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Category Archives: Lifestyle

Chhath Puja starts from today with Nahay-Khay

Chhath Puja 2023: आज से लोक आस्था का महापर्व छठ आरम्भ हो रहा है। छठ पर्व का समापन 20 नवंबर को होगा। 04 दिनों तक चलने वाले छठ पूजा के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य देते हुए समापन होता है। छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार होता है। इस पर्व में भगवान सूर्य के साथ छठी माई की पूजा-उपासना विधि-विधान के साथ की जाती है। यह सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस पर्व में आस्था रखने वाले लोग सालभर इसका इंतजार करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि छठ का व्रत संतान प्राप्ति की कामना, संतान की कुशलता, सुख-समृद्धि और उसकी दीर्घायु के लिए किया जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी सभी जरूरी बातें…

नहाए-खाय से शुरू छठ महापर्व 

यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है। इसमें 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को रख जाता है। छठ पूजा का व्रत रखने वाले लोग चौबीस घंटो से अधिक समय तक निर्जल उपवास रखते हैं। इस पर्व का मुख्य व्रत षष्ठी तिथि को रखा जाता है, लेकिन छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से हो जाती है, जिसका समापन सप्तमी तिथि को प्रातः सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।

खरना 2023 की तारीख

खरना यानी लोहंडा छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। इस साल खरना 18 नवंबर को है। इस दिन का सूर्योदय सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।

छठ पूजा 2023 पर संध्या अर्घ्य का समय

छठ पूजा का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य का होता है। इस दिन छठ पर्व की मुख्य पूजा की जाती है। तीसरे दिन व्रती और उनके परिवार के लोग घाट पर आते हैं और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस साल छठ पूजा का संध्या अर्घ्य 19 नवंबर को दिया जाएगा। 19 नवंबर को सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।

चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने का समय

चौथा दिन छठ पर्व का अंतिम दिन होता है। इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इस महाव्रत का पारण किया जाता है। इस साल 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 06 बजकर 47 मिनट पर होगा।

छठी पूजा का महत्व

छठ पूजा के दौरान सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस पूजा में भक्त गंगा नदी जैसे पवित्र जल में स्नान करते हैं। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर सूर्य देव और छठी माता के लिए प्रसाद तैयार करते हैं। दूसरे और तीसरे दिन को खरना और छठ पूजा कहा जाता है। महिलाएं इन दिनों एक कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। साथ ही चौथे दिन महिलाएं पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य देती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं।

Chhath Puja में कभी ना करें ये गलतियां

  • छठ पर्व के दिनों में भूलकर भी मांसाहारी चीजों का सेवन न करें। साथ ही छठ पूजा के दिनों में लहसुन व प्याज का सेवन भी न करें
  • इस दौरान व्रत रख रही महिलाएं सूर्य देव को अर्घ्य दिए बिना किसी भी चीज का सेवन न करें।
  • छठ पूजा का प्रसाद बेहद पवित्र होता है। इसे बनाते समय भूलकर भी इसे जूठा न करें।
  • पूजा के लिए बांस से बने सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पूजा के दौरान कभी स्टील या शीशे के बर्तन प्रयोग न करें।
    साथ ही प्रसाद शुद्ध घी में ही बनाया जाना चाहिए।
Govardhan Puja: Govardhan Puja on 13 or 14 November?

Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा का एक खास महत्व है। दिवाली के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व से श्रीकृष्ण की पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। पंचांग के मुताबिक कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा की जाती है।

इस दिन गोबर लीपकर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की प्रतिमा बनाई जाती है। ज्यादातर दिवाली के अगले दिन ही गोवर्धन पूजा की जाती है लेकिन इस साल गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर उलझन की स्थिति बन रही है। किसी का कहना है कि यह पूजा 13 नवंबर यानी दिवाली के अगले दिन होनी है तो कोई इसे भैया दूज वाले दिन बता रहा है। ऐसे में इस साल 13 नवंबर या फिर 14 नवंबर के दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी।

गोवर्धन पूजा किस दिन की जाएगी

पंचांग के मुताबिक इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 13 नवंबर, सोमवार दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर आरम्भ होगी और इसका समापन अगले दिन 14 नवंबर, मंगलवार को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष गोवर्धन पूजा 14 नवंबर के दिन की जाएगी। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:25 मिनट से रात 9:36 मिनट के बीच है।

