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Author Archives: Nafisa Khan

When do women experience more sexual desire?

Ovulation: पीरियड से पहले के कुछ लक्षण और पीरियड के दरम्यान होने वाली दिक्कतों से हम सभी वाकिफ हैं। जहां किसी को क्रैंप होते हैं तो वहीं किसी को चक्कर आता है, किसी को ब्लोटिंग भी होती है पर पीरियड से पहले और उसके दौरान होने वाली सेक्स की कामना भी पीरियड के लक्षणों की वजह होने वाली एक कंडिशन है। वैसे ऐसा सभी के साथ नहीं होता लेकिन कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके बाद बहुत अधिक काम वासना फील करती हैं।

ये है इसकी वजह-

Periods और Sex डिजायर के बीच कोई संबंध है ?

Sex के लिए उत्तेजना का हॉर्मोन से गहरा संबंध है। इसके लिए आपके मेंस्ट्रुअल साइकल के हॉर्मोन सबसे ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। मैंस्ट्रुअल साइकल आपके पीरियड के पहले दिन से शुरू होती है और इसमें 2 चरण होते है- फोलिक्युलर फेज़ और ल्यूटियल फेज़।

कब ज्यादा होर्नी महसूस करती है महिलाएं

वर्ष 2019 में एक स्टडी किया गया जिसमें 6,000,00 से ज्यादा महिलाओं के मैंस्ट्रुअल साइकल पर नजर रखी गई। इसे एक ऐप पर दर्ज किया गया और इसमें देखा गया कि ज्यादातर महिलाओं में 14वें दिन ओव्यूलेट नहीं हुआ था। जबकि ओव्यूलेशन के दौरान, यानी जब अंडा ओवरी से बाहर निकलकर ट्यूब में जाता है तब ज्यादातर महिलाएं ज्यादा यौनेच्छा का अनुभव करती हैं। साल 2013 के एक अध्ययन के मुताबिक लगातार सेक्स की तीव्र इच्छा के कारण इस दौरान यौन संचारित संक्रमण (STI) का खतरा भी बढ़ सकता है।

मेंस्ट्रुअल साइकल के वे दिन जब आप कम फर्टाइल होती हैं, तब लिबिडो अपने आप कम होने लगती है। अगर ओव्यूलेशन देरी से होता है, तो महीने में अलग-अलग समय में उत्तेजना चरम पर हो सकती है।

1. ओव्यूलेशन के दौरान

महिलाएं ओव्यूलेशन से ठीक पहले सेक्स की अधिक रुचि दिखाती हैं। साल 2015 में एक समीक्षा की गई, जिसमें यह पाया गया कि इस समय महिलाएं सेक्स की ज्यादा पहल करती हैं।

यह अनुमान लगाया गया कि ओव्यूलेशन के 24 घंटे बाद एस्ट्रोजन का स्तर पीक पर होता है। तीन तरह के एस्ट्रोजन हार्मोन में से एक एस्ट्राडियोल महिलाओं में यौन उत्तेजना बढ़ाता है। इस फैक्ट को एक और चीज पुख्ता करती है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्राडियोल कम हो जाता है जिसके कारण यौन इच्छा में कमी आती है।

2. छुट्टियों के समय

किसी व्यक्ति की सेक्स की इच्छा समय पर भी निर्भर करती है, ऐसा हम नहीं, बल्कि रिसर्च कहते है। एक शोध किया गया जिसमें यह पाया गया कि वीकेंड में कॉलेज की उम्र की महिलाओं में सेक्स उत्तेजना वीक डेज की तुलना में अधिक थी। वीकेंड में एक महिला के सेक्स करने की औसत संभावना 22 फीसदी दर्ज की गई। जबकि अन्य दिनों में 9 फीसदी ही थी। इसलिए समय भी सेक्स की इच्छा और उत्तेजना की वजह हो सकता है।

3 फोलिक्युलर फेज़ में

When do women experience more sexual desire?

