सब को खिलाकर फिर खुद खाना,

शाम को पापा के ऑफिस से आने का इंतजार करना,

हर जन्मदिन पर हमें नए कपड़े दिलाना,

और खुद कई त्यौहार उसी पुरानी लाल साड़ी में बिताना,

हमारे बीमार पड़ने पर उनका वो रात भर जागना,

हर बार पापा की डांट से हमें बचाना,

हमारी तकलीफ में खुद आंसू बहाना,

बहुत याद आता है वो घर जहां सिर्फ और सिर्फ अपनापन होता था,

काफी समय बीत गया उस घर से विदा हुए।।

बहुत मुश्किल से दिल को समझाती हूं कि वो दिन बीत गए,

अब उन दिनों को तुम सपने में जी लिया करो,

उन दिनों को याद कर मैं कुछ इस तरह जी पाती हूं,

आज भी मां से किए वो सारे वादे निभाती हूं,

सबको खुश रखने कि कोशिश में मैं खुद को भूल जाती हूं,

मैं भी अब मां की तरह सब को खिलाकर फिर खुद खाती हूं,

चाहे कितना ही लेट सोना हो फिर भी हर सुबह 5 बजे उठ जाती हूं,

अपने अरमानों को अब में दिल के किसी कोने में दफनाती हूं,

कभी-कभी मां की ही तरह मैं हालात से समझौते भी कर जाती हूं।

जानती हूं कि वो दिन अब लौट कर नहीं आयेंगे,

इसलिए मैं इस अड़ियल दिल को कई बार समझाती हूं,

जानती हूं कि वो सिर्फ मां नहीं भगवान है मेरी,

इसलिए अब भी तकलीफ होने पर सिर्फ उनको बताती हूं,

काफी समय बीत गया उस घर से विदा हुए।।

फोटो सौजन्य- गूगल

मॉडल का हेयर स्टाइल

रीठा एक ऐसी जड़ी बूटी जो हर महिला के बालों की समस्याओं के लिए  सबसे  ज्यादा विश्वसनीय विकल्प है।

जी हां दोस्तों, हमारे घरों में हमारी दादी, नानी, मम्मी रीठा का इस्तेमाल अपने बालों की देखभाल के लिए करती है। यह आज का नहीं बल्कि सदियों पुराना उपाय है जो बालों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

तो चलिए फिर ज्यादा समय ना लेते हुए हम बात करते है रीठा के गुणों की-

रीठा एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है। इसका पौधा 20 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ सकता है। ये पौधा एक संतुलित तापमान में पनपता है। एक पर्याप्त मात्रा में उपजाऊ मिट्टी में ही पनपता है।

रीठा एक सदियों पुरानी जड़ी बूटी है, जिसको बालों के देखभाल के लिए जाना जाता है लेकिन इसके और भी अनेक फायदे हैं।

