


मानसून के मौसम में अक्सर लोग ट्रेवल (Travel) करने से बचते हैं। बारिश में मौसम खराब होने की वजह से उनके सफर पर असर पड़ सकता है। ट्रेवल के लिहाज से लोग बारिश के मौसम में घर से बाहर नहीं जाना चाहते हैं। पर भारत में कई ऐसी घूमने की जगहें हैं जो बारिश के मौसम में शानदार हैं। इस जगहों की विशेषता बरसात में ज्यादा बढ़ जाती है। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें बरसात के मौसम में अपने फ्रेंड या पार्टनर के साथ किसी हरियाली वाली खूबसूरत जगह की सैर करनी होती है।
वहीं, कई बार लोग किसी जरूरी काम की वजह से भी मानसून में ट्रैवल करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। चाहें आप अपनी इच्छा से बारिश में कहीं जाना चाहते हों या फिर काम के सिलसिले में सफर रह रहें हों, अगर अचानक से बारिश हो जाएं तो क्या करना है, ये आपको पता होना चाहिए। बारिश के कारण सफर में रुकावट ना आए और मजा सजा ना हो, इसके लिए बारिश में ट्रैवल के इन आइडियाज को जरूर अपनाएं-
सफर का लुत्फ उठाने के लिए गाड़ी की सर्विसिंग है जरूरी
मानसून में अगर गाड़ी से कहीं जा रहे हैं तो कार की एक बार सर्विस जरूर करा लें। बारिश में अक्सर गाड़ियां बंद हो जाती हैं। इसलिए सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के सफर का लुत्फ उठाने के लिए गाड़ी की सर्विस कराकर ही घर से निकलें।
सेफ ड्राइविंग

अगर आप रोड ट्रिप पर हैं और अचानक सफर के दौरान बारिश होने लगे तो सबसे जरूरी है कि गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें। गति पर नियंत्रण रखें और सेफ्टी का ध्यान दें।
खाने का सामान साथ में जरूर रखें
ट्रेवल के दौरान अगर बारिश होने लगे, तो हो सकता है कि आप किसी रेस्तरां में ना जा पाएं। तेज बारिश में किसी हाईवे पर हैं और बारिश रुकने तक आपको वहीं इंतजार करना पड़ सकता है, ऐसे में अपने साथ गाड़ी में खाने पीने का कुछ सामान, जैसे स्नैक्स,फल, पानी वगैरह जरूर रखें। खासकर अगर साथ में बच्चे सफर कर रहे हैं तो खाना लेकर जाएं।
एक्सट्रा कपड़े रखना ना भूले
जब आप किसी ट्रिप पर 2-4 दिन का प्लान बनाकर जाते हैं तो आप उसी आधार पर कपड़े और अन्य जरूरी सामान ले जाते हैं पर मानसून के मौसम में कभी भी बारिश हो सकती है और आप बारिश में भीग सकते हैं। इसलिए कुछ एक्सट्रा कपड़े जरूर साथ रखें ताकि अगर आपके कपड़े गीले हो जाएं तो आपके पास अतिरिक्त कपड़े होने चाहिए। अलावा इसके छतरी, पतला रेनकोट समेत अन्य जरूरी सामान भी रखें।
फर्स्ट एड किट है जरूरी
वैसे तो किसी भी मौसम में सफर के दौरान साथ कुछ मेडिसीन जरूर रखनी चाहिए लेकिन मानसून में बारिश में भीगने के कारण जुकाम, खांसी और बुखार आदि आसानी से हो सकता है। इसलिए कुछ ऐसी दवाएं साथ ले जाएं तो सर्दी-खांसी और फीवर में ली जा सके।


ज्योतिषशास्त्र की तरह अंक ज्योतिष से भी जातक के भविष्य, नेचर और व्यक्तित्व का पता लगता है। जिस तरह प्रत्येक नाम के मुताबिक राशि होती है उसी तरह हर नंबर के अनुसार अंक ज्योतिष में नंबर होते हैं। अंकशास्त्र के मुताबिक अपने नंबर निकालने के लिए आप अपनी जन्म तिथि, महीने और साल को इकाई अंक तक जोड़ें तथा तब जो नंबर आंएगी, वही आपका भाग्यांक होगा। मिसाल के तौर पर महीने के 2, 11 और 20 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 2 होगा।
