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Author Archives: Pooja Sharma

can have a negative effect on your health

अपनी पूरी जिंदगी में बहुत सी गलतियां करते हैं। कुछ हमारे स्वास्थ्य (Health) से जुड़ी होती हैं, कुछ हमारी दिनचर्या से जुड़ी होती है और कुछ हमारे रिश्तों से जुड़ी होती हैं। कुछ गलतियों का कोई रिवर्स गियर नहीं है यानी कि समय बीत जाने पर या समय रहते भी हम उन्हें सुधार नहीं सकते लेकिन कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जिन्हें सही समय रहते सुधारा जा सकता है और इसमें से सबसे महत्वपूर्ण उन गलतियों को सुधारना है जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी हैं।

इस भागमभाग भरी जिंदगी में हमारे पास खुद के लिए भी समय नहीं है। सबसे आगे रहने की इस होड़ ने हमारे स्वास्थ्य को कहीं पीछे छोड़ दिया है और फिर एक के बाद एक बीमारी जब हमें परेशान करने लगती हैं तो हमें समझ आता है कि उस समय अगर अपने लिए थोड़ा समय निकाला होता तो आज हमें डॉक्टरों के पास जाकर अपना कीमती समय गवाना ना पड़ता।

कुछ गलतियों को हमें समय रहते सुधार लेना चाहिए वरना इसका खामियाजा न सिर्फ हमें बल्कि हमारे अपनों को भी भुगतना पड़ता है।

तो चलिए जानते हैं स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी कौन सी गलतियां हैं जो आपको बिना समय गवाएं सुधार लेनी जरूरी है-

1. पानी पीना भूल जाना: जी हां, दोस्तों कामकाजी होने के कारण तथा काम को जल्द से जल्द निपटाने की चाह में हम अक्सर खाना समय पर खाना और पानी पीना भूल जाते हैं, लेकिन चिकित्सकों की मानें तो हमें रोजाना 08 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। पानी की कमी के कारण आपको बहुत सी बीमारियां घेर सकती हैं। पानी ना पीने से आपको डिहाईड्रेशन हो सकता है, आपकी त्वचा ड्राई होने लगती है और आपको झुर्रियां होने लगती हैं।

2. नींद पूरी ना लेना:

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दोस्तों, कई लोग काम की वजह से अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते लेकिन एक रिसर्च में पाया गया है कि नींद पूरी ना होने से आपको स्ट्रेस, हार्ट से जुड़ी दिक्कत और बलड प्रेसर की समस्या हो सकती है। इसलिए रोजाना 07 से 08 घंटे की नींद पूरी लेनी चाहिए।

3. सुबह के नाश्ते को नजरअंदाज करना: सुबह दफ्तर जल्दी पहुंचने की भाग दौड़ में हम अक्सर नाश्ते को नजरअंदाज कर देते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। सुबह का नाश्ता ना करने से दिनभर थकान, कमजोरी महसूस होती है और शरीर पर बुरा असर भी डालती है।

4. लगातार एक ही पोजीशन में बैठे रहना: कई बार हम एक ही पोजीशन में बैठकर अपने प्रोजेक्ट या किसी जरूरी फाइल पर काम कर रहे होते हैं । हमें इसकी सुधि नहीं रहती कि हमने घंटों एक ही जगह बैठ कर बिता दिया है। ऐसे में खाना ठीक तरह से पच नहीं पाता। जिससे मोटापा बढ़ने लगता है। इसीलिए हमें अपने काम के बीच बीच में 10 से 15 मिनट का ब्रेक लेकर टहलना चाहिए।

5. मल्टीटास्किंग: जी हां, मल्टीटास्किंग का अर्थ है कि एक ही समय पर बहुत सारे कार्य को करना। हमसे से कई लोग मल्टीटास्किंग में माहिर होते हैं। खास तौर पर महिलाएं ऐसा करती हैं लेकिन पुरुष हो या महिला यह सभी के लिए घातक है मल्टीटास्किंग में एनर्जी तो लगती है, साथ ही इस स्ट्रेस भी बढ़ता है। जिसकी वजह से ब्रेन से संबंधित बीमारी या फिर दिल से संबंधित दिक्कतें महसूस हो सकती है।

फाइल फोटो- गूगल

Why is Holika Dahan and Holi worship so special in Hindu tradition?

कभी-कभी आप सोचते होंगे कि जब होलिका (Holika) अपने गलत इरादों के साथ प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी थी तो फिर हम हर साल फाल्गुन मास में होली की पूजा क्यों करते हैं ?

ऐसा क्या है?

क्यों लोग होली की पूजा और दहन की इतनी तैयारियां करते हैं?