आइये इसके फायदों के बारे में जानते है-

मॉडल का हेयर स्टाइल

  1. स्कीन के लिए बढ़िया: रीठा एक प्राकृतिक मॉश्चराइजर भी है। इसलिए इसे स्कीन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके उपयोग से त्वचा में निखार आता है तथा त्वचा को एक टोन लाइट भी करता है।
  2. पिंपल का दुश्मन: जी हां, रीठा के नियमित उपयोग से आप अपने ज़िद्दी मुंहासों से छुटकारा पा सकते है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करता है और त्वचा संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाता है।
  3. बालों के स्वास्थ्य के लिए: रीठा का इस्तेमाल बालों की देखभाल के लिए किया जाता है। यह आज का नहीं बल्कि सदियों पुराना उपाय है जो बालों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
  4. डैंड्रफ से छुटकारा: रीठा के नियमित उपयोग से आप रूसी जैसे समस्याओं से जल्द ही छुटकारा पा सकती है। इसके लिए रीठा और आंवला पाउडर का लेप बनाकर अपने बालों की जड़ों में लगाएं।
  1. जूं भगाने के लिए: जी हां, रीठा का प्रयोग आमतौर पर जूं भगाने के लिए भी किया जाता है। रीठा एक बेहतरीन क्लींजर भी है। यह स्कैल्प की अच्छे से सफाई करता है। जिससे जूं जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
  2. कपड़े धोने के लिए लाभकारी: जैसा कि हम पहले भी बता चुके है कि रीठा एक बेहतरीन क्लींजर भी है। यह कपड़ों से मैल को आसानी से निकल देता है।
  3. बवासीर में उपयोगी: जी हां, आजकल हर दूसरे व्यक्ति को बवासीर की समस्या है। काफी लोगो को इसका ऑपरेशन करवाने के बाद भी फायदा नहीं मिलता। इसके लिए सलाह दी जाता है कि रीठा का उपयोग किया जाए।
  4. स्कैल्प में होने वाली जलन को करे दूर: रीठा बालों के लिए एक मात्र रामबाण है। यह स्कैल्प में होने वाली जलन व खुजली को दूर करके राहत पहुंचाता है।
  5. जहर के असर को कम करने के लिए: रीठा एक प्राकृतिक क्लीज़र है । अगर कभी किसी व्यक्ति को सांप या बिच्छू जैसे जहरीले जानवर काट ले तो उसे तुरंत रीठा पाउडर का गोल पिलाए। इसके पीते ही पीड़ित को उल्टी होगी और उसके साथ जहर भी शरीर से बाहर निकल जायेगा।
  6. घाव को भरने में लाभदायक: रीठा किसी भी छोटे घाव को भरने की क्षमता रखता है। कभी चोट लगने पर घाव पर रीठा पाउडर और किसी एंटीसेप्टिक क्रीम को मिलाकर लगाएं और आप पाएंगे कि घाव बहुत ही जल्द भर जाएगा और दर्द में भी राहत मिलेगी।

तो आज हमने रीठा के बेहतरीन फायदे को जाना। ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

बादाम से चेहरे में ग्लो

आप और हम अक्सर अपनी दादी-नानी से सुनते आए है कि बादाम खाने से याददाश्त बढ़ती है, दिमाग़ तेज होता है। लेकिन क्या आप जानते है कि इसके और भी बहुत से फायदे है, जो कम ही लोग जानते है।

तो चलिए फिर हम आज जानते है बादाम के बारे में और उसके फायदों के बारे में:

सबसे पहले हम बादाम के बारे में जान लेते है:

बादाम साइंस के मुताबिक रोजशी फेमिली से संबंधित है, इसके अंतर्गत आडू, सेब, नाशपाती, चेरी और खुबानी आते है।

भारत में जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश इसके सबसे बड़े उत्पादन कर्ता है। बादाम के फल के अंदर जो बीज होता है आप तौर पर उसे ही खाया जाता है। बीज का रंग सफेद होता है था उसपर  भूरे रंग का छिलका होता है। बादाम से सेहत को अनेक फायदे मिलते है क्योंकि इसमें प्रोटीन, मिनरल, विटामिन, और फाइबर होते हैं। यूं तो लोग बादाम को कच्चा खाना ही पसंद करते है  लेकिन अब इसका इस्तेमाल व्यंजनों की गार्निशिंग के लिए भी किया जाता है। बादाम से मक्खन, दूध तथा तेल तैयार किया जाता है।

बादाम के फायदे

तो चलिए अब हम जानते है इसके उपयोग से होने वाले फायदे:

