





हम अक्सर अशोक के पेड़ को पार्क में, अपने घरों में, ऑफिस में या मंदिरों में देखते हैं। यह देखने में बहुत ही खूबसूरत होता है। चिकनी पत्तियों वाला यह लंबा पेड़ औषधीय गुणों के कारण भी प्रसिद्ध है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसे ज्योतिष शास्त्रों में दुखों का नाश करने वाला माना गया है। इस पेड़ की खास बात यह है कि इसके पत्ते, जड़, छाल, फूल सब औषधि के रूप में काम आते हैं। इस पेड़ के भाग को महिलाओं की अनेक बीमारियों को दूर करने वाला माना जाता हैं। आयुर्वेद में इसे Women Friendly पेड़ भी कहा गया है।

चेहरा व्यक्ति के व्यक्तित्व का आईना होता है। हर किसी को चाह होती है कि उसकी त्वचा भी बचपन की त्वचा जैसे ग्लो करें और वह पहले जैसा निखर दुबारा पाना चाहते हैं और बात रही ग्लोइंग स्क्रीन की तो इसके लिए हमें बाजार में ढेर सारे प्रोडक्ट मिल जाएंगे वह कुछ समय लेकर निखार तो देते हैं लेकिन उनके साइड इफेक्ट का डर बना रहता है कई बार कुछ ऐसे साइड इफेक्ट भी देखने को मिलते हैं जो हमारी त्वचा को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा कर उसको और भी ज्यादा डल और कांति हीन बना देते हैं।
दोस्तों क्यों ना ऐसा हो कि कुछ ऐसे उपाय हो, जिनसे हमें साइड इफेक्ट का डर ना हो बल्कि और अधिक पोषण मिल सके हमारी त्वचा को तो चलिए आज कुछ ऐसे उपायों के बारे में जाने जिससे हमें डरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और हमारी त्वचा बचपन वाली त्वचा जैसी ही ग्लोइंग हो जाएगी



अभिनेत्री सोनल चौहान ने हाल ही में अपने इंस्टा अकाउंट पर अपने स्किन केयर रेजीम के बारे में बताया और कहा है कि उनके रेजीम का पहला कदम योग है और वह इसके साथ ही दिन की शुरुआत करती हैं। हाल ही में उन्होंने कुछ योग आसनों की प्रैक्टिस करते हुए इंस्टाग्राम पर अपनी पिक्स शेयर की है।
सोनल अपने फैशन और फिटने गेम को एक साथ ऑन प्वाइंट रखते हुए अभिनेत्री ने तुलासन योग ‘L’ हैंडस्टैंड पोज के दौरान पेस्टल पर्पल एथलीजर वियर में टोंड बॉडी को फ्लॉन्ट किया। वीकेंड के लिए इससे बेहतर वर्कआउट मोटिवेशन और क्या हो सकता है।
अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए सोनल ने फैंस को अपने इंटेंस वर्कआउट सेशन की झलकियां दीं। एक्ट्रेस ने अलग-अलग आसन परफॉर्म करते हुए तीन फोटो शेयर की हैं।
सोनल ने पहली फोटो में सर्वांगासन (Shoulder Stand) का एक वेरिएशन करते हुए दिखाई दे रही हैं। अभिनेत्री ने फोटो को कैप्शन दिया कि मेरे स्किन केयर रेजीम का पहला स्टेप-
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जानें सर्वांगासन के बेनिफिट
एथलीटट्स, खासतौर पर दौड़ने वालों के लिए ये योगासन बहुत उपयोगी है।
दूसरी पोस्ट में सोनल तुलासन का अभ्यास करते हुए दिख रही हैं। यह मॉर्डन योग का एक पार्ट है जिसमें आपको हाथ पर शरीर का भार लेकर बैलेंस करना होता है। अभिनेत्री ने इसके फायदो के बारे में भी बात की।
सोलन ने कहा कि तुलासन एक एडवांस आसन है जो आपके कंसंट्रेशन को केंद्रित करता है और आपके अभ्यास में संतुलन लाता है। जब इसका अभ्यास जागरूकता और माइंडफुलनेस के साथ किया जाता है तो यह कनेक्शन, शक्ति और ज्ञान की गहरी भावना ला सकती है।
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तुलासन के फायदे
यह बाजुओं और कंधों की ताकत में सुधार करता है। पाचन तंत्र में सुधार करता है क्योंकि इसमें कोर और पेट की मांसपेशियों का ज्यादा उपयोग किया जाता है।
संतुलन और जागरुकता में सुधा करता है।
मांसपेशियों जैसे बाइसेप्स, ट्राइसेप्स और बाजुओं के लिए अच्छा व्यायाम है। आत्मविश्वास के साथ-साथ यह मुद्रा स्थिरता की भावना लाती है। मन तथा शरीर को शां करते हुए चिंता और तनाव को कम करने के लिए एक बेहतरीन मुद्रा।
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अपनी योग सीरीज की आखिरी फोटो में सोनल को ‘L’ हैंडस्टैंड परफॉर्म करते हुए देखा जा सकता है जो अनुभवी परफॉर्मर के लिए है। यह आसन ताकत, स्थिरता और सहनशक्ति को बढ़ाती है। अभिनेत्री ने इस आसन के फायदों के बारे में भी बताया-
‘L’ हैंडस्टैंड के फायदे

