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Author Archives: Pooja Sharma

Know what is mentioned in the Puranas about sexual relations and rape?

भले ही आज विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली हो , लेकिन आज भी कुछ सवालों के जवाब हम पुराणों, प्राचीन ग्रंथों में ही ढूंढ सकते हैं।
हमारे पुराणों में जीवन, मृत्यु और कर्मों के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। विज्ञान की वजह से दुनिया कितनी भी आगे चली गई हो , लेकिन पुराणों में निहित ज्ञान का कोई दूसरा स्रोत नहीं है। उन्हीं पुराणों में से एक है गरुड़ पुराण। जीवन में अनेक मुसीबतें झेलनी पड़े तो इसके लिए इसमें सही कर्मों का उल्लेख किया गया है।
इसमें संभोग गलत तरीके से या किसी गलत इरादे से करने के बाद क्या परिणाम होता है इसका भी उल्लेख किया गया है। इन्हीं कर्मों के आधार पर अगले जन्म के बारे में भी बताया गया है।

तो आइए जानते हैं कि पुराणों के अनुसार यौन संबंधों के बारे में क्या उल्लेख है:

1. दोस्तों गरुड़ पुराण में बलात्कारी का क्या अंजाम होता है इसका विस्तार से उल्लेख है। जी हां ,बलात्कार करने वाला ना सिर्फ सामाजिक और आर्थिक कष्ट झेलता है, बल्कि मृत्यु के बाद भी वह मुक्ति के लिए तरसता रहता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक बलात्कारी ना सिर्फ अपनी बल्कि किसी और की भी जिंदगी को बर्बाद कर देता है। जिसकी वजह से मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिल पाती और वह मोक्ष प्राप्ति के लिए तरसती रहती है।

2. दोस्तों बच्चों का यौन शोषण करना किसी भी दृष्टि से हम सही नहीं मानते। संसार में बहुत सारे लोग आज भी ऐसे हैं जो बच्चों का यौन शोषण करने से पहले एक बार भी नहीं सोचते लेकिन गरुड़ पुराण में इसका विस्तार से उल्लेख है । जो भी पुरुष या स्त्री बच्चों का यौन शोषण करते हैं वह मृत्यु के बाद बहुत ही ज्यादा प्रताड़ना झेलते हैं। अगले जन्म के बारे में गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि जो लोग बच्चों का यौन शोषण करते हैं वह अगले जन्म में अजगर के रूप में जन्म लेते हैं।

3. दोस्तों आजकल लव मैरिज यानी कि प्रेम विवाह एक परंपरा सी बन गया है। ऐसे में लड़का-लड़की बिना कुछ सोचे समझे एक दूसरे के प्रेम में पड़कर बहुत सारी गलतियां कर देते हैं। कई बार देखा गया है कि लड़का अपने ही गोत्र की लड़की के साथ विवाह कर लेता है, लेकिन दोस्तों गरुड़ पुराण के अनुसार यह बहुत बड़ा गलत काम होता है। इस तरीके के कर्म करने के बाद इंसान को मुक्ति नहीं मिल पाती। जी हां, जो अपने ही गोत्र की लड़की के साथ विवाह करता है उसको अगले जन्म में लकड़बग्घे के रूप में जन्म लेना पड़ता है।

4. आजकल पति पत्नी के बीच दरार पड़ने का सबसे मुख्य कारण है कि पति या पत्नी में से किसी के भी संबंध किसी तीसरे के साथ होना। जी हां, अगर कोई औरत पराए मर्द के साथ संभोग करती है या उससे शारीरिक संबंध बनाती है तो गरुड़ पुराण के अनुसार यह उसका सही कर्म नहीं है उसके इन्हीं कर्मों की वजह से उसको अगले जन्म में दो मुख वाली सर्पणी का जन्म मिलता है।

5. दोस्तों गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि जो पुरुष या स्त्री अपने गुरु की पत्नी या पति के साथ यौन संबंध जैसा कर्म करते हैं उन्हें कभी भी मुक्ति नहीं मिलती अर्थात मृत्यु के बाद वह काफी समय तक भटकता रहता है या रहती है और इन्हीं कर्मों की वजह से उनको अगला जन्म गिरगिट के रूप में प्राप्त होता है।

6 दोस्तों जो पुरुष अपनी कामवासना पर लगाम नहीं लगा पाता अर्थात वह किसी स्त्री या किसी महिला के प्रति जल्दी आकर्षित होता है तथा रोज उसके साथ संभोग वाला कर्म करता है अपने इन्हीं कर्मों के कारण वह अगले जन्म में घोड़े के रूप में जन्म लेता है।

7. गरुड़ पुराण में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई पुरुष अपने दोस्त को धोखा देकर उसकी पत्नी के साथ यौन संबंध स्थापित करता है तो वह मृत्यु के पश्चात अगले जन्म में गधे के रूप में जन्म लेता है।

Know why this year's Guru Purnima is so special?

आज गुरु पूर्णिमा है। यह हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों में से एक है।

क्या आप जानते हैं कि क्यों हिंदुओं के लिए गुरु पूर्णिमा इतनी खास है ?
क्यों हिंदुओं के लिए इसका इतना महत्व है?