आपके दिमाग में भी कभी ना कभी यह सवाल आया होगा लेकिन परंपरा है यह सोचकर आप ने भी इसकी पूजा और दहन में सहयोग किया होगा ।

अच्छी बात है कि हमें हमारे रीति-रिवाज, संस्कृति को बनाए रखना चाहिए ताकि हमारे पूर्वजों ने जो हमें विरासत में दिया वह हम अपनी आने वाली पीढ़ी को दे पाए और रही बात इस सवाल की तो चलिए इसका जवाब मैं आपको दे देती हूं।

तो आइए जानते हैं कि हिंदुओं के लिए होली पूजन और होलिका दहन इतना खास क्यों है? जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिरण्यकश्यप एक बहुत अहंकारी राजा था जो खुद को ईश्वर समझता था और वह अपनी प्रजा को भी कहता था कि वह भगवान को त्याग कर सिर्फ उसकी पूजा किया करें क्योंकि वही उनके लिए भगवान है लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हिरण्यकश्यप का बेटा प्रह्लाद विष्णु भक्त था तथा वह अपने पिता द्वारा कहे वचनों को सिरे से नकारता था। जो हिरण्यकश्यप को पसंद नहीं था। हिरण्यकश्यप की एक बहन थी जिसको एक शॉल वरदान के रूप में मिला था जिसको अगर वो ओढ़ ले तो अग्नि उसको नुकसान नहीं पहुंचा सकती । इसलिए उन्होंने योजना बनाई की होलिका प्रह्लाद को अग्नि में लेकर बैठेगी। होलिका के पास एक शॉल थी जिसको ओढ़ने पर आग से उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचता था। लेकिन जैसे ही वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी तो वह शॉल उड़कर प्रह्लाद पर जा गिरा जिससे प्रह्लाद तो बच गया लेकिन होलिका जल गई।

यही कारण है कि होली पूजन और दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस साल होलिका पूजन और दहन 17 मार्च, 2022 को किया गया। इसके एक दिन बाद रंगों का त्योहार मनाया जाता है। यह हिंदुओं का एक खास त्यौहार है जिसमें रंगों का प्रयोग कर हम एक दूसरे के प्रति भाईचारे और सद्भावना को प्रदर्शित करते हैं।

होली की पूजा कैसे करें :

होलिका की पूजा करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठना चाहिए।
एक लोटा जल, रोली, चावल, पुष्प, कच्चा सूत, गुड, साबुत हल्दी, गुलाल आदि का प्रयोग कर विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।
होलिका दहन की विधि : होलिका दहन के लिए लकड़ियां इकट्ठी की जाती हैं। लकड़ियों के आसपास कंडे और उपले रखे जाते हैं। लोग दहन के समय गेहूं की बालियों को होली की आंच में पकाते हैं तथा उन्हें घर लाकर प्रसाद के रूप में खाते हैं।

होलिका के दहन के पश्चात उसकी राख को घर लाने का प्रचलन भी है ऐसी मान्यता है कि इससे साल भर घर की बरकत बनी रहती है और अगर घर में किसी को लंबी बीमारी का सामना करना पड़ रहा है तो आरोग्य रहने की इच्छा से राख का तिलक नित्य उस व्यक्ति को लगाएं, जल्दी असर देखने को मिलेगा।

Let us know why the skin becomes lifeless in summer and why does one feel tired

मौसम ने करवट ले ली है.. अब अक्सर बाहर जाते समय या कुछ काम करते समय पसीने की बूंदों ने आपके चेहरे व शरीर पर अपना अधिकार जमाना शुरू कर दिया होगा । जी हां, मेरे कहने का मतलब है गर्मियों के दिनों को वापस आने में अब देर नहीं है और गर्मियों के दिन अपने साथ-साथ उमस भरे दिन, लू, और त्वचा (Skin) संबंधी दिक्कतें अपने साथ लाते हैं। अक्सर गर्मियों में हम सबसे ज्यादा परेशानी अपनी त्वचा संबंधी दिक्कतों को लेकर महसूस करते हैं। दोस्तों गर्मियों के दिन शुरू होते ही सबसे प्रमुख समस्याएं जो हम महसूस करते हैं वे इस प्रकार से है-

1.धूप में जाने से त्वचा का काला पड़ना।
2. शरीर पर पसीना रुकने से घमोरियां।
3. त्वचा का बेजान हो जाना ।
4. हाइड्रेशन की दिक्कत और
5. थकान।

तो ऐसा क्या किया जाए कि जैसे हम ने ठिठुरन भरी सर्दीयों को खूब इंजॉय किया वैसे ही हम उमस भरी, तपती जलती धूप वाले, मौसम को भी इंजॉय कर सकें?

ऐसा क्या किया जाए जिससे हमारी परेशानियां तो दूर हो ही जाए, साथ ही हमारा स्वास्थ्य भी दुरुस्त बना रहे?

आपके इसी तरह के सवालों के जवाब आज मैं ले कर आई हूं। जी हां, दोस्तों मैं आपकी होस्ट और दोस्त आपको ऐसे पांच उपायों के बारे में बताऊंगी, जिससे आप गर्मी में होने वाली समस्याओं से तुरंत राहत पा सकेंगे और गर्मी के दिनों में भी तरोताजा महसूस कर सकेंगे तो चलिए जानते हैं;

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1. व्यायाम: जी हां, व्यायाम करने से इम्यूनिटी सिस्टम दुरुस्त होता है । साथ ही साथ व्यायाम शरीर में स्ट्रेस हारमोंस को बढ़ने से रोकता है। यह हमें हीटस्ट्रोक और बहुत सारे इंफेक्शन से भी बचाता है। इसलिए संतुलित तापमान में व्यायाम जरूर करना चाहिए। गर्मियों के दिनों का सबसे बेहतरीन और पसंद किया जाने वाला व्यायाम स्विमिंग है । यह आपको स्वस्थ तो रखेगा ही तथा गर्मियों से भी राहत दिलाएगा।

