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Author Archives: Nafisa Khan

Breastfeeding plays a crucial role in a child's nutrition

Breast Feeding’s Importance: महिलाओं को कहा जाता है कि बच्चे को जन्म के 06 महीने तक मां का दूध पिलाना बहुत आवश्यक होता है। तो क्या उसके बाद बच्चे के लिए मां के दूध का महत्व नहीं रहता है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिस लगभग 06 महीने तक सिर्फ स्तनपान और उसके बाद पूरक आहार के साथ 02 साल या उससे ज्यादा वक्त तक स्तनपान कराने की सलाह देते हैं।

बच्चे की जिंदगी के शुरुआती 02 साल शारीरिक विकास, दिमाग के विकास और इम्यून सिस्टम के लिए बेहद अहम होते हैं। ऐसे में मां का दूध इस पूरे समय बच्चे के पोषण और संक्रमण से बचाव में योगदान देता रहता है। आइए हम डॉक्टर से जानते हैं कि ब्रेस्टफीटिंग कैसे बच्चे की सेहत को जिंदगी भर के लिए बेहतर बनाती है।

बच्चे के लिए ब्रेस्टफीडिंग कितना अहम

Breastfeeding plays a crucial role in a child's nutrition

डॉक्टर बताते हैं कि बच्चे की जिंदगी के शुरुआती 1000 दिन, यानी गर्भधारण से लेकर दो साल की उम्र तक का समय, उसके विकास और बढ़ने के लिए बहुत अहम होता है। इस दौरान दिमाग तेजी से विकसित होता है, शरीर के अंग मैच्योर होते हैं और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है।

अच्छे पोषण का बच्चे की शारीरिक सेहत, सीखने की क्षमता और कुल मिलाकर उसकी भलाई पर बहुत बडा असर पड़ता है। ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को जरूरी पोषण मिलता है। मां का दूध बच्चों को संक्रमण से बचाता है और उनके हेल्दी डेवलपमेंट में मदद करता है।

क्या 6 महीने के बाद मां का दूध खराब हो जाता है?

डॉक्टर कहते हैं, “देखें, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। 6 महीने पूरे होने के बाद बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ने लगती हैं। इसलिए इस उम्र में सिर्फ स्तनपान से बच्चे का पेट नहीं भर पाता है। बच्चे को उम्र के अनुसार सुरक्षित व पौष्टिक आहार देना जरूरी हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मां के दूध की जरूरत खत्म हो गई।

WHO के अनुसार, 6 से 12 महीने के बीच मां का दूध बच्चे की ऊर्जा संबंधी जरूरतों का आधा या उससे अधिक हिस्सा पूरा कर सकता है। 12 से 24 महीने की उम्र में भी यह औसतन करीब एक-तिहाई ऊर्जा की जरूरत पूरी कर सकता है। यानी 6 महीने के बाद स्तनपान खाने का विकल्प नहीं, बल्कि पौष्टिक आहार के साथ एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे के शरीर को कैसे फायदा होता है?

Breast Feeding

डॉक्टर बताते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग में प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन, मिनरल और एंटीबॉडी का सही संतुलन होता है, जिनकी बढ़ते बच्चे को जरूरत होती है। जो बच्चे ब्रेस्टफीडिंग करते हैं, उनमें डायरिया, कान के संक्रमण और सांस की बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है। DHA और अन्य हेल्दी फैट जैसे जरूरी पोषक तत्व दिमाग और नर्वस सिस्टम के विकास में मदद करते हैं, जिससे आगे चलकर सीखने और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

ब्रेस्टफीडिंग करवाने से कई बीमारियों से बचता है बच्चा

डॉक्टर बंसल बताते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग बच्चों की सेहत के लिए जरूरी है और यह बच्चों के बड़े होने पर मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और कुछ तरह की एलर्जी के जोखिम को कम करने में भी मदद करती है। यह बचपन में वजन को सही ढंग से बढने में मदद करती है और खाने की अच्छी आदतें विकसित करने में मदद करती है।

ब्रेस्टफीडिंग कराने से माताओं को क्या फायदे होते हैं?

ब्रेस्टफीडिंग माताओं के लिए भी फायदेमंद है। यह बच्चे के जन्म के बाद गर्भाशय को उसके सामान्य आकार में वापस लाने में मदद करती है, डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग कम करती है और ब्रेस्ट व ओवेरियन कैंसर के जोखिम को कम कर सकती है। ब्रेस्टफीडिंग त्वचा से त्वचा के करीबी संपर्क के जरिए बच्चे के साथ एक मजबूत भावनात्मक जुड़ाव बनाती है।

सफल ब्रेस्टफीडिंग के लिए खास टिप्स

जब भी संभव हो, जन्म के पहले घंटे के भीतर ब्रेस्टफीडिंग शुरू करें और डॉक्टर की सलाह के बिना इसे बंद न करें। शुरुआती छह महीनों तक सिर्फ स्तनपान कराएं और डॉक्टर की सलाह के बिना पानी या कोई और खाना न दें। पर्याप्त मात्रा में दूध बनने में मदद के लिए संतुलित आहार लें।

किसी सख्त रूटीन का पालन करने के बजाय, जब भी बच्चा भूख के संकेत दे, उसे जरूर खिलाएं। दूध बनने में मदद के लिए संतुलित आहार लें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएं और भरपूर आराम करें। अगर स्तनपान में कोई परेशानी आए, तो डॉक्टर या लैक्टेशन कंसल्टेंट से मदद लें। इसलिए, इन सुझावों का पालन करें और बच्चे को सही तरीके से स्तनपान कराना सुनिश्चित करें।

Daily Skincare Routine

Daily Skin Care: रोजाना स्किन की देखभाल करना अच्छी आदतों में से एक हैं। अगर आपकी स्किन भी डल है तो इसके पीछे बहुत सी वजह हो सकते हैं। जिनमें से आपका खराब लाइफस्टाइल, उल्टा सीधा खाना व खराब स्किन केयर रूटीन शामिल है। हमारे शरीर की तरह ही हमारी स्किन को भी केयर की जरूरत होती है। बता दें कि इसके लिए आपको रोजाना स्किन केयर रूटीन का पालन करना होगा। आप नीचे दिए गए टिप्स को फॉलो करके अपनी डल और डैमेज स्किन को निखरी हुई त्वचा में बदल सकते हैं।