पौराणिक कथाओं के मुताबिक इंद्रदेव के घमंड के चलते पूरे गांव को तूफान और बारिश का प्रकोप सहना पड़ रहा था. श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकार ब्रजवासियों को बचाया था। इसके बाद से ही हर साल गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई।

गोवर्धन पूजा की विधि

गोवर्धन पूजा करने के लिए गोबर से गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाते हैं। फूलों से गोवर्धन पर्वत सजाया जाता है। पूजा सामग्री में धूप, रोली, अक्षत, खील दीप, बताशे, और अन्नकूट आदि शामिल किए जाते हैं। इसके बाद गोवर्धन पूजा में गोवर्धन पर्वत की कथा पढ़ी जाती है और गोबर से तैयार गोवर्धन की सात बार परिक्रमा करते हुए आरती की जाती है और जयकारे लगाए जाते हैं। इस तरह सम्पन्न होती है गोवर्धन पूजा।

Diwali 2023: How to worship Goddess Lakshmi on Diwali

Diwali का पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है इस दिन भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। उनके आने की खुशी में ही अयोध्या के लोगों ने दीप जलाकर उनका भारी स्वागत किया था। तभी से ही इस दिन रोशनी का महापर्व दिवाली मनाया जाने लगा। दिवाली एक दिन का नहीं बल्कि पूरे 5 दिन तक चलने वाला त्योहार है। दिवाली की रात में जहां लोग अपने घरों के बाहर दीपक जलाकर खुशियां बनाते हैं तो वहीं, घर में लोग विधि विधान लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं।
जानिए दिवाली पूजा विधि की सम्पूर्ण जानकारी:

एक चौकी, लाल कपड़ा, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा, अक्षत यानी साबुत चावल, लौंग, इलायची, एक तांबे या पीतल का कलश, कुमकुम, हल्दी, दूर्वा, सुपारी, मौली, 02 नारियल, 02 बड़े दीपक, आम के पत्ते, पान के पत्ते, 11 छोटे दीपक, अगरबत्ती, जल पात्र, गंगाजल, घी, सरसों का तेल, दीये की बाती, धूप, मीठे बताशे, खील, मिठाई, फल, पुष्प, कमल का फूल, पकवान, मेवे। कई लोग दिवाली पर मां लक्ष्मी को कमलगट्टे, कौड़ी और धनिया भी चढ़ाते हैं।

Diwali Puja Vidhi 2023 (दिवाली पूजा की तैयारी कैसे करें)

  • पूजा वाले स्थान को अच्छे से साफ कर लें।
  • फिर ज़मीन पर आटे या चावल से चौक बना लें।
  • आपसे चौक न बन पाए तो केवल कुमकुम से स्वास्तिक ही बना लें या फिर आप चाहें तो कुछ दाने अक्षत भी रख सकते हैं।
  • इस पर चौकी रखें और चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
  • चौकी पर 2 जगह अक्षत से आसन बनाएं और उस पर माता लक्ष्मी और गणेश जी को विराजमान करें।
  • ध्यान रहे कि लक्ष्मी जी को गणेश जी के दाहिने ओर ही स्थापित करना है और दोनों प्रतिमाओं का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए।
  • अब भगवान की प्रतिमाओं के आगे थोड़े रुपए, गहने और चांदी के सिक्के रख दें।
  • दरअसल चांदी के सिक्के देवता कुबेर का स्वरूप माने जाते हैं।
  • अगर चांदी के सिक्के न हों तो आप कुबेर जी का चित्र या प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं।
  • इसके बाद लक्ष्मी जी के दाहिनी तरफ अक्षत से 8 पखुंडियों वाला एक पुष्प बनाएं।
  • इसके बाद लक्ष्मी जी के दाहिनी तरफ अक्षत से 8 पखुंडियों वाला एक पुष्प बनाएं।
  • फिर एक कलश में जल भरकर उस पर रख दें।
  • कलश के थोड़ा सा गंगा जल, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, दूर्वा, सुपारी, लौंग और इलायची का जोड़ा डालें।
  • लेकिन अगर आपके पास ये सभी सामग्री नहीं है तो आप सिर्फ शुद्ध जल, अक्षत, हल्दी और कुमकुम भी डाल सकते हैं।
  • इसके अलावा ही आम के पत्तों पर भी हल्दी-कुमकुम लगा लें।
  • फिर आम के पत्ते को कलश में डालें और उसके ऊपर एक नारियल मौली बांधकर रख दें।
  • अब भगवान की चौकी के सामने अन्य पूजा सामग्री भी रख दें।
  • दो बड़े चौमुखी घी का दीपक रख लें और 11 दीयों में सरसों का तेल डाल लें।