आपको बताते हैं कि यह दिन इतना खास क्यों है

दरअसल, आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता वेद व्यास जी का जन्म हुआ था उन्हीं की जन्मतिथि के उपलक्ष में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन गुरु और शिक्षकों का सम्मान भी किया जाता है। जैसा कि प्राचीन समय से ही हम लोग देखते और सुनते आए हैं कि किसी भी बालक के जीवन में सही राह दिखाने वाला गुरु ही होता है। इसी कारण हिंदू धर्म में गुरु को भगवान का स्थान दिया गया है। इस शुभ दिन पर समस्त गुरुजनों के प्रति आभार और धन्यवाद का भाव व्यक्त किया जाता है।

अब हम जान लेते हैं गुरु का अर्थ क्या है

गु का अर्थ है अंधकार और रू का अर्थ है उसका निरोधक यानी गुरु या शिक्षक को सर्वोत्तम स्थान इसलिए दिया जाता है कि गुरु हमारे जीवन के अंधकार को खत्म कर हमें प्रकाश की ओर ले जाते हैं ।

इस बार की गुरु पूर्णिमा बेहद खास है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार गुरु पूर्णिमा बहुत ही खास है, क्योंकि इस दिन कई राज योग बन रहे हैं। इस दिन बुध ग्रह भी अनुकूल स्थिति में रहेगा। अलावा इसके शुक्र ग्रह भी अपने मित्र ग्रहों के साथ होंगे, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।

ग्रहों के मुताबिक कब होगी शुरुआत:

गुरु पूर्णिमा की शुरुआत इस बार यानी कि 13 जुलाई, 2022 को गुरु पूर्णिमा का प्रारंभ सुबह 4:00 बजे से शुरू होगा जो 14 जुलाई की रात 12:06 मिनट तक रहेगा।

अपने जीवन में आने वाली नौकरी जैसी समस्याओं के लिए गुरु पूर्णिमा को करें ये उपाय :

अगर आपकी नौकरी लगने में व्यवधान आ रहे हैं, तो इस दिन अपने गुरुओं का ध्यान कर मंत्र जाप करें। हो सके तो अपनी इच्छा अनुसार मिठाई, फल तथा कुछ उपहार अपने गुरु को भेंट स्वरूप दें ।

गुरु पूर्णिमा के दिन पूजन कैसे करें :

1. गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
2. स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे कपड़े पहने।
3. पूजा घर के सामने अपने इष्ट देव और गुरु की प्रतिमा रखकर पूजा करें।
4. गुरु और इष्टदेव का ध्यान कर मंत्रों का जाप करें ।
5. इसके पश्चात प्रसाद बांटे और खुद भी प्रसाद ग्रहण करें।

..and after marriage your responsibilities also increase

शादी, जी हां, शादी किसी भी व्यक्ति के जीवन का बहुत अहम फैसला होता है। वहीं, शादी के बाद जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं । वैसे तो पति-पत्नी दोनों पर ही नई-नई जिम्मेदारियों का बोझ होता है लेकिन जहां लड़की अपने घर को छोड़कर इस नई दुनिया, नए संसार में आती है तो उससे उम्मीदें कुछ ज्यादा होती हैं ।

ससुराल वाले उससे उम्मीद रखते हैं कि वह रिश्तों, घर, परिवार और अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में संतुलन बनाए रखेगी। ऐसे में लड़कियों का घबराना या डरना स्वाभाविक है क्योंकि उनके लिए उस घर में सब नया होता है। परिवार नया, घर नया और माहौल नया। ऐसे में उनके मन में अनेक सवाल उठते हैं कि क्या मैं ये सब कर पाऊंगी या क्या मैं इन सब की उम्मीदों पर खरी उतर पाऊंगी तो नई दुल्हन के इन स्वाभाविक से सवालों का जवाब आज हम लेकर आए हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनसे नए ससुराल में नई दुल्हन सबकी चहेती बन जाएगी तो चलिए जानते हैं-

1. बड़े बुजुर्गों के साथ हमेशा बच्चों की तरह व्यवहार करें:

जी हां, जब भी आप अपनी ससुराल में जाते हैं तो वहां पर आपको अपने बुजुर्गों से बिल्कुल ऐसे व्यवहार करना है जैसे आप बच्चों के साथ करते हैं क्योंकि उस उम्र में हर बूढ़े का मन बच्चों जैसा हो जाता है इसलिए वह थोड़ा सा जिद्दी थोड़ा सा शरारती थोड़ा भावुक हो जाता है। इसलिए आप उसने हमेशा बच्चों जैसा बर्ताव करें ताकि उन्हें किसी भी मोड़ पर यह किसी भी परिस्थिति में ठेस ना पहुंचे।।

2. चेहरे पर मुस्कान है जरूरी:

जी हां, ससुराल में जाते ही आप अपने चेहरे पर सदैव मुस्कान बनाए रखें । किसी से भी मिले मुस्कान के साथ ही मिले। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मुस्कान किसी का भी मन मोह लेती है इसलिए आप कभी किसी से मिलते समय बुरा बर्ताव न करें और हमेशा हर किसी से मुस्काते हुए मिलें।

3. ससुराल में ना केवल परिवार वालों का बल्कि रिश्तेदारों का भी उतना ही सम्मान करें:

जैसे कि आप परिवार में सब का मान और सम्मान रखते हैं। उसी तरह जब भी रिश्तेदार आपके घर आए उनकी भली-भांति स्वागत सत्कार करें और उनको उतना ही सम्मान दे जितना आप अपने परिवार के मेंबर्स को देते हैं।

4. जिम्मेदारियों को निभाना सीखे:

जब आप ससुराल जाती हैं तो ससुराल वालों को आप से बहुत सी उम्मीदें होती हैं और शादी के बाद आपकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। इसलिए ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी जिम्मेदारियां लेना सीखे और उनका भली-भांति निर्वाह करें।

5. नए घर में हर पल को बहुत खुशहाली से जिएं:

वैसे तो हर लड़की के लिए अपना घर छोड़कर ससुराल में जाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन अब शादी के बाद यही उसका घर परिवार है इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि हर पल को खुशहाली से जिए और अपने परिवार को भी खुशहाल बनाने की कोशिश करें।।

6. सारे काम खुद से करने की कोशिश ना करें:

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ससुराल में जाने के बाद लड़कियों का घबराना स्वभाविक है उन्हें हमेशा यही लगता है कि यह सब मैं कैसे कर पाऊंगी लेकिन इसी के बीच हम आपको यह सलाह देते हैं कि जितना भी आप काम करें मन लगाकर करें अगर आपको काम की अधिकता का एहसास हो तो किसी की मदद जरूर लें क्योंकि सारे काम अकेले करने से आपको थकान भी होगी और आपका समय भी ज्यादा लगेगा जिससे आप अपने परिवार को टाइम नहीं दे पाएंगे।

Make your kitchen smarter and healthier with these easy ways

महिलाएं अक्सर घर की सफाई में अपने दिन का आधा समय बिता देती हैं और पूरे घर को चमकाना उनका पहला मोटिव होता है । वैसे तो घर का हर हिस्सा साफ हो यह ध्यान रखना चाहिए क्योंकि घर की साफ सफाई से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है।

घर की किचन या रसोई हमारे घर का सबसे अहम हिस्सा होता है। किचन में किसी भी प्रकार की गंदगी या रसोई का अव्यवस्थित होने का सीधा असर घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
किचन को सामान्यतः हम बहुत अधिक उपयोग करते हैं इसलिए उसकी नियमित सफाई बहुत जरूरी सी हो जाती है आपकी रसोई साफ होगी तो आपका खाना बनाने का भी मन करेगा और आपके अपने भी स्वस्थ रहेंगे तो चलिए कुछ ऐसे टिप्स जानते हैं जिनसे आप किचन को चमका कर रख सकती हैं।।

1. सिंक में कभी भी गंदे बर्तन ना छोड़ें: जी हां, हमारी दादी-नानी हमेशा हमें यही समझती रही हैं कि कभी भी सिंक में झूठे बर्तन नहीं छोड़ना चाहिए यह एक परंपरा ही नहीं बल्कि साइंटिफिक रीजन है। जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है । गंदे बर्तन सिंक में पड़े होने से उनमें बैक्टीरिया पनपते हैं जिससे हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हम बीमार भी पड़ सकते हैं।

2 सिंक की सफाई भी बहुत जरूरी है: यह नहीं कि आपने सिर्फ सिंक में पड़े गंदे बर्तनों को साफ कर दिया और आपकी ड्यूटी खत्म। आपको सिंक की सफाई भी करना बहुत जरूरी है ।आप नियमित रूप से उसे साफ करें। उसके पाइप को साफ करें और नाली को भी साफ रखें।

3. गीले बर्तन कभी भी रैक में ना रखे: कई बार हम बर्तन धोने के तुरंत बाद उनको रैक में लगा देते हैं जिससे रैक में नमी हो जाती है। और नमी के कारण वहां पर कीड़े या बैक्टीरिया पनप सकते हैं। जिससे आपको स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है इसलिए कोशिश करें कि बर्तन को सूखने के बाद ही रैक में सजाएं।।

4. अपने चूल्हे की भी नियमित सफाई करें: हम खाना पकाते वक्त नियमित रूप से चूल्हे का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए हमें उसकी सफाई का भी नियमित तौर पर ध्यान रखना चाहिए क्योंकि वह बहुत ज्यादा जरूरी है।

5. किचन स्लैब की सफाई : किचन स्लैब पर हम अपने बर्तन खाने का सामान और कंटेनर जिनमें हमारे खाद्य पदार्थ भरे होते हैं, रखते हैं इसलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि हम नियमित तौर से अपने किचन स्लैब की सफाई करें क्योंकि अगर किचन स्लैब गंदा होगा तो वह हमारे खाद्य पदार्थों को भी गंदा करेगा।

6. किचन में रखे कंटेनर की सफाई पर ध्यान दें : जी हां, किचन में कंटेनर्स उपलब्ध होते हैं जिनमें हम अपने कच्चे खाद्य पदार्थों या सूखे खाद्य पदार्थों को रखते हैं इसलिए यह जरूरी होता है कि आप नियमित तौर पर या नियमित अंतराल में उनको साफ करती रहें क्योंकि उनकी सफाई ही यह सुनिश्चित करेगी कि आपके खाद्य पदार्थ साफ और सुरक्षित हैं।।

7. गैर जरूरी सामानों को किचन में स्टोर ना करें : कई बार हम घर का सामान लाते हैं और कई गैर जरूरी सामान को हम किचन में रख देते हैं। जहां उनका स्थान नहीं होता। जी हां, आप अपने किचन को गैर जरूरी सामान से ना भरे।

8. फ्रिज की सफाई का भी पूरा ख्याल रखें: आपके बहुत सारे खाद्य पदार्थों को आपका फ्रीज खराब होने से बचा लेता है। लेकिन अगर आप इसकी सफाई का ध्यान नहीं रखेंगी तो आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिससे आप पर आर्थिक बोझ बढ़ जायेगा।

