Search
  • Noida, Uttar Pradesh,Email- masakalii.lifestyle@gmail.com
  • Mon - Sat 10.00 - 22.00

Tag Archives: Masakalii

Vastu Tips: These 3 things kept in the kitchen cause financial crunch

Vastu Tips: हिंदू पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक, घर की रसोई में मां अन्नापूर्णा का वास होता है। बता दें कि किचन से घर की समृद्धि भी तय होती है। कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें रसोई में रखने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और घर में धन की कमी बनी रहती है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो फौरन रसोई से कुछ चीजों को हटा दें।

अगर आपके घर में भी हमेशा आर्थिक तंगी बनी रहती हैं तो वास्तु के मुताबिक आपकी रसोई में रखी कुछ चीजें इसकी वजह से हो सकती हैं। ये सिर्फ आपके हेल्थ पर असर नहीं डालता है बल्कि इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक हालात पर भी पड़ता है। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को दावत देती है।

इन चीजों को आज ही किचन से हटा दें

Vastu Tips: These 3 things kept in the kitchen cause financial crunch

आइये समझते हैं इन चीजों के बारे में जिन्हें आज ही रसोई से हटाने से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवाह होगा, जिससे मां लक्ष्मी का भी आगमन होगा।

1. जली या दरार वाली बर्तन

रसोई में जले हुए तवे, पतीले या टूटे-फुटे हुए बर्तन नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। ये घर की सुख-शांति और समृद्धि में बाधा डालते हैं। इन्हें फौरन रसोई से बाहर कर देना चाहिए।

2. सड़ा-गला या बासी खाना

Vastu Tips: These 3 things kept in the kitchen cause financial crunch

रसोई में बासी या खराब भोजन रखना बहुत अशुभ माना जाता है। इससे न सिर्फ हेल्थ खराब होती है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। किचन को हमेशा साफ-सुधरा रखना चाहिए और जूते चप्पल पहनकर किचन में नहीं जाना चाहिए।

3. खाली पड़े पुराने डिब्बे

रसोई में नमक, आटा या चावल जैसी चीजों को फैला हुआ या खुला छोड़ना दरिद्रता की निशानी माना गया है। वास्तु के मुताबिक, इससे घर में पैसे की तंगी बनी रहती है। खाली बर्तन या जार रसोई में रखना भी आर्थिक तंगी का प्रतीक माना जाता है। खाली डिब्बों को हटाकर उन्हें अनाज से भर कर रखना शुभ माना जाता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Rudrabhishek has to be done on the third Monday of Sawan

SAWAN की पावन महीना भगवान भोलेनाथ तो समर्पित होता है। इस माह में भगवान भोले बाबा और मां पार्वती की पूजा की जाती है। बाबा भोलेनाथ की पूजा आराधना करने में रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया जाता है। माना जाता है कि सावन के महीने में जो श्रद्धालु रुद्राभिषेक करते हैं उनका बड़ा से बड़ा कष्ट समाप्त हो जाता है। अगर रुद्राभिषेक सोमवार के दिन शुभ मुहूर्त में किया जाए तो और भी बड़ा फल की प्राप्ति होती है। सावन सोमवार के दिन रुद्राभिषेक के लिए जानें क्या है शुभ मुहूर्त ?

क्या कहते हैं प्रसिद्ध महादेव मंदिर के पंडित जितेंद्र तिवारी जी

मुजफ्फरपुर के साहू पोखर महादेव मंदिर के पंडित जितेंद्र तिवारी जी ने संवाददाता जाहिद अब्बास से बातचीत करते हुए बताया कि सावन की तीसरी सोमवारी कल है। इसके साथ ही तीसरी सोमवारी के दिन अद्भुत संयोग भी बनने जा रहा है। उस दिन विनायकी गणेश चतुर्थी है यानी भगवान शिव के साथ-साथ गणपति की भी पूजा अवश्य करनी चाहिए। ऐसा खास संयोग बड़े ही संयोग से मिलता है। अगर सावन की तीसरी सोमवारी के दिन रुद्राभिषेक कर लें तो बड़ा से बड़ा कष्ट खत्म हो जाएगा और जीवन में सुख समृद्धि की बढ़ोतरी होगी।

रुद्राभिषेक के क्या हैं शुभ मुहूर्त

पंडित जी बताते हैं कि रुद्राभिषेक हमेशा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए। अगर आप भी सावन के तीसरे सोमवारी के दिन रुद्राभिषेक करना चाहते है तो ब्रह्म मुहूर्त में सुबह सुबह 4 बजकर 11 मिनट से लेकर 05 बजकर 33 मिनट तक करना बेहतर है। इसके साथ ही सुबह 10 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक अमृतकाल रहने वाला है। इस मुहूर्त में भी रुद्राभिषेक करने पर पुण्यदायी फल हासिल होगा।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you are a 'Newly Mom' then take care of yourself like this

Newly Mom: प्रेग्नेंसी शुरू होते ही शरीर में कई तरह के हार्मोनल चेंजिंग दिखने लगते हैं और 09 महीने के फेज के बाद जब डिलीवरी होती है तो मां को सबसे अधिक खुशी का एहसास होता है पर इसके बाद कई सरह के स्ट्रेस भी सामने आते हैं जैसे कि चिड़चिढ़ापन, उदासी, चिंता, बच्चे के साथ जुड़ाव में कमी जैसा प्रॉब्लम होने लगता है। डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है और तनाव का कुप्रभाव भी सेहत पर नजर आता है।