दिवाली की पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi)

दिवाली पर मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। ऐसे में पूजा के लिए सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर इस चौकी पर बीच में मुट्ठी भर अनाज रखें। कलश को अनाज के बीच में रखें। इसके बाद कलश में पानी भरकर एक सुपारी, गेंदे का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें। कलश पर 5 आम के पत्ते गोलाकार आकार में रखें। बीच में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाहिनी ओर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। फिर एक छोटी-सी थाली में चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं, हल्दी से कमल का फूल बनाएं, कुछ सिक्के डालें और मूर्ति के सामने रखें। इसके बाद अपने व्यापार/लेखा पुस्तक और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें। अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक करें और फिर दीपक प्रज्वलित करें।

दिवाली पूजा मुहूर्त 2023 (Diwali Puja Muhurat 2023)

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 12 नवंबर, 2023 को शाम 5:39 मिनट से लेकर 7:35 तक है।

दिवाली पर कितने दीपक जलाने चाहिए

दिवाली पर कम से कम 13 या 26 छोटे दीपक जलाने चाहिए। साथ में दो बड़े दीपक जलाने चाहिए जिसमें एक घी का दीपक और एक सरसों के तेल का दीपक होना चाहिए।

Dhanteras 2023: Know the 'Golden Muhurta' of shopping on Dhanteras

धनतेरस (Dhanteras) पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस वर्ष 10 नवंबर को धनतेरस के दिन सोना और चांदी खरीदने का सबसे गोल्डन टाइम यानी शुभ समय दोपहर 02 बजकर, 35 मिनट से 11 नवंबर की सुबह 06 बजकर 40 मिनट के बीच है। अलावा इसके अगर आप इस वक्त खरीदारी से चूक जाते है तो 11 नवंबर को सुबह 06 बजकर, 40 मिनट से दोपहर 01 बजकर, 57 मिनट के बीच सामान परचेज कर सकते हैं।

दिवाली रोशनी का महापर्व है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में सबसे खास त्योहार है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। दीपोत्सव का यह पर्व पूरे 05 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। पंचांग के मुताबिक धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन धन्वंतरि देव, लक्ष्मी जी और कुबेर महाराज की पूजा कर की जाती है। साथ ही किसी भी वस्तु की खरीदारी के लिए यह दिन उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है। यही कारण है कि लोग इस दिन बर्तनों की खरीदारी के अलावा सोने-चांदी की चीजें भी खरीदते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल धनतेरस पर खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है-

साल 2023 में धनतेरस तिथि

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर, 35 मिनट से आरम्भ हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 11 नवंबर की दोपहर 01 बजकर, 57 मिनट पर होगा। धनतेरस के दिन पूजा प्रदोष काल में होती है, इसलिए धनतेरस 10 नवंबर को मनाई जाएगी।

पूजा मुहूर्त और शुभ मुहूर्त

इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 47 मिनट से रात 07 बजकर 47 मिनट तक है।

धनतेरस पर पूजा की ये है विधि

  • धनतेरस के दिन शाम के वक्त यानी प्रदोष के दौरान काल शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर कुबेर और धन्वंतरि देव की प्रतिमा स्थापित करें।
    साथ ही मां लक्ष्मी व गणेश जी की भी प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, फिर दीप प्रज्वलित करें और विधिवत पूजी शुरू करें।
  • सभी देवों को तिलक लगाएं। इसके बाद पुष्प, फल आदि चीजें अर्पित करें।
  • कुबेर देवता को सफेद मिष्ठान और धन्वंतरि देव को पीले मिष्ठान का भोग लगाएं।
  • पूजा के दौरान ‘ऊँ ह्रीं कुबेराय नमः’ इस मंत्र का जाप करते रहें।
  • भगवान धन्वंतरि को खुश करने के लिए इस दिन धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

ये है धनतेरस का खास महत्व

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनका पूजन किया जाता है। धनतेरस के दिन धन की देवी लक्ष्मी जी, धन कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन विधि पूर्वक पूजा करने से घर में धन की कमी नहीं होती है।

Sex life

एक समय था जब कोरोना ने हमें अपने अपने घरों की चारदीवारी में बैठकर अपना मनोरंजन का इंतजाम करने को मजबूर कर दिया था। इस दरम्यान बोर्ड गेम को काफी तरजी मिली क्योंकि दोस्तों या पेपर्स के एक ग्रुप ने Online Media पर बोर्ड गेम खेलना शुरू कर दिया।