Never use negative words for children

सुरेश की अंग्रेजी ज्यादा अच्छी नहीं थी, लेकिन वह उसे समझता है, लिखता भी है लेकिन उसका यह प्रदर्शन केवल घर पर होता है।
विद्यालय जाने पर उसका यह प्रदर्शन जीरो हो जाता है। ऐसा क्यों ? उसको समझने के लिए सुरेश के मां-पापा को एक मनोवैज्ञानिक की मदद लेनी पड़ी।

जिसने उन्हें बताया कि उन्हें सुरेश को ‘उसकी अंग्रेजी कमजोर है’ कहने के बजाय हर रोज यह कहना चाहिए कि ‘तुम्हारी अंग्रेजी तो बहुत अच्छी है।’ सुरेश के माता-पिता ने मनोवैज्ञानिक के कहे अनुसार ही किया और नतीजा यह सामने आया कि सुरेश के अंग्रेजी में बहुत अच्छे मार्क्स के आया।

आपको क्या लगता है कि क्या यह जादू है? नहीं जादू तो नहीं है, लेकिन जादू से कम भी नहीं है, दरअसल यह मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि अगर हम हमारे बच्चों को डांटते हैं या बुरा व्यवहार करते हैं तो बच्चा अपने लिए एक नेगेटिव इमेज बना लेता है। जो उसके सर्वमुखी प्रदर्शन पर असर डालता है तो चलिए जानते हैं कि आप किस तरह कुछ बातों का ध्यान रखकर अपने बच्चों के सामाजिक और नैतिक विकास में उसकी मदद कर सकते हैं-

बस आपको यह पांच बातें अपने बच्चों से रोज बोलनी है:

1. Wow,तुम बहुत अच्छे हो: हमेशा याद रखें कि अपने बच्चे के लिए कभी भी कोई भी नेगेटिव वर्ड यूज ना करें। अगर आपको उनकी किसी शरारत पर या किसी हरकत पर गुस्सा भी आए तब भी आप अपने गुस्से पर नियंत्रण रखते हुए उन्हें आराम से समझाएं और किसी अच्छे काम के लिए उनकी हमेशा तारीफ करें।

2. आई लव यू : जी हां, यह तीन मैजिकल वर्ल्ड आपके बच्चे के नैतिक और सामाजिक विकास पर बहुत ज्यादा असर डालते हैं। जब आप उन्हें एहसास कराते हैं कि वह आपके लिए बहुत खास है। आप उससे बहुत ज्यादा जुड़े हुए हैं तो वो अपने आप को खास समझते है। उन्हें हमेशा महसूस कराएं कि उनकी जिंदगी भर की कमाई पैसा नहीं है जो उन्होंने दिन रात मेहनत करके कमाया है बल्कि उनकी जिंदगी भर की कमाई उनके बच्चे है।

3. अच्छा फिर क्या हुआ: जी हां, जब भी आपके बच्चे आपसे कुछ शेयर करें तब आप उन्हें इस तरीके का एहसास कराएं कि इस समय सबसे इंपोर्टेंट चीज आपके लिए यही है कि आपका बच्चा आपसे कुछ शेयर कर रहा है और आप बहुत ध्यान से उसे सुन रही हैं तो जब भी वह आपसे कुछ शेयर करें। बीच में इन तीन वर्ड का यूज जरूर करें- हां अच्छा फिर क्या हुआ।

4. सॉरी और थैंक्यू: जैसा कि हम सब जानते हैं कि यह दो शब्द हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना देते हैं ऐसा ही आप अपने बच्चे के साथ कर सकती हैं अगर कभी आप उसे डांट देती हैं या कुछ गलत व्यवहार कर देती हैं तो हमेशा उसे सॉरी कहें ताकि उसे यह एहसास हो कि आपको अपनी गलती का एहसास हुआ इसलिए आपने उन्हें सॉरी कहा और ऐसे ही आप अपने बच्चे क्या कोई अच्छा काम करने या आपकी मदद करने के बाद थैंक यू कहना ना भूलें।

5. इस पर तुम्हारा क्या विचार है : जी हां, वैसे तो घर के फैसले बड़े ही लिया करते हैं लेकिन कुछ चीजें घरों में ऐसी होती हैं जिस पर आपको अपने बच्चों का विचार भी जानना चाहिए या आप उसकी राय जानना चाहते हो। इसीलिए आप उन्हें एहसास कराएं कि घर के कुछ मामलों में उनकी राय भी जरूरी है इसलिए घर की छोटी-मोटी चीजों में उनकी राय जरूर लिया करें।

फोटो सौजन्य- गूगल

Excessive use of sunscreen is harmful, do not forget to do it before sleeping at night

वैसे तो हम रोज़ाना ही आपको अपनी सेहत, सौंदर्य व एक बेहतरीन जीवन के मूल मंत्रों से अवगत कराते हैं लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जो आपको अपनी दिनचर्या को बेहतर जीने में मदद करेंगे।

हमलोग अक्सर ऐसी चीजों के पीछे भागते है जो आसानी से उपल्ब्ध भी हो और कम समय में बेहतर परिणाम दें। तो चलिए फिर आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स से अवगत कराते है, जो आपको बहुत ही पसंद आएंगी और इसको अपनाकर आप बेहतर रिजल्ट हासिल कर सकेंगे-

1. गर्मियों में चेहरे और त्वचा पर धूप का असर ज्यादा होता है इसलिए आज कल Sun scream का प्रयोग बढ़ गया है पर इसका अधिक इस्तेमाल आपकी स्किन को डैमेज कर सकता है।

