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Tag Archives: Masakalii

This tree with medicinal properties increases sexual stamina..

आज हम बात करने जा रहे हैं ऐसे पेड़ के बारे में जो जहरीली कार्बन डाईऑक्साइड सोखता है और जीवनदायिनी ऑक्सीजन छोड़ता है। जिसकी छाया बहुत ठंडी होती है जो 10 से 20 मीटर ऊंचाई का होता है। तो क्या आप जानते हैं कि हम किस पेड़ की बात कह रहे हैं?
दोस्तों हम पीपल के पेड़ के बात कर रहे हैं। दोस्तों हम सभी पीपल के पेड़ को भली-भांति जानते हैं और पहचानते हैं। अधिकतर लोग पीपल की पूजा भी करते हैं लेकिन इसके औषधीय प्रयोग के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं।

आज इसके कुछ खास गुणों के बारे में जानते है जो आपकी शारीरिक परेशानियों को काफी हद तक कम करने में बहुत मददगार है-

1. रंग में लाएं निखार: दोस्तों निखरी हुई त्वचा निखरा हुआ रंग किस को पसंद नहीं होता? लेकिन कई बार हम महसूस करते हैं कि हमारी त्वचा की रंगत कहीं खो सी गई है ऐसे में हमें पीपल की छाल को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाना चाहिए यह बहुत हद तक हमारी रंगत को निखारता है।

2. घाव, सूजन, दर्द में आराम: अगर कहीं भी आप अपने शरीर पर घाव, सूजन या दर्द को महसूस करती हैं तो आपको पीपल का प्रयोग इस से राहत दिला सकता है। इसके लिए आपको पीपल की छाल और पीपल की दाढ़ी को सुखाकर उनका चूर्ण बनाकर नियमित सेवन करना होगा इससे शरीर की सूजन और दर्द में बहुत आराम मिलता है।

3. खून को साफ करे: पीपल की छाल और पत्तों का काढ़ा खून साफ करने में भी बहुत अधिक मदद करता है।

4. मूत्र व योनि विकार में लाभदायक: कई बार अनेकों महिलाएं मूत्र या योनि से संबंधित संक्रमण से परेशान रहती हैं और वह दर्द को भी महसूस करती हैं इसके लिए उन्हें पीपल की छाल का चूर्ण बनाकर नियमित लेना चाहिए इससे वह काफी हद तक अपनी इस परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं

5.पेट साफ करने में मदद: आजकल कब्ज़ जैसी समस्या लोगों के लिए बहुत आम हो गई हैं और अधिकतर लोग इस परेशानी से बहुत अधिक परेशान रहते हैं इसके लिए उन्हें पीपल के चूर्ण को नियमित सेवन करना चाहिए। यह हमारे पेट को साफ रखता है पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है।

6. सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाता है: आप पीपल की दाढ़ी का नियमित सेवन करते हैं तो इससे आपका सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ता है और आपको मानसिक संतुष्टि भी मिलती है।

7. दातुन: इसकी दातुन से दांत साफ करने से दांत मजबूत होते है व चमकदार भी होते है।

8. दमा व खांसी की समस्या में राहत दिलाए: जी हां, दोस्तों आप अपनी चाय में पीपल की दाढ़ी के चूर्ण को व इसके पत्तों को शामिल करें या इसका अलग से काढ़ा बना लें और दिन में दो बार पीएं आपको काफी राहत महसूस होगी।

9. गैस की समस्या से छुटकारा: जी हां, कई लोगो को पेट में गैस बनने की शिकायत होती है इसके लिए आप पीपल की छाल से बने चूर्ण को इस्तेमाल करे।

10. विष का प्रभाव कम करें: अगर कभी कोई जंहरीला जीव जंतु आपको काट लेता है तो आप प्रभावित स्थान पर पीपल की छाल के लेप लगाएं इससे विष की असर कम होता है।