मेंस्ट्रुअल साइकल का पहला चरण फोलिक्युलर फेज़ है, जो लगभग 01-14 दिनों तक चलता है। इस चरण के दौरान, एस्ट्रोजन का स्तर प्रोजेस्टेरोन के स्तर से अधिक होता है। जब ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन में वृद्धि होती है, तो महिलाएं फोलिक्युलर फेज़ के अंत में ज्यादा सैक्स के लिए उत्तेजित महसूस करती हैं। यह ओव्यूलेशन की शुरुआत का प्रतीक है और इस समय में प्रेगनेंसी की अधिक संभावना होती है।

लुटिल फ़ेज में कम हो सकती है यौनेच्छा

इसे मेंस्ट्रुअल साइकिल का दूसरा चरण कहा जाता है, ये ओव्यूलेशन के बाद, ल्यूटियल फेज़ है। इस फेज़ में प्रोजेस्टेरोन का स्तर एस्ट्रोजन के स्तर से अधिक होने लगता है। लेकिन जब पीरियड होने होते हैं, तो दोनों में गिरावट शुरू हो जाती है, जो एक नए साइकिल की शुरुआत का संकेत देता है।

इस वक्त सेक्स की कम इच्छा महसूस होती है। हालांकि, हर महिला अपनी भावनाओं को अलग-अलग तरीके से संसाधित करती है। इसलिए यौन आनंद के लिए अपने सही समय और सही भावनाओं को समझने की आवश्यकता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

Paleo Diet: आजकल कई स्वादिष्ट डाइट हैं जिसे लोग फॉलो करते हैं, जैसे कि कीटो डाइट, वीगन डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग और मेडिटेरियन डाइट आदि। अधिकतर लोग वजन कम या बढ़ाने के लिए नए-नए किस्म की डाइट टेस्ट करते हैं, जिनमें कुछ डाइट तो ऐसी भी हैं जो वेट कंट्रोल करने के साथ आपको हार्ट अटैक और डायबिटीज से बचाती हैं। इन्हीं में एक डाइट है पैलियो डाइट। चलिए जानते हैं इस डाइट के पैटर्न और लोग क्यों करते हैं इसे फॉलो।

जानें Paleo Diet के बारे में-

कुछ अस्पतालों के डॉक्टर्स के मुताबिक पैलियो डाइट हमारे आहार के प्राचीन तरीके पर आधारित है। इसलिए यह कई खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करता है। जैसे अनाज, दालें, डेयरी और एक्सट्रा चीनी, जो मॉडर्न डाइट में बेहद कॉमन हैं। इस डाइट का असल फायदा आपके ब्लड शुगर लेवल और ब्लड के लिपिड स्तर को कंट्रोल करने में नजर देता है।

यह खास डाइट आज के समय की नहीं है, बल्कि बहुत पूराने समय की मानी जाती है। पूराने समय में लोग इस डाइट का पालन करते थे। पैलियो डाइट, पैलियोलिथिक या पुराने पाषाण युग के दौरान रहने वाले मनुष्यों के डाइट पैटर्न का एक आधुनिक रूप है, जो लगभग 2.5 मिलियन साल पहले था। पुरापाषाण युग के दौरान, मनुष्य जो आहार लेते थे उनमें जड़ वाली सब्जियां, सीड्स, नट्स, प्लांट्स और कुछ जंगली और समुद्री चीजें शामिल होती थीं।

आइये जानते हैं पैलियो डाइट के फायदे के बारे में-

Blood Sugar के स्तर को नियंत्रित करना

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

पैलियो डाइट उन खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित करता है जो ब्ल्ड शुगर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक खाद्य पदार्थ और शर्करा युक्त पेय पदार्थ। जो लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है और पैलियो डाइट को अपनाते है उन्हे ब्लड शुगर के स्तर में कमी महसूस होती हुई नजर आती है।

वजन घटाने में कारगर

अक्सर लोग फैट लॉस के लिए पैलियो डाइट को आजमाते हैं। इस डाइट में शरीर के हेल्दी वजन को बनाए रखने के लिए सभी खाद्य पदार्थ होते है, जैसे सब्जियां, बीन्स और मेवे। पैलियो डाइट का पालन करने वाले लोग भोजन के बाद अधिक संतुष्ट महसूस कर सकते हैं, जो अधिक खाने से आपको बचा सकता है और वजन घटाने को प्रोत्साहित कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पैलियो डाइट में फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं, ये 02 पोषक तत्व हैं जो खाने के बाद आपका पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद करते हैं।

हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मददगार

Paleo Diet: Makes your diet nutritious

उच्च रक्तचाप और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे ब्लड लिपिड स्तर होने से हार्ट की समस्या होने का खतरा विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग पैलियो डाइट का पालन करते हैं, वे ट्राइग्लिसराइड और ब्लड प्रेशर के स्तर जैसी हार्ट से जुड़ी बिमारियों की समस्या से निपटने में ज्यादा सफल रहते है।

कम करता है सूजन

पैलियो डाइट शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, चीनी और रिफाइंड अनाज से परहेज करने से, जो कई बार लोगों में सूजन का कारण बन सकते है, व्यक्तियों को सूजन से संबंधित परेशानियों को कम करने में मददगार हो सकते है।

जंक के सेवन को कम करने में मददगार

जब आप पैलियो डाइट पर रहते हैं तो जंक फूड को आप एक साइज के बैग में डाल देते है, और इसका मतलब यह है कि आप अपना पैसा सिर्फ उस खाने पर खर्च कर रहे हैं जो आपके लिए स्वस्थ है, न कि आपके लिए खराब है। यह आपके खाने के बजट के लिए भी बहुत अच्छा है, क्योंकि जितना पैसा आप जंक फूड खरीदने में खर्च करते है उतने पैसे में आप आराम से ये अच्छा और हेल्दी फूड से आपना स्वास्थ्य बना सकते है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Healthy Hair: Make your hair healthy in winter with kitchen items
Healthy Hair: आप इस बात से अंजान होंगी कि आपके अपने घर के रसोई में कुछ ऐसे इंग्रीडिएंट्स होते हैं जिनके फायदे के बारे में आपको पता नहीं होता।

ठंडा मौसम, छोटा दिन, सूरज की ठंडी किरण और छुट्टियों के मौसम जैसे कई वजह हैं जो लोगों को सर्दियों के मौसम में बिल्कुल सुस्त बना सकते हैं। देखा जाए तो यह हर एक इनसान में अलग-अलग होती है। जब कभी घर के बाहर ठंड होती है तो अंदर गर्मी और आराम को छोड़तक एक्सरसाइज (Exercise) करने के बारे में सोचना भी मुश्किल भरा होता है। अलावा इसके सर्दियों के दौरान कम धूप हमारी ऊर्जा और मूड के स्तर को भी प्रभावित कर सकती है जिससे थकान और मोटिवेशन की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में हम कुछ ऐसे नुक्से शेयर कर रहे हैं जो सर्दियों के मौसम में भी एक्सरसाइज करने के लिए मोटिवेट कर सकते हैं।

जानें वो टिप्स जो सर्दियों में भी एक्सरसाइज करने के लिए कर सकते हैं मोटिवेट-

1. सेट गोल्स

ठंड के सर्द मौसम में अपने लिए एक एक्सरसाइज का गोल सेट करें। यह आपको आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करेगा।

2. वर्कआउट शेड्यूल बनाएं

अपने वर्कआउट का पहले से प्लान बनाएं और रेगुलर रूटीन का पालन करें। एक शेड्यूल होने से यह कंफर्म होता है कि आप सर्दियों के महीनों के समय भी रेगुलर एक्सरसाइज के लिए खुद को मोटिवेट कर सकते हैं।

3. अपनी पसंदीदा एक्सरसाइज चुनें

खुद को एक्टिवेट रखने के लिए आप ऐससी चीजों को चुनें जिन्हें करने में आपको मजा आए। फिर वो चाहे इनडोर योग हो, डांस हो, ऐसी एक्सरसाइज ढूंढना जिन्हें करने में आपको मजा आता हो, एक्टिव रहने के लिए आपकी मोटिवेशन मिलेगा।

4. इनडोर वर्कआउट

अगर ठंड का मौसम रूकावट डाल रहा है तो अपने वर्कआउट को घर के अंदर करें। जिम ज्वाइन करें, फिटनेस क्लासेस में पार्टिसिपेट करें या फिर ऑनलाइन जुम्बा और योगा क्लासेस करें।