प्रेग्नेंसी के बाद पहले जैसा हेल्दी और फिट बनने के लिए अपने रूटीन के साथ ही खानपान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। वरना कुछ प्रॉब्लम लाइफटाइम परेशानी खड़ा कर सकती है जैसे वजन कंट्रोल न किया जाए तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है साथ ही शरीर में दर्द और कमजोरी लंबे वक्त तक बनी रह सकती है। विशेषज्ञ से जानेंगे कि कैसे डाइट को सही तरीकों से लेकर योगा या वर्कआउट करने तक कैसे अपने स्वास्थ्य को ठीक रख सकती हैं।

नई मां की फिजिकल हेल्थ के साथ ही मेंटल हेल्थ भी दुरुस्त रहना बहुत जरूरी होता है, तभी वह अपने बच्चे को भी पूरी तरह से देखभाल कर पाएंगी और बच्चा हेल्दी रहता है। बाद वाली परेशानियों से बचने के लिए सबसे जरूरी होता है फैमिली का इमोशनल सपोर्ट। अलावा इसके भी एक्सपर्ट ने कई छोटी-छोटी ट्रिक बताई हैं और डाइट, वर्कआउट की डिटेल भी दी है ताकि डिलीवरी के बाद मां खुद को स्वस्थ रख सके।

एक्सपर्ट लाइफस्टाइल डिजीज जैसे डायबिटीज, पीसीओडी, थायराइड, ओबेसिटी आदि से लोगों को नेचुरली रिवर्स करने में मदद करती हैं और यह भी बताती हैं कि कैसे आप टेस्टी खाना खाकर भी स्लिम और फिट रह सकते हैं।

If you are a 'Newly Mom' then take care of yourself like this

मेंटल हेल्थ दुरुस्त रखने के टिप्स

  • एक्सपर्ट कहती हैं कि नई मां बनी हैं तो रोजाना कुछ देर लाइट वॉक करें और नंगे पैर घास पर चलें।
  • मेंटल हेल्थ को सुधारने के लिए ब्रीदिंग टेक्निक जैसे कपालभाति प्राणायाम और अनुलोम विलोम करना सही रहता है।
  • एक्सपर्ट का कहना है कि कोई भी स्ट्रेस जो आपको परेशान कर रहा हो, उसके बारे में बात करें।
  • स्ट्रेस कम ना हो तो जरूरत के हिसाब से थेरेपिस्ट या काउंसलर से बात करनी है तो वो बिल्कुल नॉर्मल है। जरूर बात करें, स्ट्रेस को कैसे डील करें?

भरपूर नींद लेना है जरूरी

good sleep

एक्सपर्ट के मुताबिक सबसे जरूरी है नई माएं अच्छी नींद लें, क्योंकि नींद न सिर्फ शारीरिक तौर पर आराम देती है, बल्कि मेंटली भी रिलैक्स दिलाने में मदद करती है। इसके लिए स्लीप स्नैचिंग तकनीक का सहारा लेना चाहिए यानी जब बेबी सो रहा हो या फिर फैमिली में किसी और के पास हो तो उस दौरान आप भी पावर नैप लें।

ब्रेस्टफीडिंग करवाना है फायदेमंद

Breast feeding

एक्सपर्ट कहती हैं कि बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग जरूर कराएं. ये मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होती है। वजन घटाने के लिए पेशेंस रखें, क्योंकि ग्रेचुअल वेट लॉस और ग्रेजुअल फैट लॉस करना ही सेफ रहता है और यही सही तकनीक है पोस्टपार्टम वेट को कम करने की।

कब कर सकते हैं फिजिकल एक्टिविटी

एक्सपर्ट का कहना है कि नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो 06 हफ्ते के बाद फिजिकल एक्टिविटी कर सकती हैं और अगर सी-सेक्शन हुआ है तो डॉक्टर्स की एडवाइस के बाद ही किसी तरह का वर्कआउट या योग करना शुरू करें। बाद के दौरान फिटनेस के लिए आप ब्रीदिंग, लाइट वॉक, लाइट स्ट्रेचिंग, योगा को रूटीन में एड कर सकते हैं. ज्यादा जल्दबाजी न करें, अपनी बॉडी को हील होने दें तभी शरीर सही तरह से फंक्शन कर पाएगा।

ये चीजें करें अवॉइड

नई माएं एमटी कैलोरी बिल्कुल न लें, जैसे बिस्किट, शुगरी ड्रिंक्स को अवॉइड करना चाहिए. एक्सपर्ट कहती हैं कि बहुत सारे लोग वेट लॉस के चक्कर में चाय-कॉफी ज्यादा लेते हैं, लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि ये बॉडी को एसिडिक कर सकते हैं और कैफीन से शरीर को नकली किक मिलती है। इंस्टेंट एनर्जी के चक्कर में इनको पीने से बचें। चाय-कॉफी पी भी रहे हैं तो शुगर मत मिलाएं और दिन में एक या दो बार ही लीजिए।