2. योग: जी हां, योग हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है। हमारे शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है । और शरीर को लचीला बनाने में हमारी मदद करता है। खासतौर पर गर्मियों में आप पवनमुक्तासन कर सकते हैं यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ ठंडक भी प्रदान करता है।

3. सही खान-पान आपको अपने खान-पान पर ध्यान देना होगा लेकिन गर्मियों में हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि हम एक संतुलित आहार पर जोर दें । गर्मियों में जो मौसमी फल बाजार में उपलब्ध होते हैं उनमें पानी की मात्रा अधिक होती है इसलिए इनका सेवन हमें जरूर करना चाहिए। गर्मियों में सामान्य खाना ही खाएं। ज्यादा तला भुना, मिर्च मसाले वाले खाने से परहेज करें तथा बाहर बाजार में उपलब्ध डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों को ना कहें।

4. तनाव से बचें : आज के समय में हम सब की एक सामान्य समस्या है तनाव। आज कल हर व्यक्ति इससे परेशान है।आज की भागम भाग जीवन शैली में यह होना स्वाभाविक हैं। लेकिन ध्यान रखें की इसे अपने ऊपर हावी ना होने दें। तनाव से बचने के लिए हमें शरीर और मस्तिष्क को शांत रखना चाहिए।
अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कम से कम करें।
किताबें पढ़ें।
म्यूजिक सुने और ध्यान करें।

5. पानी अधिक सेवन करें: जी हां, गर्मियों में सबसे बड़ी दिक्कत जो हमारे सामने आती है या हम महसूस करते हैं वह है “डिहाइड्रेशन की दिक्कत”। गर्मियों में हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम पानी अधिक से अधिक पिएं ।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए औसतन 03 से 04 लीटर पानी पीना चाहिए।
पानी हमारे शरीर में तापमान को नियंत्रित करता है।
मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।
और शरीर को डीटॉक्सिफाई भी करता है।

फाइल फोटो- गूगल

You will be surprised to see that nail paint is useful for removing nail paint.

आज पार्टी में जाना है, तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है तभी आपकी नजर आपके नाखूनों पर लगी उस पुरानी नेल पेंट (Nail Paint) पर पड़ती है जो आधी उतर चुकी है और आधी डल हो चुकी है। तभी आप यह सोचकर अपनी अलमारी खंगालती हैं कि नेल पेंट रिमूवर से आप झटपट यह पुरानी नेल पेंट रिमूव कर देंगी। लेकिन यह क्या ? आप की नेल पेंट रिमूवर की बोतल तो खाली पड़ी है.. क्यों हुआ है ना बहुत बार आपके साथ भी ऐसा जिसके बाद आप परेशान होती हैं क्योंकि कई बार उसी समय नया नेल पेंट रिमूवर खरीदने का आपके पास समय नहीं होता और ना ही घर से निकलने का वह सही समय होता हैं। तो ऐसे में आप क्या आप क्या करेंगे ?

तो चलिए आज मैं आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताती हूं जिससे झटपट आप अपनी इस परेशानी को दूर कर पाए।

हालांकि, हम सब जानते हैं कि नेलपेंट को रिमूव करने का सबसे अच्छा और सहज तरीका नेल पेंट रिमूवर की मदद से नेल पेंट को रिमूव करना होता है पर बहुत सारी परिस्थितियों में हम नेल पेंट रिमूवर को अपने आसपास नहीं पाते हैं, उस समय हमें कोई भी तरीका अपनाना अच्छा लगता है बजाय उस पुरानी नेल पेंट के साथ पार्टी में जाना।

तो ज्यादा समय ना लेते हुए चलिए अब हम उन तरीकों के बारे में बात करते हैं जिन्हें अपनाकर आप झटपट इस परेशानी से निजात पा सकती हैं:

1. अल्कोहल: जी हां, आपको जानकर होगी कि अल्कोहल आपकी इस परेशानी का सीधा सा उपाय है।
आपको करना क्या है? आपको थोड़ी से मात्रा में को अल्कोहल को कॉटन बॉल पर लेना है और धीरे-धीरे इसे अपने नाखूनों पर रगड़ना है। कुछ देर बाद आप देखेंगे कि आपकी नेलपेंट पूरी तरह से हट चुकी है।

2. सिरका: सिरका जो आसानी से हम सब के रसोई घर में मिल जाता है, वो आसानी से आपकी नेल पेंट को रिमूव कर देगा।
आपको करना क्या है- आप कुछ मात्रा में सिरका लीजिए उसके साथ नींबू की कुछ बूंदें मिक्स कीजिए। अब इसे अपने नाखूनों पर अप्लाई करते हुए धीरे-धीरे रब करें।

3. गर्म पानी: जी हां, आपको बहुत अटपटा लग रहा होगा कि कैसे गरम पानी नेल पेंट को रिमूव कर सकता है। लेकिन यह सच है कि गर्म पानी से आप अपनी इस समस्या को झटपट सुलझा सकती है।
आपको करना क्या है- थोड़ा गर्म पानी लीजिए और इसमें कुछ बूंदें नींबू और एक चमच सर्फ की डाल दीजिए। अब अपने हाथो को उसमे डूबो दीजिए 15 मिनट के लिए। उसके बाद धीरे धीरे अपने नाखूनों को कॉटन बॉल की मदद से रब कीजिए आपकी पुरानी नेल पेंट रिमूव हो जायेगी।