  1. कोलेस्ट्रोल को कम करता है: बादाम का नियमित सेवन करने से आप अपने बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को कम कर सकते है।
  2. कैंसर को रोकने में सहायक है: अगर आप नियमित तौर पर बादाम का सेवन करते है यानी कि हर दिन आप 8 से 10 बादाम खाते है, तो आप यकीनन कैंसर जैसे गंभीर रोग से अपने आप को कोसों दूर रख सकते है।
  3. डायबिटीज के रोगियों के लिए बढ़िया विकल्प: जी हां, बादाम मधुमेह के रोगियों को भी विशेष लाभ पहुंचाता है। इसको खाने से वो लोग अपने बढ़े हुए शर्करा को नियंत्रित कर सकते है। बादाम का एक प्रकार और है जो स्वाद में थोड़े कड़वे होते है, ये इन रोगियों के लिए सबसे बढ़िया विकल्प है।
  4. दिमाग़ तेज़ करता है: हम पहले भी बता चुके है कि यह प्रोटीन, विटामिन-E और फाइबर का स्रोत है। इसके कारण यह हमारे दिमाग़ की कार्य क्षमता को बढ़ाता है।
  5. वजन घटाने में सहायक: बादाम के नियमित इस्तेमाल से आप अपने शरीर की बढ़ी हुई चर्बी बड़ी आसानी से घटा सकती है। इसके लिए आपको रात को 8 से 10 बादाम पानी में भिगो देने है तथा सुबह उठकर उनका छिलका उतार कर खा ले। या आप उन्हें थोड़ा रोस्ट भी कर सकते हैं।
  1. बच्चो में पाए जाने वाले जन्म दोष पर भी असरदार : गर्भवती महिलाओं को नियमित तौर पर बादाम का उपयोग करना चाहिए। कई बार चिकित्सक बताते है कि गर्भ में पल रहे बच्चे में कोई दोष है। इससे बचने के लिए आप पर्याप्त मात्रा में बादाम का सेवन करे।
  2. कब्ज से राहत: बादाम खाने से आपको कब्ज जैसे परेशान करने वाली समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है। इसके लिए आपको बादाम का सेवन नियमित करना होगा।
  3. तेल की मालिश से हड्डियों में मजबूती: जी हां, बादाम के तेल को न सिर्फ शरीर में एनर्जी लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है बल्कि इसके तेल से मालिश करने से हड्डियां मजबूत होती है।
  4. त्वचा को मिलता है पोषण: आप अगर त्वचा के रूखेपन से परेशान है तो इसके लिए भी आप बादाम का तेल इस्तेमाल कर सकती है। यह त्वचा को पोषण देकर उसे मुलायम बनाता है।
  5. बाल झड़ने से रोकने में है मददगार: बादाम के तेल को बालों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, ख़ासकर जब आपके बाल अधिक झड़ रहे हों। यह बालों का झड़ना बंद करके उन्हें घने और चमकदार बना देता है।
  6. डार्क सर्कल और ब्लैक हेड्स से दिलाए छुटकारा: जी हां, बादाम तेल से मसाज करने से आप डार्क सर्कल तथा ब्लैक हेड्स जैसे जिद्दी परेशानियां से छुटकारा पा सकती है।

इसके लिए आप रात में सोते समय हल्के हाथों से अपने आखों के नीचे और फिर नाक के आस पास हल्के हाथों से मसाज कीजिए और आप कुछ ही समय में फर्क महसूस करेंगी।

तो दोस्तों अब तो आप जान गए है कि बादाम कितने काम की चीज़ है। इसकी तरह की उपयोगी जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहिए और अपने सुझाव हमें देते रहिएगा।

फोटो सौजन्य- गूगल

अमीरी का दिखावा

समाज में बहुत से लोग होते हैं जिनसे मिलकर आपको लगेगा कि वो बहुत ज्यादा जिद्दी है  या बहुत ज्यादा गुस्से वाले है… या कभी-कभी हम उन्हें घमंडी भी समझ लेते है लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि हम कभी-कभी लोगों को बहुत ज्यादा जल्दी जज कर लेते हैं… और ये मान लेते है कि हमें उनसे कोई वास्ता नहीं रखना चाहिए।

लेकिन कई बार वो नहीं बल्कि उनके बारे में हम गलत होते है। दरअसल हमें सब को एक जैसा देखने की आदत हो गई है इसलिए हम उन अलग से लोगों को पचा नहीं पाते। क्योंकि वो लोग हमारी दिखावे की दुनिया का हिस्सा नहीं होते, झूठ से उन्हें नफरत होती है, धोखा से वो कोसों दूर होते है, और अपने फायदे के लिए उन्हें किसी को नीचा दिखाना नहीं आता… हां थोड़े सडू हो सकते है… गुस्सा भी नाक पर हो ये भी हो सकता है.. लेकिन दोस्तों मेरे हिसाब से ऐसे इंसान हमारे समाज के लिए ज्यादा अच्छे है…क्योंकि इन्हें अपने फायदे के लिए गिरगिट बनना नहीं आता…. लेकिन आज समाज में इस तरह के लोग बहुत ज्यादा अकेलापन और पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं।