एक अच्छा क्लींजर होना जरूरी

आपकी स्किन से हर तरह की गंदगी को निकालने के लिए एक अच्छे से फेसवॉश की जरूरत होती है। इसके लिए आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से अच्छी गुणवत्ता वाला फेसवॉश खरीद लें।

अपने साथ रखें बेस्ट मॉइश्चराइजर

अगर आपकी स्किन ऑयली है और आप सोचती हैं कि आपको किसी मॉइश्चराइजर की आवश्यकता नहीं है तो यहां आप गलत हैं। हर किसी की स्किन को मॉइश्चराइजर की जरूरत होती है। अगर आप की ऑयली स्किन है तो आपको कोई ऑयल फ्री मॉश्चराइजर इस्तेमाल करना चाहिए और अगर ड्राई स्किन है तो किसी साधारण से मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें।

सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें

Excessive use of sunscreen is harmful, do not forget to do it before sleeping at night

अगर आप कहीं बाहर निकल रही हैं तो सनस्क्रीन का प्रयोग करना आवश्यक है। यह आपकी स्किन को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाता है और यदि आप घर से बाहर नहीं भी निकल रही हैं तो भी आपको कम से कम एसपीएफ 30 या उससे कम का सनस्क्रीन अवश्य लगाना चाहिए। आपको इसका प्रयोग हर 4 घंटों के अंतराल पर री-अप्लाई करते रहना चाहिए। यदि आप इसका प्रयोग नहीं करती हैं तो आपकी स्किन बहुत डेमेज हो सकती है।

नाईट क्रीम का भी कर सकती है इस्तेमाल

Daily Skincare Routine

वैसे तो नाईट क्रीम का प्रयोग आपको करते ही रहना चाहिए लेकिन आपकी स्किन ज्यादा सेंसिटिव है तो आपको एक बार अपने डर्मटॉलजिस्ट की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। कई बार कुछ नाईट क्रीम ज्यादा थिक होती हैं और उससे आपकी स्किन में एक्ने व पिंपल्स हो सकती हैं। इसलिए अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

वैसे तो यह ऊपर दी गई सारी जानकारी बहुत सिंपल हैं अगर आप इन्हें गम्भीरता से लेती हैं तो यह आपकी स्किन में बहुत ज्यादा फर्क दिखा सकती है और अगर आप इन्हीं छोटी-छोटी बातों को इग्नोर कर देती हैं तो आपकी स्किन धीरे-धीरे डल व डैमेज होनी शुरू हो जाती है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Pre-Wedding Skincare

Glowing Skin Tips:  हम सब चाहते हैं कि हमारी स्किन ग्लो करे और सच मानिये यह कोई मुश्किल काम भी नहीं है। इसके लिए ज़रूरी है कि हम कुछ बातों का खास ध्यान रखें। ग्लोइंग स्किन पाने के लिए कुछ अलग से करने की ज़रूरत नहीं है, बस अपने रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ब्यूटी टिप्स को अपनाना होगा।

यूं तो बाज़ार में कई तरह के ट्रीटमेंट मौजूद हैं पर वे सबकी स्किन को सूट नहीं करते। इसलिए चमकदार त्वचा पाने के लिए हम घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं। आइए जानते हैं कि ग्लोइंग फ़ेस के लिए हम क्या करें ताकि हमारी स्किन देखकर सब कह उठें “वाह क्या हसीन चेहरा है”!

ग्लोइंग स्किन पाने के लिए उपाय

Bring glow to your face in Korean way and say goodbye to wrinkles

चेहरा चमके और खूबसूरती निखरे, यह ख्वाहिश आज हर लड़की की है, फिर चाहे उसकी उम्र कुछ भी हो। अपने चेहरे पर चमक लाने के उपाय के लिए घर और किचन में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनकी मदद से हम अपने चेहरे को चमका सकते हैं। कुछ अच्छी आदतें भी ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी सहायक बन सकती हैं।

1. अच्छी नींद लें –

दिन भर काम करना, रात को देर तक जागना और 8 घंटे की पूरी नींद न लेना आपकी स्किन के लिए अच्छा नहीं है। यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डालता है। भरपूर नींद न लेने से आपकी आंखें सुबह सूजी लगेंगी। यह दौर कई दिनों तक चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब आपकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स आ जाएंगे। आप थका हुआ महसूस करेंगे और आपकी स्किन डल दिखेगी।

जब आप सो रहे होते हैं तो उसी समय आपके स्किन सेल्स बूस्ट हो रहे होते हैं। जब आप भरपूर नींद नहीं लेंगे तो आपकी स्किन द्वारा रात में इस बूस्टिंग में कमी आएगी और चेहरा थका एवं अस्वस्थ लगेगा।

2. पानी खूब पीएं–

भरपूर पानी हमारी स्किन को ग्लो करने में मदद करता है। हमारे शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकालता है और नए बॉडी सेल्स बनाता है। आप चाहें तो अपने पानी में हेल्दी चीजें मिलाकर भी पी सकती हैं, इस तरह से पानी के फ़ायदे भी बढ़ जाएंगे।

सुबह- सुबह आप उबलते पानी में एक चुटकी दालचीनी मिलाकर पी सकती हैं। इससे वजन कम होने में मदद तो मिलेगी ही, ग्लोइंग स्किन भी आपको मिलेगी। इसके अलावा, आप चाहें तो पानी में स्ट्रॉबेरी जूस भी मिलाकर पी सकती हैं। इसके नियमित सेवन से चेहरे के दाग- धब्बे गायब हो जाते हैं और चेहरे पर ग्लो आता है।

3. व्यायाम करें –

व्यायाम का तात्पर्य सिर्फ़ वजन कम करना नहीं, बल्कि बॉडी को शेप में लाना और चेहरे पर चमक लाना है। व्यायाम से चेहरे पर चमक बढ़ती है और मन भी खुश रहता है। व्यायाम करने के दौरान शरीर से पसीना निकलता है और स्किन की गंदगी बाहर निकल जाती है। यही नहीं, मूड भी अच्छा होता है, शरीर थकता है और नींद भी गहरी आती है जो चेहरे की त्वचा के लिए बहुत ज़रूरी है। चेहरा खूबसूरत दिखने लगता है।