5. एक पार्टनर रखें

motivate yourself for exercise like this

अपने वर्कआउट के लिए अपने किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को अपने साथ शामिल करें। ऐसा करने से अगर आप आलस करेंगे भी तो दूसरा आपको इसके लिए मोटिवेट कर सकता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Petroleum Jell: Many problems in winter, but only one solution

Petroleum Jelly: सर्दियां आते ही होठों का फटना, एड़ियां फटना आम हो जाता है। ऐसे में पेट्रोलियम जेली की डिमांड भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। हम इसे होठों को हाइड्रेट और मॉइश्चराइज करने के लिए प्रयोग करते हैं। इसके फायदे सिर्फ होठों तक ही सीमित नहीं है। आप इसे कई अन्य समस्याओं के उपचार के मद्देनजर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। यह आपके लिए बेहद कारगर साबित होंगे। आइये जानते हैं कि पेट्रोलियम जेली के कुछ जरूरी फायदे।

जानें किन-किन जगहों पर कारगर होती हैं पेट्रोलियम जेली

1. स्किन हीलिंग बढ़ाती है

पेट्रोलियम जेली काफी वर्षों से सभी का मनपसंद मॉइश्चराइजिंग प्रोडक्ट बना हुई है। इसके साथ ही डर्मेटोलॉडिस्ट भी इसे काफी पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पेट्रोलियम जेली आपकी स्किन में पानी को सील कर देता है जिससे त्वचा ड्राई नहीं हो पाती है।

आपके चोट या घाव को भरने के लिए मॉइश्चर की जरूरी है, पेट्रोलियम जेली घाव के आसपास की त्वचा में मॉइश्चर मेंटेन रखता है जिससे कि हीलिंग पॉवर बूस्ट हो जाता है। वहीं यह मॉइश्चराइजर पुराने दाग धब्बों के रेडनेस को भी कम करने में मदद करता है और इनके इस्तेमाल से इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं होता।

2. बच्चों में एटॉपिक डर्मेटाइटिस में भी पेट्रोलियम जेली का होता है काम

Petroleum Jelly: Many problems in winter, but only one solution

पेट्रोलियम जेली के इस्तेमाल से न्यूबॉर्न बेबीज की त्वचा पर होने वाली खुजली कम हो जाती है और इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता। अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री एटॉपिक डर्मेटाइटिस की रही है, तो ऐसे में बच्चों की त्वचा पर पेट्रोलियम जेली का प्रयोग इस समस्या को अवॉइड करने के लिए एक बेहद किफायती तरीका साबित हो सकता है। आप इसे बच्चे के जन्म के 03 से 04 हफ्ते के बाद से उनकी स्किन पर अप्लाई कर सकती हैं।

3. एक्जिमा और सोरायसिस की स्थिति में कारगर है

एग्जिमा और सोरायसिस दो स्किन कंडीशंस हैं, वहीं ठंड के मौसम में यह दोनों आपको अधिक परेशान कर सकते हैं। ऐसे में पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल इसमें आपकी मदद कर सकता है। यह इन्फ्लेमेशन को कम करते हुए त्वचा में अंदर से मॉइश्चर मेंटेन रखता है, जिसकी वजह से खुजली नहीं होती और आपकी त्वचा पर कम से कम स्क्रैच आते हैं। पेट्रोलियम जेली को इस्तेमाल करने का सबसे सही तरीका है, अपनी त्वचा को भिगोए और जब यह हल्की गीली हो, तो इसपर पेट्रोलियम जेली अप्लाई करें।

4. विंड बर्न से त्वचा को प्रोटेक्ट करता है

Petroleum Jell: Many problems in winter, but only one solution

ठंडी एवं शुष्क हवा और वातावरण के बढ़ते तापमान में आपकी त्वचा को प्रोटेक्ट करती है। थोड़ी सी पेट्रोलियम जेली लें और इसकी एक पतली लेयर को अपनी त्वचा पर अप्लाई करें। वहीं, अगर आपकी स्किन पर अधिक एक्ने होते हैं, तो त्वचा पर सभी ओर पेट्रोलियम जेली लगाने से बचें, क्योंकि इनके माध्यम से बैक्टीरिया और तेल स्किन में ट्रैप हो सकते हैं। इसलिए इन्हें केवल प्रभावित जगह पर ही अप्लाई करें।