4. टूथपेस्ट: आप अपने बाथरूम में जाकर भी इस मुसीबत का हल ढूंढ सकती है।
आपको करना क्या है: थोड़ी सी टूथपेस्ट अपने नाखूनों पर अप्लाई करे और धीरे धीरे रब करे कुछ ही देर में आपके नाखून बिलकुल साफ हो जायेंगे।

5. नेल पेंट: जी हां, हैरानी हुई होगी आपको ये देख कर कि नेल पेंट को रिमूव करने के लिए नेल पेंट कैसे काम आ सकती है। लेकिन यह सच है।
आपको करना क्या है: आपको अपनी कोई भी नेल पेंट लेनी है और उसे एक एक करके नेल्स पर लगाना है और उस वक्त कॉटन से साफ कर देना है। आप पाएंगे की आपकी नेल पेंट बहुत ही आसानी से रिमूव हो चुकी है।

Know what is the 'power house' of nutrition according to doctors

हमारे घरों में रोज सब्जियां बनती हैं कुछ हमें बहुत अच्छी लगती हैं तथा कुछ हमें बिल्कुल भी नहीं भाती वैसे तो हर सब्जी की अपनी खासियत होती है, अपने गुण होते हैं लेकिन कुछ सब्जियों के बीज उनसे अधिक उपयोगी होते हैं। बीज शब्द सुनकर ही मन में बीज का इस्तेमाल कर सब्जियां उगाने का ख्याल जेहन में आता है पर कुछ बीज हमारी सेहत में सुधार लाने के लिए तथा स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए खाए भी जाते हैं। उन्हीं में से एक है कद्दू के बीज। जी हां, कद्दू की सब्जी का नाम सुनकर हम नाक भौं सिकोड़ने लगते हैं लेकिन सच तो यह है कि जिन सब्जियों के नाम सुनकर हम अक्सर नाक भौं सिकोड़ने लगते हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए अधिक पौष्टिक होती हैं तो चलिए फिर सब्जियों की बात छोड़ कर अब हम बात करते हैं उनके बीजों से संबंधित; कद्दू के बीज खाने के चमत्कारी फायदे होते हैं इन चमत्कारी बीजों का लाभ पाने के लिए पुरुष और महिलाएं दोनों ही इसे पोषण वाले स्नेक्स के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक तरह का ऐसा स्नेक्स है जो लंबे समय तक आपका पेट भरा-भरा महसूस करवा सकते है। तो चलिए अब हम बात करते हैं कि कद्दू के बीज कैसे होते हैं-

यह छोटे आकार के तथा अंडाकार आकार के बीज होते हैं इन्हें पेपिटस या पंपकिन सीड भी कहा जाता है। चिकित्सकों की मानें तो यह एक तरह से पोषण का पावर हाउस है।

तो अब हम जानेंगे कि कद्दू के इन छोटे-छोटे बीजों में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं:
1. इसमें ओमेगा-6 फैटी एसिड पाया जाता है।
2. यह प्रोटीन से भरपूर होते है।
3. इसमें आयरन, कैल्शियम, B-2, फोलेट और बीटा कैरोटिन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
4. इसमें जरूरी फैटी एसिड उच्च स्तर पर मौजूद होते हैं। यह हमारी रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखता है।
5.जस्ता, मैग्नीज, मैग्नीशियम, तांबा, एंटी ऑक्सीडेंट और फाइटोस्ट्रोल से भरपूर होता है।

तो चलिए अब हम इसके फायदों के बारे में जानते हैं-

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1. यह मधुमेह में सहायक है: यह तनाव कम कर के ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है।

2. वजन कम करने में असरदायक है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आप को तृप्त महसूस कराता है और आपको अनहेल्दी खाने से रोकता है।

3. बालों की ग्रोथ में कामयाब: इन बीजों में क्यों क्यूक्रबिटासीन एक एमिनो एसिड पाया जाता है जो बालों के विकास में मदद करता है। यह बीच विटामिन-सी से भी भरपूर होते हैं।

4. एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं : कद्दू के बीजों में विटामिन-ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसमें एक कैरोटीनायड नामक एक तत्व पाया जाता है जो सूजन कम करने में मददगार है।

5. दिल को दुरुस्त रखता है: इसके बीजों में फैट्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट तथा मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो बेड कॉलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।

6. यह बेहतर नींद लेने में भी काफी असरदार है: कद्दू के बीजों में सेरोटोनिन नामक एक तत्व पाया जाता है जो एक न्यूरोकेमिकल है जिसकी वजह से हमें बेहतर तरीके से नींद आती है।

7. एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण: कद्दू के बीजों में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया के दर्द में, जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाते हैं तथा यह सूजन को भी कम करते हैं।

8. शुक्राणुओं की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं: कद्दू के बीजों में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शुक्राणु की गुणवत्ता को बढ़ाने में बहुत हद तक असरदायक है।

9. सबसे बड़ी खासियत कद्दू के बीज की यह है कि यह हमें इंफेक्शन से बचाता है और आंतों में होने वाले कीड़े जैसे कि टेपवार्म कीड़ों को खत्म करता है।

10. अब हम इसकी तासीर के बारे में जान लेते हैं तो बता दें कि इसके बीजों की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे एक निश्चित मात्रा में खाना ही बेहतर होता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

What is flaxseed, in which problems does flaxseed bring relief?