जानें किन लोगों के लिए 29 जुलाई का दिन शुभ होगा-
मूलांक- 4
कार्यक्षेत्र में कामयाबी मिलेगी।
आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना होगी।
दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।
परिवार के सदस्यों के साथ समय व्यतीत करें।
मान- सम्मान और पद- प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए ये समय किसी वरदान से कम नहीं है।
मूलांक- 7
लेन-देन के लिए समय शुभ है।
धन- लाभ होगा, जिससे आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
नौकरी और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं।
इस समय निवेश करने से मिलेगा फायदा ही फायदा।
मूलांक- 8
धन-लाभ होगा, जिसके आर्थिक पक्ष मजबूत
मान- सम्मान और पद- प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं।
कार्यक्षेत्र में उच्च अधिकारियों के साथ संबंध मधुर होंगे।
जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करें।
मूलांक- 9
दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।
सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए भी समय शुभ है।
इस दौरान प्रमोशन के भी योग बन सकते हैं।
कार्यक्षेत्र में सब आपके काम की तारीफ करेंगे।

साउथ के सुपरस्टार रजनीकांच और बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता अक्षय कुमार इस समय खूब चर्चा में हैं। हालांकि, दोनों सुपरस्टार्स अपने किसी फिल्मी प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में नहीं हैं। बता दें कि इस बार वजह है इनकी रईसी। रजनीकांत, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा आयकर देने वाले अभिनेता बन गए हैं। वहीं, एक्टर अक्षय कुमार सिनेमा जगत में सबसे अधिक टैक्स देने वाले एक्टर हैं। इनकम टैक्स डे के मौके पर आयकर विभाग ने दोनों बड़े अभिनेताओं को सम्मानित किया है। इसके बाद इनकी रईसी के चर्चे आम हो गए हैं। हर कोई जानना चाहता है कि इनकी नेटवर्थ कितनी है और यह एक फिल्म के लिए कितनी कीमत लेते हैं।
आइये डालते हैं इनकी नेटवर्थ पर एक नजर
बता दें कि दिग्गज अभिनेता रजनीकांत को फैंस भगवान का दर्जा देते हैं। भले ही रजनीकांत अपनी अमीरी का कोई दिखावा नहीं करते पर इनके पास कई आलीशान घर और महंगी कारें हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रजनीकांत के पास चेन्नई के पॉश गार्डन में एक आलीशन घर है। इसकी कीमत करीब 35 करोड़ रुपये हैं। अभिनेता रजनीकांत के पास कार का अच्छा खासा कलेक्शन है। कई लग्जरी एलीट कार होने के साथ-साथ उनके पास एक कस्टमाइज लीमोजीन है। वैसे तो इसकी बाजार वैल्यू 5-6 करोड़ रूपये हैं, लेकिन रजनीकांत ने इसे कस्टमाइज कराया है तो इसकी कीमत करीब 22 करोड़ रूपये है। रजनीकांत के पास करीब 17 करोड़ रुपये कीमत की रॉल्स रॉयस फैंटम कार है।