हाइड्रेट रहना है लाभदायक

एक्सपर्ट के अनुसार हाइड्रेशन को बनाए रखें, सादा पानी पीने के अलावा जीरा वाटर, धनिया वाटर, कोकोनट वाटर, सौंफ का पानी आदि पीएं, क्योंकि इन मसालों में कैल्शियम से अलावा भी कई मिनरल्स होते हैं। घर का सिंपल खाना खाइए। ये आपके लिए पोस्टपार्टम को डील करने के लिए बेस्ट है।

डाइट का ध्यान कैसे रखें

एक्सपर्ट का कहना है कि डिलीवरी के बाद वेट कंट्रोल करना हो तो किसी भी फैट डाइट को फॉलो नहीं करना चाहिए पर वजन कम करने के चक्कर में कोई भी ट्रेंडी डाइट फॉलो करना शुरू न करें। न्यूट्रिशनल डाइट लें, जिसमें कैलोरी भी कम हो और पोषक तत्व भी अच्छी मात्रा में हो, साथ ही रेगुलर लाइट वॉक कीजिए।

नई माएं लें ऐसा खाना

एक्सपर्ट के मुताबिक डिलीवरी के बाद आयरन और कैल्शियम रिच फूड खाएं, जैसे रागी, ड्राई फ्रूट्स और हरी सब्जियां और फल। वह कहती हैं कि मैं तो आपको कहूंगी बादाम, अखरोट, पंपकिन सीड्स, सूरजमुखी के बीज, गोंद आदि को नट्स, सीड्स और ड्राई फ्रूट्स को मिलाकर लड्डू बना लें। दो लड्डू रोज आप दूध के साथ लें. इससे कई न्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी हो जाती है और कमजोरी नहीं लगती। डिलीवरी के बाद खाने में अंडा, दाल, नट्स शामिल करें जो प्रोटीन की पूर्ति करेंगे।

फोटो सौजन्य- गूगल

Bring glow to your face in Korean way and say goodbye to wrinkles

Korean Glowing Style: अगर आप भी अपना चेहरा देखते हुए मन ही मन सोचते हैं कि काश मेरा चेहरा पहले जैसा चमकदार और बिना झुर्रियों वाला होता तो..। आजकल फास्ट लाइफस्टाइल, गलत खानपान, दबाव और नींद की कमी के कारण चेहरे पर जल्दी झुर्रियां दिखने लगती हैं और त्वचा बेजान सी होने लगती है। ऐसे में हम महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट की मदद लेने लगते हैं पर इन सब में केमिकल्स का प्रयोग होता है जो कई बार साइड इफेक्ट भी कर जाते हैं। ऐसे में क्यों ना हम उन उपायों की ओर बढ़े जो नेचुरल भी है और फायदेमंद भी। कोरिया की महिलाएं अपनी खूबसूरती और चमकती स्किन के लिए दुनिया भर में जानी जाती हैं। उनकी स्किन इतनी क्लियर और टाइट रहती है कि उम्र का असर दिखाई ही नहीं देता। वहां कुछ ऐसे ब्यूटी सीक्रेट्स हैं जो वहां की संस्कृति में पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहें हैं। खास बात यह है कि आप भी इन्हें अपने रूटीन में शामिल कर सकती हैं और अपनी त्वचा को यंग और ग्लोइंग बना सकती हैं।

क्या हैं कोरियन ब्यूटी का राज?

Bring glow to your face in Korean way and say goodbye to wrinkles

कोरियन महिलाओं की खूबसूरती का सीक्रेट उनके नेचुरल रेमेडीज और लाइफस्टाइल में छुपा है। वे बहुत अधिक पानी का सेवन करती हैं और सबसे खास उनकी स्किन केयर रूटीन में ऐसे प्राकृतिक तरीके शामिल हैं जो त्वचा की गहराई से सफाई करके उसे टाइट और ग्लोइंग बनाते हैं। उनमें से एक तरीका है राइस वॉटर यानी चावल के पानी का सटीक इस्तेमाल।

चावल के पानी का जादुआई कमाल

चावल में विटामिन-B,E, मिनरल्स और अमीनो एसिड्स होते हैं जो स्किन को पोषण देते हैं। चावल का पानी स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ाता है जिससे झुर्रियां कम दिखने लगती हैं। यह स्किन को हल्का गोरा भी करता है और दाग-धब्बे मिटाता है। कोरिया में सदियों से महिलाएं अपने चेहरे को चावल के पानी से धोती आई हैं। इससे उनकी त्वचा टाइट रहती है और उसमें जबरदस्त ग्लो आता है।

ये है बनाने की विधि

  • सबसे पहले चावल को अच्छे से धो लें ताकि उस पर लगी धूल और गंदगी हट जाए।
  • फिर इसे दो कप पानी में डालकर 30 मिनट के लिए भिगोकर रख दें।
  • बीच-बीच में चावल को हाथ से मसलें ताकि उसके सारे पोषक तत्व पानी में आ जाएं।
  • अब इस पानी को छानकर अलग कर लें, यही चावल का पानी आपके चेहरे के लिए अमृत है।