1. गेम नाइट का बना सकते हैं प्लान

कपल्स दिल चाहे तो कुछ खास ऑनलाइन गेम जैसे कि सीक्वेंस या स्क्रैबल दो लोगों द्वारा खेले जाने वाला गेम खेल सकते हैं। कुछ तो ऐसे भी गेम हैं जो कि आपके बचपन को फिर से जिंदा तक दे।

2. कपल के लिए जरूरी स्पा

एक ही समय में आपको मानसिक शांति देने के साथ-साथ आपकी मसल्स को आराम देने वाले स्पा एक्सपीरियंस को कौन पसंद नहीं करेगा? अपने साथी के साथ एक कपल स्पा एक्सपीरियंस बुक करें और ऑफिस के बिजी डे के बाद एरोमेटिक मसाज के साथ थैरपी का आनंद लें।

यदि आप किसी स्पा में जाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो आप सुगंधित तेलों, धीमे संगीत और गर्म पानी के बबल बाथ के साथ एक रोमांटिक इन-हाउस स्पा की योजना भी बना सकते हैं।

3. स्टार-गेजिंग का बनाएं प्लान

आधी रात को जब पूरा शहर सोता है और आपके पास कम प्रदूषण और कम शोर के साथ पूरा आकाश होता है, तो इसका वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। स्टार-गेजिंग का अनुभव प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है कि शहर की सीमा के बाहरी इलाके में एक कैंपिंग गतिविधि की योजना बनाएं।

यह ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां साफ आसमान हो और परेशान करने के लिए कोई शोर नहीं है। अपने पार्टनर के साथ एक रात बिताएं, सितारों की गिनती करें और जीवन भर की यादें बनाएं।

4. ड्रीम डेट पर जा सकते हैं 

आप अपने पार्टनर के लिए उसी जगह ड्रीम डेट प्लान कर सकते हैं, जहां आप उनसे पहली बार मिले थे। अपने साथी को उसी तरह के कपड़े पहनकर आश्चर्यचकित करें (यदि अभी भी आपके पास हैं) और उन्हें उस जगह पर अजनबी के रूप में मिलें, जैसे आप पहली बार मिले थे।

5. एक साथ एक शौक करें पूरा 

When partner is busy

निश्चित रूप से ये एक ऐसी एक्टिविटी होगी, जिसका आप हमेशा अभ्यास करना चाहते थे, लेकिन काम की वजह से या अन्य कारणों से आपको मौका नहीं मिला। पेंटिंग, मिट्टी के बर्तन, डांस, खाना पकाना, ये कुछ भी हो सकता है, जिसे आप अपने साथी के साथ करना पसंद करेंगे। अपने साथी को अपने साथ खुशी के पल साझा करने दें।

6. सनसेट का लें आनंद

कुछ लोगों का सनराइज और सनसेट से एक रिलेशन होता है। यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जो सनसेट का पीछा करना पसंद करते हैं, तो समुद्र के किनारे एक रेस्तरां में एक डेट नाइट योजना बनाएं और सनसेट देखने के लिए लंबी पैदल यात्रा करें। यह सबसे रोमांटिक गतिविधियों में से एक हो सकता है, जो आप अपने पार्टनर के साथ करते हैं।

7. रोमांटिक ए़़डवेंचर का लें मजा

अगर आप और आपका पार्टनर उन लोगों में से हैं, जो एड्रेनालाईन रश से प्यार करते हैं, तो राफ्टिंग, बंजी जंपिंग या पैरासेलिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटी की योजना बनाएं और साथ में रोमांच का आनंद लें। साथ में किसी भी एडवेंचर एक्टिविटी को करने के लिए एक रोमांटिक थ्रिल जरूर मिलता है।

परिणाम (Result)

अब बस ये आइडिया पढ़कर इसे भूल मत जाइयेगा, बल्कि ये सोचना शुरू कर दीजिए कि आपकी अगली रोमांटिक डेट कौन सी होगी?