5. आपके पेट्स के पॉज को करे प्रोटेक्ट

अपने पेट डॉग्स को सर्दियों की सैर पर ले जाने से पहले उसके पंजे के पैड पर थोड़ी सी पेट्रोलियम जेली रगड़ें। यह उनके पैरों को फुटपाथ पर ठंड और साल्ट से बचाव में मदद करेगा। यदि आपके पालतू जानवर को एटोपिक जिल्द की सूजन है, तो यह तैलीय परत उसकी त्वचा को मॉइस्चराइज़ रखने में भी मदद करेगा।

6. नाखूनों को करें मॉइश्चराइज

आपको अपने नाखून को मॉइश्चराइज करने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने की आवश्यकता नहीं है। पेट्रोलियम जेली आपके हाथ की स्किन से लेकर नाखूनों के चारों ओर की त्वचा को पूरी तरह से हाइड्रेटेड और मॉइश्चराइज रहने में मदद करेगी। इससे आपके नाखून भी सॉफ्ट होते हैं और नेल इनफेक्शन का खतरा भी नहीं होता।

7. आई मॉइस्चराइजर

आंखों के चारों ओर की परत बेहद पतली होती है, और यह आसानी से प्रभावित हो जाती है। ऐसे में ठंड के मौसम में आंखों के नीचे की त्वचा भी ड्राई हो जाती है। आप इस पर हर प्रोडक्ट को अप्लाई नहीं कर सकती, क्योंकि अधिक केमिकल से त्वचा और ज्यादा डल हो जाती है। ऐसे में पेट्रोलियम जेली आपकी त्वचा को मदद पहुँचती है। यह आंखों के नीचे की त्वचा को बिना किसी साइड इफेक्ट के अंदरुनी रूप से मॉइश्चराइज करती है, और इसे प्लंपी और ग्लोइंग बनाता है। हालांकि, इससे किसी प्रकार का एलर्जिक रिएक्शन नहीं होता परंतु यह बैक्टीरिया को अट्रैक्ट कर सकता है, इसलिए इसे थोड़े मात्रा में अप्लाई करें।

8. मेकअप रिमूवर के तौर पर इस्तेमाल

पेट्रोलियम जेली एक प्रभावी मेकअप रिमूवर के तौर पर जानी जाती है। जैसे कि हम हर चीज को अपनी आंखों पर अप्लाई नहीं कर सकते, ऐसे में पेट्रोलियम जेली से अपने आई मेकअप को रिमूव करना एक अच्छा आईडिया है। अलावा इसके यह किसी भी मैट लिपस्टिक को पूरी तरह से रिमूव कर देता है। अगर आप अपने लिए एक सुरक्षित मेकअप रिमूवल की तलाश में है, तो पेट्रोलियम जेली आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Take care of these 5 things for better climax on bed

अपनी Sex Life को एंजॉय करना है और उसे खास क्लाइमैक्स से रूबरू कराना चाहती हैं तो सबसे पहले जाने कि वो कौन सा बेहतर तरीका है, जो बेड पर बेहतर क्लाइमैक्स में आपकी मदद कर सकती है। सेक्स लाइफ को मज़ेदार बनाने के लिए नए प्रयोग करने बेहद ज़रूरी है। इससे बोरिंग लाइफ को आसानी से स्पाइस अप किया जा सकता है। उम्र के साथ साथ कपल्स में दूरी आने लगती है। इस दूरी को मिटाने के लिए नई सेक्स पोज़िशन्स से लेकर एक दूसरे की मर्जी को जानना भी ज़रूरी है। अगर आप अपनी सेक्स लाइॅफ को एजॉय करना चाहते हैं और उसे बेहतर क्लाइमैक्स तक पहुंचाना चाहती हैं, तो कुछ खास बातों का ख्याल रखना ज़रूरी है। जानते हैं कि वो कौन सी टिप्स है, जो बेड पर बेहतर क्लाइमैक्स में आपकी मदद कर सकती है।

