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Category Archives: Fitness

बेदाग चेहरा

बेदाग और निखरा चेहरा हर किसी को पसंद होता है। वो बचपन वाली त्वचा, वो कोमलता और निखार हमारे बड़े होते होते कहीं गुम हो जाते हैं। फिर जैसे-जैसे समय बढ़ता जाता है त्वचा संबंधी बीमारियां हमें घेरना शुरू कर देती हैं। कील, मुंहासे, दाग, झाइयां आदि समस्याएं शुरू हो जाती है। जिससे निजात पाने के लिए हम हर संभव कोशिश करते है लेकिन परिणाम सिर्फ यह निकलता है कि हमारी हर कोशिश व्यर्थ हो जाती है।

हम बचपन से सुनते आए हैं कि त्वचा संबंधी बीमारियों की जड़ हमारे पेट से शुरू होती है। अगर आप पेट की परेशानियों से जूझ रहे है तो त्वचा की परेशानियां होना लाज़मी है।

विशेषज्ञों की मानें तो कील, मुंहासों की समस्या बहुत आम है लेकिन झाइयां हमें थोड़ा ज्यादा परेशान कर सकती हैं।

झाइयां बहुत जिद्दी होती है, एक बार जब ये हो जाती है तो इनसे छुटकारा पाना मुश्किल होता है। लेकिन मुश्किल ज़रूर हो सकता है लेकिन नामुमकिन नहीं है।

आज मैं आपको बताऊंगी की इन झाइयों के होने के क्या कारण है तथा इनसे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।

तो चलिए पहले कारण जान लेते है:

बेदाग चेहरा

  1. हार्मोन असंतुलन- जी हां, ये मुख्यत: शरीर में हार्मोन असंतुलन के कारण होता है। जब असंतुलन होता है तो मेलानोसाइट्स सेल से मेलानिन पैदा होते है। इस वजह से चेहरे पर काले दाग होने लगते है।
  2. पूरी नींद न लेने के कारण- पर्याप्त नींद न लेने के कारण भी झाइयां आने लगती है और डार्क सर्कल भी हो जाते है।
  3. तनाव के कारण- कभी कभी ज्यादा तनाव के कारण भी ये परेशानी होती है।

आइए जानते है कैसे झाइयों से छुटकारा पा सकते है:

  1. सेब का सिरका: जी हां सब का सिरका आपकी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाए रखने में कारगर है। सब के सिरके में मैलिक और लैक्टिक एसिड होते है।इसके लिए आप एक स्पून सेब का सिरका ले और एक स्पून पानी ले, फिर रूई की मदद से उसे चेहरे पर लगाएं। ऐसा नियमित रूप से करे।
  2. नींबू और शहद: झाइयों से जल्द छुटकारा पाने के लिए आप नींबू और शहद का पेस्ट चेहरे पर लगाएं इससे आपको झाइयों से तुरंत छुटकारा पा सकते है।
  1. ऐलोवेरा: एलोवेरा त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए रामबाण है। ऐलोवेरा जेल को नियमित रूप से अपने चेहरे पर लगाएं। आप एलोवेरा जूस भी प्रयोग कर सकते है।
  2. मलाई और नींबू का रस: आप झाइयों के इलाज के लिए मलाई और नींबू के रस का पेस्ट तैयार कर तथा नहाने से पहले अपने चेहरे पर लगाए। इससे आपको जल्दी ही राहत मिलेगी।
  3. तुलसी के पत्ते: जी हां, हम सब के घरों में पाए जाने वाली तुलसी के पत्ते हमारी झाइयों की परेशानी को चुटकियों में दूर कर सकते है। तुलसी के पत्तों के साथ आप नींबू का रस मिलाएं और पतला पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाएं।
  4. पीसा हुआ कपूर: झाइयों की परेशानी को आप पिसे हुए कपूर से भी दूर कर सकते है। कुछ पानी की बूंदों के आठ आप पिसा हुआ कपूर , मुल्तानी मिट्टी, और शहद मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाएं।
  5. जीरा का पानी: आप जीरे का पानी का इस्तेमाल अपनी झाइयों की परेशानियों के लिए कर सकती है। इसके लिए आप एक कटोरी पानी में एक स्पून जीरा डाले और उसे उबाल लें फिर इस पानी को ठंडा करके दिन में तीन बार उसे चेहरा धोएं।
  6. सही डाइट लें: इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए पर्याप्त और अच्छी डाइट लें। अपने भोजन में कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा और भी जो शरीर के लिए जरूरी विटामिन है, उन्हें शामिल करे।
  7. धूप से बचें: झाइयों की समस्या से बचने के लिए धूप में न निकलें तथा कोशिश करे की धूप से आप अपना बचाव करे।
  8. जौ का आटा, दही और नींबू मिक्स करें तथा अपने चेहरे पर नियमित उपयोग करें। इससे आपको झाइयों से इंस्टेंट फायदा मिलेगा।
  9. आपको इन परेशानियों से बचने के लिए आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
  10. आप रात को बादाम के तेल की मसाज कीजिए और खासतौर पर प्रभावित जगह पर जरूर करें।
  11. आप को नियमित तौर पर गाजर का जूस पीना चाहिए। इससे आपको बहुत फ़र्क महसूस होगा।
  12. इसके लिए आप मुल्तानी मिट्टी और चंदन पाउडर का उपयोग भी कर सकती हैं। इससे आपकी त्वचा मुलायम भी होगी और निखार भी आएगा।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही, ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए जुड़े रहें हमारे वेबसाइट से।