 

Feeding

Pregnancy: एक अध्ययन के अनुसार शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मांसाहारी महिलाओं की तुलना में कम कीटनाशक पाए गए। यूपी में पिछले दिनों 111 नवजात बच्चों की मौत हो गई और इन नवजात की मौत की वजह गर्भवती महिलाओं के दूध में पाए जाने वाले कीटनाशक को बताया गया। लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल के अध्ययन के मुताबिक यह दावा किया गया है कि महाराजगंज में हुई इन मौत के लिए महिलाओं के दूध में पाए जाने वाले कीटनाशक हैं। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि मां के दूध तक कीटनाशक कैसे पहुंचे।

अस्पताल ने इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए कुछ गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया। इस स्टडी में 130 शाकाहारी और मांसाहारी प्रेग्नेंट महिलाओं को शामिल किया गया था। यह शोध डॉक्टरों की एक टीम द्वारा किया गया था। इस शोध को एनवायरमेंटल रिसर्च जनरल में पब्लिश किया गया है। इस रिसर्च में कहा गया है कि शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मांसाहारी महिलाओं की तुलना में कम कीटनाशक पाए गए पर कीटनाशक दोनों ही महिलाओं में पाए गए।

केमिकल फार्मिंग है कीटनाशक होने की वजह

Breast Feeding

 

अध्ययन के अनुसार मांसाहारी खाने से दूर रहने वाली महिलाओं के स्तन के दूध में कम कीटनाशक पाए गए हैं। शोध में यह भी कहा गया है कि दूध में कीटनाशक होने की वजह केमिकल फार्मिंग है। दरअसल, हरी सब्जियों या तमाम फसलों को उगाने के लिए तरह-तरह के कीटनाशकों और रसायनों का प्रयोग किया जाता है। जानवरों को भी सप्लीमेंट्स और केमिकल्स के इंजेक्शन्स दिए जाते हैं, जिसकी वजह से मांसाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक उत्पन्न हो जाते हैं।

मांसाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मौजूद कीटनाशक शाकाहारी महिलाओं की तुलना में तीन गुना ज्यादा थे। इस शोध में कहा गया है कि मां के दूध के जरिए बच्चे में भी कीटनाशक आराम से पहुंच सकते हैं। स्तन के दूध में मौजूद कीटनाशकों ने मासूम शिशुओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।

बहरहाल, इस अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का ही सेवन करना चाहिए ताकि नवजात बच्चों में कीटनाशक मां के दूध के जरिए ना पहुंच सके।

Take care of these 5 things for better climax on bed

अपनी Sex Life को एंजॉय करना है और उसे खास क्लाइमैक्स से रूबरू कराना चाहती हैं तो सबसे पहले जाने कि वो कौन सा बेहतर तरीका है, जो बेड पर बेहतर क्लाइमैक्स में आपकी मदद कर सकती है। सेक्स लाइफ को मज़ेदार बनाने के लिए नए प्रयोग करने बेहद ज़रूरी है। इससे बोरिंग लाइफ को आसानी से स्पाइस अप किया जा सकता है। उम्र के साथ साथ कपल्स में दूरी आने लगती है। इस दूरी को मिटाने के लिए नई सेक्स पोज़िशन्स से लेकर एक दूसरे की मर्जी को जानना भी ज़रूरी है। अगर आप अपनी सेक्स लाइॅफ को एजॉय करना चाहते हैं और उसे बेहतर क्लाइमैक्स तक पहुंचाना चाहती हैं, तो कुछ खास बातों का ख्याल रखना ज़रूरी है। जानते हैं कि वो कौन सी टिप्स है, जो बेड पर बेहतर क्लाइमैक्स में आपकी मदद कर सकती है।

वेनेरोलॉजिस्ट का कहना है कि क्लाइमैक्स वो क्षण होते हैं, जब सेक्सुअल इंटिमेसी के वक्त आप खुशी, आनंद और एक्साइटमेंट का एहसास करते है। पार्टनर के साथ सेक्सुअली एगेंज होने और मास्टरबेशन के वक्त आर्गेज्म हासिल होती है। कई लोग एक ही वक्त में बार बार आर्गेज्म को महसूस करते हैं, जो सेक्सुअल लाइफ को रोमांचक बना देता है। जानते हैं कुछ ऐसी ही बातें, जो आपके क्लाइमैक्स को यादगार बना सकती है।