विटामिन-D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। हम सभी जानते है की धूप से हमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-D मिल जाता है। कुछ खाद्य पदार्थों से भी इसकी पूर्ति की जा सकती है जैसे मछली, डेयरी उत्पाद, संतरे का रस, सोया और दूध में भी हो सकता है।

मखाना एक तरह का ड्राई फ्रूट है जो खाने में काफी स्वादिष्ट होटा है। पोषक तत्वों से भरपूर मखाने में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, Calcium, Magnesium और प्रोटीन के गुण पाए जाते हैं। साथ ही इनमें Sodium, Fats की मात्रा भी काफी कम होती। मखाने का इस्तेमाल करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं। जो लोग ब्लड की कमी से जूझ रहे हैं, हेल्थ एक्सपर्ट उन्हें दूध में मखाना उबालकर खाने की सलाह देते हैं। यह ना सिर्फ पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं बल्कि शरीर में ऊर्जा का भी संचलन करते हैं।
हड्डियां बनती हैं स्ट्रोंग
मखाने में कैल्शियम की काफी मात्रा में पाया जाता है। नियमित तौर पर मखाने का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं। आप अगर चाहें तो मखाने को घी में फ्राई कर भी सेवन कर सकते हैं।
दिल को रखे फिट
मखाना खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही इनमें पोषक तत्व मौजूद होते हैं। मखाने में एक्केलाइड नामक तत्व पाया जाता है जो दिल को दुरुस्त रखने में सहायक होता है। मखाने को डेली सेवन करने से दिल का दौरा का खतरा भी कम होता है।
नींद की समस्या
जो लोग नींद ना आने की समस्या का सामना कर रहे हैं उनके लिए भी मखाना जरूरी हो सकता है। रात में सोने से पहले मखाने वाले दूध के सेवन से अच्छी नींद आती है और अनिंद्रा की समस्या दूर हो जाती है।
एनर्जी का संचयन
मखाना का रोजाना इस्तेमाल से शरीर मजबूत बनता है, क्योंकि यह शरीर में एनर्जी को संचयित करता है। दूध में मौजूद प्रोटीन प्रोटीन बॉडी में ऊर्जा को संचयन करता है।
झुर्रियों से दिलाए छुटकारा
मखाने में मौजूद तत्व एजिंग के निशान यानी झुर्रियों से भी छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। रोजाना मखाने का सेवन करने से त्वचा में इलास्टिसिटी बढ़ जाती है।
डाइजेस्टिव सिस्टम दुरुस्त रखने में असरदार
जो लोग पेट की समस्या यानी कब्ज से परेशान रहते हैं, उनके लिए मखाना किसी रामबाण से कम नहीं है। मखाने में मौजूद फाइबर और आयरन तत्व गैस और अपच की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं। आप दूध में उबालकर मखाने का सेवन कर सकते हैं।