2. सनस्क्रीन का ज्यादा प्रयोग करने की बजाय आप ये कर सकती है कि पूरी बाजू के कपड़े पहने और घर से बाहर निकलते समय धूपवाला चश्मा लगाकर ही निकले।

3. हमेशा अपने आपको तरोताजा रखने के लिए अपने दिन की शुरुआत योग करने से करें।

4. चहरे पर साबुन लगाने की बजाए हमेशा फेसवॉश इस्तेमाल करें। लेकिन ज्यादा प्रयोग करने से बचे ये आपकी त्वचा को रूखा कर सकता है।

5. रात को सोते समय आप अपनी स्किन केयर रूटीन फॉलो करती होंगी। लेकिन इसी के साथ आपको फेशियल सिरम जरूर भी इस्तेमाल करना चाहिए। यह आपकी स्किन के लिए विटामिन-सी और विटामिन-ई की पूर्ति करता है।

6. चहरे के दाग धब्बों को इंस्टेंट गायब करना चाहती है तो पुदीने के रस में नीम के पत्तो का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं।

7. कहीं जल्दी में जाना हो और इंस्टेंट ग्लो चाहिए तो इसके लिए आप टमाटर के रस को निकालकर उसको फ्रीज ट्रे में जमा लें। इन आइस क्यूब को आप चेहरे पर लगाएं।

8. हमारे स्वास्थ का सम्बद्ध हमारे पेट से होता है। पेट में गड़बड़ का सीधा असर हमारे शरीर पर होता है। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि पेट साफ रखें। इसके लिए आप रात को दूध के साथ थोड़ा गुड़ खाएं यह आपकी आयरन की कमी को पूरा करेगा और आपके पेट को भी साफ रखेगा।

9. त्वचा को पूरा दिन तरोताजा रखने के लिए आपको संतरों के छिलके का पाउडर दूध में मिलाकर लगाना चाहिए।

10. रात को सोने से पहले आपको मेकअप रिमूव करने के लिए महंगे प्रोडक्ट की जरूरत नहीं है, बल्कि आप नारियल तेल का प्रयोग करके बहुत आसानी से अपना मेकअप रिमूव कर सकती है।

11. आप महीने में एक बार मेनीक्योर जरूर करवाएं। क्योंकि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आप ऐसा करके अपने आप को इंफेक्शन से बचा सकते है।

12. दिन में अपने फुटवियर का चुनाव करने की बजाय कोशिश करें कि फुटवियर की खरीददारी शाम के समय करें। उस समय आपके पैर अपनी सही पोजिशन में होते है।

13. हमेशा नायलॉन के मोजों की बजाय सूती मोजे ही पहने। मोजे पहनते वक्त अपनी उंगलियों के बीच में टेलकॉम पाउडर जरूर अप्लाई करें।

14. काजल को आंखों के ज्यादा अंदर तक ना लगाएं । इससे आपकी आंखों को अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

15. कभी भी बालों को डाई करते समय ध्यान रखें कि डाई अमोनिया फ्री हो।

16. अगर आपके पास गुलाब जल उपल्ब्ध ना हो तो आप उसकी जगह पर चेहरे को क्लीन करने के लिए कच्चे दूध का इस्तेमाल भी कर सकते है।

17. त्वचा के पोर्स को खोलने और डेड स्किन को हटाने के लिए आप स्टीम का सहारा भी ले सकते है।

18. कपड़े धोते समय एम्लुमियम की बॉल बनाकर वाशिंग मशीन में डाल दे। इससे आपके कपड़ों पर रोएं नहीं आयेंगे।

19. सब्जी के छिलकों को पेड़ या पौधो कि जड़ों में डालें, इससे उन्हें एक केमिकल फ्री खाद मिल पाएगी।

20. चावल के पानी को आप एक बेहतर कंडीशनर के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं। यह आपके बालों को मजबूती और पोषण देता है।

Everyone is sorry that they have got very little..

आप लोगों को रोजमर्रा की ज़िन्दगी में ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे जो ये कहेंगे कि उन्हें बहुत कम मिला हैं, ईश्वर ने उन्हें दूसरों से कम दिया हैं… हालांकि वो कुछ पाने के लिए खुद के हाथ-पैरों को बिल्कुल भी कष्ट नहीं देना चाहते, वास्तव में वे सोचते हैं कि वे बहुत कुछ के योग्य हैं लेकिन उनपर ईश्वर की कृपा नहीं है।

लेकिन उनके लिए मैं बस इतना कहूंगी
“कि रुके हुए हो किसके लिए बीच सफ़र में यूं,
तुम भी किस उलझन में पड़ कर रह गए,
एक बार कोशिश तो करो,
सुना है मैंने जिन्होंने रास्ते बनाए खुद वो दूसरों के लिए मिसाल बन गए ।।

अब ज़रा ऐसे समझें:-

सबको गिला है कि बहुत कम मिला हैं,
ज़रा सोचिए जनाब, जितना आपको मिला है,
उसके लिए आपने क्या किया हैं ?
कुछ हट के खाने का मन किया कभी, तो आपने मां को उसका ऑर्डर दिया हैं,
अगर हो जाए गलती से कुछ नमक कम, तो फ़िर शिकायत है की,
खाना आपको बेस्वाद मिला हैं।।