वे टिप्स जो यौन आनंद को आसान और चरम तक पहुंचाने में आपकी मदद कर सकते हैं

डर्टी टॉक के हैं जबरदस्त फायदे

Sexual intimacy helps in recovering from loneliness and depression

सेक्स के दौरान प्लैजर में इजाफा और क्लाइमेक्स तक पहुंचने के लिए डर्टी टॉक भी ज़रूरी है। इसमें आप अपनी इच्छाओं को ज़ाहिर कर सकते हैं। कौन सी पोज़िशन आपको सुखद लगती है। इस बारे में अपने पार्टनर से अवश्य बात करें। कम्यूनिकेशन आपकी सेक्स लाइफ को स्पाइस अप कर सकता है। इससे दोनों में प्यार और एक दूसरे के प्रति लगाव भी बढ़ने लगता है।

ये भी ट्राई करे-

ल्यूब्रिकेंटस का करें इस्तेमाल

लेट नाइट सेक्स को एजॉय करने के लिए ल्यूब्रिकेंटस का प्रयोग भी फायदेमंद साबित होता है। नेचुरल ल्यूब्रिकेंटस के तौर पर आप एलोवेरा और विटामिन ई का प्रयोग भी कर सकते हैं। इन्हें जेनिटल्स पर अप्लाई करके आप लंबे वक्त तक सेक्स का आनंद उठा सकते हैं। इसके ज़रिए आप डीप पेनिटरेशन का मज़ा ले सकते हैं। इससे यौन सबंध बनाने में आपको आसानी भी होगी।

फोरप्ले है बेहतर क्लाइमेक्स की कुंजी

7 common life mistakes that can ruin your sex life

फोरप्ले की मदद से सेक्स लाइफ और भी एक्साइटिड होने लगती है। दोनों लोग किसिंग और लिक करने से उत्तेजित होते जाते हैं, जो सेक्स को चरम तक पहुंचाने में मदद करता है। लोग फोरप्ले के लिए आइसक्रीम, चॉकलेट और आइसक्यूब्स समेत कई चीजों का प्रयोग करते हैं। पेट के निचले हिस्से से लेकर, निपल्स और आर्मपिटस हर जगह किसिंग का अनुभव करते हैं। इससे आपका तन और मन दोनों शांत होने लगते हैं।

प्लेजर ज़ोन को एक्सपलोर करना सीखें

इस बात को आप जानें कि शरीर के कौन से अंग में आप उत्तेजना का अनुभव करती हैं। इस बारे में एक्सपर्ट का कहना है कि आपके शरीर का हर अंग प्लेजर ज़ोन है। ऐसे में वो बातें या मूव्स जो आपको आनंदित करते है। उन्हें सेक्स के दौरान ज़रूर शामिल करें। इससे सेक्स टाइम न केवल बढ़ेगा बल्कि आप आसानी से क्लाइमेक्स तक पहुंच पाएंगे।

नई सेक्स पोज़िशन का करें प्रयोग

सेक्स को एजॉय करने के लिए उसमें न्यूनेस लाना ज़रूरी है। ऐसे में नई सेक्स पोज़िशन्स को अपने पार्टनर की सहमति से ज़रूर ट्राई करें। इससे सेक्सुअल लाइफ में उत्तेजना बढ़ने लगती है। आप खुशी का अनुभव करते है और रिश्तों में एक्साइटमेंट बढ़ जाती है। आप हर पल को एजॉय करते हैं। इसके कारण आप मेंटल तौर पर भी हेल्दी रहते हैं।

Topless in front of everyone, made videos

जकार्ता: इस साल हुए मिस यूनिवर्स इंडोनेशिया कॉम्पिटिशन के मद्देनजर एक हैरान करने वाली खबर मीडिया में आई है। कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाली कंटेस्टेंट्स ने ऑर्गेनाइजर्स पर संगीन आरोप लगाया है। कंटेस्टेंट्स ने आयोजकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में कंप्लेन की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि कंटेस्टेंट्स ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी जांच की जाएगी।

‘5 को एक अलग-अलग कमरे में ले गए’

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 29 जुलाई से 03 अगस्त के बीच यह सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित कराई गई थी। इसमें शामिल लड़कियों का आरोप है कि आयोजकों ने उनमें से 05 को एक अलग-अलग कमरे में ले गए, जहां पांच पुरुषों सहित करीब 20 लोग पहले से मौजूद थे। वहां उन्हें शारीरिक जांच के लिए अपने अंडरवियर उतारने के लिए कहा। इस दौरान उन लोगों ने उनके फोटो लिए और वीडियो बनाए।