अभिनेता के पास ‘राघवेंद्र मंडपम’ के नाम के एक मैरिज हॉल है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी कीमत 20 करोड़ रूपये तक है। सेलिब्रिटी नेटवर्थ पर आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रजनीकांत की नेटवर्थ करीब 365 करोड़ रुपये है। रजनीकांत एक फिल्म के करीब 55 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं। हाल ही में आयकर विभाग ने एक्टर को सम्मानित किया है। एक्टर की बेटी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
बॉलीवुड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले एक्टर बने अक्षय कुमार

अभिनेता अक्षय कुमार भी बॉलीवुड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले एक्टर बन गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने उन्हें एक ‘सम्मान पत्र’ दिया है। इसकी तस्वीर वायरल हो रही है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं आई है। ना ही अभिनेता की ओर से इस पर कुछ कहा गया है। बता दें कि अक्षय इस वक्त इंग्लैंड में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अक्षय की टीम ने यह सम्मान पत्र लिया। मीडिया खबरो के मुताबिक अक्षय कुमार अपनी एक फिल्म के लिए करीब 100 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं। एक्टिंग के अलावा भी उनकी आमदनी के अन्य जरिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ करीब 369 करोड़ रुपये है। अक्षय कुमार के पास भारत के साथ-साथ कनाडा में भी अच्छी खासी प्रॉपर्टी है। वह एक निजी जेट के मालिक हैं, जिसकी कीमत करीब 260 करोड़ रूपये है।
गौरतलब है कि अक्षय इस समय इंग्लैंड में हैं और जसवंत सिंह गिल की बायोपिक की शूटिंग कर रहे हैं। अक्षय कुमार जल्द ही फिल्म ‘रक्षा बंधन’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 11 अगस्त, 2022 को रिलीज होगी। फिल्म में अक्षय के अपोजिट भूमि पेडनेकर हैं। इसके अलावा अक्षय के खाते में फिल्म ‘सेल्फी’, ‘राम सेतु’, ‘ओह माई गॉड 2’ और ‘बड़े मियां छोटे मियां’ है। सूर्या की फिल्म ‘सोरोरई पोतरू’ के हिंदी रीमेक में भी अक्षय नजर आएंगे। रजनीकांत के वर्कफ्रंट की बात करें तो जल्द ही वह नेल्सन दिलीपकुमार निर्देशित फिल्म ‘जेलर’ में नजर आएंगे।

क्या आपको सुपरहिट फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का वो आखिरी सीन तो जरूर याद है, जिसमें काजोल ट्रेन के पीछे भागती है और शाहरुख खान हाथ बढ़ाकर उन्हें पकड़ लेते हैं। इस पूरी फिल्म में यह सीन मेन है और इतना आइकॉनिक है कि सभी इस सीन की नकल करने के ख्वाहिशमंद होते हैं। इस सीन को एक बार फिर रीक्रिएट किया है अभिनेता शाहिद कपूर और उनकी पत्नी (Shahid-Meera Rajpoot) मीरा राजपूत ने।
शाहिद और मीरा कुछ समय पहले यूरोप टूर पर गए थे, जहां से उन्होंने अपनी कई शानदार फोटोज फैन्स के साथ साझा की थीं। मीना ने इसी ट्रिप की एक थ्रोबैक तस्वीर अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की है। इस फोटो में मीरा और शाहिद ने DDLJ के आइकॉनिक ट्रेन वाले सीन को रीक्रिएट किया है। यह फोटो किसी को भी शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माए गए रियल सीन की याद दिला सकती है। इसके साथ ही मीरा ने ट्रेन के भीतर खींची गई अपनी एक तस्वीर भी शेयर की है।
स्विट्जरलैंड की खींची गई है तस्वीरें