ऐसे करें इसका इस्तेमाल-

रोज सुबह चेहरा साफ करने के बाद इस चावल के पानी को कॉटन की मदद से पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। चाहें तो इस पानी को स्प्रे बोतल में डालकर दिन में दो-तीन बार चेहरे पर स्प्रे भी कर सकती हैं। इसे 15-20 मिनट तक ऐसे ही रहने दें फिर सादे पानी से धो लें। हफ्ते में कम से कम 04-05 बार ऐसा करने से आपको असर दिखने लगेगा।

कुछ और कोरियन टिप्स जवां त्वचा के लिए-

Bring glow to your face in Korean way and say goodbye to wrinkles

जमकर पानी पिएं, कोरियन महिलाएं दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी पीती हैं जिससे उनकी स्किन हाइड्रेट रहती है। फलों और सब्जियों का ज्यादा सेवन करें। खासकर उन चीजों का जिनमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स ज्यादा हों। रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से क्लीन करें ताकि दिनभर की धूल-मिट्टी और ऑयल साफ हो जाए। चेहरे की हल्की-हल्की मसाज करें, इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और स्किन टाइट रहती है।

क्यों करें कोरियन तरीका का इस्तेमाल?

इसमें कोई केमिकल नहीं होता, पूरी तरह प्राकृतिक है। ज्यादा महंगा भी नहीं पड़ता। सबसे बड़ी बात यह है कि लंबे वक्त तक स्किन हेल्दी और जवां बनी रहती है। धीरे-धीरे दाग-धब्बे, पिगमेंटेशन और झुर्रियां कम होने लगती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you are troubled by white hair

Hair Care: बालों में लगातार केमिकल का प्रयोग और धूप के प्रभाव सफेद बालों की समस्या की वजह बनती है। बालों के जड़ों में मौजूद मेलिनिन बालों को रंग देने में सहायता प्रदान करता है। लेकिन जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है। इसकी मात्रा कम हो जाती है और बालों का रंग सफेद होने लगता है। असल में बढ़ता तनाव, विटामिन की कमी और धूम्रपान इसके असल कारण हैं। अगर आप भी सफेद बालों से परेशान हैं तो वक्त से पहले जानें सफेद बालों का कारण और उसके निदान।

आखिर क्यों समय से पहले बढ़ने लगती है बालों की समस्या-

स्किन एक्सपर्ट बताती हैं कि उम्र काफी हद तक सफ़ेद बाल का एक मुख्य कारण हैं। अलावा इसके हेयर केयर की कमी और पोषक तत्वों का घटता स्तर इस समस्या का कारण साबित होता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ ट्राइकोलॉजी के मुताबिक आनुवंशिकी के साथ साथ विटामिन की कमी जैसे अन्य कारक भी समय से पहले सफ़ेद बालों का कारण बन सकते हैं।

सफेद बालों की समस्या के लिए बताए गए टिप्स का करें पालन

If you are troubled by white hair

1. कम करें केमिकल्स का इस्तेमाल

सफेद बालों को रोकने के लिए बालों पर केमिकल युक्त शैम्पू, स्प्रे और अलग अलग प्रकार के ट्रीटमेंट से बचें। बालों की मज़बूती को बढ़ाने के लिए सल्फेट्स, पैराबेंस और फ़थलेट्स जैसे हार्श केमिकल्स का इस्तेमाल न करें। इससे बालों के स्ट्रैंड और जड़ों की कमज़ोरी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बालों की क्लीजिंग के लिए माइल्ड शैम्पू या होमेमेड हेयर मास्क का इस्तेमाल करें। इससे स्कैल्प का रूखापन कम होता है, जिससे सफेद बालों की समस्या हल होती है।

2. यूवी रेज़ के असर से बचें

धूप की किरणों से बालों के टैक्सचर को नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गर्मी के दिनों में बालों को ढ़ककर रखें और स्ट्रेटनर व कर्लर का इस्तेमाल न करें। हीटिंग उत्पादों का उपयोग करते समय बालों की सुरक्षा के लिए क्रीम का उपयोग करें। इससे बालों की नरिशमेंट में मदद मिलती है और बालों का टूटना व झड़ना कम हो जाता है।

3. जरूर करें स्कैल्प मसाज

If you are troubled by white hair

बालों की मज़बूती को बढ़ाने क लिए हेयर ऑयलिंग आवश्यक है। इससे बालों का झड़ना कम होने लगता है और सफेद बालों की समस्या से बचा जा सकता है। इसके लिए कड़ी पत्ता, मेथीदाना और गुड़हल के फूलों को नारियल के तेल में पकाकर छान लें और बालों पर अप्लाई करें। इससे बालों का टूटना कम होने लगता है।

4. स्ट्रेस मैनेजमेंट है आवश्यक

दिनों दिन बढ़ता तनाव नींद की कमी, कमज़ोर याददाश्त औरसफे बालों की समस्या का कारण बनने लगता है। ऐसे में स्ट्रेस को दूर करने के लिए नियमित रूप से योग और मेडिटेशन का अभ्यास करें। योग की मदद से ब्रेन में ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ने लगता है, जिससे बालों की जड़े मज़बूत बनती हैं और सफेद बालों से बचने में मदद मिलती है।

5. हेयर क्लीजिंग है अहम

बालों को हफ्ता में 02 से 03 बार धोएं। इससे बालों की स्वच्छता बनी रहती है, जिससे फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचा जा सकता है। साथ ही डीप क्लीजिंग में भी मदद मिलती है, जिससे स्कैल्प पर बढ़ने वाली फंगस, इंफेक्शन और सफेद बालों की समस्या कम हो जाती है। इसके लिए केमिकल रहित प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें

6. स्वस्थ आहार का सेवन करें

स्वस्थ आहार हमारे शरीर और स्कैल्प को पोषण प्रदान करते हैं। आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स को शामिल करें, जो बालों के बॉन्ड को मज़बूत बनाते हैं। इससे बालों का झड़ना और पतलापन कम होने लगता हैं। बालों की मज़बूती बढ़ जाती है और दो मुंह बालों की समस्या से भी बचा जा सकता है। वे लोग जिन्हें कम उम्र में सफेद बालों का सामना करना पड़ता है। उनके बाल स्ट्रोंग व हेल्दी बन जाते हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Did anti-aging medicines become the cause of Shefali Jariwala's death?

Shefali Jariwala: अभिनेत्री शेफाली जरीवाला का 27 जून को देर रात निधन हो गया। उन्होंने 42 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। शेफाली के अचानक मौत की खबर से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। जिसने भी येखबर सुनी वो स्तब्ध है और साथ ही यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि आखिर शेफाली को हुआ क्या? कैसे हुई इतनी कम उम्र में मौत? पुलिस टीम की जांच में इससे जुड़ी कुछ बातें सामने आईं हैं। आइये जानते हैं क्या हैं वो बातें-

क्या शेफाली की कार्डियक अरेस्ट से गई जान?

शेफाली जरीवाला के निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। अभी तक की पुलिस जांच में भी एक बड़ी वजह कार्डियक अरेस्ट होने की सामने आई है। जांच में सामने आया है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे उनकी बॉडी अचानक से कांपने लगी और वो नीचे गिर गईं। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर जाया गया। उस समय घर में शेफाली, उनके पति पराग और शेफाली की मां के अलावा कुछ अन्य लोग मौजदू थे।

एंटी एजिंग दवाओं से हो सकता है कनेक्शन?

जांच में यह भी सामने आया है कि शेफाली पिछले कई वर्षों से हर महीने एंटी एजिंग दवाईयां ले रही थीं। एंटी एजनिंग और विटामिन की दवाईयां लेने की सलाह शेफाली ने करीब 7-8 साल पहले एक डॉक्टर से ली थी। इसके बाद वे लगातार हर महीने यह दवा ले रहीं थीं।

शुक्रवार को था शेफाली का व्रत

Did anti-aging medicines become the cause of Shefali Jariwala's death?

शुक्रवार 27 जून को शेफाली ने व्रत रखा था। जांच में सामने आया है कि घर में पूजा होने की वजह से शेफाली ने व्रत रखा था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी एंटी एजिंग दवा को दोपहर में इंजेक्ट किया था। पुलिस की एफएसएल (FSL) टीम ने शेफाली के घर से बहुत सारी दवाईयों सीज की हैं। इनमें एंटी एजिंग मेडिसिन, विटामिन और गैस्ट्रिक से जुड़ी गोलियां शामिल हैं।

पुलिस ने दर्ज किया कई लोगों के बयान

अब तक इस मामले में करीब 08 लोगों का बयान पुलिस ने दर्ज किया है। इसमें परिवार के लोग, नौकर और बेलेवूए अस्पताल के डॉक्टर शामिल हैं। फिलहाल अब तक की जांच में किसी भी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई है।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you look old then drink coffee every day

Benefits of Coffee: ज्यादातर लोग दिनभर इनरजेटिक रहने के मकसद से दिन की शुरुआत कॉफी के साथ करते हैं। बता दें कि इसके सेवन से शरीर को मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स जहां इनर्जी का लेवल बनाए रखते हैं, तो वहीं स्किन पर लगाने से भी कई फायदे होते हैं। इससे UV रेज का बढ़ता असर कम हो जाता है। हालांकि गर्मी मेंम स्किन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी स्किन की चमक को बढ़ाकर एजिंग से बचना चाहते हैं तो इस तरह से करें कॉफी का प्रयोग-

कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक कॉफी एंटीऑक्सीडेंट का एक मुख्य स्रोत है जो त्वचा को कई तरह से लाभ पहुँचाता है। इससे स्किन को एक्सफोलिएट करने से लेकर ऑयली त्वचा की समस्या को हल किया जा सकता है। इससे स्किन सेल्स बूस्ट होते है, जिससे त्वचा की इलास्टीसिटी मेंटेन रहती है अैर त्वचा की नमी को भी रीसटोर किया जा सकता है।

कॉफी स्किन के लिए इस तरह है फायदेमंद

If you look old then drink coffee every day

1. स्किन को करे एक्सफोलिएट

कॉफी त्वचा पर बढ़ने वाली डेड स्किन सेल्स की समस्या हल हो जाती है और त्वचा को एक्सफोलिएट करने में मदद मिलती है। इसकी मदद से त्वचा की कोशिकाओं को धीरे धीरे एक्सफोलिएट करने में मदद मिलती है और अतिरिक्त ऑयल को दूर किया जा सकता है।