11. त्वचा के रोगों में असरकार: अगर आपको त्वचा संबंधी कोई भी विकार है या त्वचा के इन्फेक्शन की परेशानी है या एलर्जी की परेशानी है तो आप पीपल की छाल का उपयोग करे।

12. ये तनाव में भी राहत दिलाता है: जी हां, पीपल का प्रयोग स्ट्रेस बस्टर के रूप में भी किया जाता है।

13. नकसीर में दिलाए आराम: कभी कभी गर्मियों के मौसम में लोगो को नकसीर फूटने की दिक्कत होती है, इसके लिए पीपल के पत्ते के रस को नाक में टपकना चाहिए। इससे इस समस्या में आराम मिलता है।

14. पीलिया के रोग में लाभकारी: जी हां, ये हमारी दादी नानी हमें अक्सर बताती आई है कि पीलिया होने पर पीपल के पत्तों का उपयोग भूत लाभकारी होता है।

Every day it is not possible that your skin looks flawless and glowing but..

कभी-कभी हम यह महसूस करते हैं कि हमारी त्वचा रूखी और बेजान हो गई है ऐसा हर दिन मुमकिन नहीं कि आपकी त्वचा बेदाग और चमकदार दिखाई दें लेकिन जब त्वचा डल होती है तो आप बीमार सी दिखने लगती हैं लेकिन कई बार जब हमें बाहर जाना होता है तब अचानक से हमें एहसास होता है कि चेहरे की वह रंगत ही गायब है और उस समय कोई क्रीम भी आपको मनचाहा परिणाम नहीं दे पाती ऐसे में हमारी रसोई में मौजूद प्रोडक्ट हमारे काम आ सकते हैं और हम इंस्टेंट फेयरनेस पा सकते हैं तो चलिए जानते हैं उन तत्वों के बारे में जो आपको आसानी से हमारी रसोई में मिल जायेंगे।

1. केला: केले में विटामिन- A, B और पोटेशियम होता है। यह आपकी त्वचा को मुलायम बनाता है चेहरे के दाग धब्बों को कम करता है। चेहरे पर झुरिया नहीं पड़ने देता है। तो आप इसे बने फेसपैक का इस्तेमाल बिना किसी दर के आराम से कर सकती है।

केले का फेस पैक बनाने की विधि:

एक पका केला, एक नींबू का रस और शहद ले लीजिए। इन तीनों को आपस में मिक्स करें ।

उपयोग का तरीका: अपने चेहरे को साफ करें तथा इस पैक को चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो दें।

2. बेसन : बेसन हमारी त्वचा के पीएच के स्तर को नियंत्रित करता है। हमारे चेहरे पर हमारी त्वचा पर तेल के उत्पादन को नियंत्रित करता है। गंदगी हटा कर हमारी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है।

बेसन का फेसपैक बनाने की विधि:

दो चम्मच बेसन लें और दो चम्मच गुलाब जल लें। इसको आपस में मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं।

उपयोग का तरीका: अपने चेहरे को साफ करें तथा इस पैक को चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो दें।

3. मुल्तानी मिट्टी: मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा पर तुरंत निखार लाने का सबसे उपयोगी तरीका है। काले धब्बे व पिंपल्स को हटाने में यह बहुत लाभदायक होती है।

मुल्तानी मिट्टी का फेसपैक बनाने की विधि: मुल्तानी मिट्टी ले, दो चम्मच दही और चुटकी भर हल्दी लें। इनका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं।
इस्तेमाल का तरीका 20 मिनट लगाएं गुनगुने पानी से धोएं और उसके बाद मोशुराइजर लगाएं।

If you feel tired then this fruit is beneficial for you

वैसे तो फलों का राजा आम को कहा जाता है लेकिन खट्टा मीठा अनानास खाना किसे अच्छा नहीं लगता?
दोस्तों, अनानास ना सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे खाने के सेहत को बहुत सारे फायदे होते हैं। यह विटामिन ए, फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैगनीज, फॉलेट से भरपूर होता है। इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें अनेक रोगों से बचाता है।

सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा इसके अनेक फायदे हैं जो आपकी बहुत सी समस्याओं को सुलझा देगा। तो ज्यादा समय ना लेते हुए चलिए जानते हैं इसके अन्य फायदों के बारे में-

1. यह यूरिन इन्फेक्शन, व यूरिन से जुड़ी बीमारियों को दूर करता है।कई बार आप महसूस करते है कि आपको मूत्र मार्ग में जलन, या मूत्र का रंग गाढ़ा पीला या यूरिन इन्फेक्शन ने घेर लिया है तो ऐसे में आप अनन्नास का नियमित सेवन करे।

2. अगर आपको पेट की गैस की दिक्कत या दर्द या एसिडिटी रहती है तो आपको इसका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

3. यह शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता है। अगर आप पूरा दिन बहुत थका सा महसूस करते है या आपको बहुत कमजोरी महसूस होती है तो आप अपने आहार में दोनो टाइम अनानास को सलाद में शामिल करें।

4. इसमें बहुत अधिक मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को साफ रखते हैं। ये एंटी ऑक्सीडेंट हमारे शरीर को डिटॉक्स करने में सहायता करते है। इससे हमारा शरीर अंदर से साफ होता है।

5. उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को इसे अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए इसमें सोडियम और पोटेशियम काफी मात्रा में होता है जिससे यह रक्त के प्रवाह को ठीक रखता है।

6. इसके नियमित सेवन से विटामिन ए और विटामिन बी की कमी भी पूरी होती है।

7. होंठों के सूखने की समस्या के लिए आप नियमित रूप से अनानास का सेवन कर सकते हैं। इसमें विटामिन बी होता है जो हमारे शरीर को पोषण देता है।

8. अनानास हमारा वजन कम करने में भी सहायता करता है। अगर आप वजन बढ़ने से परेशान है तो ये आपकी परेशानी का आसान सा उपाय है। इसके नियमित सेवन से आप वजन घटाने में सफल हो सकते है।

9. नियमित अनानास खाने से हमें हमारी ज़िद्दी झुरियो से भी छुटकारा मिल सकता है इसमें बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन पाए जाते हैं जो चेहरे की रंगत सुधारने और जिद्दी झुरियों से राहत दिलवाने में सहायक है।

Not only beauty, this flower is also full of virtues
गेंदे का फूल अक्सर हम अपने घरों में या घरों के आसपास देखते हैं। भारत के अधिकतर हिस्सों में इसकी खेती भी की जाती है। यह देखने में बहुत सुंदर होता है तथा इसके यह अनेक रंगों में उपलब्ध होता है। यह तो हुई गेंदे के फूल के बारे में सामान्य जानकारी लेकिन दोस्तों मैं आज आपको इसलिए कुछ औषधीय गुणों के बारे में बताती हूं, वैसे तो यह सामान्य सा दिखने वाला फूल पूजा और घर की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन आज हम इसके बारे में चर्चा करेंगे, इसके औषधीय गुणों के बारे में जानेंगे-
1.कान का दर्द: दोस्तों अगर अक्सर आपको कान का दर्द परेशान करता है तो गेंदे का फूल आपके लिए भूत मददगार साबित होगा। इस फूल के रस को आप दो या तीन बूंद दिन में दो बार आप अपने कान में डालें और लेट जाए। आप 4 दिन में ही महसूस करेंगे की आपके कान का दर्द गायब सा है।
 2. स्परमोटोरिया: जिन पुरुषों को मल या पेशाब के साथ वीर्य गिरने की समस्या हो, उसे स्परमोटोरिया कहते है। इसके इलाज के लिए हमें गेंदे के फूल को सुखा कर उसमें थोड़ी मिसरी मिला कर नियमित सेवन करना चाहिए।
Not only beauty, this flower is also full of virtues
3. दमा और खांसी: सूखे हुए फूल को पीस कर उसमें पीसी हुई मिश्री मिला लें और सुबह-शाम खाना खाने के बाद इसको एक चम्मच लें।
4. पैरों की बिवाई : अक्सर महिलाओं को एड़ियां फटने की शिकायत होती है। तो इसके लिए आपको गेंदे के फूल को मोम में पकाना है और थोड़ा ठंडा होने पर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। ऐसा दो दिन में एक बार करे तथा रात के समय करें।
5. बवासीर के रोगी: जिन लोगों को बवासीर की समस्या है उन्हें गेंदे के फूल, काली मिर्च और थोड़ा नमक का घोल बना कर पीना चाहिए । इससे उन्हें तुरंत लाभ मिलता है।
6. सूजन वाला हिस्सा: अगर आपको शरीर के किसी हिस्से पर सूजन की शिकायत है तो गेंदे के फूल को तवे पर हल्का गर्म कर प्रभावित हिस्से पर बांध ले।
7. फोड़े और फुंसी : अक्सर गर्मियों में छोटे बच्चों को सिर में फोड़े फुंसियों की शिकायत हो जाती है। ऐसे में मैदा के साथ गेंदे के फूल का पेस्ट बना कर सिर में लगाएं। आप महसूस करेंगे कि बहुत जल्द आपको इससे राहत मिलेगी।
What to do on Diwali so that Maa Lakshmi's grace remains on you..