ये फोटोज स्विट्जरलैंड की है और इसमें शाहिद कपूर कैमरे को पोज देते मुस्कुराते दिख रहे हैं। इस तस्वीर में उन्होंने सनग्लासेज लगा रखे हैं और व्हाइट कलर के कपड़े पहने हुए हैं। तस्वीर में शाहिद ट्रेन पर खड़े हैं और उन्होंने मीरा का हाथ पकड़ रखा है। इस फोटो में पीछे ऐल्प्स पर्वत की झलक भी दिखाई दे रही है। तस्वीर को शेयर करते हुए मीरा ने लिखा कि चिल करने की एक्टिंग, थोड़ा चीज़ी भी।
इस रोमांटिक जोड़ी पर फैन्स ने लुटाया अपना प्यार
शाहिद और मीरा की ये तस्वीर उनके फैंस को खूब भा रही है। कई लोगों ने कहा कि इस तस्वीर ने उन्हें DDLJ के शाहरुख और काजोल की याद दिला दी। वहीं, एक फैन ने करीना कपूर और शाहिद कपूर स्टारर ‘जब वी मेट’ का जिक्र करते हुए कमेंट में लिखा, ‘दूसरी तस्वीर मुझे आदित्य और गीत की याद दिलाती है।’ वहीं किसी और ने लिखा कि DDLJ-2 का प्रोमो।’
स्विट्जरलैंड के यादगार पल

मीरा और शाहिद कुछ दिन पहले अपने बच्चों मीशा और ज़ैन के साथ स्विटज़रलैंड में छुट्टियां मना रहे थे। इसके बाद उन्हें लंदन में स्पॉट किया गया था। स्विट्जरलैंड में वक्त बिताने के दौरान उन्होंने बहुत सी खूबसूरत जगहों की सैर की, झीलें देखीं, ट्रेकिंग की और लोकल जगहों को भी एक्सप्लोर किया। उसी दौरान मीरा ने अपनी एक इंस्टाग्राम स्टोरी में स्विट्ज़रलैंड के एक होटल में वेजिटेरियन फूड नहीं मिलने की शिकायत भी की थी। हालांकि बाद में होटल मैनेजमेंट ने ये मामला सुलझा लिया था।
Anniversary पर एक-दूसरे को ऐसे किया विश
07 जुलाई को शाहिद और मीरा की शादी की 7वीं सालगिरह थी। इस अवसर पर शाहिद और मीरा दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को बधाई दी। मीरा के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए शाहिद ने लिखा कि 07 डाउन बेबी। हैप्पी एनिवर्सरी, तुमने ये मुश्किल 07 साल बिता लिए। तुम एक सर्वाइवर हो, एक लेजेंड हो।’
दूसरी तरफ, मीरा ने भी शाहिद के साथ वेकेशन की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वो दोनों धूप में आराम कर रहे हैं। इसके कैप्शन में मीरा ने लिखा कि मेरी ज़िंदगी का प्यार, हैप्पी 07 बेबी। मैं तुमसे बेहद प्यार करती हूं।
शाहिन ने पूरी की थ्रिलर फिल्म की शूटिंग
बात करें शाहिद की फिल्मों की, तो हाल ही में उन्होंने अली अब्बास जफर के साथ एक एक्शन थ्रिलर फिल्म की शूटिंग पूरी की है। इसके अलावा राज और डीके की ‘फर्जी’ से शाहिद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी डेब्यू करने वाले हैं। खबरें ये भी हैं कि शाहिद कपूर पहली बार दिनेश विजान के मैडॉक प्रोडक्शन के साथ एक फिल्म में काम करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि ये फिल्म मैडॉक प्रोडक्शन की अब तक की सबसे बड़ी लव स्टोरी होगी।

पापा अक्सर कहा करते थे कि जिंदगी में अगर दोस्त (Friendship ) बनाना है तो आपका सबसे अच्छा दोस्त किताबें ही कहलाएंगी, जो जिंदगी के किसी भी मोड़ पर आपका साथ नहीं छोड़ेंगी। जब कभी आप जिंदगी के किसी मुश्किल दोराहे पर खड़े होंगे, उस समय में भी यह आपको सही रास्ता दिखाने में मदद करेंगी। किताबों से दोस्ती के बाद आप खुद को कभी अकेला नहीं पाएंगे।