सूर्य नमस्कार , वॉकिंग, साइकलिंग, जॉगिंग, स्किपिंग, डांसिंग जैसे एक्सरसाइज़, स्किन को ग्लो कराने के लिए बेहतरीन हैं। कुछ नहीं तो कम से कम रोजाना तेज कदमों से चलना ज़रूर करें। साथ ही अगर आप फेशियल एक्सरसाइज़ को रोजाना सिर्फ़ 5 मिनट के लिए करेंगे तो, एक महीने बाद आप खुद ही अपने चेहरे को बदला हुआ पाएंगे। यह घरेलू नुस्खा ऐसा है जिसके लिए आपको किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं। आपकी झुर्रियां भी दूर होंगी और चेहरे पर निखार आ जाएगा।

4. योग का अभ्यास –

Yoga for women

आपकी स्किन ग्लो करे, इसके लिए योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग आपकी त्वचा की मांसपेशियों में कसाव लाकर उसे निखारता है। शारीरिक व्यायाम के साथ ही मानसिक तौर पर आपको शांत करता है। जब तक आप अंदर से हेल्दी नहीं रहेंगे, तब तक वह संतुष्टि और शांति बाहर भी नहीं दिखेगी।

चेहरे पर चमक लाने वाले योग में मुख्य हैं- चक्रासन, सर्वांगासन, हलासान, शीर्षासन और प्राणायाम। इन आसनों से शरीर में ऑक्सीजन और खून का बहाव बढ़ जाता है, जो चेहरे पर चमक लाते हैं। ये योग चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को कम करते हैं,त्वचा का ढीलापन कम करते हैं और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए ज़रूरी हैं।

5. साबुन के इस्तेमाल को करें बंद–

बिना साबुन का इस्तेमाल किए, आपको अपनी त्वचा साफ़ नहीं लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साबुन का ज़्यादा इस्तेमाल आपके चेहरे की त्वचा के लिए सही नहीं है ? साबुन में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं जो स्किन को बेजान बना देते हैं। यही नहीं, आपकी स्किन को ड्राई बनाकर स्किन से प्राकृतिक तेल और सीबम को निकालकर मॉइश्चर छीन लेते हैं। स्किन का पीएच स्तर असंतुलित हो जाता है और त्वचा को नुकसान होने लगता है।

आप चाहें तो साबुन की जगह घरेलू चीज़ों का इस्तेमाल करके अपने चेहरे की त्वचा को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। बाज़ार में कुछ प्राकृतिक फ़ेसवॉश भी उपलब्ध हैं, जो आपकी स्किन को ड्राई और बेजान नहीं करते हैं। आप जो भी फेस प्रोडक्ट इस्तेमाल करें, ध्यान रक्खें की वह आपकी स्किन टाइप के अनुकूल हो।

6. तनाव में न रहें –

तनाव एक ऐसी बीमारी है, जो ऊपर से दिखती नहीं देती ,लेकिन अंदर ही अंदर आपको खाए जाती है। आपको मानसिक स्तर पर परेशान करने के साथ ही आपके स्वास्थ्य पर भी हमला करती है l तनाव से हमारा शरीर कोर्टिसोल नामक एक हार्मोन छोड़ता है, जिससे त्वचा ज़्यादा मात्रा में सीबम छोड़ती है, जिससे पोर्स बंद हो जाते हैं l चेहरे पर मुंहासे होने का एक कारण आपका लगातार तनाव में रहना भी है।

टेंशन की स्थिति में अपने शरीर को शांत करने के लिए आपको ठंडे पानी से नहाना चाहिए। आप चाहें तो नहाते समय किसी फ्रेगरेंस वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, यह आपके तनाव भरे मस्तिष्क को शांति पहुंचाएगा। शरीर के साथ चेहरे की मालिश भी आपके तनाव को काफ़ी हद तक दूर करने में कारगर है। अपने चेहरे की त्वचा के नसों को रिलैक्स महसूस कराने के लिए आप चेहरे पर बर्फ़ रगड़ सकती हैं।

7. चेहरा साफ़ करके सोयें –

चेहरे पर लगा मेकअप, बाहर का प्रदूषण, धूल- कण आपके चेहरे पर रोमछिद्रों के जरिए अंदर तक पहुंच जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह गंदगी आपकी स्किन को कितना नुकसान पहुंचा सकती है? आपकी स्किन रात में ही मरम्मत अवस्था में जाती है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप रात को सोते समय अपनी स्किन को अच्छी तरह से साफ़ करके सोयें।

सबसे पहले तो घर आते ही चेहरे से मेकअप हटा लें। इसके लिए आप क्लींजिंग मिल्क या मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, रात को सोते समय कोई अच्छी नाइट क्रीम के इस्तेमाल से आपको चेहरे पर ग्लो मिल जायेगी।

8. अपने मन को शांत रखें –

निराशा और क्रोध कुछ ऐसे कारण हैं, जिससे आपके चेहरे की चमक खो जाती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति आए, आप अपने मन को शांत रखने की कोशिश करें। अपने मन को ऐसी अवस्था में ले जाएं कि आपको आसानी से कोई दुःख और परेशानी न हिला सके। इस स्थिति को पाने के लिए आप ध्यान कर सकते हैं। यह काफ़ी हद तक आपके मन को शांत रखने में मदद करता है और आपकी स्किन कभी भी ग्लो करना नहीं बंद करेगी। चेहरे पर लगा मेकअप, बाहर का प्रदूषण, धूल- कण आपके चेहरे पर रोमछिद्रों के जरिए अंदर तक पहुंच जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह गंदगी आपकी स्किन को कितना नुकसान पहुंचा सकती है? आपकी स्किन रात में ही मरम्मत अवस्था में जाती है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप रात को सोते समय अपनी स्किन को अच्छी तरह से साफ़ करके सोयें।

सबसे पहले तो घर आते ही चेहरे से मेकअप हटा लें। इसके लिए आप क्लींजिंग मिल्क या मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, रात को सोते समय कोई अच्छी नाइट क्रीम के इस्तेमाल से आपको चेहरे पर ग्लो मिल जायेगी।

8. अपने मन को सुरक्षित रखें –

निराशा और क्रोध कुछ ऐसे कारण हैं, जिससे आपके चेहरे की चमक खो जाती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति आए, आप अपने मन को शांत रखने की कोशिश करें। अपने मन को ऐसी अवस्था में ले जाएं कि आपको आसानी से कोई दुःख और परेशानी न हिला सके। इस स्थिति को पाने के लिए आप ध्यान कर सकते हैं। यह काफ़ी हद तक आपके मन को शांत रखने में मदद करता है और आपकी स्किन कभी भी ग्लो करना नहीं बंद करेगी।