भारत में युवाओं में हार्ट अटैक के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिसके पीछे निष्क्रिय जीवनशैली ,शराब, जंक फूड का सेवन माना जा रहा है। धूम्रपान की वजह से हृदय की मांसपेशियां वक्त के साथ सख्त हो जाती है। इसके कारण यह खून को पंप करने में असमर्थ हो जाती है, जिससे बॉडी के अहम अंगों में OXYGEN और पोषक तत्वों की मात्रा सीमित हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक लंबे समय तक काम से ह्दय रोग और स्ट्रोक से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं। जिसे देखते हुए हमें वक्त रहते सतर्क होने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड- 19 महामारी की शुरुआत के बाद से दुनिया भर में ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे हैं। यह उपाय वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने में सहयोग करने के लिए महत्वपूर्ण रहा है पर इसके कुछ बैड इफेक्ट भी हैं।
इस महामारी में यह एक अहम मुद्दा बन गया है क्योंकि घर से काम करने से लोगों को अपने कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठे रहना पड़ता है। इससे ना सिर्फ काम के घंटे ज्यादा लंबे हो जाते हैं बल्कि काम पर तनाव तेजी से बढ़ रही है। काम के लिए अधिक वक्त अक्सर स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। काम के लिए विश्व स्तर पर एक दूसरे से जुड़े लोग निर्धारित समय के बाद भी घंटों काम में बिजी रहते हैं। यह सब बॉडी में नुकसानदेह एक्टिविटी को बढ़ावा देता है। मालूम हो कि कामों का ज्यादा प्रेशर कई तरह की अन्य बीमारियां भी साथ लाता है।
डॉक्टरों का मानना है कि गतिहीन जीवन शैली, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ता तनाव, हाई कॉलेस्ट्रोल, तंबाकू का सेवन, डाईबिटीज और प्रदुषण भारत में ज्यादा से ज्यादा लोगों को हृदय रोगों की चपेट में ले रहा है। तनाव परीक्षण, कोरोनरी कैल्सीफिकेशन या सीटी, एडवांस्ड लिपिड का टेस्ट सीआरपी आदि जांचों की मदद से हार्ट अटैक होने की पता लग सकता है। लोगों को अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए तीन नियम-
World Heart Day हर साल 29 सिंतबर को मनाया जाता है, जिसका मकसद हार्ट रोगों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा और ह्दय रोगों को नियंत्रित करना है। लेकिन हार्ट की बीमारी (CVD) विश्व स्तर पर मृत्यु का सबसे आम वजह बन चुकी है। साल 2016 में सीवीडी से अनुमानित 1.79 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई जो विश्व स्तर पर हुई कुल मौतों का 31 फीसदी था और इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह से हुईं।

ड्राईफ्रूट की फैमिली में अखरोट का जो रूतबा है वो शायद किसी का नहीं। क्या आप जानते हैं अखरोट के नियमित सेवन से लंबा और स्वस्थ जीवन होता है। यह जानकारी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए एक स्टडी में सामने आई है।
यह अध्ययन बताता है कि रोजाना अखरोट के सेवन से मौत का जोखिम कम होता है और जीवन में बढ़ोतरी हो सकती है उनके मुकाबले जो नट्स नहीं खाते हैं। जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित शोध में पाया गया है कि प्रति सप्ताह अखरोट की 05 या अधिक सर्विंग्स खाने से मृत्यु दर को कम किया जा सकता है और लंबी उम्र के लिए भी यह कारगर है।
अमेरिका के शोध वैज्ञानिक यानपिंग ली ने कहा कि इस अध्ययन से हमने जो सीखा है वह यह है कि प्रति सप्ताह मुट्ठी भर अखरोट भी लंबी उम्र में इजाफा करने में सहायक हो सकते हैं। खासकर उनलोगों में जिनके आहार की गुणवत्ता अच्छी नहीं है।