आपको और आपके परिवार को Masakalii Team की और से दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।

ये तो सभी जानते है कि दिवाली देश का मुख्य त्यौहार है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इस दिन अर्ध रात्रि के समय लक्ष्मी जी सद्गहस्थों के घरों में विचरण करती है। इस दिन लोग अपने घर और बाहर को साफ करते है व सजाते है। इस दिन की गई पूजा से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर सद्गहस्थो के घरों में निवास करती हैं।
तो चलिए फिर जानते है कुछ ऐसी बातें जिससे लक्ष्मी जी आप से प्रसन्न होगी और उनका आशीर्वाद आप पर बना रहेगा:
1. सुबह उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. अब दिन भर के उपवास का संकल्प लें।
3. दिन में पकवान बनाएं व घर को और पूजा घर को पुष्पों से सजाएं।
4. मिठ्ठा अवश्य बनाएं व बड़ों को खिलाकर उनका आशीर्वाद लें।
5. इस दिन पूरा दिन सक्रिय रहें और दिन में न सोएं।
6. शाम को पुन: स्नान कर मां लक्ष्मी व दिवाली पर क्या करें जिससे मां लक्ष्मीकी मूर्ति की स्थापना करें।
7. भोग के लिए प्रसाद बनाएं।
8. लक्ष्मी जी कि चौकी लगाएं।
9. दोनों को तिलक लगाएं।
10.चौकी के आसपास 26 दीपक जलाएं।
11. मौली, चावल, फल, गुड़, अबीर, गुलाल, धूप और मिठाई आदि से विधिवत पूजा करें।
12. पूजा के बाद दीपक घर के हर कोने में रखें।
13. मां लक्ष्मी, गणेशजी व कुबेर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण करें व भोग लगाएं।
14. लक्ष्मी पूजन रात 12 बजे करने का विशेष महत्व है।
15. रात्रि में जागकर मां लक्ष्मी का आवाहन करें तथा सुबह कूड़ा फेंकने जाते समय बोले ‘लक्ष्मी लक्ष्मी आओ, दरिद्र-दरिद्र जाओ’।।
Deficiency of Vitamin-A can cause you to face these problems?
हम सभी जानते है कि विटामिन हमारे शरीर के लिए हमारी सेहत को बरकार रखने के लिए कितने महत्वपूर्ण है। सिर्फ कोई एक नहीं बल्कि सारे विटामिन जैसे विटामिन- A, B, D, K आदि सारे ही हमारे लिए जरूरी है। इस कड़ी में हम बात करते है विटामिन- A की। हम बचपन से ही सुनते और पढ़ते आए है कि विटामिन-A हमारी आखों के लिए बहुत जरूरी होता है। शरीर में अन्य अंगों जैसे त्वचा, बाल, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूढ़े और हड्डी को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है लेकिन कभी कभी विटामिन- A की कमी हो जाती है, जिससे बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
तो चलिए जानते है कि विटामिन-A की कमी से आपको किन समस्याओं का सामना करना पड़ेगा:
1. इस विटामिन की कमी के कारण हमें आखों से संबंधित बहुत सारी समस्या आ सकती है। आंखों में संकर्मण भी हो सकता है।
2. विटामिन-A की कमी के कारण कई बार नाइट ब्लाइंडनेस जैसी बीमारी भी हो सकती है।
3. विटामिन-A की कमी के कारण कई बार देखा जाता है कि शरीर पर दाने उभर आते है तथा इन दानों की वजह ले पूरा शरीर लाल हो जाता है था इसमें खुजली भी महसूस होती है।
4. विटामि- A की कमी के कारण बांझपन जैसी समस्याएं भी हो जाती है।
5. विटामिन-A की कमी के कारण महिलाओं को गर्भ धारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
6. विटामिन-A की कमी के कारण गले में और छाती में इंफेक्शन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
7. कई बार विटामिन- A की कमी के कारण डायरिया की समस्या भी हो सकती है।
अब समस्या ये आती है कि हम कैसे जान सकते है कि हमें विटामिन-A की कमी हो गई है।
तो चलिए अब हम बात करते है कुछ लक्षणों की, जिससे आप सुनिश्चित कर सकते है कि आपको विटामिन- A की कमी है:
1. रात को ठीक से ना देख पाना।
2. आखों का पानी सूख जाना।
3. आखों के आगे धुंधलापन छा जाना।
4. मुंह के अंदर दाने निकल आना।
5. त्वचा खुरदरी होने लगती है।
अब हम इसके लक्षणों की पहचान कर चुके है और ये क्यों होता है उन कारणों को जान चुके है लेकिन अब हम आपको बताएंगे कि इसकी कमी से बचने के क्या उपाय है। इन उपायों को अपनाकर आप इसकी कमी से होने वाली समस्याओं से बच सकते है।
1. पत्तेदार सब्जियां अपने आहार में शामिल करें।
2. अतिरिक्त विटामिन-A वाले दूध का इस्तेमाल करें।
3. अंडे की जर्दी को भी अपने डेली रूटीन डाइट में जरूर शामिल करें।
4. मछली के तेल का सेवन आपको विटामिन-A की कमी से बहुत आसानी से बचा सकता है।
5. अपने बच्चो को नियमित अंतराल पर विटामिन-A की खुराक देते रहें।
6. संतरा, गाजर, पपीता जैसे पीले फल व सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें।
फोटो सौजन्य- गूगल
The in-laws' bets got stuck in the screw... Papa's angel

अभी पिछले हफ्ते ही अपनी एक दोस्त से मिली, बहुत खुश हुई वो मुझसे मिलकर लेकिन उसके गोरे गालों पर जो लाली हुआ करती थी, उसकी आखों में जो भविष्य को लेकर उम्मीदें और चमक हुआ करती थी। उसकी आवाज में जो खनक हुआ करती थी वो आज कहीं गुम सी थी। बहुत टटोला मैंने उसे, बहुत पूछने की कोशिश कि लेकिन एक ही ज़वाब था कि “मैं बिल्कुल ठीक हूं”। फिर जब मैंने कड़ाई से पूछा तो रो पड़ी और रूंधे गले से बताया कि ससुराल के दांव-पेंच में फंसी है । मैंने पूछा कि “मतलब”, तो बोली कि यार एक गरीब बाप की बेटी हूं ये सब तो होगा ही… बस फिर मैं सारा माजरा समझ गई और शायद आप लोग भी समझ गए होंगे।