जब कभी आपने किसी के सामने अपने जोड़ों में होने वाले दर्द का जिक्र किया होगा तो यकीनन उसने आपको अलसी के बीज खाने को बोला गया होगा। हालांकि हम में से अधिकतर लोग अलसी के बारे में और उस से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। जब भी हमें इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो एक विचार जो हमारे जहन में सबसे पहले आता है वह यह है कि डॉक्टर से दवाई ले आनी चाहिए।

देखिए, किसी भी शारीरिक परेशानी के बारे में चिकित्सक से परामर्श जरूर लेना चाहिए लेकिन कुछ परेशानियों से हमें अपनी आदतों में बदलाव करके या कुछ घरेलू नुस्खे अपनाकर निजात मिल सकती है। हमारी अधिकतर समस्याओं का इलाज हमारे घर में मौजूद रसोई में ही हो सकता है। तो चलिए, आज जानते हैं अलसी से जूड़ी अहम जानकारियां-

अलसी क्या है ?
किन परेशानियों में राहत पहुंचाती है अलसी ?
इसके क्या फायदे हैं, इसके क्या नुकसान हैं?
इसको कैसे इस्तेमाल किया जाता है?

तो सबसे पहले हम जानेंगे अलसी क्या है? अलसी एक जड़ी बूटी के रूप में काफी लोकप्रिय है। अनेक बीमारियों में अलसी रामबाण औषधि का काम करती है। कई वर्षों से लोगों द्वारा निरोग रहने की इच्छा से इस का उपयोग किया जाता है। यह एक प्रकार का बीज है जिसका रंग लाल भूरा या गहरा भूरा हो सकता है। साबुत अलसी का अंदरूनी हिस्सा नरम होता है लेकिन इसका छिलका थोड़ा सख्त हो सकता है जिस को पचाने में हमारे लीवर को थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

तो चलिए अब हम जानते हैं यह किन परेशानियों में हमें राहत पहुंचाती है?

What is flaxseed, in which problems does flaxseed bring relief?

1. हृदय रोग में राहत पहुंचाती हैं:
यह मोनोसैक्चरेटेड होती है जिसकी वजह से यह हमारे दिल पर अधिक भर नहीं बढ़ने देती जिससे हमारा ह्रदय बेहतर तरीके से कार्य करता है।

2. ब्लड कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक है:
कई बार लोगो को कोलेस्ट्रोल की समस्या आती है इसमें अलसी का प्रयोग बेड कोलेस्ट्रोल को घटाती है और गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ात है।

3 .पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है:
हालांकि इसके बीज ऊपर से सख्त होते है जो जल्दी से पचते नहीं है लेकिन इसको भूनकर या चूर्ण बना कर सेवन किया जाए तो यह हमारे पाचन क्रिया को बेहतर करता है।

4. त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद है:
इसमें खूब सारे मिनरल और विटामिन होते है इसलिए यह हमारी त्वचा को भी पोषण देती है तथा उसे स्वस्थ बनाती है।

5. वजन कम करने में भी बहुत अधिक सहायक होती है:
अलसी में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो आपको पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है ।

6. कैंसर का खतरा कम करती हैं: इसमें मिनरल और विटामिन की भरपूर मात्रा होने के कारण शरीर में किसी तरह के हानिकारक केमिकल को बनने नहीं देता जिससे कैंसर का खतरा कम रहता है।

7. टाइप- मधुमेह में राहत दिलाती है: जी हां, मधुमेह के रोगियों के लिए यह रामबाण है।

8. हमारे शरीर की अंदरूनी सफाई करती है: इसका नियमित सेवन हमारे शरीर को अंदरूनी साफ करती है।

9. हमारे बालों से संबंधित समस्याओं को कम करती है: अक्सर हमारे बालों में रूसी, डेंड्रफ, खुजली जैसी दिक्कत होती है जिसका अलसी का सेवन एक बहुत सस्ता और आसान उपाय है।

इस के फायदे और नुकसान के बारे में जानने के साथ-साथ हमें यह भी जान लेना चाहिए कि इस की तासीर कैसी होती है? तो बता देते हैं कि अलसी की तासीर गर्म होती है।

अब हम इसके अन्य फायदों के बारे में जानते हैं:
सबसे पहले हम यह बता दें कि यह शरीर में प्रोटीन की पूर्ति करती हैं।
अलसी फाइबर से भरपूर होती है।
इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है।
इसमें बहुत सारे मिनरल्स और विटामिंस भी पाए जाते हैं।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी प्रकार अलसी को अपने आहार में शामिल करने के जितने फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं हम सभी जानते हैं और मानते भी हैं कि किसी भी चीज की अति बुरी होती है जो महिलाएं गर्भधारण किए होती है उनको अलसी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
जो महिलाएं बच्चों को स्तनपान कराती हैं उनको भी अलसी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
इसकी अधिकता से आंतों में रुकावट आ सकती है ।
यह एलर्जी रिएक्शन भी कर सकती है।