तब तो यह सिर्फ पापा की दी हुई सीख समझकर सुन ली जाती थी, लेकिन बचपन में कभी उनकी इस सीख पर अमल नहीं किया, लेकिन अब जब भी खुद को अकेला महसूस करती हूं, तो किताबों के और करीब चली जाती हूं। और आप यकीन मानो पापा की दी हुई सीख बिल्कुल सटीक थी । उसी की बदौलत आज आपको ऐसी 05 किताबों के बारे में बताती हूं, जो मेरे अनुसार हर महिला को जरूर पढ़नी चाहिए बेशक चाहे वह कामकाजी हो या घरेलू। तो चलिए जानते हैं:
1. हजारों दमकते ख्वाब:
यह दो साधारण सी अफगानी महिलाओं की कहानी है। इसमें इनकी जिंदगी के दर्द और हजारों तकलीफ आपको भावनात्मक रूप से इन से जुड़ने को मजबूर कर देंगी। यह कहानी आपको जिंदगी की असल अहमियत जानने में मदद करेंगी। इस कहानी को पढ़ने के बाद आप समझ पाएंगे, कि आपको भगवान का शुक्रगुजार होना चाहिए कि आप और लोगों से बेहतर स्थिति में हैं।
2. कोई अच्छा सा लड़का:
यह एक ऐसी प्रेम कहानी है जो विभाजन के समय की स्थिति को दर्शाती है। जो स्त्रियां प्रेम जैसी पवित्र भावना में विश्वास करती हैं उनके लिए यह किताब एक उपहार से कम नहीं है।
3. मुझे चांद चाहिए:
यह किताब सुरेंद्र वर्मा ने लिखी है, इस किताब की नायिका वर्षा एक बहुत महत्वकांक्षी लड़की है। जो अपने जीवन में बहुत कुछ करना चाहती है, वह अभिनेत्री बनना चाहती हैं। ये कहानी उसके सपनों और जीवन की हकीकतो के बीच के द्वंद को दर्शाती है। ये कहानी आपको जरूर पढ़नी चाहिए।
4. द्रौपदी की महाभारत:
इस किताब में महाभारत को द्रौपदी की नजरों से दिखाया गया है। द्रौपदी हमारे पुराणों के अनुसार सबसे धैर्यवान महिलाओं में से एक थी। इस किताब के माध्यम से लेखक बताना चाहता है कि औरतों को कभी हार नहीं माननी चाहिए ।
5. मामूली चीजों का देवता:
यह किताब दो बहनों की जिंदगी के सफर को दर्शाती है, इसमें बताया गया है कि कैसे समाज के दायरों के बीच फंसकर बहुत बार हम वह हासिल नहीं कर पाते जो हम डीजर्व करते हैं। इस किताब को लिखने में पूरे 04 साल लगे।

‘मां’ हां ये वही है जिसको सुनते ही एक 60 साल का बुजुर्ग व्यक्ति भी अपने आप को छोटा बच्चा महसूस करने लगता है। दरअसल ये शब्द ही इतना ज्यादा प्यारा है सब को कि कभी हमें कुछ हो जाए तो भी सब से पहले मां ही निकलता है मुंह से..और हम परेशान हो, दर्द में हो तब भी मां ही सबसे पहले याद आती हैं।
“वो किसी ने कहा है ना कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते थे इसलिए उन्होंने मां को बनाया”
बिल्कुल सही कहा है, जिंदगी में सब कुछ हो और मां ना हो तो सब अधूरा सा हो जाता है। मां है तो दुनिया की सारी खुशियां हमारी हो जाती है।
आज भी हमारे बीच कुछ लोग है जो अपने मां-बाप को इज्जत नहीं देते..उन्हें वो मान सम्मान नहीं देते जिनके वो हकदार है। बहुत ज्यादा गुस्सा, बुरा व्यवहार और अत्याचार करते है वो अपने मां बाप पर… उनको लगता है कि उन्होंने उनके लिए कुछ नहीं किया और अगर किया भी है तो वो उनकी ड्यूटी थी।। सच कहा जाए तो वैसे लोग कितने बेवकूफ़ है वो.. जिस चीज को वो ड्यूटी समझते है वो उनकी ममता होती है और रही बात ड्यूटी की तो …फिर कुछ ड्यूटी बच्चों की भी तो होती है… तो क्या वो उन्हें पूरा कर रहे हैं, अगर इसका जवाब मिल जाए तो खुद सोचना कि उन्होंने अपने मां-बाप के लिए क्या किया है?