2. ग्लो करे मेंटेन

कॉफी मास्क की मदद से स्किन इंफ्लामेशन को कम करके ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे स्किन का ग्लो मेंटेन रहता है और स्किन संबधी समस्याओं को हल किया जा सकता है। ये थकान के लक्षणों को भी कम करने में मददगार साबित होती है।

3. एजिंग को बढ़ने से रोके

इसमें मौजूद फिनोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों से लड़ने और त्वचा को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसके चलते महीन रेखाएं, झुर्रियाँ और ढीली त्वचा से बचा जा सकता है। कॉफी में मौजूद गुण मुंहासों से लड़ने और कोलेजन के निर्माण को बढ़ाने का काम करते हैं।

4. काले घेरों को करे दूर

अगर आप 22 से 3 बार कॉफी का स्क्रब इस्तेमाल करने से त्वचा का लचीलापन बना रहता है और डार्क सर्कल्स की समस्या हल होने लगती है। अलावा इसके आखों के नीचे बढ़ने वाली सूजन की समस्या भी हल हो जाती है। इससे स्किन पर मौजूद डक्ट पार्टिकल्स को भी हटाया जा सकता है।

Skin के लिए कॉफी का उपयोग इन तरीकों से करें

If you look old then drink coffee every day

1. कॉफी फेस मास्क

स्किन के चलीलेपन को बनाने के लिए कॉफी फेस मास्क बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए एक कटोरी में दो चम्मच पिसी हुई कॉफी और दो चम्मच एलोवेरा जेल डालें। इसे अच्छी तरह से मिलाएँ और पेस्ट तैयार कर लें। 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर ठंडे पानी से धो लें।

2. कॉफी फेस स्क्रब

एजिंग के लक्षणों से राहत पाने के लिए कॉफी स्क्रब काफी फायदेमंद साबित होता है। इसे बनाने के लिए 01 चम्मच ऑलिव ऑयल और 02 चम्मच पिसी हुई कॉफी को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। अब इस स्क्रब को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 05 मिनट तक गोलाकार गति में मालिश करें। मास्क को 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर गुनगुने पानी से साफ कर लें।

3. कॉफी आई मास्क

आंखों के नीचे काले घेरों को दूर करने के लिए कॉफी को राइस वाटर में मिलाकर आंखों के नीचे धीरे-धीरे से थपथपाएं और लगभग 10 मिनट तक लगा रहने दें। हफ्ते में 02 से 03 बार आंखों के चीने इस्तेमाल करने से आई पफ्फीनेस और डार्क सर्कल्स की समस्या हल होने लगती है।

4. कॉफी बॉडी स्क्रब

एक्सफोलिएटिंग गुणों से भरपूर कॉफी में चीनी, नींबू और पानी को मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस स्क्रब का प्रयोग पूरे शरीर पर करें। स्क्रब करते समय हल्के गोलाकार गति का इस्तेमाल करना जरूर याद रखें। इसे 05 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर धो लेंं

फोटो सौजन्य- गूगल

Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

Vaginal Infection: भारत जैसे देशों में महिलाओं के स्वास्थ्य पर काफी कम बातें होती हैं। कभी-कभी वीमेन से जुड़ी छोटी-छोटी दिक्कतों को नजरअंदाज करना महिलाओं के लिए भारी पर जाता है। लेडीज में वेजाइनल इन्फेक्शन एक ऐसी ही समस्या है। आज हम बताएंगे कि आखिर क्यों होता है वेजाइनल इन्फेक्शन और क्या हैं इससे बचने के तरीके-

जानें क्या है वेजाइनल इन्फेक्शन-

वेजाइनल इन्फेक्शन वेजाइनल में हुए संक्रमण को कहते हैं। ये इन्फेक्शन बैक्टीरिया, फंगस, या वायरस के कारण हो सकता है। दरअसल, वेजाइना में बैक्टीरिया और फंगस में एक बैलेंस होता है पर जब यही बैलेंस बिगड़ता है तो इनफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। भले ही ये इन्फेक्शन मामूली लगे लेकिन कई बार और बड़ी बीमारियों को जन्म दे देता है।

वेजाइनल इन्फेक्शन के लक्षण

Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

1. यूरिन डिस्चार्ज में दर्द-

यूरिन डिस्चार्ज करते हुए दर्द या जलन होना या वेजाइना से बदबू आना।

2. खुजली और जलन –

वेजाइना और उसके आसपास खुजली और जलन होने लगे तो इनफेक्शन के ही लक्षण हैं।

3. लालिमा और सूजन-

वेजाइना के आसपास की त्वचा लाल और सूज सकती है।

4. सेक्स के दौरान दर्द-

पेशाब के दौरान जलन या दर्द और सेक्स के दौरान दर्द।

5. अनियमित पीरियड्स

पीरियड्स की साइकिल अनियमित हो सकती है। एक्सपर्ट ने वैजाइनल इंफेक्शन को दो भागों में बांटा है।

1. नॉन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन

2. सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन

इन्हें और कई भागों में बांटा जा सकता है-

1. बैक्टीरियल वेजिनोसिस :

यह तब होता है जब वेजाइना में अच्छे और नुकसानदायक बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है। ये नॉन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन है।

2. फंगल इन्फेक्शन :