वेनेरोलॉजिस्ट का कहना है कि क्लाइमैक्स वो क्षण होते हैं, जब सेक्सुअल इंटिमेसी के वक्त आप खुशी, आनंद और एक्साइटमेंट का एहसास करते है। पार्टनर के साथ सेक्सुअली एगेंज होने और मास्टरबेशन के वक्त आर्गेज्म हासिल होती है। कई लोग एक ही वक्त में बार बार आर्गेज्म को महसूस करते हैं, जो सेक्सुअल लाइफ को रोमांचक बना देता है। जानते हैं कुछ ऐसी ही बातें, जो आपके क्लाइमैक्स को यादगार बना सकती है।

वे टिप्स जो यौन आनंद को आसान और चरम तक पहुंचाने में आपकी मदद कर सकते हैं

डर्टी टॉक के हैं जबरदस्त फायदे

Sexual intimacy helps in recovering from loneliness and depression

सेक्स के दौरान प्लैजर में इजाफा और क्लाइमेक्स तक पहुंचने के लिए डर्टी टॉक भी ज़रूरी है। इसमें आप अपनी इच्छाओं को ज़ाहिर कर सकते हैं। कौन सी पोज़िशन आपको सुखद लगती है। इस बारे में अपने पार्टनर से अवश्य बात करें। कम्यूनिकेशन आपकी सेक्स लाइफ को स्पाइस अप कर सकता है। इससे दोनों में प्यार और एक दूसरे के प्रति लगाव भी बढ़ने लगता है।

ये भी ट्राई करे-

ल्यूब्रिकेंटस का करें इस्तेमाल

लेट नाइट सेक्स को एजॉय करने के लिए ल्यूब्रिकेंटस का प्रयोग भी फायदेमंद साबित होता है। नेचुरल ल्यूब्रिकेंटस के तौर पर आप एलोवेरा और विटामिन ई का प्रयोग भी कर सकते हैं। इन्हें जेनिटल्स पर अप्लाई करके आप लंबे वक्त तक सेक्स का आनंद उठा सकते हैं। इसके ज़रिए आप डीप पेनिटरेशन का मज़ा ले सकते हैं। इससे यौन सबंध बनाने में आपको आसानी भी होगी।

फोरप्ले है बेहतर क्लाइमेक्स की कुंजी

7 common life mistakes that can ruin your sex life

फोरप्ले की मदद से सेक्स लाइफ और भी एक्साइटिड होने लगती है। दोनों लोग किसिंग और लिक करने से उत्तेजित होते जाते हैं, जो सेक्स को चरम तक पहुंचाने में मदद करता है। लोग फोरप्ले के लिए आइसक्रीम, चॉकलेट और आइसक्यूब्स समेत कई चीजों का प्रयोग करते हैं। पेट के निचले हिस्से से लेकर, निपल्स और आर्मपिटस हर जगह किसिंग का अनुभव करते हैं। इससे आपका तन और मन दोनों शांत होने लगते हैं।

प्लेजर ज़ोन को एक्सपलोर करना सीखें

इस बात को आप जानें कि शरीर के कौन से अंग में आप उत्तेजना का अनुभव करती हैं। इस बारे में एक्सपर्ट का कहना है कि आपके शरीर का हर अंग प्लेजर ज़ोन है। ऐसे में वो बातें या मूव्स जो आपको आनंदित करते है। उन्हें सेक्स के दौरान ज़रूर शामिल करें। इससे सेक्स टाइम न केवल बढ़ेगा बल्कि आप आसानी से क्लाइमेक्स तक पहुंच पाएंगे।

नई सेक्स पोज़िशन का करें प्रयोग

सेक्स को एजॉय करने के लिए उसमें न्यूनेस लाना ज़रूरी है। ऐसे में नई सेक्स पोज़िशन्स को अपने पार्टनर की सहमति से ज़रूर ट्राई करें। इससे सेक्सुअल लाइफ में उत्तेजना बढ़ने लगती है। आप खुशी का अनुभव करते है और रिश्तों में एक्साइटमेंट बढ़ जाती है। आप हर पल को एजॉय करते हैं। इसके कारण आप मेंटल तौर पर भी हेल्दी रहते हैं।