शोध के मुताबिक पाया गया कि सप्ताह में अखरोट की 05 या अधिक सर्विंग्स खाने से मृत्यु की आशंका 14 फीसदी तक कम हो जाती है। कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से मृत्यु की आशंका 25 फीसदी कम और लगभग 1.3 वर्षों तक जीवन में बढ़ोतरी की गुंजाइस हो जाती है।
यह शोध बताता है कि हफ्ते में अगर अखरोट 02 से 04 बार भी खा लिए जाएं तो उसके भी काफी फायदे हैं। ऐसा करने से मौत के खतरे को 13 फीसदी तक कम किया जा सकता है। साथ ही हार्ट की बीमारी से मौत का खतरा 14 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
शोधकर्ताओं की इस रिसर्च में 67,014 महिलाओं और 26,326 पुरुष शामिल थे। महिलाओं की औसत उम्र 63.6 वर्ष और पुरुषों की औसत उम्र 63.3 वर्ष थी। स्टडी में शामिल होने पर प्रतिभागी स्वस्थ थे और लगभग 20 वर्षों तक उनके स्वास्थ्य को मॉनिटर किया गया। इस दौरान हर चार साल में उनके आहार और डाइट का ब्यौरा भी लिया गया जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी पूरी डाइट संबंधी रिपोर्ट दी और यह भी जानकारी दी कि जिसमें उन्होंने अखरोट या बाकी नट्स का कितना सेवन किया। साथ में एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल संबंधी बातों की भी उनसे मालूमात ली गई।
शोधकर्ताओं ने पाया कि एक ऑब्जर्वेशनल अध्ययन के रूप में ये परिणाम कारण और प्रभाव को साबित नहीं करते हैं पर यह स्टडी इस बात पर फोकस डालती है कि अखरोट का सेवन एक हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ ही लंबी उम्र के लिए भी फायदेमंद है। जिन प्रतिभागियों ने अधिक मात्रा में अखरोट का सेवन किया वे शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव थे, हेल्दी डाइट लेते थे, शराब का सेवन कम करते थे और मल्टीविटामिन भी लेते थे।

आप और हम अक्सर अपनी दादी-नानी से सुनते आए है कि बादाम खाने से याददाश्त बढ़ती है, दिमाग़ तेज होता है। लेकिन क्या आप जानते है कि इसके और भी बहुत से फायदे है, जो कम ही लोग जानते है।
तो चलिए फिर हम आज जानते है बादाम के बारे में और उसके फायदों के बारे में:
सबसे पहले हम बादाम के बारे में जान लेते है:
बादाम साइंस के मुताबिक रोजशी फेमिली से संबंधित है, इसके अंतर्गत आडू, सेब, नाशपाती, चेरी और खुबानी आते है।
भारत में जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश इसके सबसे बड़े उत्पादन कर्ता है। बादाम के फल के अंदर जो बीज होता है आप तौर पर उसे ही खाया जाता है। बीज का रंग सफेद होता है था उसपर भूरे रंग का छिलका होता है। बादाम से सेहत को अनेक फायदे मिलते है क्योंकि इसमें प्रोटीन, मिनरल, विटामिन, और फाइबर होते हैं। यूं तो लोग बादाम को कच्चा खाना ही पसंद करते है लेकिन अब इसका इस्तेमाल व्यंजनों की गार्निशिंग के लिए भी किया जाता है। बादाम से मक्खन, दूध तथा तेल तैयार किया जाता है।

तो चलिए अब हम जानते है इसके उपयोग से होने वाले फायदे:
इसके लिए आप रात में सोते समय हल्के हाथों से अपने आखों के नीचे और फिर नाक के आस पास हल्के हाथों से मसाज कीजिए और आप कुछ ही समय में फर्क महसूस करेंगी।
तो दोस्तों अब तो आप जान गए है कि बादाम कितने काम की चीज़ है। इसकी तरह की उपयोगी जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहिए और अपने सुझाव हमें देते रहिएगा।
फोटो सौजन्य- गूगल