मैं सिर्फ़ इतना ही कहना चाहती हूं ऐसे लोगों से कि जिनके साथ तुम रह रहे हो ना, जिन्होंने तुम्हे चलना सिखाया, कंधे पर बैठा कर दुनिया दिखाया, वो सिर्फ़ मां बाप नहीं हैं.. वो भगवान का रूप है। तुम खुशनसीब हो जो यही उनके दर्शन हो गए। इसलिए उन्हें वो सब दो जिसके वो हकदार है। आज का ये लेख उन लोगों के लिए ख़ास तौर पर लिखा गया है जिनको अपने मां-बाप की कोई अहमियत समझ नहीं आती। हर पल उन्हें सिर्फ यही लगता है कि उनके मां-बाप उनके लिए जो कुछ भी कर रहे है वो कोई अहसान नहीं है बल्कि ये तो उनकी ड्यूटी है जो हर मां-बाप करते है। बहुत नासमझ हैं वो लोग जिनको कभी समझ ही नहीं आता कि मां-बाप भगवान का दिया हुआ वो तोहफ़ा होते है, जो सब के नसीब में नहीं होते। इसलिए इनके लिए हम जितना करें उतना कम है।
गर अभी भी कुछ लोगों को समझ नहीं आया तो मैं कुछ पंक्तियों के जरिए एक कोशिश और करना चाहूंगी-
एक छोटा सा घर है हमारा, मगर उसे बनाने में खूब पसीने बहाए हैं,
चूल्हे की आंच पर रोटियां पकाते हुए, कई बार मां ने अपने हाथ भी जलाए हैं,
ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए हैं,
कि सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए हैं।।
दो समय की रोटी के लिए, मां ने कई दिन सिर्फ पानी पीकर बिताए हैं,
बच्चे भूखे ना सो जाए इसलिए भारी भारी बोझ भी उठाए हैं,
जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए हैं,
की सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।
बहुत मुश्किल था वो दौर, उस दौर में शायद ही दो पैसों की बचत हो पाए लेकिन फिर भी जैसे तैसे करके मां ने वो बचाए है,
मेरे बच्चों का भविष्य बहुत सुनहरा हो, रातों को जाग कर मां ने ये सपने सजाए है,
जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है,
की सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।
एक बार यूंही देखे मैंने उनके हाथ, उनके हाथों में बहुत सारी दरारें हैं,
हमारी परवरिश के लिए, उन्होंने अपने सुंदर हाथ भी बिगड़े है,
हमारे सारे सपने पूरे हों, इसलिए उसने अपने सारे सपने दांव पर लगाए हैं,
अपनी पसंद, अपने शौक सब छोड़ दिया, कहती हैं कि मुझे मेरे बच्चे उन सब से प्यारे हैं,
ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए हैं,
कि सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।
जिंदगी की इस तपती राह पर हमारे लिए, उसने अपने पांव जलाए है,
पीठे की वो मिठाई जो उन्हे बहुत पसंद है, उसके लिए बचाए पैसे भी हमारे आने वाले कल के लिए बचाए है
जी हां, ज़िम्मेदारी के बोझ ने कुछ ऐसे दिन भी दिखाए है,
कि सालों तक त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाए है।।
जब जब मैंने खुद को मुश्किलों से घेरा है, तब तब मैंने अपनी मां को मेरे साथ खड़ा हुआ पाया है,
भगवान को देखा नहीं कभी मैंने लेकिन, वो मेरी मां ही है जिसने उनके होने का अहसास कराया है,
बहुत किया है उन्होंने मेरे लिए लेकिन अब मुझे उनके लिए कुछ करके दिखाना है,
जो कुछ भी छोड़ा उन्होंने मेरे लिए वो उन्हें वापिस भी तो दिलाना है…
इन्हीं जिम्मदारियों के कारण ऐसा होता आया है,
कि सालों तक हर त्यौहार मां ने एक ही साड़ी में मनाया है।।

हाल ही में एक खबर सुनी, जिसमें बताया गया कि एक शिक्षक का तबादला होने के बाद उसके शिष्य फूट-फूट कर रोए। क्या हुआ ? सुनने में अजीब लगा ना ?