दोस्तों, आज भी हमारे बीच ऐसे बहुत से लोग है जो एक गरीब इंसान को इंसानों की तरह नहीं बल्कि जानवरों की तरह समझते है। अगर घर में एक बहु ज्यादा धन लेकर आ जाए और दूसरी ना लाए तो ये शायद वही जान सकती है कि उसपर क्या बीत रही होती है। उसके साथ हर बात में फर्क किया जाता है। कई बार तो उसके अस्तित्व को ही सिरे से नकार दिया जाता है। कई बार इन्हीं सब परिस्थितियों से हार कर ये गरीब परिवार की बेटियां या तो खुद ही सोसाइड कर लेती है या फिर ससुराल वाले मौत के घाट उतार देते है।
तो आज मैं आपके लिए उस गरीब बाप की बेटी का दर्द कुछ पंक्तियों में व्यक्त करना चाहूंगी लेकिन उससे पहले मैं कहना चाहूंगी कि बेटियां सबकी एक जैसी होती हैं चाहे वो गरीब की हो या अमीर की तो जीतना हो सके उनको प्यार दे, सम्मान दे, उन्हें बहू नहीं बेटी बनाकर रखें, आखिरकार वो वही शख्स होती है जो परिवार के वंश को आगे ले जाती है। वो जिंदगी के हर दर्द में भी मुस्कुरा रही होती है।
इन पंक्तियों के माध्यम से समझने की कोशिश कीजिएगा:
कोई बोल ले अगर प्यार से तो पल में पिगल जाती हूं, इन ऊंचे लोगों की महफिल में, मैं किसी कोने में नजर आती हूं,
किसी के बेवजह कुछ कहने पर भी ना जाने क्यों अपनी चुप्पी नहीं तोड़ पाती हूं,
हां, मैं वही गरीब बाप की एक संस्कारी बेटी हूं।
लोग कहते हैं जमाने के साथ बदलो लेकिन मैं आज भी सूट पर वही छोटी सी बिंदी लगती हूं,
अपना सा जानकर लोगों पर मैं फिर भरोसा कर जाती हूं,
फिर टूटती हूं थोड़ा, फिर थोड़ा संभल जाती हूं,
हां, मैं वही गरीब बाप की एक संस्कारी बेटी हूं।
लोग मेरा होना नकार देते है, और मैं फिर भी सह जाती हूं,
सब को सब नया मिलता है यहां, और मैं हमेशा बचा हुआ ही पाती हूं,
कोई गलत होकर भी सही है यहां, और मैं सही होकर भी बहुत बुरी हो जाती हूं,
क्योंकि हां, मैं वहीं गरीब बाप की एक संस्कारी बेटी हूं।
मां ने कहा था कि वहां सब अपने है तेरे लेकिन यहां तो मैं अपनेपन को तरस जाती हूं,
कितनी ही कोशिश कर लूं, दिलों में जगह कहां बना पाती हूं,
“गाड़ी लेकर भी आई ” हमारा घर नहीं भरा” उनके अनकहे शब्दों में अक्सर मैं यही सुन पाती हूं
हां, मैं वही गरीब बाप की एक संस्कारी बेटी हूं।
कभी कभी सोचती हूं कि खुद को खत्म कर लूं, लेकिन फिर मैं थोड़ा रुक जाती हूं,
मां-पापा की तस्वीर को फिर में कस के गले लगाती हूं,
हां, पापा संस्कारी हूं, पर कमज़ोर नहीं हूं मैं,
इस दुनिया से निपटना भी मैं अच्छे से जानती हूं,
यहां संस्कारों की कोई अहमियत नहीं हैं पापा, इन्हें तो दिखावा चाहिए जो मैं कर नहीं पाती हूं,
इनकी इस दिखावटी दुनिया को मैं, फिर सिरे से नकारती हूं,
इसलिए सब के लिए मैं बुरी हूं पापा,
लेकिन जानती हूं कि आज भी आपके लिए मैं आपकी परी हूं पापा।
ये जिंदगी के अंधेरे है, ये सबको काटने होते है ,
इसलिए समझाकर दिल को अपनी लड़ाई अब मैं खुद ही लड़ती हूं,
सपने देखने लगी हूं खुद के लिए लेकिन किसी से कोई उम्मीद नहीं करती हूं,
और हां पापा मैं गर्व से कहती हूं कि हां, मैं वही गरीब बाप की एक संस्कारी बेटी हूं।
Nine days festival, worshiping different forms of Maa every day..