जब से अहसान फरामोशी का ये दौर चला है,
हर बन्दे को इसके लिए अपने से भी बढ़कर उस्ताद मिला हैं, ज़रा सोचिए जनाब,
जब आपने किसी का फ़ायदा उठाना चाहा, तो बदले में आपको भी वही मिला हैं।।

किसी से ज्यादा लेकर आपने उसे कितना थोड़ा दिया हैं,
उसके भरोसे का आपने पूरा फ़ायदा लिया हैं,
अब ये जो बेचैनी का तोहफा आपको मिला हैं,
तो ये शिकायतें क्यों की आपको नींद की बजाए अंधेरे से भरा आसमान मिला हैं।।

चालाकियां कर के आज आप ख़ुश हैं कि आपने जो सोचा आपको उससे ज्यादा मिला हैं,
लेकिन उस पल का इंतज़ार भी तो करो जनाब,
जब आपको ये एहसास होगा कि क्या बोया मैने जो मुझे ये मिला हैं ?
ज़िन्दगी के गणित में आपने जो 2+2 को 5 किया हैं,
ये आपने दूसरों को नहीं बल्कि ख़ुद को धोखे में रख दिया हैं,
लेकिन आप भूल गए जनाब, कि ये ज़िन्दगी का गणित है यहां 2+2 को 5 बनाने वाले ने किसी ना किसी मोड़ पर अपना सब खो दिया है ।।

पागल नहीं है वो जिसने अपना सोचे बिना दूसरों को अपने से आगे रखा है,
क्या मिलेगा ये ना सोचकर, सिर्फ क्या दिया मैंने ये सोचा है,
इन शिकायतों के दौर का हिस्सा बनना बन्द कीजिए जनाब,
क्योंकि ज़िन्दगी को सबसे बेहतर उसी ने जिया है जिसने किसी से 01 लेकर उसे अपना 100 दिया है।।

तो अब ये ना कीजिए कि आपको बहुत कम मिला हैं,
लोग ऐसे भी है ज़माने में, जिनको लगता हैं कि भगवान ने आपको सब दिया हैं।।

We live in an era where 'innocence' is called stupidity

कभी कभी यूंही बैठे-बैठे हम याद का हाथ थामे बहुत पीछे चले जाते हैं… जहां ज़िंदगी बहुत हसीन हुआ करती थी।
आज यूंही वो समय याद आ गया जब हम उस दौर को जिया करते थे, जिसमें लोग एक दूसरे की मदद के लिए हर समय तैयार रहते थे, एक का दर्द दूसरे के आसूं निकलवाने के लिए काफी होता था, एक की खुशी सब को नचाने के लिए काफी होती थी, एक का हक कभी दूसरा लेने की कोशिश नहीं करता था। वो ढेर सारा अपनापन, वो एक साथ चलने वाले संस्कार, वो किसी को नीचा ना दिखाने वाली सोच… कितने खुशनुमा सफ़र में थे हम..! मैं जानती हूं और आप सब लोग भी जानते है कि परिवर्तन संसार का नियम है। कुछ समय बाद हालात बदल ही जाते हैं लेकिन एक सच ये भी है कि कुछ परिवर्तन हम स्वीकार नहीं कर पाते। पर कुछ भी हमारे लिए नहीं रुकता और वो दौर भी बीत गया जहां ‘मासूमियत’ सिर्फ ‘मासूमियत’ हुआ करती थी। कभी कभी लगता है कि हम कहां से कहां आ गए, ऐसा क्या पाना था हमें जो वो मासूमियत भरा दौर हमें पीछे छोड़ना पड़ा और आज जब हम सब पीछे छोड़ ही आए है तो फिर क्यों दुबारा उसी दौर में मन बार-बार जाना चाहता है।

दरअसल, दिल तो आज भी बच्चा है जिसे सिर्फ अपनापन, प्यार, ढेर सारे अपनापन वाले रिश्ते और उस दौर वाली मासूमियत ही समझ आती है.. आज इस दौर को ये दिल समझ ही नही पाता.. जिसमें सिर्फ और सिर्फ मतलब छुपा है। ..तो चलिए फिर कुछ पंक्तियां के माध्यम से जान लेते है कि ये दिल क्यों बार बार उस दौर को याद करता है और इस दौर से निकल जाना चाहता है-

आजकल कौन किसको बेवजह गले लगाता है,
मतलब निकल जाए तो हर शख्स बदल जाता है,
तुम कौन से भ्रम में हो जनाब,
हम उस दौर में जी रहे है, जहां “मासूमियत” को बेवकूफी कहा जाता है।

अपनी बेपरवाहियों को बड़ी आसानी से मजबूरियों का नाम दे दिया जाता है,
किसी के कुछ हसीन किस्सों को बेवजह ही कहानियों में बदल दिया जाता है,
तुम तो चीज़ ही क्या हो जनाब, यहां दुआएं पूरी न होने पर भगवान तक को बदल दिया जाता है,
यकीनन, हम उस दौर में जी रहे है, जहां “मासूमियत” को बेवकूफी कहा जाता है।

किसी से कुछ लेकर उसे कहां वापिस लौटाया जाता है,
प्यार की आड़ में यहां दिलो से खिलवाड़ किया जाता है,
किसी की आपबितियों को यहां खामोशियों के हवाले कर दिया जाता है,
यकीनन, हम उस दौर में जी रहे है, जहां “मासूमियत” को बेवकूफी कहा जाता है।