Pushpa- The Rule

मुंबई: बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई करने वाली फिल्म ‘पुष्पा- द राइज’ के बाद से ही दर्शकों को फिल्म के दूसरे पार्ट का इंतजार था। पारर्ट- 2 की घोषणा के बाद दर्शकों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है, हाल ही में मेकर्स ने फिल्म की पहली झलक रिलीज की जिसमें फिल्म के कुछ दृश्य भी दिखाए गए। इसके बाद पुष्पा- द रूल (Pushpa- The Rule)  से अल्लू अर्जून का फर्स्ट लुक भी सामने आ गया है। फिल्म रिलीज होने में तो अभी समय है पर इसके फर्स्ट लुक कलेक्शन ने ही रिकॉर्ड बना डाला है।

पुष्पा-2 के टीजर ने बना दिया रिकॉर्ड

‘पुष्पा – द रूल’ का जो पहला टीजर वीडियो यूट्यूब पर इतना देखा गया कि इसने रिकॉर्ड ही बना डाला। सभी भाषाओं को मिलाकर देखा जाए तो 24 घंटे के भीतर इस फिल्म का टीजर 5 करोड़ 40 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। केवल तेलुगू भाषा के टीजर को ही 24 घंटे में 02 करोड़ 77 लाख से ज्यादा बार देखा गया है और हिंदी टीजर को 02 करोड़ 45 लाख से ज्यादा बार देखा गया।

‘पुष्पा-1’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन?

बता दें कि ‘पुष्पा – द राइज’ के हिंदी वर्जन ने ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 108 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था। अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म ‘पुष्पा-2’ में कहानी वहीं से शुरू की जाएगी, जहां पर मेकर्स ने पिछली कहानी को छोड़ा था। अल्लू अर्जुन स्टारर इस फिल्म से दर्शकों को फिर एक बार जबरदस्त एक्शन और सस्पेंस थ्रिलर की उम्मीद करेंगे।

Pushpa- The Rule

क्या है पुष्पा-2 की कहानी में?

देखना होगा कि क्या ‘पुष्पा – द रूल’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी। पहली फिल्म में जहां एक आम इंसान के ब्लैक मार्केट का बेताज बादशाह बनने की कहानी दिखाई गई थी। वहीं, अब इस पार्ट में लड़ाई होगी इस ताज को बचाए रखने की। फिल्म की रिलीज डेट और ट्रेलर का फैन्स को बेसब्री से इंतजार रहेगा।

कोरोना मरीज का डाइट्स

आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। इस बीमारी के ठीक होने के बाद भी इसकी रिकवरी होने में लगभग एक महीने से ज़्यादा का वक्त लगता है। वो भी तब जब आप एक सही और संतुलित  डाइट ले रहे हो। वैसे तो बीमार होने पर खाने की कुछ खास इच्छा नहीं होती लेकिन फिर भी अगर खाना टाइम से न लिया जाए या स्किप किया जाए तो रिकवरी में न सिर्फ ज़्यादा वक़्त लग जाता है बल्कि बीमार व्यक्ति पहले से ज़्यादा कमज़ोर हो जाता है  जो कि उसे कईं तरह को दूसरी शारीरिक परेशानियों में डाल सकती है।

आइये आज जानते हैं कोरोना काल में और कोरोना के बाद रिकवरी पीरियड में मरीज़ की डाइट किस तरह की होनी चाहिए।

बिस्तर से उठने के बाद (सुबह 5.30- 6.30 बजे)

नींबू पानी

1 गिलास गुनगुने नींबू पानी में दालचीनी 05 भीगे हुए बादाम और अखरोट मिलाएं।

नाश्ते के विकल्प (30 मिनट के बाद)