9. प्राकृतिक भोजनशैली अपनाएं –

हम सब जानते हैं कि हम जैसा खाएंगे, वैसा ही हमारा शरीर दिखेगा। इसलिए हमें अपनी डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। यह हमारी स्किन पर जादुई तरीके से काम करता है और इनमें निहित प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स आदि हमें लाभ पहुंचाते हैं। जो मौसम चल रहा हो, उस मौसम में मिलने वाली सब्जियां और फल तो ज़रूर खानी चाहिए। जैसे सर्दियों के मौसम में संतरे जैसे फल और पालक, मेथी जैसी हरी सब्जियां।

ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू उपाय –

चेहरे पर चमक लाना बहुत आसान नहीं तो बहुत मुश्किल भी नहीं है। इसके लिए बस हमें अपने किचन और घर में झांकने की ज़रूरत है। हमारे किचन पर यूं ही हमारी दादी- नानी इठलाती नहीं थीं। उन्हें यह बखूबी पता था कि यह किचन न सिर्फ़ हमारे पेट की भूख को शांत करता है, बल्कि हमें खूबसूरत भी बनाता है।

1. एलोवेरा

अपनी स्किन को चमकदार बनाए रखने का एलोवेरा एक करिश्माई तरीका है। यह हमारी स्किन में नमी को बनाए रखता है l इसमें एंटी-एजिंग गुण भी होते हैं जो हमारी स्किन की इलास्टिसिटी को खोने नहीं देते और झुर्रियों को कम करते हैं। इसमें व्याप्त मॉइस्चराइजिंग गुण स्किन में नमी को बरकरार कर ड्राइनेस को पास नहीं आने देते। इसका एंटी- एक्ने गुण मुंहासों को घटाता है और जलन को भी कम करता है।

इस्तेमाल करने का आसान तरीका

  1. आप एलोवेरा जेल को अपनी स्किन पर कभी भी लगा सकती हैं।
  2. अगर आपकी नॉर्मल स्किन है तो आप इसे मॉइस्चराइजर की जगह भी इस्तेमाल में ला सकती हैं।
  3. वरना आप रात को सोने से पहले इससे अपनी स्किन की मसाज करके सोयें।
  4. अगर आपके घर में एलोवेरा का पौधा है तो आप उसकी एक डंडी तोडें और उससे जेल को निकालकर चेहरे पर लगा लें।

2. ग्रीन टी

ग्रीम टी सिर्फ़ पीने के लिए ही नहीं, स्किन पर लगाने के भी काम आता है l ग्रीन टी सूरज की रौशनी से आपके चेहरे को बचाता है और स्किन कैंसर जैसी समस्या से सुरक्षा करता है। यह चेहरे पर निकलने वाले मुंहासों से भी रक्षा करता है और समय से पहले चेहरे पर दिखने वाले उम्र के निशानों को भी कंट्रोल करता है।

उपयोग का तरीका

ग्रीन टी को लगभग आधे कप पानी में उबालें।
इसके बाद इसमें ब्राउन शुगर और मलाई मिलाकर इससे चेहरे की मालिश करें। यह आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाता है।

3. नारियल तेल

दक्षिण भारत के लोग नारियल तेल का उपयोग बहुत अधिक करते हैं l यह न सिर्फ एक बढ़िया तरीके से नमी प्रदान करता है, बल्कि हमारी स्किन को ठंडा भी रखता है l सूर्य की तेज रोशनी से हमारी त्वचा को बचाता भी है और बेहतरीन एंटी- एजिंग के तौर पर त्वचा पर दिखने वाले उम्र के असर को रोकता भी है l

पयोग का तरीका

जिस तरह हम क्रीम का उपयोग करते हैं, ठीक वैसे ही हमें नारियल तेल का उपयोग करना चाहिए।
इसे अपनी त्वचा पर लगाना चाहिए।
आप इसे शरीर के हर हिस्से पर लगा सकते हैं।
इससे हमारी त्वचा में कसावट और चमक भी आती है।

4. रोजाना कितना नारियल पानी पीएं

प्रेगनेंसी में महिलाओं को नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है लेकिन आम दिनों में भी इसे कोई भी पी सकता है। इसके रोजाना सेवन करने से कुछ दिनों में ही चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर फर्क नजर आने लगेगा।

5. हल्दी

हल्दी को मसलों की रानी कहा गया हैl हल्दी त्वचा की परेशानियों को दूर करने में भी कारगर भूमिका निभाता है। ग्लोइंग फ़ेस के लिए घरेलू नुस्खों में हल्दी फोटोएजिंग व सोराइसिस से हमारी रक्षा करता है। इसमें एंटी- ऑक्सीडेंट गुण होता है, जो बेसन के साथ मिलकर स्किन को एक्सफोलिएट करता है और स्किन में जान ले आता है।

हल्दी के साथ बेसन और पानी मिलाकर इसका स्क्रब बना लें।
फिर इसे चेहरे पर लगाएं और १०-१५ मिनट के बाद जब यह सूख जाए तो हौले से रगड़ते हुए धो लें।
यह उबटन आपकी स्किन पर इतना ग्लो ला सकता है, जितना कोई महंगी क्रीम न कर सके।

6. दूध

दूध त्वचा के लिए भी बहुत पौष्टिक तरीके से काम करता है। यदि आपकी स्किन ड्राई है तो दूध से बेहतरीन कोई और मॉइस्चराइजर नहीं हो सकता। दूध में निहित विटामिन-A आपकी स्किन की चमक बरकरार रखता है।

इस्तेमाल का तरीका

  • कच्चे दूध, बेसन और शहद को मिलाकर एक पैक तैयार कर लें, अब इसे चेहरे पर लगा लें।
  • करीब १५ मिनट बाद इसे धो लें, चेहरा निखर उठेगा।
  • इस पैक को आप हफ़्ते में एक या दो बार भी लगा सकती हैं, यह स्किन से नमी को जाने नहीं देता।
If there is pain in the breast just before periods

Health First: ज्यादातर महिलाएं बिजी दिनचर्या, केयर संबंधी जिम्मेदारियों या अन्य समस्याओं को मामूली समझकर शुरुआती लक्षणों को दरकिनार कर देती हैं। हालांकि महिलाओं में ये अनदेखे लक्षण कभी-कभी सीरियस बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। थकान और अनियमित मासिक धर्म से लेकर शरीर में होने वाले सूक्ष्म बदलावों तक, इन संकेतों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। महिलाओं की आम स्वास्थ्य समस्याओें को समझना, शुरुआती संकेतों को पहचानना और मेडिकल मदद कब लेनी चाहिए, यह जानना जटिलताओं को रोकने और लंबे हेल्थ के एहसास को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