अक्टूबर का महीना अपने साथ साथ वो मनमोहक कपूर की खुशबू भी लेकर आया है जो न सिर्फ हमारे घरों को पवित्र करती है, बल्कि घरों के साथ साथ हमारे मन को भी पाक कर देती है। आप बिलकुल सही समझे है, हम बात कर रहे है हिंदुओं के पवित्र त्योहार नवरात्रि कि। हम सब जानते है नवरात्रि हिंदुओं के पवित्र और मुख्य त्योहारों में से एक है। वैसे तो नवरात्रि पूरे साल में चार बार आते है लेकिन शुक्ल पक्ष के नवरात्रि अपने आप में खास है।

ये नौ दिनों का त्योहार है, जिसमें हर दिन मां आदि शक्ति के अलग अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। जी हां, 9 स्वरूपों का अपना अलग ही महत्व है।

तो चलिए और ज्यादा वक्त न लेते हुए हम आपको मां के और करीब ले जाते है और आपको बताते है मां के प्रथम स्वरूप मां शैल पुत्री के बारे में और इसी तरह हम आगे भी आपको इनके 9 स्वरूपों की चर्चा करते रहेंगे और मां की भक्ति और शक्ति की श्रद्धा भाव से स्तुति करेंगे।

तो सबसे पहले हम मां शैल पुत्री के बारे में आपको कुछ मुख्य बातें बताते है-

नवरात्रि का आरंभ मां शैल पुत्री की पूजा अर्चना से शुरू होता है।
मां शैलपुत्री को राजा हिमालय की बेटी भी माना जाता है। इनको मां सती और मां पार्वती का ही स्वरूप कहा जाता है। मां शैलपुत्री नंदी नमक बैल की सवारी करती है।इनके माथे पर चंद्रमा सुशोभित है, तथा इनके हाथों में कमल का फूल होता है।
मां शैलपुत्री को सफेद रंग बहुत पसंद है।
इनकी पूजा में भी सफेद रंग के फूल और सफेद रंग की मिठाई चढ़ाई जाती है। इनकी पूजा करते समय पीले वस्त्र धारण किए जाते है।

तो चलिए अब जानते है की मां शैलपुत्री को कैसे प्रसन्न करे-

मां शैलपुत्री भक्तों को उनकी भक्ति और श्रद्धा से प्रसन्न होकर मन मुताबिक फल प्रदान करने वाली है।

तो नीचे दिए गए कुछ नियमो का पालन कर आप भी मां से अपनी मुराद मांग सकते है:

1. प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पीले वस्त्र पहनने चाहिए।
2. मिट्टी से मां की वेदी बनाएं।
3. मां की वेदी बनाकर उसमें गेहूं और जौ मिलाकर बोएं।
4. कलश स्थापना करें।
5. इसके बाद सर्व प्रथम गणेश की पूजा करें।
6. मां शैल पुत्री की विधिवत पूजा करें।
7. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

तो आज के लिए बस इतना ही अगले लेख में करेंगे मां के अगले स्वरूप की चर्चा।
तब तक आप लोग मां की भक्ति में लीन रहें, मां जरूर सबकी मनोकामना पूरी करेंगी।