पालक बेसन चीला 02 नग हरी चटनी/ नारियल चटनी या 1 कप दही के साथ।

ओट्स दलिया ड्राई फ्रूट्स या बीज के साथ और साथ ही एक कटोरी फल।

दो डोसे कम तेल में 1 कप सांबर/

वेजिटेबल ऑमलेट (2 अंडे का सफेद भाग और 1 पूरा अंडा) ।

2 स्लाइस साबुत-गेहूं या मल्टीग्रेन ब्रेड के साथ चाय (इच्छा होने पर)।

Mid-morning snack options मध्य सुबह के नाश्ते के विकल्प (सुबह 10 – 11 बजे)

1 कटोरी फल चिया/1 बड़ा चम्मच कद्दू बीज के साथ / 1 गिलास नींबू पानी।

चिया और अलसी बीज के साथ 1 गिलास पपीते की स्मूदी।

1 ग्लास ऑरेंज जूस / पाइन एप्पल  जूस/ नारियल पानी ।

दोपहर का भोजन (दोपहर 1 – 2 बजे)

भारतीय थाली

2 फुल्के / 1 कप उबले हुए चावल की सब्जी (बीन्स / फूलगोभी / ब्रोकली / पत्तेदार सब्जी / मिश्रित सब्जी) / कप दाल / चना / राजमा / 1 कटोरी पनीर की सब्ज़ी +1 कप दही

दोपहर के भोजन के बाद (शाम 4 बजे)

लौंग, काली मिर्च और सोंठ का काढ़ा/ ग्रीन टी /चाय /कॉफी – 1 कप।

मध्य शाम का नाश्ता (शाम 5 – 6 बजे)

फल

½उबले स्प्राउट्स /½ कप भुने हुए चने या भुना हुआ मखाना।

उबले स्प्राउट्स/ दालें या भुना हुआ मखाना/ चना – ½ कप

रात के खाने से पहले के विकल्प (रात 7 बजे)

1 चम्मच नीबू रस के साथ दाल पानी – 1 कप/

रसम – 1 कप।

गाजर/टमाटर/पालक/ब्रोकली सूप – 1 कप

रात के खाने के विकल्प (शाम 7.30– 8.30 बजे)

डोसा

1 कटोरी सब्जी खिचड़ी 1 कप दही/

2 मूंग दाल चीला पनीर लहसुन की चटनी के साथ।

इडली के 3 पीस, सब्जी सांबर के साथ।

2 रोटी १ कटोरी पालक या मेथी दाल/अंडे की सब्जी/पनीर भुर्जी के साथ – 1 कप।

सोने का समय :

1 गिलास हल्दी,अदरक और काली मिर्च के साथ कम फैट वाला दूध बिना चीनी के।

इस  डाइट चार्ट को आप आवश्यकतानुसार रिपीट कर सकते हैं |

इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सही पोषण  हमेशा ज़रूरी होता  है, खासकर ऐसे समय में जब प्रतिरक्षा प्रणाली को पहले से कईं ज़्यादा मज़बूत बनाने की आवश्यकता हो।

अच्छी  डाइट  के  साथ  ही कुछ और बातों का ध्यान  रखना ज़रूरी है।  जैसे की कैलोरी काउंट, प्रोटीन, फैट्स की जरूरतों को शरीर के वजन के अनुसार ही बढ़ाएं। कोरोना के मरीजों के डाइट चार्ट में विटामिन ए, सी, डी, ई, जिंक से भरपूर चीजें जरूर शामिल करें। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स विटामिंस और मिनरल्स होते हैं, जो कोरोना रोगियों को जल्दी रिकवर करने में मदद करते हैं।

बासी खाना बिल्कुल भी ना खाएं।

हाइड्रेटेड रहने के पानी और लिक्विड को भी अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें। ऐसे वक़्त में प्यास कम लगती है लेकिन फिर भी थोड़ा थोड़ा पानी लेते रहें। बेहतर स्वाद के लिए फल, पुदीना, नींबू के साथ पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक प्रतिदिन शारीरिक एक्टिविटी करें, ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी जरूर करें।

ब्रोहाइड्रेट्स, फैट्स से भरपूर सुंतलित आहार का सेवन करें। साथ ही प्रोटीन को भी जरूर शामिल करें।

ओरल न्यूट्रिशन सप्लिमेंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी कोरोना मरीजों को जरूर देना चाहिए।