यह कैंडीडा नामक फंगस के कारण होता है। ये संक्रमण तब बढ़ता है जब फंगस का स्तर नॉर्मल से अधिक हो जाता है। इसमें आपकी वैजाइना लाल।हो जाती है। डायबिटीज के पेशेंट्स को इसका ख़तरा अधिक होता है।

3. ट्राइकोमोनायसिस:

ये सेक्सुअली ट्रांसमिट हुआ इनफेक्शन है जो Trichomonas vaginalis नाम की बैक्टीरिया से फैलता है। सेक्स के दौरान कॉन्डोम ना इस्तेमाल करना, एक से अधिक पार्टनर्स के साथ सेक्स करना- ये इस इन्फेक्शन के प्रमुख कारण हैं।

4. हार्मोनल बदलाव:

पीरियड्स, प्रेग्नेन्सी या मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, इस बदलाव से भी वेजाइनल इन्फेक्शन हो सकता है। पीरियड्स के दौरान अगर आप अपने पैड्स तीन चार बार नहीं बदलते तो ये इन्फेक्शन कॉमन है।

5. वेजाइनल सफाई में गलत तरीका अपनाना:

वेजाइना को अंदर से साफ करने के लिए डूशिंग या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इनफेक्शन का कारण बन सकता है। ये भी नॉन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन है।

वेजाइनल इन्फेक्शन से कैसे बचें-

Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

  • वेजाइना को हल्के गुनगुने पानी से धोएं। बाहरी हिस्से की सफाई करें, लेकिन अंदरूनी हिस्से को जबरन रगड़ने की ज़रूरत नहीं।
  • सूती अंडरवियर का इस्तेमाल करें और तंग कपड़ों से बचें, जो पसीना रोक दे।
  • पीरियड्स के दौरान हर 4-6 घंटे में पैड या टैम्पोन बदलें। अक्सर ग्रामीण इलाकों में लोग इसे सीरियसली नहीं लेते जिस वजह से इंफेक्शन बढ़ जाता है।
  • सेफ सेक्स करें। सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें। सेक्स के लिए एक से अधिक पार्टनर से बचें।
  • वेजाइना के पास परफ्यूम, डिओडोरेंट या किसी साबुन का इस्तेमाल न करें।
  • दही और प्रोबायोटिक्स युक्त खाना खाएं। चीनी कम से कम खाएं ।
  • तनाव कम लीजिए। ज्यादा तनाव लेने से शरीर में हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ सकता है जो इनफेक्शन को बढ़ाता है।

वेजाइनल इंफेक्शन इन स्थितियों में हो सकता है गंभीर (When seek to a Doctor in vaginal infection)
अगर आपको ये समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करिए-

1. वेजाइना से लगातार डिस्चार्ज।
2. खुजली या जलन जो घरेलू उपाय से ठीक न हो।
3. बुखार, पेट के निचले हिस्से में दर्द या थकावट।
4. सेक्स के दौरान दर्द।
5. बार-बार वेजाइनल इन्फेक्शन होना।

एक्सपर्ट के मुताबिक इंफेक्शन को लोग अनदेखा या अनसीरियसली ले लेते हैं जिसकी वजह से यह बड़ी समस्या का रूप ले लेती है। उनका कहना था कि ये जो हम इन्फर्टिलिटी को बड़ी समस्या के तौर पर देख रहे हैं, यह इन्हीं छोटी-छोटी बातों को इग्नोर करने का नतीज़ा है।

घरेलू उपाय जो कर सकते हैं मदद:

1. दही (Yogurt)

दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं।

2. लहसुन (Garlic):

लहसुन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर होता है। इसे अपने खाने में शामिल करें।

3. गर्म पानी (Hot Water)

हल्के गर्म पानी में थोड़ा नमक मिलाकर वेजाइना को धोने से राहत मिलती है।

4. टी ट्री ऑयल (Tea Tree Oil)

टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होते हैं। इसे नारियल तेल में मिलाकर लगाया जा सकता है।

वो गलतियां जिससे होता है वेजाइनल इन्फेक्शन

1. गीले अंडरवियर पहनना।
2. साबुन या अन्य सस्ते कॉस्मेटिक का वैजाइना पर इस्तेमाल।
3. पब्लिक टॉयलेट का गलत इस्तेमाल।
4. यौन संबंध बनाते समय सुरक्षा का ध्यान न रखना। कॉन्डोम को अवॉयड करना
5. शरीर की साफ-सफाई पर ध्यान न देना।
6.टाइट कपड़े जो वैजाइना को भी एयर टाइट बना देते हैं।

Why is Eid-ul-Azha celebrated and what is its importance?

बकरीद को EID UL ADHA, जिसके नाम से भी जाना जाता है, इस्लाम धर्म का बहुत ही अहम त्योहार है। इस साल भारत में ईद उल अजहा का पर्व 7 जून यानी कल मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म में बकरीद का विशेष महत्व है, इसे कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है। इस पर्व को दुनियाभर में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग बहुत ही अकीदत और हर्षोल्लास से मनाते हैं। आइये जानते हैं कि ईद उल अजहा क्यों मनाया जाता है, इसका क्या है मुसलमानों में महत्व?