क्योंकि आज कल के दिखावे से ये लोग कोसो दूर होते हैं और समाज में आज वही अपना पैर जमा लेता है जो दिखावे से भरा हुआ है। आज कल लोगों को सच सुनने की आदत नहीं रही लेकिन ये लोग तो सिर्फ और सिर्फ सच बोलते है। आज कल लोगों को अपनी निंदा सुनने की आदत नहीं रही  लेकिन ये लोग तो जो बोलना होता है वो मुंह पर बोल देते है। आज कल लोगों को झूठी तारीफों से बड़ा मोह है, लेकिन ये लोग ऐसा कर पाने में असमर्थ होते हैं।

अमीरी का दिखावा

सबसे बड़ी परेशानी इनको यही होती है कि आजकल का समाज इनको स्वीकार नहीं पाता और न ये इस दिखावे वाले और दोगले समाज का हिस्सा बनना चाहते है। इसलिए कभी कभी ये लोग ऐसी स्थिति का सामना करते है जब ये अपने आपको दुनिया से बिल्कुल कटा हुआ महसूस करते है। बाकी आप इन पंक्तियों से भी समझ सकते है जो किसी ऐसे ही इंसान पर लिखी गई हैं-

भर जाती हूं आत्मग्लानि से,

जब कभी सोचती हूं कि मैं पिछड़ गई हूं,

हर उस इंसान से जो दिखावा करता है,

मन दुखी हो जाता है, जब कभी मैं उस दिखावे का हिस्सा नहीं बन पाती,

लोगों की तरह बाहर कुछ और अंदर कुछ नहीं हो पाती।

भर जाती हूं आत्मग्लानि से,

जब कभी ये पाती हूं कि अकेली रह गई हूं,

दूर हो गई हूं हर उस इंसान से जो धोखा करता है,

बहुत परेशान हो जाती हूं, जब किसी को धोखे मे नहीं रख पाती,

हां, जब लोगों की तरह किसी की पीठ में छुरा नहीं घोंप पाती।।

 

भर जाती हूं आत्मग्लानि से,

जब कभी सोचती हूं की मैं कितनी गरीब हो गई हूं,

लोगो को देखा है पैसे के लिए कुछ भी करते हुए,

मन उदास हो जाता है जब कभी मैं इस मुहिम का हिस्सा नहीं बन पाती,

हां, मैं पैसों के लिए किसी के तलवे नहीं चाट पाती।।

 

भर जाती हूं आत्मग्लानि से,

जब कभी सोचती हूं कि दुनिया से बहुत अलग रह गई हूं,

हर उस इंसान से अलग जो किसी को नीचा दिखाना चाहता है,

मन बैचेन हो जाता है, जब मैं किसी को नीचा नहीं दिखा पाती,

हां, दुनिया की इन उम्मीदों पर मैं खरा नहीं उतर पाती।।

 

हां बहुत जिद्दी हूं, हर किसी की हां में हां नहीं मिला पाती,

दिमाग़ है मेरे पास इसलिए किसी और के हिसाब से नहीं चल पाती,

मुझे गलत के लिए बोलना आता है,

इसलिए आखें बंद किए चैन से बैठ नहीं पाती।।

 

मेरे लिए वो हर इंसान गलत है जो गलत को बढ़ावा दे,

लेकिन मैं गलत के खिलाफ बोले बिना रह नहीं पाती,

इसलिए बहुत कम लोग है मेरी जिंदगी में जो पसंद करते है मुझे,

बाकियों के लिए तो बहुत बुरी हूं मैं क्योंकि झूठ, धोखा, दिखावा, फरेब मैं पचा नहीं पाती।