अब हम जानते है कि इसको लेना का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है?
जैसा कि हम पहले भी बता चुके है कि इसका छिलका सख्त होता है जो पचने में दिक्कत करता है तो आपके लिए बेहतर है कि आप इसको हल्का भून लें और फिर इसको पिस कर इसका पाउडर बना लें तथा एक निश्चित मात्रा में दिन में एक बार ले सकते हैं।

coconut and model

नारियल खाना किसे पसंद नहीं होता? नारियल के साथ-साथ नारियल के पानी पीने के भी बहुत सारे फायदे होते हैं। गर्मियों में अक्सर डॉक्टर हमें नारियल खाने या नारियल पानी का सेवन करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह शरीर में को न सिर्फ ठंडक प्रदान करता है बल्कि इसके साथ ही बहुत सारे पोषक तत्व भी प्रदान करता है।

वैसे तो नारियल के जितने भी भाग हैं सभी के अपने-अपने बहुत सारे औषधीय गुण हैं नारियल के फूल को भी औषधीय गुणों के भंडारण के लिए जाना जाता है इसके बीच को भी बहुत सारी समस्याओं में छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है तथा नारियल को भी हम औषधि के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं यह हमारी बहुत सारी समस्याओं को दूर करता है।

जानते हैं नारियल के फूल और नारियल खाने के फायदे:

1.नारियल का फूल एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी पैरासाइट के गुणों से भरपूर होता है।

2. अगर हम नारियल के फूल का या नारियल का नियमित सेवन करते हैं तो यह हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है।

3. नारियल के फूल को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने वाला भी कहा जाता है अगर आपको कभी तुरंत थकान महसूस होती है और आप कमजोरी महसूस करते हैं तो आप नारियल खाकर इंस्टेंट एनर्जी ले सकते हैं।

4. नारियल का फूल पोषक तत्वों से भरपूर होता है इसमें विटामिन और मिनरल्स के पाचन में अवशोषित होने में सुधार करता है।

Model with Coconut

5. इंसुलिन की कमी को पूरा करे: यह मधुमेह के रोगियों के लिए एक रामबाण औषधि है यह शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके इंसुलिन की कमी को पूरा करता है।

6. फ्री रेडिकल्स को करें खत्म:  नारियल के फूल का नियमित सेवन फ्री रेडिकल्स को हटाकर शरीर को कैंसर से बचाने में हमारी मदद करता है।

7. हार्ट अटैक के जोखिम को करे कम: जहां नारियल शरीर को ठंडक पहुंचाता है वही नारियल का फूल शरीर में हार्ट अटैक के जोखिम को कम करता है व हमारे दिल को तंदुरुस्त रखता है।

8. थायराइड दूर भगाता है: काफी लोग थायराइड की बीमारी से ग्रस्त होते हैं जिससे उन्हें बहुत बार अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है। तो उनको यह सलाह दी जाती हैं कि वह नियमित नारियल के फूल का इस्तेमाल करें इससे वह काफी हद तक अपनी परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

9. किडनी से संबंधित बीमारी से छुटकारा दिलाता है: जी हां, यह हमें किडनी से संबंधित बीमारियों से जल्द राहत दिलाता है।

10. ब्लैडर इन्फेक्शन से बचाता है: कई लोगो को मूत्र या यूरिन इन्फेक्शन जैसी परेशानी होती है तथा सही समय पर इलाज़ न करवाने के कारण वह अंदर तक फैल जाती है, ऐसी समस्या में आपको सलाह दी जाती है की आपको नारियल का नियमित सेवन करना चाहिए जिससे आपको आपकी परेशानी से जल्द छुटकारा मिल जाए।

11. वजन कम करने में सहायक: जी हां, नारियल के फूल के साथ साथ नारियल के पानी का सेवन आपको वजन कम करने में मदद कर सकता है।

12. बालों व त्वचा को हल्दी रखें: नारियल के नियमित सेवन से आप अपनी त्वचा को हेल्दी रख सकते है तथा यह आपके बालों पर भी जादू सा असर करता है।

तो आज से आप नारियल को अपने आहार में शामिल करें और अपनी अनेक परेशानियों से छूटकारा पाएं।

This tree with medicinal properties increases sexual stamina..

आज हम बात करने जा रहे हैं ऐसे पेड़ के बारे में जो जहरीली कार्बन डाईऑक्साइड सोखता है और जीवनदायिनी ऑक्सीजन छोड़ता है। जिसकी छाया बहुत ठंडी होती है जो 10 से 20 मीटर ऊंचाई का होता है। तो क्या आप जानते हैं कि हम किस पेड़ की बात कह रहे हैं?
दोस्तों हम पीपल के पेड़ के बात कर रहे हैं। दोस्तों हम सभी पीपल के पेड़ को भली-भांति जानते हैं और पहचानते हैं। अधिकतर लोग पीपल की पूजा भी करते हैं लेकिन इसके औषधीय प्रयोग के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं।

आज इसके कुछ खास गुणों के बारे में जानते है जो आपकी शारीरिक परेशानियों को काफी हद तक कम करने में बहुत मददगार है-

1. रंग में लाएं निखार: दोस्तों निखरी हुई त्वचा निखरा हुआ रंग किस को पसंद नहीं होता? लेकिन कई बार हम महसूस करते हैं कि हमारी त्वचा की रंगत कहीं खो सी गई है ऐसे में हमें पीपल की छाल को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाना चाहिए यह बहुत हद तक हमारी रंगत को निखारता है।