महिलाएं अक्सर हेल्थ रिलेटेड लक्षणों तो क्यों करती हैं नजरअंदाज-

महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य की तुलना में परिवार और काम को प्राथमिकता देती हैं। इससे अक्सर निदान और उपचार में देरी होती है।

  1.  व्यस्त जीवनशैली और एक साथ कई जिम्मेदारियों को निभाना
  2.  असुविधा या दर्द को सामान्य मानने की प्रवृत्ति• लक्षणों के बारे में जागरूकता का अभाव
  3.  यह मान लेना कि लक्षण अस्थायी हैं या तनाव से संबंधित हैं
    स्वास्थ्य संबंधी वे प्रमुख मुद्दे जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं।

लगातार थकान रहना

Stress in women can affect scientific and physical health

थकान महसूस होने को अक्सर तनाव या नींद की कमी बताकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
• यह एनीमिया , थायरॉइड विकार या पोषण संबंधी कमियों का संकेत हो सकता है।
• लगातार थकान महिलाओं में थकान के सबसे आम कारणों में से एक है, जिसका मूल्यांकन उन्हें करवाना चाहिए।
अनियमित मासिक धर्म
मासिक धर्म की अनियमितताओं को अक्सर सामान्य माना जाता है।
• यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।
• यह पीसीओएस, थायराइड की समस्याओं या तनाव से संबंधित हो सकता है।
• अनियमित मासिक धर्म के कारणों में से एक महत्वपूर्ण कारण है।

बेवजह वजन परिवर्तन

जीवनशैली में बदलाव किए बिना अचानक वजन बढ़ना या घटना होना अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
• यह थायरॉइड संबंधी विकार या चयापचय संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
• हार्मोनल असंतुलन के लक्षणों से जुड़ा हुआ
बार-बार सिरदर्द
सिरदर्द को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसका इलाज खुद ही कर लिया जाता है।
• यह तनाव, माइग्रेन या किसी अन्य अंतर्निहित बीमारी के कारण हो सकता है।
• लगातार सिरदर्द होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

स्तन में परिवर्तन

Breast Cancer

स्तन स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

• गांठें, दर्द या स्राव
• बेहतर परिणामों के लिए शीघ्र निदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्रोणि में दर्द
अक्सर इसे मासिक धर्म की असुविधा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
• यह एंडोमेट्रियोसिस, संक्रमण या अंडाशय संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
• दीर्घकालिक दर्द के लिए मूल्यांकन आवश्यक है
पाचन संबंधी समस्याएं (पेट फूलना, एसिडिटी)
आमतौर पर इन्हें मामूली समस्याएं माना जाता है।
• इसका संबंध आंतों के स्वास्थ्य या हार्मोनल परिवर्तनों से हो सकता है।
• लगातार बने रहने वाले लक्षण गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकते हैं।

नींद की समस्याएँ

Your sleeping position reveals your personality

नींद की कमी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसे सामान्य मान लिया जाता है।
• यह तनाव, हार्मोनल असंतुलन या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित हो सकता है।
• यह समग्र स्वास्थ्य और ऊर्जा स्तर को प्रभावित करता है।
मनोदशा में परिवर्तन और चिंता
भावनात्मक लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
• यह हार्मोनल उतार-चढ़ाव से संबंधित हो सकता है।
• यह चिंता या अवसाद का संकेत हो सकता है।

मनोदशा में परिवर्तन और चिंता

भावनात्मक लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

  • यह हार्मोनल उतार-चढ़ाव से संबंधित हो सकता है।
  • यह चिंता या अवसाद का संकेत हो सकता है।

चेतावनी के संकेत जिन्हें कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए

इन संकेतों पर जरूर दें ध्यान :

  • ऐसे लक्षण जो कुछ दिनों से अधिक समय तक बने रहते हैं
  • समय के साथ बिगड़ती जाने वाली स्थितियाँ
  • एक साथ कई लक्षण प्रकट होना
  • शरीर में अचानक या असामान्य परिवर्तन

इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम

लक्षणों को नज़रअंदाज़ करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

  • गंभीर बीमारियों के निदान में देरी
  • रोग की प्रगति
  • जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है
  • जीवन की गुणवत्ता में कमी

महिलाओं को डॉक्टर से कब परामर्श लेना चाहिए?

यदि निम्नलिखित स्थितियां हों तो चिकित्सीय सलाह लें:

  • लक्षण अपेक्षा से अधिक समय तक बने रहते हैं
  • अचानक या गंभीर असुविधा होती है
  • समस्याएँ बार-बार सामने आती रहती हैं।
  • ये लक्षण दैनिक जीवन में बाधा उत्पन्न करते हैं।

नियमित स्वास्थ्य जांच का महत्व

नियमित जांच रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाना
  • मौजूदा स्थितियों की निगरानी
  • निवारक देखभाल और स्क्रीनिंग।
Consuming fenugreek in coconut oil will solve 5 hair problems

Hair Fall: बारिश के मौसम में कई लोग शिकायत करते हैं कि उनके बाल झड़ रहे हैं। अगर इस मौसम में आप भी बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम यहां आपको बताने जा रहे हैं कैसे इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

बता दें कि बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है पर यह मौसम बालों के लिए कई मुश्किलों को लेकर आता है। मानसून आरंभ होते ही काफी लोग बाल झड़ने, चिपचिपे स्कैल्प, डैंड्रफ और बालों के बेजान होने की शिकायत करने लगते हैं। कई लोगों को लगता है कि बारिश का पानी सीधे तौर पर बाल झड़ने की वजह है। मानसून में क्या वास्तव में बाल तेजी से गिरने लगते हैं, अगर हां तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय-

बारिश के मौसम में बाल झड़ने लगते हैं?

If you are troubled by white hair then do this special exercise daily

एक्सपर्ट के मुताबिक यह कहना गलत होगा सिर्फ मानसून या बारिश ही बालों के झड़ने का कारण है। दरअसल, इस मौसम में बढ़ी हुई नमी, पसीना, स्कैल्प पर गंदगी का जमना और सही देखभाल की कमी बालों की समस्याओं को बढ़ा जाती है। अगर मानसून के दौरान बालों की सही तरीके से देखभाल की जाए, तो हेयर फॉल को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बारिश में बालों का झड़ना ऐसे करें कम?