योग भगाए रोग, यह कहावत सदियों पुरानी है। हमारे ऋषि-मुनि नियमित योग करते थे और स्वस्थ रहते हुए लंबा जीवन जीते थे। योग हमारे मन-मस्तिष्क के साथ-साथ शरीर को भी फिट रखता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग के महत्व को देश ने ही नहीं बल्कि सारी दुनिया ने भी माना है। इसलिए सारी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयास से हुई। इस बार हम 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएंगे। कोरोना महामारी के की वजह से पिछले साल की तरह इस बार भी देश में योग दिवस का आयोजन वर्चुअल माध्यम के जरिये करने की तैयारी है।

International Yoga Day

योग से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क एवं आत्मा में भी संतुलन बनाया जा सकता है। यही कारण है कि योग से शारीरिक समस्याओं के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाया जा सकता है। योग की इसी खूबी को जानते हुए दुनिया ने इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है। कोरोना संकट से जूझ रही इस दुनिया ने रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दिशा में योग के महत्व को भी भली-भांति समझ लिया है।

कैसे हुई शुरुआत

पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में की थी। पीएम मोदी के इस प्रस्ताव को 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पूर्ण बहुमत से पारित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में से 177 ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी।

पीएम मोदी ने 27 सितम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कहा था, “योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। यह मनुष्य और प्रकृति के बीच एक सामंजस्य है। योग हमें विचार, संयम, पूर्णता के साथ ही स्वास्थ्य को लेकर एक समग्र दृष्टिकोण भी प्रदान करता है। योग केवल एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं है बल्कि यह अपने भीतर छिपी एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। हमारी बदलती जीवन-शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है, तो आएं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करते हैं।”

21 जून का ही दिन क्यों

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून के दिन मनाने के पीछे बहुत बड़ा कारण है। भारतीय संस्कृति के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढलता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है। इसी वजह से 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाते हैं।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2015 को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने योग किया, जो कि एक रिकॉर्ड था। पीएम मोदी के नेतृत्व में करीब 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे। न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर करीब 30 हजार लोगों ने एक साथ योग किया था। इस खास आयोजन ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए थे। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना। पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम थी- सद्भाव और शांति के लिए योग।

दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

भारत में दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2016 का मुख्य आयोजन चंडीगढ़ में हुआ, जिसमें करीब 35 हजार लोग शामिल हुए। इस आयोजन का नेतृत्व भी प्रधानमंत्री मोदी ने ही किया था। इस योग दिवस में 170 देशों ने हिस्सा लिया। दूसरे योग दिवस की थीम थी- युवाओं को जोड़ें।

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2017 का मुख्य आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में किया गया, जहां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 55 हजार लोगों ने हिस्सा लिया, वहीं न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क में भी हजारों लोगों ने एक साथ योग किया। तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम थी- स्वास्थ्य के लिए योग।

चौथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

International Yoga Day

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018 का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान में आयोजित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ करीब 50 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन की खास बात यह थी कि इसमें सऊदी अरब भी शामिल हुआ। चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम शांति के लिए योग थी।

5वा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

देश में पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 का मुख्य कार्यक्रम झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे। इस वर्ष की थीम थी- योगा फॉर क्लाइमेट एक्शन।

छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

कोरोना वैश्विक महामारी के मद्देनजर 21 जून, 2020 को छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वर्चुअल माध्यम से मनाया गया। इसकी थीम थी- योगा फॉर हेल्थ – योगा एट होम।

7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2021 की केंद्रीय थीम ‘योग के साथ रहें, घर पर रहें’ है। इस बार भी इसे आभासी मंच पर ही मनाने की तैयारी है।

फोटो सौजन्य गूगल

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आज हम बात करने जा रहे है जिसके नाम में चीनी है पर मिठास नहीं, वह हर किचन में उपलब्ध होता है और वह बहुत ही लाभकारी होता है,
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ये जुमला बहुत बार सुना होगा आपने लेकिन एक लड़की को मां बनने की इस प्रक्रिया में बहुत सारे चरणों से गुजरना पड़ता है। राहें कभी कभी बहुत मुश्किल होती है, इस सफ़र की।