कंटेस्टेंट्स की खींची गई टॉपलेस तस्वीरें

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इस प्रतियोगियों की वकील मेलिसा एंगग्रेनी ने कहा कि पांचों प्रतियोगियों की टॉपलेस तस्वीरें खींची गईं, जबकि इस तरह की जांच की कोई जरूरत नहीं थी। वहीं शिकायतकर्ताओं में शामिल एक लड़की ने न्यूज चैनल कोम्पास टीवी द्वारा प्रसारित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उसे अनुचित तरीके से पोज देने के लिए कहा गया था, जिसमें उसके पैर खोलना भी शामिल था. उन्होंने कहा- ‘मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे घूरा जा रहा है, मैं बेहद कन्फ्यूज और असहज थी’।

आयोजकों ने नहीं दिया कोई जवाब

रॉयटर्स के मुताबिक उसने मिस यूनिवर्स इंडोनेशिया पेजेंट आयोजित करने वाली कंपनी पीटी कैपेला स्वास्तिका कार्या और कंपनी के संस्थापक पोपी कैपेला से उनके सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में धार्मिक समूहों ने अतीत में सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर आपत्ति जताई है। ऐसे में यह घटना सामने आने के बाद पूरा मामला गहराता नजर आ रहा है।

If there is pain in the breast just before periods

पीरियड्स (Periods) के ठीक पहले स्तन में दर्द और असहजता महसूस हो रही है तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स के पहले शरीर में यह दिक्कतें शुरू होती हैं। फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट की वजह, संकेतों और लक्षणों को जानने से आपको अपने हालात को सही ढंग से प्रबंधित करने में सहायता मिल सकती है।

If there is pain in the breast just before periods

यह समझना जरूरी है कि फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट कोई बीमारी या एक तरह का स्तन कैंसर नहीं है। यह एक नॉन कैंसरस स्थिति है। यह स्थिति है जो इसका अनुभव करने वाली हर महिला में अलग-अलग तरह से लक्षण दिखती है। हालांकि, सामान्य तौर पर यह महिला के पीरियड्स साइकल के नैचुरल के कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल चेंजेज के कारण होता है। चूंकि पूरे साइकल में हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, इससे ब्रेस्ट में सूजन और कोमलता हो सकती है और साथ ही गांठ या सिस्ट भी होने लगते हैं।

Breast Feeding

फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं पर आमतौर पर एक या दोनों ब्रेस्ट में दर्द या कोमलता शामिल होती है। खासकर आपके मासिक धर्म से ठीक पहले स्तन भारी या सूजे हुए महसूस हो सकते हैं और छूने पर या ब्रा पहनने पर भी उनमें कठोरता महसूस हो सकती है। वे गांठदार भी हो सकते हैं या उनमें छोटे सिस्ट भी हो सकते हैं। जो बारीकी से देखने पर दिखाई दे सकते हैं। कुछ मसलों में जब आप गांठें छूते हैं तो वे आपकी स्किन के नीचे घूम सकती हैं।

फ़ाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट का सटीक वजह का अब तक पता नहीं चला है लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह महिला के शरीर में हार्मोनल चेंजेज से संबंधित है। हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन को यौवन, गर्भावस्था या पेरिमेनोपॉज़ जैसे हार्मोनल उतार-चढ़ाव की अवधि के दौरान स्तनों में सिस्ट के विकास को ट्रिगर करने के लिए जाना जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे- तनाव, ज्यादा कैफीन पीना और धूम्रपान शामिल हैं।

If there is pain in the breast just before periods

अगर आपको लगता है कि आपको फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट हो गया है तो आपको इनके लक्षणों और चिंताओं के बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करना चाहिए। किसी गांठ या सिस्ट के साथ-साथ अन्य स्तन से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की जांच के लिए एक ट्रेनिंग कर सकते हैं।

फ़ाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट खतरनाक या लाइफ थ्रेटिंग के लिए खतरा नहीं है, यह असुविधाजनक लक्षण पैदा कर सकता है जो रोजमर्रा की जिंदगी में हस्तक्षेप कर सकता है। आपके चिकित्सक लक्षणों को कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव जैसे तनाव के स्तर को कम करने या कैफीन की मात्रा कम करने की पैरवी करते हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

आपसी रिश्तों की गहराई को परखने के लिए Intimacy का अहम रोल होता हैै। इंटिमेसी का मतलब सिर्फ फिजिकल इंटिमेसी ही नहीं है, बल्कि यह अलग भी हो सकती है। अब जब समय और समाज बदल रहा है, तब महिलाएं और पुरुष दोनों ही रिश्ते में जुड़ाव के अलग-अलग वजह को भी समझने लगे हैं।