लगना स्वाभाविक भी है क्योंकि आजकल इतनी भावुकता दिखाता कौन है? वह भी किसी अन्य के लिए। आज के समाज में लोग अपने अपनो के लिए समर्पित नहीं है, जितना ये शिष्य अपने शिक्षक के लिए हो रहे हैं । सच ही तो है, आजकल जिंदगी फेसबुक सी हो गई है, जिसमें भीड़ तो बहुत है, लेकिन हम किसी को अपना नहीं कह सकते। इस फेसबुक, इंस्टा और व्हाट्सएप ने हमें हमारे अपने अपनों से इतना दूर कर दिया है। आलम यह है कि एक साथ बैठे हुए भी हम एक दूसरे से ना बात कर पा रहे हैं, ना उसे महसूस कर पा रहे हैं।
अंदर की भावनाएं तो जैसे मर सी गई है। ना किसी को अपनी कहनी है, ना किसी की सुननी है ।
कभी-कभी हम अपने से इस हद तक दूर हो जाते हैं कि बहुत परेशानी में हम अपने दिल का गुबार तक नहीं निकाल पाते। ऐसे में शुरू होता है डिप्रेशन का दौर।
इस डिप्रेशन में फिर हम अपनी दिखावटी दुनिया(सोशल मीडिया) से भी दूर होने लगते हैं।
डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति को सामान्य रूप से अपनी दिनचर्या जारी रखने में अक्षम कर देती है।
इसके लक्षण इस प्रकार है:
1. दिन भर उदासी महसूस करते रहना।
2. थकावट और कमजोरी महसूस करना।
3. डिप्रेशन होने पर इंसान हर समय अपने आप को गुनहगार सा महसूस करने लगता है।
4. वह अपने फैसले खुद नहीं ले पाता।
5. नींद पूरी या अच्छी तरह से नहीं ले पाता।
6. उस को हमेशा आत्महत्या का विचार आने आता है।
7. बेचैनी महसूस करते हैं ।
8. दिनचर्या की हर गतिविधि में नीरसता होती है।
वैसे तो यह एक मानसिक स्थिति है, लेकिन यह व्यक्ति को शारीरिक तौर पर प्रभावित करती हैं।
डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में लगभग 30 करोड लोग डिप्रेशन से ग्रस्त हैं । भारत में इसकी संख्या 5 करोड़ से ज्यादा है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितनी व्यापक बीमारी का रूप ले चुकी है। लेकिन दिनचर्या में बदलाव, आदतों में बदलाव के साथ हम इस पर काबू पा सकते हैं। चलिए जानते हैं इसके बचाव के उपाय:
1. इससे बचाव का सबसे पहला तरीका यही है कि इंसान 08 घंटे की नींद पूरी लें। इसे उसका दिमाग तरोताजा रहेगा।
2. मन में कभी भी नकारात्मक विचार ना आने दे। हमेशा अपने आप को मोटिवेट करते रहें।
3. 10 मिनट रोजाना सूरज की रोशनी में रहें। इससे आपका डिप्रेशन जल्दी हटेगा।
4. सुबह-शाम बाहर टहलने जाए।
5. योग और ध्यान भी आपको इसमें मदद कर सकता है।
6. अपनी हॉबीज को समय दें। जो आपको पसंद हो वो करे।।
7. अपने आप को हमेशा व्यस्त रखें।
8. इससे छुटकारा पाने के लिए आप संगीत भी सुन सकते हैं।
9. हमेशा प्रकृति के साथ समय बिताएं।
10. परिवार के साथ बाहर घूमने जाएं।
11. नियमित अंतराल पर बाहर खाना खाने का प्लान बनाएं।
12. सबसे अहम, कभी भी किसी भी एंटी डिप्रेशन पिल की आदत ना डालें।

“हर हर महादेव” जी हां, अब आप हर दिन किसी न किसी से यह जादुई शब्द सुनेंगे । हर तरफ सिर्फ भक्ति की धुन और श्रद्धा की खुशबू फैल जाएगी। यह सब मुमकिन है क्योंकि सावन मास जो शुरू हो चुका है । दोस्तों गुरु पूर्णिमा के साथ आषाढ़ महीने का अंत हो जाता है तथा इसके अगले दिन से सावन मास की शुरुआत होती है ।