मॉडल का हेयर स्टाइल

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बारिश के मौसम में जिन लोगों के बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं उन्हें कुछ खास उपायों को अपनाना चाहिए। जैसे कि-

अगर आप बारिश में भीग गए हैं, तो घर पहुंचकर बालों को साफ पानी से धो लें। बारिश के पानी में धूल, प्रदूषण और कई तरह के केमिकल्स भी होते हैं जो स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बारिश में भीगने के बाद बालों को साफ पानी और शैंपू से धोने स्कैल्प की सही तरीके से सफाई हो जाती है जिससे बालों का झड़ना का कम होता है।

मानसून में हवा में ज्यादा नमी होने के कारण स्कैल्प जल्दी ऑयली हो जाता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार सप्ताह में दो से तीन बार माइल्ड शैंपू से बालों को धोना चाहिए। शैंपू के बाद बालों पर कंडीशनर का इस्तेमाल करना जरूरी है।

गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। इस समय कंघी करने से बाल आसानी से टूट सकते हैं। इसलिए बालों के गीले होने पर उसे अच्छी तरह से सूखा लें। बालों के सूखने के बाद चौड़े दांत वाली कंघी से सुलझाने की कोशिश करें।

बालों का झड़ने और गिरने की समस्या न हो इसके लिए स्कैल्प का सही तरीके से साफ होना बहुत जरूरी है। अगर स्कैल्प पर तेल, पसीना और गंदगी जमा होगी, तो हेयर फॉल बढ़ सकता है। इसलिए स्कैल्प को समय- समय पर सही तरीके से साफ करना बहुत जरूरी है।

मानसून के दौरान हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग मशीन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बाल और कमजोर हो सकते हैं। ऐसे मौसम में बालों का झड़ना रोकने के लिए इस तरह की मशीन का इस्तेमाल जहां तक संभव हो कम से कम करें।

एक्सपर्ट कहते हैं कि मानसून में हेयर फॉल बढ़ना एक आम समस्या है, लेकिन सही तरह से केयर से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। स्कैल्प को साफ रखना, संतुलित आहार लेना, गीले बालों की सही देखभाल करना और जरूरत से ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचना बालों को हेल्दी बनाता है।

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Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

Health Tips: एक कहावत है ‘हेल्थ ही असल पूंजी है’, लेकिन अक्सर देखा गया है कि हम महिलाएं अपनी सेहत को इग्नोर कर देती हैं। वक्त की कमी, ऑफिस या घर से संबंधित तनाव, जागरूकता की कमी यौन स्वास्थ्य के बारे में बात करने में झिझकना, सभी ऐसे कारक हैं जो इसमें योगदान करते हैं। लेकिन जनरल हेल्थ समस्याओं को भी आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर से जब वे बदलाव आपकी वजाइना या ब्रेस्ट में नजर आ रहे हों।

महिलाओं की आम शिकायतें होती हैं, जिन्हें ज्य़ादातर इग्नोर कर दिया जाता है। पर यह कुछ ज्यादा गंभीर होने का संकेत हो सकते हैं।

6 स्वास्थ्य समस्याएं जिन्हें महिलाओं को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए

1. सेक्स के दौरान दर्द होना

Do we have to face the risk of UTI after sex?

महिलाएं अक्सर संभोग के दौरान दर्द के बारे में बात करने से हिचकिचाती हैं। हालांकि, दर्दनाक सेक्स एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण भी हो सकता है। एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत गर्भाशय के बाहर जमा हो जाती है। यह पीआईडी ​​​​(पेल्विक सूजन की बीमारी) के कारण भी हो सकता है, जो अक्सर वेजाइनल डिस्चार्ज के साथ रिप्रोडक्टिव ऑर्गन का संक्रमण होता है। अपर्याप्त लुब्रिकेशन और ड्राई वेजाइना के कारण भी सेक्स दर्दनाक हो सकता है।

2. अनियमित या असामान्य माहवारी

मासिक धर्म हर 21-35 दिनों में नियमित रूप से होना चाहिए। भारी प्रवाह, मध्य-चक्र रक्तस्राव या स्पॉटिंग, लंबे समय तक पीरियड साइकिल, यह थायराइड, पीसीओडी या फाइब्रॉएड जैसे हार्मोनल रोगों के कारण हो सकता है, जो गर्भाशय के सौम्य ट्यूमर हैं। सेक्स के बाद रक्तस्राव या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है और इसकी जांच की आवश्यकता है।

3. ब्रेस्ट में बदलाव

Breast Cancer

स्तनों में गांठ फाइब्रोएडीनोमा जैसी हानिरहित स्थितियों के कारण हो सकती है। हालांकि ब्रेस्ट में गांठ होना भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। जागरूकता की कमी के कारण महिलाओं में स्तन कैंसर अक्सर उन्नत चरणों में पाया जाता है। स्तनों में गांठ जो स्तन के बाकी टिश्यू से सख्त और अलग लगती हैं या निप्पल से स्राव को चैक किया जाना चाहिए। महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए नियमित चेकअप करवाना चाहिए। स्तन में किसी भी परिवर्तन का शीघ्र पता लगाने के लिए ब्रेस्ट सेल्फ टेस्टिंग के तरीकों के बारे में भी पता होना चाहिए।

4. अचानक वजन घटना और बढ़ना

अचानक वजन कम होना खुशी की बात हो सकती है, लेकिन एकाएक वजन कम होना टीबी के साथ-साथ कैंसर या थायरॉयड विकारों का भी संकेत हो सकता है और इसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए। अचानक वजन बढ़ना पीसीओडी या थायराइड की समस्या के कारण हो सकता है और अगर इसका पता चल जाए तो इसे बहुत अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।

5. थकान महसूस होना

बहुत सी महिलाएं हर समय थकान महसूस करती हैं। बार-बार थकान एनीमिया, थायराइड विकार, सूक्ष्म पोषक तत्वों और विटामिन डी की कमी के कारण हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। पूरी रात की नींद के बाद भी थकान महसूस होना भी तनाव, चिंता, डिप्रेशन या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का कारण हो सकता है। इसलिए इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