रमजान के इतने दिनों बाद मनाते हैं ईद उल अजहा

Importance of Eid Milad-Un-Nabi in Islam and its history

भारत में बकरीद की तारीख सऊदी अरब में चांद दिखने के आधार पर तय की जाती है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक 12वें महीने जुअल-हिज्जा की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है। यह तारीख रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने के लगभग 70 दिनों के बाद आती है।

किस देश में कब है बकरीद?

सऊदी अरब, ओमान और इंडोनेशिया में बकरीद का त्योहार 6 जून, 2025 को मनाया जाएगा। वहीं, भारत, नाइजीरिया, मोरक्को, बांग्लादेश, मलेशिया और न्यूजीलैंड में बकरीद 7 जून, 2025 को मनाई जाएगी।

क्यों मनाया जाता है बकरीद का त्योहार?

इस्लामिक धार्मिक मान्यता के अनुसार पैगंबर मोहम्मद इब्राहिम के द्वारा ही कुर्बानी देने की परंपरा शुरू हुई थी। माना जाता है कि अल्लाह ने एक बार पैगंबर मोहम्मद इब्राहिम से कहा था कि वे अपनी श्रद्धा और विश्वास को साबित करने के लिए अपनी सबसे अमूल्य चीज को त्याग दें। तब उन्होंने अल्लाह के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने का फैसला किया था। पैगंबर हजरत इब्राहिम ने अपने इकलौते बेटे की कुर्बानी अल्लाह की रजामंदी (सहमति) के लिए जैसे ही अपने बेटे की कुर्बानी देने वाले थे। उसी समय अल्लाह ने अपने फरिश्ते को भेजकर बेटे की जगह एक बकरे से बदल दिया था। अल्लाह को हजरत इब्राहिम के इस त्याग और समर्पण का अमल इतना पसंद आया कि कुर्बानी इस्लाम धर्म में इब्राहिम की सुन्नत करार दी गई। तभी से बकरीद अल्लाह में पैगंबर इब्राहिम के विश्वास को याद करने के लिए मनाई जाती है।

यह बलिदान का त्योहार पवित्र शहर मक्का की वार्षिक हज यात्रा के अंत का प्रतीक है जोकि इस्लामिक कैलेंडर के 12वें और आखिरी महीने की 10वीं तारीख को बकरीद के तौर पर मनाई जाती है। इसे माह-ए-जुलहिज्जा कहा जाता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Miss World 2025: After winning the title of Miss World

72वें Miss World 2025 का भव्य समापन शनिवार को हैदराबाद के हाईटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ। थाईलैंड की 21 वर्षीय मॉ
डल ओपल सुचाता चुआंगसरी ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब पर कब्जा जमाया। इस सौंदर्य प्रगियोगिता में 108 मुल्कों की हसीनाओं ने हिस्सी लिया लेकिन भारत की नंदिनी गुप्ता टॉप 8 में जगह नहीं बना पाईं। इथियोपिया की हस्सेट डेरेज अदमासु को रनर-अप घोषित किया गया। बता दें कि भारत की सुंदरी नंदिनी गुप्ता मिस वर्ल्ड की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं। थाईलैंड की रहने वाली सुचाता ने पहली बार इस खिताब को जीत अपने देश का गौरव बढ़ाया। जीत के बाद विनर ने मीडिया से बातचीत में अपने विचार रखे-

खुद पर और अपनी टीम पर है गर्व

मिस वर्ल्ड का ताज पहनने के बाद ओपल सुचाता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि थाईलैंड में सभी लोग 72 साल से पहली बार मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने का इंतजार कर रहे थे। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें इस ताज को पहनने के बाद यकीन नहीं हो रहा था कि वह अपना पहला खिताब अपने देश लेकर जाएंगी। अलावा इसके मिस वर्ल्ड विनर ने कहा कि उन्हें खुद पर और अपनी टीम पर भी बहुत गर्व है, क्योंकि उन्हीं की वजह से वो यहां तक पहुंचीं हैं।

भारत को हमेशा याद रखेंगी 

मिस वर्ल्ड विजेता ओपल सुचाता ने आगे बातचीत में कहा कि मैं अभी अपने दोस्तों से बात कर रही थी कि मैं इस जगह को छोड़ना नहीं चाहती। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग, यहां का खानपान और हर चीज लाजवाब है। वह यहां आकर बेहद खुश हुईं। उनकी भारत की यात्रा बेहद शानदार थी और उन्होंने यहां बहुत सारे खुशनुमा पलों को जिया, जिसे वो संजोकर रखना चाहती हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर कर रही काम

आगे बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरा प्रोजेक्ट स्तन कैंसर जागरूकता और महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित है लेकिन अब मैं मिस वर्ल्ड हूं, इसलिए मेरे पास अन्य प्रोजेक्ट्स का समर्थन करने का अधिक अवसर है। मैं चुनाव नहीं करना चाहती, अगर मुझे सभी का समर्थन करने का मौका मिले, तो मैं सभी का समर्थन करना चाहती हूं।

भारत ऐसे चुका मिस वर्ल्ड का खिताब

मिस वर्ल्ड 2025 में भारत की तरफ से शामिल रहीं नंदिनी गुप्ता ने शानदार टक्कर दिया। खिताब के बहुत करीब आकर नंदिनी अंतिम 08 की सूची में जगह बनाने से चूक गई। अभी तक भारत छह बार मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम कर चुका है।

फोटो सौजन्य- गूगल