रिलेशन को समझने और परखने के लिए और दूसरे को समझने के लिए एक-दूसरे के साथ जुड़ना बहुत जरूरी होता है। इंटिमेसी एक ऐसी जरूरत है जो किसी भी रिलेशन को और मजबूत बना सकती है। असल मे इंटिमेसी ही एक-दूसरे की चाहत, इच्छाओं, जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है।

डॉक्टरों का कहना है कि इंटिमेसी किसी भी रिश्ते का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह दो लोगों के बीच गहरे, भावनात्मक संबंध को दर्शाता है। यह शारीरिक निकटता से परे है और इसमें बंधन और विश्वास के अलग-अलग आयाम शामिल हैं।

8 तरह की इंटिमेसी हो सकती है किसी भी रिश्ते की मजबूती और लंबे चलने की वजह

1.इमोशनल इंटिमेसी

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डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह की इंटिमेसी में एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और कमजोरियों को साझा करना और समझना शामिल है। बिना किसी फैसले के भावनाओं को व्यक्त करने के लिए खुले संचार, सहानुभूति और एक सुरझित स्थान की आवश्यकता होती है।

2. फिजिकल इंटिमेसी

फिजिकल इंटिमेसी में पार्टनर में शारीरिक नजदीकियां और निकटता शामिल है। इसमें गले लगाना, हाथ पकड़ना, किस और सैक्सुअल इंटिमेसी जैसी गतिविधियां शामिल है।

3. बौद्धिक इंटिमेसी

बौद्धिक इंटिमेसी विचारों, आइडिया और बौद्धिक उत्तेजना के आदान-प्रदान पर निर्मित होती है। इसमें गहन बातचीत में शामिल होना, हितों पर चर्चा करना और एक-दूसरे की बौद्धिक गतिविधियों का सम्मान करना निहित है।

4. आध्यात्मिक इंटिमेसी

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आध्यात्मिक इंटिमेसी (Spiritual Intimacy) का संबंध आध्यात्मिक या दार्शनिक स्तर पर जुड़ने से है। इसमें विश्वास, वैल्यू और मकसद की भावना को शेयर करना शामिल है। इस तरह की अंतरंगता को साझा आध्यात्मिक प्रथाओं, ध्यान या आध्यात्मिकता के बारे में सार्थक चर्चाओं में शामिल होने के माध्यम से पोषित किया जा सकता है।

5. मनोरंजक इंटिमेसी

मनोरंजन इंटिमेसी में गतिविधियों और शौक को एक साथ शामिल करना शामिल है। इसमें साझा फिलिंग्स भी निहित है। जैसे- खेल खेलना, साहसिक यात्रा पर जाना, फिल्में देखना या सामान्य रुचियों को अपनाना। आनंददायक गतिविधियों में शामिल होने से संबंध मजबूत हो सकते हैं और साझा यादें बन सकती हैं। फिजिकल टच इंसानों के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत कर सकता है।

6. रचनात्मक इंटिमेसी 

रचनात्मक इंटिमेसी में एक-दूसरे की रचनात्मकता को व्यक्त करना और उसकी सराहना करना शामिल है। यह एक साथ कलात्मक प्रयासों में शामिल होने के माध्यम से हो सकता है, जैसे- पेंटिंग, लेखन, खाना बनाना या संगीत बनाना। एक-दूसरे की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना और समर्थन करना बंधन को मजबूत कर सकता है।

7. विश्वास की इंटिमेसी 

If you don't like something between two different minded people

डॉक्टरों के मुताबिक विश्वास की इंटिमेसी आपसी विश्वास, ईमानदारी और विश्वसनीयता पर बनी होती है। इसमें एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील होना, वादे निभाना और गोपनीयता बनाए रखना शामिल है। विश्वास भावनात्मक सुरक्षा के लिए आधार प्रदान करता है और जुड़ाव की गहरी भावना को बढ़ावा देता है।

8. अनुभवात्मक इंटिमेसी 

अनुभवात्मक इंटिमेसी जीवन के खास अनुभवों और माइलस्टोन को शेयर करने के बारे में है। इसमे अहम घटनाओं के दौरान एक-दूसरे के लिए उपस्थित रहना, चुनौतियों के माध्यम से एक-दूसरे का समर्थन करना और उपलब्धियों का एक साथ जश्न मनाना निहित है। लाइफ के उतार-चढ़ाव को शेयर करने से भावनात्मक संबंध गहरा हो सकता है।