2. घाव, सूजन, दर्द में आराम: अगर कहीं भी आप अपने शरीर पर घाव, सूजन या दर्द को महसूस करती हैं तो आपको पीपल का प्रयोग इस से राहत दिला सकता है। इसके लिए आपको पीपल की छाल और पीपल की दाढ़ी को सुखाकर उनका चूर्ण बनाकर नियमित सेवन करना होगा इससे शरीर की सूजन और दर्द में बहुत आराम मिलता है।

3. खून को साफ करे: पीपल की छाल और पत्तों का काढ़ा खून साफ करने में भी बहुत अधिक मदद करता है।

4. मूत्र व योनि विकार में लाभदायक: कई बार अनेकों महिलाएं मूत्र या योनि से संबंधित संक्रमण से परेशान रहती हैं और वह दर्द को भी महसूस करती हैं इसके लिए उन्हें पीपल की छाल का चूर्ण बनाकर नियमित लेना चाहिए इससे वह काफी हद तक अपनी इस परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं

5.पेट साफ करने में मदद: आजकल कब्ज़ जैसी समस्या लोगों के लिए बहुत आम हो गई हैं और अधिकतर लोग इस परेशानी से बहुत अधिक परेशान रहते हैं इसके लिए उन्हें पीपल के चूर्ण को नियमित सेवन करना चाहिए। यह हमारे पेट को साफ रखता है पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है।

6. सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाता है: आप पीपल की दाढ़ी का नियमित सेवन करते हैं तो इससे आपका सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ता है और आपको मानसिक संतुष्टि भी मिलती है।

7. दातुन: इसकी दातुन से दांत साफ करने से दांत मजबूत होते है व चमकदार भी होते है।

8. दमा व खांसी की समस्या में राहत दिलाए: जी हां, दोस्तों आप अपनी चाय में पीपल की दाढ़ी के चूर्ण को व इसके पत्तों को शामिल करें या इसका अलग से काढ़ा बना लें और दिन में दो बार पीएं आपको काफी राहत महसूस होगी।

9. गैस की समस्या से छुटकारा: जी हां, कई लोगो को पेट में गैस बनने की शिकायत होती है इसके लिए आप पीपल की छाल से बने चूर्ण को इस्तेमाल करे।

10. विष का प्रभाव कम करें: अगर कभी कोई जंहरीला जीव जंतु आपको काट लेता है तो आप प्रभावित स्थान पर पीपल की छाल के लेप लगाएं इससे विष की असर कम होता है।

11. त्वचा के रोगों में असरकार: अगर आपको त्वचा संबंधी कोई भी विकार है या त्वचा के इन्फेक्शन की परेशानी है या एलर्जी की परेशानी है तो आप पीपल की छाल का उपयोग करे।

12. ये तनाव में भी राहत दिलाता है: जी हां, पीपल का प्रयोग स्ट्रेस बस्टर के रूप में भी किया जाता है।

13. नकसीर में दिलाए आराम: कभी कभी गर्मियों के मौसम में लोगो को नकसीर फूटने की दिक्कत होती है, इसके लिए पीपल के पत्ते के रस को नाक में टपकना चाहिए। इससे इस समस्या में आराम मिलता है।

14. पीलिया के रोग में लाभकारी: जी हां, ये हमारी दादी नानी हमें अक्सर बताती आई है कि पीलिया होने पर पीपल के पत्तों का उपयोग भूत लाभकारी होता है।

Prepare yourself before becoming a mother

प्रेगनेंसी एक महिला के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी के साथ-साथ सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी होती है। जब महिलाएं कंसीव करने के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में ढेरों सवाल होते हैं और यह स्वाभाविक भी है क्योंकि कई बार महिलाएं आसानी से कंसीव कर लेती हैं और कुछ महिलाओं को इस में दिक्कत आती है। लेकिन इस स्थिति में निराश होने की बजाय उन्हें अपने कंसीव करने के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। तो आज हम चर्चा करते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिस में बदलाव करके महिलाएं अपने कंसीव करने केअवसर को बढ़ा सकती हैं।

1.जब कभी आप प्लान करें कि अब आप कंसीव करना चाह रहे हैं तो सबसे पहले जो आपको करना है वह यह है कि अगर आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन तुरंत बंद कर दें।

2. जब कभी हम प्रेगनेंसी के लिए प्लान करने के बारे में सोचते हैं, हमारे शरीर को तैयार करने के लिए हमें बहुत सारे मल्टीविटामिन की जरूरत पड़ती है जो हमें और हमारे शरीर को अंदर से तैयार करते है।

3. जब कभी हम प्रेगनेंसी प्लान करते हैं तो सबसे जरूरी चीज जो हमें करनी चाहिए वह है हमारे आहार में कुछ बदलाव करना एक अच्छे भोजन को हमारी सूची में शामिल करना।

4. हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि हम जब भी अपनी प्रेगनेंसी प्लान करने के बारे में सोचें उससे पहले डॉक्टर के पास जाकर अपना पूरा चेकअप करा लें ताकि उससे यह पता चल सके, कि आपको कोई परेशानी होगी तो डॉक्टर उसका आपको सही इलाज बताएगा और आपको अंदर से तैयार होने में मदद मिलेगी।

5. मां बनने के लिए तैयार होने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आप को अपने आहार में एल्कोहल का सेवन बिल्कुल बंद करना चाहिए।