फोटो सौजन्य- गूगल

मां

“मां” हां ये वही है जिसको सुनते ही एक 60 साल का बुजुर्ग व्यक्ति भी अपने आप को छोटा बच्चा समझने लगता है। दरअसल ये शब्द ही इतना ज्यादा प्यारा है कि कभी हमें कुछ हो तो भी सबसे पहले मुंह से निकलने वाला शब्द मां ही होता है..और हम परेशान हो, दर्द में हो तब भी मां ही सबसे पहले याद आती हैं।

“वो किसी ने कहा है ना कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते थे इसलिए उन्होंने मां को बनाया”

बिल्कुल सही कहा है, जिंदगी में सब कुछ हो और मां ना हो तो सब अधूरा सा हो जाता है। मां है तो दुनिया की सारी खुशियां हमारी हो जाती है।

आज भी हमारे बीच कुछ लोग है जो अपने मां-पापा को इज्जत नहीं देते..उन्हें वो मान-सम्मान नहीं देते जिनके वो हकदार हैं। बहुत ज्यादा गुस्सा, बुरा व्यवहार और अत्याचार करते हैं वो अपने मां-बाप पर… उनको लगता है कि उन्होंने उनके लिए कुछ नहीं किया और अगर किया भी है तो वो उनकी ड्यूटी थी। सच में कितने बेवकूफ़ हैं वो.. जिस चीज को वो ड्यूटी समझते है वो उनकी ममता होती है और रही बात ड्यूटी की तो …फिर कुछ ड्यूटी बच्चों की भी तो होती है… तो क्या वो उन्हें पूरा कर रहे हैं, अगर इसका जवाब मिल जाए तो खुद सोचना कि उन्होंने अपने मां-बाप के लिए क्या किया है?

मै ऐसे लोगों से सिर्फ़ इतना ही कहना चाहती हूं  कि जिनके साथ तुम रह रहे हो ना, जिन्होंने तुम्हें चलना-फिरना सिखाया है, कंधे पर बैठा कर दुनिया दिखाई है वो सिर्फ़ मां-बाप नहीं हैं .. वो भगवान है। तुम खुशनसीब हो जो यहीं उनके दर्शन हो गए। इसलिए उन्हें वो सब दो जिसके वो हकदार हैं। आज का ये लेख उन लोगों के लिए ख़ास तौर पर लिखा गया है जिनको अपने मां-बाप की कोई अहमियत समझ नहीं आती। हर पल उन्हें सिर्फ यही लगता है कि उनके मां-बाप उनके लिए जो कुछ भी कर रहे हैं वो कोई अहसान नहीं है बल्कि ये तो उनका फर्ज है जो हर मां- बाप करते हैं।

मां

बहुत नासमझ हैं वो लोग जिनको कभी समझ ही नहीं आता कि मां-बाप भगवान का दिया हुआ वो तोहफ़ा होते है, जो सब के नसीब में नहीं होते। इसलिए इनके लिए हम जितना करे उतना कम है।

ये मेरी एक कोशिश थी उन लोगो को समझने की जिनको मां बाप सिर्फ और सिर्फ अपने ऐशो आराम का साधन लगते है। अगर अभी भी कुछ लोगो को समझ नहीं आया तो मैं कुछ पंक्तियों के माध्यम से एक कोशिश और करना चाहूंगी। तो गौर फरमाएं शायद समझ आ जाए:-

एक छोटा सा घर है हमारा, मगर उसे बनाने में खूब पसीने बहाए है,

चूल्हे की आंच पर रोटियां पकाते हुए, कई बार मां ने अपने हाथ भी जलाए है,

ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है कि वर्षों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए हैं।।

दो समय की रोटी के लिए, मां ने कई दिन सिर्फ पानी पीकर बिताए है,

बच्चे भूखे ना सो जाए इसलिए भारी-भारी बोझ भी उठाए है,

जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है कि वर्षों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।