6. ब्लोटिंग

बहुत सी महिलाएं विशेष रूप से मासिक धर्म से पहले फूला हुआ या गैसी महसूस करती हैं। यह अधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हालांकि, अगर ब्लोटिंग महसूस करना बहुत बार होता है, तो इसे चैक करवाना चाहिए। यह इरिटेबल बावल सिंड्रोम, एंडोमेट्रियोसिस या यहां तक ​​कि ओवरियन कैंसर का संकेत हो सकता है। जैसा कि मिशेल ओबामा ने कहा कि समुदाय और देश और अंततः दुनिया उतनी ही मजबूत है जितनी उनकी महिलाओं का स्वास्थ्य। इसलिए देश और दुनिया की बेहतरी के लिए हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

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Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

Right time of walking for fitness: वेट लॉस करना हो या फिर फिटनेस लेवल बढ़ाना हो एक्सरसाइज का आगाज वॉकिंग के साथ ही होता है। सुबह या शाम के वक्त खुली हवा में टहलना आपकी हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। सिंपल तरीके से पैदल चलना या वॉकिंग और ब्रिस्क वॉक जैसी एक्सरसाइज न सिर्फ आसान होती है बल्कि यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

सर्दी या गर्मी के मौसम में भी आप बस कुछ बातों का ख्याल रखकर टहल सकते हैं। जैसे दिन में किस वक्त और कितनी देर तक वॉक करनी चाहिए। क्योंकि, सही समय पर वॉक ना करने से आपकी हेल्थ को नुकसान हो सकता है। इसलिए वॉक करने से पहले इस बात की जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए कि आपको कब वॉक करना चाहिए और कब नहीं।

गर्मियों के मौसम में वॉक करने का सही समय ?

Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

इस समय करें मॉर्निंग वॉक

वॉक करने का सबसे ठीक समय है है सुबह सूरज उगने के आसपास का समय। सूरज उगने के साथ ही आप टहलने निकल जाएं और सुबह 8 बजे तक वॉक पूरी कर लें। दरअसल, सूरज निकलने से पहले का समय हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होता है। वहीं, सुबह की हल्की धूप में टहलने से आपको तकलीफ भी नहीं होती। इस तरह आप थोड़ी देर धूप में रहकर विटामिन डी भी प्राप्त कर सकते हैं और आपकी हड्डियों को इसका फायदा हो सकता है।

इवनिंग वॉक

जो लोग सुबह की बजाय शाम को वॉक करना पसंद करते हैं, उन्हें शाम के समय 4 के बाद और 6-8 बजे तक वॉक करने की सलाह दी जाती है। इस समय हवा में ठंडक भी बढ़ने लगती है और प्रदूषण का स्तर भी कम होता है। सबसे खास बात यह भी है कि शाम 4-7 बजे के दौरान शरीर की मांसपेशियां बहुत फ्लेक्सिबल होती हैं। ऐसे में आपके लिए वॉक करना आसान हो सकता है और इससे आपके स्वास्थ्य को वॉक करने के फायदे भी पहुंच सकते हैं।

सर्दियों में कब टहलना चाहिए

Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

ठंड के दिनों में सवेरे वॉक करना फायदेमंद होता है लेकिन, सूरज उगने से पहले और कोहरे के माहौल में वॉक करने से हेल्थ पर खराब असर पड़ सकता है। सुबह के समय हवा में ठंड होती है और तापमान भी काफी कम होता है। ऐसे में वॉक करते समय आपको सांस लेने से जुड़ी हुई समस्याएं हो सकती है। इसलिए, सर्दियों में सूरज उगने के बाद ही वॉक करें।

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गलत समय पर वॉक करना है नुकसानदायक

तड़के सुबह यानी अंधेरे में वॉक करना हेल्थ के लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि, ऐसे में हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होता है। जिससे अस्थमा, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ठंडियों में बहुत सुबह वॉक करने से मसल्स में खिंचाव और जॉइंट पेन की समस्या बढ़ सकती है। सुबह की ठंडी हवा और प्रदूषण के कारण फेफड़ों पर भी खराब असर पड़ता है जिससे छाती में भारीपन और दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

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The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

नेचुरल इंग्रीडिएंट के इस्तेमाल में हैं असल ग्लो

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मिल्की ब्यूटी से फेमस तमन्ना भाटिया की सॉफ्ट और ग्लोइंग Skin का राज। तमन्ना की स्किन और हेल्दी ग्लो करने के मामले में बेमिसाल है। उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अब भगवान से कोई ‘तमन्ना’ नहीं। बस उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अपने स्किन केयर रूटीन का काफी ध्यान देती हैं। तमन्ना केमिकल वाले प्रॉडक्ट्स और ट्रीटमेंट की जगह नेचुरल इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल करती हैं।

नेचुरल इंग्रीडिएंट की बात ही अलग है

The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

तमन्ना घर में मिलने वाली साधारण चीजों की मदद से फेस पैक बनाती हैं और अपनी स्किन पर उन्हें अप्लाई करती हैं। सबसे खास बात ये है ये नेचुरल इंग्रीडिएंट्स कई पीढ़ियों से भारतीय महिलाओं के फेवरेट रहे हैं और उन्हें इन इंग्रीडिएंट्स पर बहुत ज्यादा भरोसा रहा है। आइए जानते हैं तमन्ना अपनी स्किन पर कौन-सी चीजें लगाती हैं।

बेसन का फेस पैक

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दो चम्मच बेसन, दो चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाएं। सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बना लें। फिर इस पैक को अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं। जब फेस पैक सूख जाता है तो अपना चेहरा ठंडे पानी से धो लें।

कॉफी-चंदन का जबरदस्त फेस पैक

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इस फेस पैक को बनाने के लिए 02 चम्मच चंदन पाउडर, 02 चम्मच कॉफी पाउडर और 02 चम्मच शहद की जरूरत पड़ती है। इन सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बनाएं। इस फेस पैक को आप अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट के बाद आप इसे चेहरे से साफ कर दें।

हेल्दी डाइट पर जोर

The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग रखने के लिए तमन्ना अपनी डाइट पर खास ध्यान देती हैं। वे ब्रोकोली का सलाद खाती हैं और एवोकाडो भी उनकी डाइट में अक्सर रहता ही है। इन सबके साथ तमन्ना को डेली 08-10 गिलास पानी पीने की आदत है।