यह हिंदुओं का सबसे महत्वपूर्ण व पवित्र महीना माना जाता है। इस बार सावन महीने की शुरूआत 14 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 12 अगस्त को होगा।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सावन में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है । सावन में सोमवार के व्रत उपवास करने का भी एक अलग महत्व है। सावन के पूरे महीने शिवभक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, मंदिरों में खासी भीड़ होती है।
सावन के महीने में कुछ श्रद्धालु कावड़ लेने भी जाते हैं। नंगे पैर हर हर भोले नाथ के नारों के साथ ही पूरा वातावरण पवित्र हो जाता है। कुछ लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए संकल्प के साथ सोलह सोमवार का व्रत भी करते हैं जिसकी शुरुआत सावन के महीने के पहले सोमवार से की जाती है । वैसे तो भोलेनाथ बहुत भोले हैं । भक्तों द्वारा सिर्फ गंगा जल अर्पण करने भर से ही वो प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को उनकी मन वांछित वस्तु देते हैं। लेकिन कुछ आसान उपायों के साथ आप भोलेनाथ से अपनी मनोकामना जल्द पूरी करा सकते हैं चलिए आज ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानते हैं:
1. अगर आपको कहा जाए कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने भर से ही महादेव आप के कष्टों को दूर कर देंगे तो आप यह जरूर करना चाहेंगे।
तो चलिए आज हम बताते हैं कि जल के साथ ऐसी कौन सी वस्तु आप शिवलिंग पर अर्पण करें जिससे आपकी मनोकामना जल्दी पूरी हो:
अगर आप आरोग्य होने की इच्छा से शिवलिंग की आराधना करते हैं तो आप शिवलिंग पर दूध अर्पण करें ।
2. जीवन में सुकून और शांति के लिए आपको शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ ही दही अर्पण करना चाहिए। इससे आपको सुकून और शांति की प्राप्ति होगी।
3. अगर आप समाज में लोकप्रिय होना चाहते हैं, फेमस होना चाहते हैं, फेम पाना चाहते हैं तो शिवलिंग पर गंगा जल के साथ शहद अर्पण करें ।
4. जो व्यक्ति सुख समृद्धि की इच्छा रखते हैं, उन्हें शिवलिंग पर जल के साथ शक्कर चढ़ाने की सलाह दी जाती हैं। शक्कर चढ़ाकर वह सुख समृद्धि की प्राप्ति अवश्य ही कर पाएंगे ।
5. यश और मान सम्मान की इच्छा रखने वाले मनुष्य को गंगाजल के साथ चंदन शिवलिंग पर अर्पण करना चाहिए। जिससे उनको यश और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
6. अक्सर देखा जाता है कि आजकल पति पत्नी के झगड़े बहुत बढ़ गए हैं, आपसी दूरियों के कारण वह आपस में मिलजुल कर नहीं रह पाते हैं, तो अपने दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों को शिवलिंग की आराधना करते वक्त शिवलिंग पर गंगाजल के साथ केसर अर्पण करना चाहिए। इससे उनका जीवन सुखमय हो जाएगा और प्रेम भी बढ़ेगा।
7 संतान की इच्छा रखने वाले दांपत्य को सलाह दी जाती है कि वह शिवलिंग पर गंगाजल के साथ गेहूं भी अर्पण करें। इससे उनको संतान की प्राप्ति होगी ।
8. काले तिल चढ़ाने से पापों का नाश और रोगों का नाश होगा। जी हां, जो लोग अपने पापों का नाश और रोगों का नाश करने की इच्छा रखते हैं उन्हें शिवलिंग पर गंगाजल के साथ काले तिलों को अर्पण करना चाहिए।
फोटो सौजन्य- गूगल