बहुत मुश्किल था वो दौर, उस दौर में शायद ही दो पैसों की बचत हो पाए लेकिन फिर भी जैसे तैसे करके मां ने वो बचाए है,

मेरे बच्चों का भविष्य बहुत सुनहरा हो, रातों को जाग कर मां ने ये सपने सजाए है,

जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है कि वर्षों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।

एक बार यूहीं देखे मैंने उनके हाथ, उनके हाथों में बहुत सारी दरारें हैं,

हमारी परवरिश के लिए  बेशर्त उन्होंने अपने सुंदर हाथ भी बिगड़े है,

हमारे सारे सपने पूरे हो, इसलिए उसने अपने सारे सपने दांव पर लगाए है,

अपनी पसंद, अपने शौक सब छोड़ दिया उसने, कहती है कि मुझे मेरे बच्चे उन सब से प्यारे है,

जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है कि वर्षों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।

जिंदगी की इस तपती राह पर हमारे लिए, उसने अपने पांव जलाए है,

पीठे की वो मिठाई जो उन्हें बहुत पसंद है, उसके लिए बचाए पैसे भी हमारे आने वाले कल के लिए बचाए है

जी हां,  ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है कि सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।

जब जब मैंने खुद को मुश्किलों से घेरा है, तब तब मैंने अपनी मां को मेरे साथ खड़ा हुआ पाया है,

भगवान को देखा नहीं कभी मैंने लेकिन, वो मेरी मां ही है जिसने उनके होने का अहसास कराया है,

बहुत किया है उन्होंने मेरे लिए, लेकिन अब मुझे उनके लिए कुछ करके दिखाना है,

जो कुछ भी छोड़ा उन्होंने मेरे लिए वो उन्हें वापिस भी तो दिलाना है…

इन्हीं जिम्मदारियों के कारण ऐसा होता आया है कि सालों तक हर त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाया है।।

फोटो सौजन्य- गूगल

डिप्रेशन

दोस्तों कई बार हमारे जीवन में कुछ ऐसे क्षण भी आ जाते है, जब हम बहुत बुरा महसूस कर रहे होते है। इस बैड फिलिंग की वजह चाहे जो हो लेकिन कई बार किसी बात का इतना बुरा लगता है कि हम बहुत कोशिश करते है इस बैड फिलिंग से बाहर निकलने की लेकिन हम ये करने में सक्षम नहीं हो पाते।
तो दोस्तों, सबसे पहले तो हमें ये जान लेना जरूरी है कि ये बैंड वाली फिलिंग हमें होती क्यों है:

  • क्या इसका कारण हम खुद है या कोई दूसरा व्यक्ति इसका कारण है?
  • क्या ये हमारी गलतियों के कारण है या किसी और की गलती की सजा हमें मिल रही होती है?

दोस्तों, हम सब इंसान है और हमारे दिलों में भावनाएं होना स्वाभाविक है और इन्ही भावनाओं को जब कोई चोट पहुंचाता है तो हमें बुरा लगना भी स्वाभाविक है।
लेकिन आपको अपने आप को ज्यादा परेशान करने की जरूरत नहीं है, आपने आप को बुरा महसूस न होने दें।

इसके लिए आज मैं आपके लिए कुछ ऐसे सुझाव लेकर आई हूं जिससे आप अपनी इस बैंड वाली फिलिंग से चुटकियों में छुटकारा पा सकते है।

तो चलिए सबसे पहले हम जान लें कि हमें बुरा क्यों लगता है:

1. दुखी होने के कारण: कभी कभी हम किसी बात को लेकर बहुत दुखी होते है। वजह चाहे जो भी हो लेकिन हमें इस परिस्थिति में बहुत बुरा महसूस हो रहा होता है ।

2. हानि होने के कारण: कई बार हमारा कोई नुकसान होने पर हम बहुत परेशान हो जाते हैं। दुखी हो जाते हैं। मन ही मन खुद को और दूसरों को कोस रहे होते है। चाहे कैसा भी इंसान हो वह किसी भी तरह की हानि को आसानी से पचाने में असमर्थ होता है। यही कारण है कि उस हालत में भी हम बैड फिलिंग का शिकार हो रहे होते हैं।