Gas After Eating

Gas after Eating: आजकल लोगों का खानपान काफी खराब होता जा रहा है, जिसका सीधा असर आपके हेल्थ पर पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि लोगों को अक्सर खाना खाने के बाद गैस बनना, पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि अगर आपका खानपान सही नहीं है, तो इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अनियमित खानपान, जंक फूड का अधिक सेवन, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारणों में से एक हैं।

यह समस्या न आज केवल शारीरिक असहजता पैदा कर रही है, बल्कि डेली रूटीन को भी प्रभावित कर रही है। आप में से कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, और फिर तब ध्यान देते हैं, जब समस्या काफी भयानक रूप ले लेता है। लेकिन समय रहते समस्या पर ध्यान देना जरूरी है। सही आहार, नियमित दिनचर्या और कुछ आसान उपायों से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। पर कुछ आसान और घरेलू ड्रिंक्स आपकी इस परेशानी को कम कर सकते हैं, जिनके बारे में हम आपको कुछ खास होममेड ड्रिंक्स के खास फायदों के बारे में बताने वाले हैं।

गुनगुना नींबू पानी

अगर आप सुबह हल्का गुनगुना पानी नहीं पीते हैं तो आज से ही पीना शुरू कर दीजिए। नींबू पानी पीने के फायदे आमतौर पर पाचन क्रिया को अच्छा बनाने के लिए सबसे ज्यादा होते हैं। क्योंकि हल्का गुनगुना और नींबू वाला पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करने में बेहद असरदार होता है। इसमें मौजूद विटामिन-C शरीर को डिटॉक्स करते हैं और गैस व एसिडिटी को कम कर देते हैं। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और सूजन में कमी आती है।

अदरक का पानी

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह दोनों की तत्व पेट की सूजन और गैस को कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि अदरक का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है और भोजन भी आसानी से पच जाता है। यह मतली और भारीपन की समस्या को भी दूर करने में मददगार साबित होता है।

जीरा वॉटर

Water of celery and cumin seeds makes the fat stored in the body disappear

जीरा पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। ऐसे में जीरा वॉटर पेट में गैस बनने की समस्या को कम कर सकता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे पेट की सूजन और अपच में राहत मिलती है। अगर आप चाहें तो सुबह भी जीरे का पानी पी सकते हैं क्योंकि खाली पेट जीरे का पानी पीने के कई अलग-अलग फायदे भी हो सकते हैं।

अजवाइन का पानी

अजवाइन का पानी भी गैस और सूजन से राहत दिलाता है। इसमें थाइमोल नामक तत्व होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत करता है। अजवाइन का पानी गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग से फौरन राहत दिलाता है। अगर आप हैवी डाइट लेते हैं को उसके बाद इसे पीना बहुत लाभकारी साबित होता है।

शहद व पुदीने वाला पानी

Gas After Eating

शहद और पुदीने का पानी स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पुदीना पेट को ठंडक देता है और पेट की जलन व सूजन को कम करने का काम करता है, जबकि शहद पाचन को सुधारता है। इन दोनों का मिश्रण गैस और ब्लोटिंग से राहत दिलाने का काम करता है। साथ ही शरीर को ताजगी भी देता है।

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Unhealthy Partnership: 4 ways to tell if someone is hiding something from you

Unhealthy Partnership: जिंदगी में रिश्ता कोई भी हो उसे निभाने के लिए केवल आपसी प्यार से भी ज्यादा दोनों के बीच में ट्रस्ट और एक दूसरे का सम्मान होना जरूरी है। जब कभी रिश्तों के बीच में इन तीनों चीजों में से कोई भी कम होता है, तो वह रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे रिश्तों को जब संभाला ना जाए तो वे टूट जाते हैं। पर कुछ लोग यह अनुमान नहीं लगा पाते हैं कि रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं और उन्हें तब ही पता चलता है जब रिश्ता टूटने के कगार पर आ जाता है। एक दूसरे को पर्याप्त समय न दे पाने के कारण से आजकल पति-पत्नी के रिश्ते के बीच खटपट शुरू होने का खतरा बढ़ जाता है।

यह खटपट आहिस्ता आहिस्ता बढ़ने लगता है और एक दूसरे से बातें छुपाई जाने लगती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन साथी उसकी बातों को समझ ही नहीं पाएगा। अगर आपको लगता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छिपाने लगा है, तो ऐसा आप उनके बात करने के अंदाज से भी पता लगा सकते हैं। जानें बात करने के वे चार अंदाज जो बताते हैं कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छुपाने लगा है।

1. जीवन साथी के बातों को हल्के में लेना

अगर आपका लाइफ पार्टनर पहले आपकी सारी बातों को सुनता था लेकिन अब उसने धीरे-धीरे आपकी बातों को इग्नोर करना शुरू कर दिया है, तो यह एक अच्छा संकेत नहीं है। अगर आपके कुछ पूछने पर भी बातों को इग्नोर किया जा रहा है, तो हो सकता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा हो। अगर आपके कुछ पूछने पर किसी और ही बात का जवाब दिया जा रहा है, तो आपको खुलकर बात करने की जरूरत है।

2. किसी भी बात का जवाब हंसकर देना

Unhealthy Partnership: 4 ways to tell if someone is hiding something from you

हर बात को हंसी मजाक में टालना या फिर किसी सीरियस बात का जवाब भी हंसकर देना भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का संकेत नहीं है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आपका पार्टनर आपको कोई खास बात भुलाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि आपको लगता है कि आप किसी भी प्रकार के डॉक्टर के संपर्क

3. जीवन साथी के लिए समय की किल्लत होना

वैसे तो आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास भी टाइम नहीं होता है, लेकिन फिर भी अपने पार्टनर के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। अगर आपका लाइफ पार्टनर आपके लिए समय नहीं निकाल पा रहा है, तो यह भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा करना कई परेशानियां पैदा कर सकता है, जिसका खास ध्यान रखना जरूरी है।

4. आपको इग्नोर कर प्लान बनाना

अगर आपका जीवन साथी अब आपके बिना ही बाहर घूमने फिरने या फिर पार्टी वगैरह के प्लान बनाने लगा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है। अगर आपके पूछने पर भी वह टालने का प्रयास कर रहा है तो उसके बात करने का यहा तरीका बताता है कि वह आपको इग्नोर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अपने जीवन साथी से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए, ताकि आपसी बातचीत से किसी भी तरह की उलझन को दूर किया जा सके।

फोटो सौजन्य- गूगल

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