किसी की मेहरबानियो को, चालाकियों से नोच लिया जाता है,
झूठों की इस दुनियां में, सच बेचारा कहीं दब कर रह जाता है,
उड़कर कोई चाहे अगर, उस नीले आसमान को छूना, तो उसके अपनों द्वारा ही उसके पंखों को कतरा जाता है,
यकीनन, हम उस दौर में जी रहे है, जहां “मासूमियत” को बेवकूफी कहा जाता है।

कोई छूले आसमान अपनी जिद से तो, उसको बड़ी तेज़ी से नीचे खींच लिया जाता है,
फिर उसकी रात दिन की मेहनत को, क़िस्मत के हवाले कर दिया जाता है,
दोबारा कभी वो उठ खड़ा ना हो, इसके लिए उसे सबकी नज़रों से गिराया जाता है,
तुम कौन से भ्रम में हो जनाब,
यकीनन, हम उस दौर में जी रहे है, जहां मासूमियत को बेवकूफी कहा जाता है।

Life wants to run me according to its own accord and heart at its own pace

पिछले कुछ सालों से याद ही नहीं कि कब मैं सुकून के दो पल बैठकर महसूस कर पाई हूं। बस भागती जा रही हूं.. ना तो ये पता है कि रास्ता सही भी है और ना ये पता है कि रास्ता अब और  कितना बचा है। ये भी नहीं पता कि खुद के लिए भाग रही हूं या जिंदगी मुझे भगा रही है। जब स्कूल में थे तो दिल करता था कि जल्दी से जल्दी बड़े हो जाए। अपने फैसले खुद ले पाएं लेकिन जब से बड़े हुए है जिंदगी सिर्फ भगाए जा रही है।

दरअसल, जिंदगी और इस जिद्दी दिल की ठनी हुई है, जिंदगी मुझे अपने हिसाब से चलाना चाहती है और दिल अपने हिसाब से।
सच में वो बचपन वाली जिंदगी बहुत हसीन हुआ करती थी। जो दिल करता था वो किया करते थे। जब भी कोई दिक्कत परेशानी हुआ करती थी तो मां हुआ करती थी पास, बस एक बार प्यार से सिर पर हाथ रख देती थी तो लगता था कि पूरी दुनिया बस हमारे ही इर्द गिर्द घूम रही है।
और कभी प्यार से गोदी में उठाकर माथा चूम लेती थी तो ये दिल सातवें आसमान पर होता था।
उस समय समझ नहीं थी फिर भी सुकून था। आज इस समझदारी ने सारा चैन छीन लिया है।
बड़े हो गए, शादी हो गई, सेटल हो गए लेकिन ये दिल आज भी उन पुराने दिनों में लौटना चाहता है, जहां मां और उसका ढेर सारा प्यार बिना मांगे मिलता था।

काफी समय बीत गया उस घर से विदा हुए,
काफी समय बीत गया नई दुनिया बसाए हुए
पर ना जाने क्यों शाम ढलते ही ये दिल उस घर पहुंच जाता है
मां की आवाज़ सुनने को ये दिल यूंही मचल जाता है
महक वो मां के खाने की महसूस करना चाहता है
वो हर त्यौहार उनका बहुत चाव से मनाना,
वो हर रोज सुबह जल्दी उठ जाना,
हम सब को खिलाकर फिर खुद खाना,
शाम को पापा के ऑफिस से आने का इंतजार करना,
हर जन्मदिन पर हमें नए कपड़े दिलाना,
और खुद कई त्यौहार उसी पुरानी लाल साड़ी में बिताना,
हमारे बीमार पड़ने पर उनका वो रात भर जागना,
हर बार पापा की डांट से हमें बचा लेना,
हमारी तकलीफ में खुद आंसू बहाना,
बहुत याद आता है वो घर जहां सिर्फ और सिर्फ अपनापन की ही बहार थी।

बहुत मुश्किल से दिल को समझाती हूं कि वो दिन बीत गए, अब उन दिनों को तुम सपने में जी लिया करो।

उन दिनों को याद कर मैं कुछ इस तरह जी पाती हूं,
आज भी मां से किए वो सारे वादे निभाती हूं,
सबको खुश रखने कि कोशिश में मैं खुद को भूल जाती हूं।
मैं भी अब मां की तरह सब को खिलाकर फिर खुद खाती हूं,
चाहे कितना ही लेट सोना हो फिर भी प्रात: काल उठ जाती हूं,
अपने अरमानों को अब में दिल के किसी कोने में दफनाती हूं,
कभी कभी मां की ही तरह मैं हालात से समझौते भी कर जाती हूं।

जानती हूं कि वो दिन अब लौट कर नहीं आयेंगे,
इसलिए मैं इस अड़ियल दिल को कई बार समझाती हूं,
जानती हूं कि वो सिर्फ मां नहीं भगवान है मेरी,
इसलिए अब भी तकलीफ होने पर सिर्फ उनको ही बताती हूं।।

 

Even today in this male dominated society woman is the only object of consumption..!