3. डिप्रेशन होने के कारण: कई बार बहुत बुरा महसूस होने का एक मुख्य कारण होता है डिप्रेशन। इसकी वजह से इंसान खुद को अकेला और पिछड़ा हुआ महसूस करने लगता है। जिससे बैड फिलिंग होना स्वाभाविक हो जाता है।

4. SAD(सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर) के कारण: जी हां, ये एक प्रकार का डिसऑर्डर है जो मौसम के परिवर्तन के कारण हो सकता है। इसकी वजह से हम चिड़चिड़े हो जाते है। हर बात पर गुस्सा आने लगता है। किसी से बात करने का मन नहीं करता। इस कारण हम खुद को दूसरों से अलग कर लेते है, जिस कारण हम बुरा महसूस करने लगते है।

अब हम जानते है कि अगर बुरा महसूस हो तो हम कैसे इससे छुटकारा पा सकते है:

1. संगीत सुनें- जी हां, संगीत बहुत से मनोरोगों का एक मात्र घरेलू उपचार है। संगीत सुनने से हम अच्छा महसूस करने लगते है। तथा मन और दिमाग का तनाव भी दूर होता है। जब कभी आपको बुरा महसूस हो तो आप अपनी पसंद का संगीत सुने, और फिर देखे कैसे ये आपको अच्छा महसूस करवाता है।

संगीत सुनती लड़की

2. कुछ देर रोएं- अगर कभी आपको बुरा महसूस हो रहा है और आपको रोने का मन है तो कुछ देर रोएं। इससे आपके अंदर का अवसाद बाहर आ जायेगा और आप अच्छा महसूस करेंगे और इसके ठीक विपरीत अगर आप अपने आप को रोने से रोकेंगे तो तनाव कम होने की बजाय बढ़ जायेगा।

3. अपने विचार और भावनाएं सांझा करे- जी हां, आप अगर किसी भी वजह से बुरा महसूस करते है तो आपने किसी करीबी के साथ अपनी भावनाओं की साझा करे, उन्हें अपनी भावनाएं बताए, उन्हें बताएं कि इस वक्त आप कैसा महसूस कर रहे है। आप पाएंगे कि आपका मन हल्का हो गया है और आप पहले से बेहतर महसूस कर रहे है।

4. बाहर घूमने जाएं- अगर आपको बुरा महसूस हो रहा है तो अपने आपको थोड़ा समय दे, अच्छा महसूस करने के लिए आप बाहर घूमने जा सकते है।

5. पार्टी या कोई फंक्शन अटेंड करें- जी हां, कई बार हम जब भी बुरा महसूस करते है तो अपने आप को दुनिया से कट लेते है लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि जितना आप लोगों से मिलेंगे उतनी जल्दी आप उन बातों को भूलेंगे जो आपको परेशान कर रही है। इसके लिए आप पार्टी या फंक्शन अटेंड करें।

6. साकारात्मक रहें- सबसे ज़रूरी बात जो आपको कभी भी किसी भी अवसाद या डिप्रेशन से बचाएगी वो है आपका साकारात्मक रहना। हमेशा पॉजिटिव रहे और और अपने आप को नकारात्मक विचारों से दूर रखें। हर चीज को सकारात्मक नजरिया से देखें। और फिर देखिए कैसे ये दुनिया आप के इशारों पर गोल गोल घूमेगी।

आज के लिए इतना ही, फ़िर मिलते है एक नए विषय के साथ। अपना तथा अपनों का ख्याल रखें।

“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का,

काल भी उसका क्या बिगड़े जो भक्त हो महाकाल का।”

“जिस समस्या का न कोई उपाय,

उसका हल सिर्फ ॐ नमः शिवाय!!