6. डॉक्टर आपको अक्सर सलाह देते हैं कि धूम्रपान आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। जी हां, ऐसे में आप जब प्रेगनेंसी प्लान करती हैं तो यह और भी ज्यादा हानिकारक बन जाता है तो ज्यादा अच्छा यही है कि आप जब भी प्रेगनेंसी प्लान करें उस टाइम आप धूम्रपान की आदत बेशर्त छोड़ें।

7. मां बनने के लिए अपने शरीर को तैयार करने के लिए आपको तली भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए और डीप फ्राई या डीप फ्रीज की हुई चीजों से भी दूरी बनानी चाहिए।

8. जब भी हम मां बनने के लिए अपने शरीर को तैयार करते हैं तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम किसी भी संक्रमण से बचे रहें।

9. अगर आप बहुत समय से प्रयास कर रही हैं और आप कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो सबसे पहले अपने आप को दोष देना बंद करें।

10. कई बार कुछ हार्मोनल गड़बड़ी की वजह से आप कंसीव नहीं कर पाती हैं तो अपनी दिनचर्या में फेरबदल करके आप ऐसा जरूर कर पाएंगी। लेकिन इससे पहले आपको अपने आप को दोष देना बंद करना होगा।

11. सबसे जरूरी बात इन परिस्थितियों में आप तनाव लेने से बचें। तनाव लेने से हार्मोन बिगड़ जाते हैं। आपके अंडे की जो क्वालिटी होती है, वह भी बिगड़ जाती है। जिससे वह ढंग से फर्टिलाइज नहीं हो पाता तो इसलिए ऐसी परिस्थितियों में आप जितना हो सके अपने आप को खुश रखने की कोशिश करें।

12. ध्यान रहे जब भी आप मां बनने के लिए अपने आप को अपने शरीर को तैयार कर रही होती हैं तो विटामिन और फोलिक एसिड लेना आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है।

13. ‘लास्ट बट नॉट लीस्ट’ जी हां, दोस्तों सबसे आखिरी बात और सबसे जरूरी बात आप अपने शरीर को तैयार करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी बिल्कुल भी ना होने दें पानी की कमी की वजह से हमारा ब्लड फ्लो जो है वह मंद गति से हो से हो जाता है और उससे कई सारी परेशानियां सामने आती हैं तो जितना ज्यादा हो सके आप पूरा दिन में 10 ग्लास पानी जरूर पिएं।

14. अपने आहार में डायरी डेरी प्रोडक्ट जरूर शामिल करें।

15. मल्टीविटामिन व विटामिन-A और विटामिन-C जरूर शामिल करें। यह आपको इंफेक्शन से सुरक्षा प्रदान करता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Every day it is not possible that your skin looks flawless and glowing but..

कभी-कभी हम यह महसूस करते हैं कि हमारी त्वचा रूखी और बेजान हो गई है ऐसा हर दिन मुमकिन नहीं कि आपकी त्वचा बेदाग और चमकदार दिखाई दें लेकिन जब त्वचा डल होती है तो आप बीमार सी दिखने लगती हैं लेकिन कई बार जब हमें बाहर जाना होता है तब अचानक से हमें एहसास होता है कि चेहरे की वह रंगत ही गायब है और उस समय कोई क्रीम भी आपको मनचाहा परिणाम नहीं दे पाती ऐसे में हमारी रसोई में मौजूद प्रोडक्ट हमारे काम आ सकते हैं और हम इंस्टेंट फेयरनेस पा सकते हैं तो चलिए जानते हैं उन तत्वों के बारे में जो आपको आसानी से हमारी रसोई में मिल जायेंगे।

1. केला: केले में विटामिन- A, B और पोटेशियम होता है। यह आपकी त्वचा को मुलायम बनाता है चेहरे के दाग धब्बों को कम करता है। चेहरे पर झुरिया नहीं पड़ने देता है। तो आप इसे बने फेसपैक का इस्तेमाल बिना किसी दर के आराम से कर सकती है।

केले का फेस पैक बनाने की विधि:

एक पका केला, एक नींबू का रस और शहद ले लीजिए। इन तीनों को आपस में मिक्स करें ।

उपयोग का तरीका: अपने चेहरे को साफ करें तथा इस पैक को चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो दें।

2. बेसन : बेसन हमारी त्वचा के पीएच के स्तर को नियंत्रित करता है। हमारे चेहरे पर हमारी त्वचा पर तेल के उत्पादन को नियंत्रित करता है। गंदगी हटा कर हमारी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है।

बेसन का फेसपैक बनाने की विधि:

दो चम्मच बेसन लें और दो चम्मच गुलाब जल लें। इसको आपस में मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं।

उपयोग का तरीका: अपने चेहरे को साफ करें तथा इस पैक को चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो दें।

3. मुल्तानी मिट्टी: मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा पर तुरंत निखार लाने का सबसे उपयोगी तरीका है। काले धब्बे व पिंपल्स को हटाने में यह बहुत लाभदायक होती है।

मुल्तानी मिट्टी का फेसपैक बनाने की विधि: मुल्तानी मिट्टी ले, दो चम्मच दही और चुटकी भर हल्दी लें। इनका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं।
इस्तेमाल का तरीका 20 मिनट लगाएं गुनगुने पानी से धोएं और उसके बाद मोशुराइजर लगाएं।