हाज़िर हूं जिंदगी से जुड़ी कुछ बेहतरीन बातों औ सच्चाई के साथ। जी हां, कुछ ऐसा जो कड़वा है लेकिन सच है। हो सकता है आप सभी मेरी बात से सहमत ना हो लेकिन आज जो मैं आपके लिए लाई हूं वो एक वर्ग की रोज़ की कहानी है जहां आज भी पुरुष प्रधान समाज का ही राज है। आज भी उस समाज में औरतों को सिर्फ घर संभालने वाली समझा जाता है। आज भी उस समाज में औरतें अपने अस्तित्व ढूंढते हुए अपनी उम्र गुजार देती है। आज भी उस समाज में औरतों को सिर्फ उपभोग की वस्तु समझा जाता है।

कड़वा है लेकिन सच है:

‘दम घुट रहा है, शायद औरत होने की सजा है’

आप लोगों ने तो सिर्फ सुना है एक औरत तो रोज इन परिस्थतियों से रोज़ दो चार होती है, कभी सोचा है उसे कैसा लगता होगा। बचपन से सिखाना शुरू कर दिया जाता है कि अच्छी लड़की वहीं होती है जो सब का अच्छा सोचकर चले। अपने से पहले अपनों का सोचे। लेकिन कभी किसी ने उसके बारे में सोचा? पहले मां-बाप के घर उनके अनुसार रहे, जैसा वो बोले वैसा किया, फिर शादी के बाद तो ये नौबत आ जाती है कि अगर अपने पैरेंट्स से मिलना है तो पहले घर में सबसे आज्ञा लो फिर जाओ।

आज लड़कियां किसी काम में पीछे नहीं है, वो घर और ऑफिस दोनों आराम से चला रही है लेकीन कोई इस पुरुष प्रधान समाज से पूछे कि क्या किसी पुरुष ने ऑफिस से आकर एक ग्लास पानी भी खुद से लिया है। तो जब आज भी लड़कियों के लिए ये समाज पहले जैसा ही है तो ये बराबर के हक़ देने का डोंग क्यों? इससे अच्छा ये है कि आप एक औरत की खूबियों में से उसकी कमियां निकालना बन्द करें और अपनी कमियों पर ध्यान दें।

वैसे, अपनी कमियां खुद निकालना बहुत मुश्किल काम है, इसलिए अगर आपसे ये ना हो तो फिर छोड़ दीजिए औरतों को उनके हाल पर, क्योंकि वो अपने लिए कल भी सक्षम थी, आज भी है, और कल भी होगी।

बस गलती उसकी ये है कि वो आप लोगो की तरह जता नहीं पाई, की आप उसके बिना अधूरे हो और आप लोग तो साहब है, खुद से कभी ये बात समझ नहीं पाओगे। औरतों के लिए कुछ बदल तो नहीं पाया अब तक लेकिन वो अपने आप को बदल सकती है, तो मेरी कोशिश है उन्हें थोड़ा समझाने की…ज़रा गौर फरमइएगा:-

हां, मान लिया अब तुम अपनी जगह बनाना जानती हो,
हां, मान लिया की कढ़ाई में कलछी चलाने के साथ अब तुम लैपटॉप चलना भी जानती हो,
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।।
दो मीठे बोल बोले जाए तुम्हें, तो तुम फूल सी खिल उठती हो,
जो भी दिया जाए तुम्हें, तुम हमेशा उसका डबल ही देती हो,
सब कर लोगी तुम, बात फिर भले ही चार काम एक साथ करने की हो,
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।।
बीमार हो जाए अगर घर में कोई अपना, तो तुम उसका पूरा ख्याल रखती हो,
फिर होती हो अगर कभी खुद बीमार, तो किसी के स्नेह भरे हाथ को अपने माथे पर ढूंढती हो,
एक जोड़ी पायल गिफ्ट में पा लेने पर, तुम दिन भर ठुमकती हो,
इस दिखावटी प्यार के जाल में, तुम हर बार फंसती हो,
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।।
किसी का वंश आगे बढ़ाने की तुम सिर्फ एक कड़ी हो,
वारिस दोगी उन्हे तुम, इसलिए उस घर से जुड़ी हो,
इतने सारे काम के बदले सिर्फ दो रोटी ही तो खाती हो,
उसपर भी कोई कहे की ” सारा दिन क्या किया” तो तुम बिना कुछ कहे सब सुन लेती हो,
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।।
सुबह उठ कर पांच बजे तुम रात ग्यारह बजे तक लगी रहती हो,
अपने परिवार के आस पास अपनी पूरी दुनिया बसा लेती हो,
तुम्हारी भी एक ज़िन्दगी है, हर बार ना जाने तुम ये कैसे भूल जाती हो,
सबकी खुशी की खातिर तुम अपना सर्वस्व दांव पर लगा देती हो
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।
अपने अंदर भावनाओं को ज़िंदा रखने के लिए तुम रोज खुद को झूठी तसल्ली भी देती हो,
उन सड़े गले रिश्तों के बिना तुम्हारा कोई अस्तित्व नहीं तुम ये मान कर बैठी हो,
उड़ सकती हो खुले आसमान में, तो क्यों तुम खुली हवाओं से कतराती हो,
एक दिन वो दिया खुद के लिए भी रोशन करो, जो रोज तुम दूसरों के अंधेरे मिटाने के लिए जलाती हो।।
लेकिन पगली तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।
लगाकर मेंहदी हाथों में उसपर तुम लाल चूड़ा सजाती हो,
किसी की लंबी उम्र के लिए तुम करवाचौथ भी रखती हो,
बड़ी बिंदी पसंद ना हो उसे, तो उसके लिए तुम छोटी लगाती हो,
लेकिन मौका मिले तो उससे भी पूछ लो कभी कि उसकी ज़िन्दगी में तुम क्या अहमियत रखती हो।।
मानो मेरी बात कुछ अपने लिए भी करो खास,
क्योंकि तुम भूल गई हो शायद कि,
सब करने के बाद भी तुम, इस पुरुष प्रधान समाज में आज भी सिर्फ एक उपभोग की वस्तु हो।।

फोटो सौजन्य- गूगल