जी हां, दोस्तों ये जुमले आपने बहुत बार सुने होंगे  लेकिन सावन के महीने में यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सब की जुबान पर होते है।

दोस्तों, महादेव का प्रताप ही ऐसा है कोई भी उनकी स्तुति करने से खुद को रोक ही नहीं पाता। शिव की भक्ति और उनकी साधना से जो मन को शांति और सुकून मिलता है वो कहीं और है ही नहीं।

यूं तो हम साल के 365 दिन भगवान शिव की आराधना करते है, लेकिन सावन के महीने में शिव की पूजा अर्चना का ख़ास महत्व होता है। इस महीने भक्तजन भगवान शिव के सोमवार व्रत रखते है और कुछ लोग कावड़ भी लाते है। इस पूरे महीने भोले के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के अनेकों पर्यत्न करते है। धार्मिक दृष्टि से सावन का महीना बहुत शुभ माना जाता है।

इस महीने कुछ कार्यों को विशेष रूप से करने की सलाह दी जाती है तो कुछ कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। इस महीने में लोग सावन के व्रत करने का संकल्प भी लेते है तो ऐसे में ये जानना और भी जरूरी हो जाता है कि हमें सावन के महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

तो चलिए जानते है की भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए हमें क्या करना चाहिए:

बोल बम

  1. सावन के महीने में हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारी पूजा अर्चना भगवान शिव पर ही केंद्रित हो। क्योंकि सावन का महीना भगवान शिव को ही समर्पित है।
  2. सावन के महीने में हमें शिव को प्रसन्न करने के लिए हर दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए।
  3. अक्सर कहा जाता है कि सावन के महीने में हमारा पाचन तंत्र धीमी गति से कार्य करता है। ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि हम हल्का और सुपाच्य भोजन करे जो जल्दी पच जाए।
  4. सावन के महीने में शिव की आराधना का विशेष महत्व है तो कोशिश करे कि दिन में एक बार ॐ नमः शिवाय का जाप ज़रूर करे।
  5. अगर किसी इंसान को किसी बीमारी ने घेरा है तो तो लंबी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए दिन में एक बार महामृत्युंजय का पाठ करे ।
  6. भोलेनाथ की आरती का विशेष ध्यान रखें और हर दिन आरती करे।
  7. बड़े बुजुर्गों को प्रसन्न रखे। जी हां ध्यान रखे कि घर में जो बुजुर्ग है उनका किसी भी वजह से दिल न दुखे जितना हो सके कोशिश करे कि वो खुश रहे।

तो चलिए दोस्तों अब हम उन कामों के बारे में जान ले जो हमें नहीं करने चाहिए:

  1. मांस मदिरा का सेवन करने से बचें: ध्यान रखें ये पूर्ण रूप से भक्ति को समर्पित महीना है इस महीने में हमें मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। ये आपकी सेहत के लिहाज से भी ठीक नहीं है। इस महीने में इन सब चीज़ों को पचाने में दिक्कत होती है।
  2. झूठ न बोले : भोलेनाथ बहुत थोड़े में ही खुश हो जाते है और आपकी मनोकामना पूरी कर देते है, लेकिन वो कभी भी झूठ का साथ नहीं देते। तो इसलिए किसी भी बात के लिए झूठ मत बोलिए।
  3. बड़े बुजुर्गों के अपमान से बचे: बड़े बुजर्गों को कोशिश करे कि खुश रखें उनका कभी भी किसी भी बात के लिए अनादर न करे।
  4. व्रत को अधूरा ना छोड़ें: किसी भी स्थिति में व्रत को अधूरा ना छोड़े। कुछ लोग जोश जोश में व्रत शुरू कर देते है लेकिन फिर बीच में ही छोड़ देते है। अगर आप सक्षम नहीं है तो व्रत का संकल्प ना लें।
  5. अपना आचरण पवित्र रखे: जी हां, सावन के महीने में भगवान शिव की भक्ति में डूब जाए। तथा अपना आचरण भी पवित्र रखें।

आशा करती हूं दोस्तों, आप भगवान शिव को प्रसन्न करने में सफल होंगे, फिर मिलेंगे नए विषय के साथ।

तब तक ॐ नमः शिवाय जपते रहिए, अपनी हर बाधा से मुक्ति पाइए।