Search
  • Noida, Uttar Pradesh,Email- masakalii.lifestyle@gmail.com
  • Mon - Sat 10.00 - 22.00

Author Archives: Zahid Abbas

A Strong relationship needs regular sex

Regular Sex: शरीर को स्वास्थ्य और एक्टिव बनाए रखने के लिए लोग अक्सर जिम और तरह-तरह के डाइट का सहारा लेते हैं, लेकिन रिश्ते में सेक्सुअल इंटिमेसी दिनों दिन बढ़ते तनाव के अलावा कई समस्याओं को दूर करने का बेहतरीन विकल्प है। दिनभर के कामकाज के बाद नियमित रूप से टेंशन का सामना करना पड़ता है, जो मूड स्विंग की वजह साबित होता है। ऐसे में सेफ सेक्स को रूटीन के तौर पर शामिल करना शारीरिक, इमोशनल और मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कारगर साबित होता है। वे महिलाएं जो अक्सर सेक्स को एंजॉय करती हैं वे अपने साथी के साथ जुड़ाव वाली फिलिंग महसूस करती हैं। जिससे रिश्ता खुशहाल बन जाता है और कुल मिलाकर उनका जीवन ज्यादा बैलेंस भरा होता है। आइये जानें रेगुलर सेक्स से होने वाले फायदे-

डॉक्टर के मुताबिक नियमित सेक्स कई तरह से आपकी मदद कर सकता है। हांलाकि सेक्स के विषय पर अभी भी लोग खुलकर बात करना पसंद नहीं करते हैं। यौन संबध से मेंटल हेल्थ और शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ नियमित सेक्सुअल एक्टीविटीज़ में शामिल होने से शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।

SEX सेहत को प्रभावित करता है?

When do women experience more sexual desire?

अमेरिकन सेक्सुअल हेल्थ एसोसिएशन के अनुसार नियमित सेक्स शरीर को फायदा पहुंचाता है। ये पुरुषों और महिलाओं के लिए कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ के रूप में फायदा पहुंचाता है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने, हृदय रोगों से राहत, कैलोरीज़ स्टोरेज की रोकथाम और मसल्स की मज़बूती को बढ़ाने में मदद करता है।

नियमित सेक्स करने से आपको मिलते हैं ये 8 फायदे

1. इमोशनल बॉडिंग मजबूत होती है

अक्सर उम्र के साथ पति पत्नी के रिश्ते में खिंचाव बढ़ने लगता है। ऐसे में नियमित सेक्स इमोशनल इंटिमेसी और कपल्स के बीच गहरे संबंध को बढ़ाता है। ऑक्सीटोसिन को लव हार्मोन कहा जाता है, जो सेक्स और शारीरिक स्पर्श के दौरान रिलीज़ होता है। ये हार्मोन भावनात्मक बंधन को मजबूत करने में मदद करता है और भागीदारों के बीच विश्वास और स्नेह बढ़ाता है। इससे अधिक संतोषजनक और स्थिर संबंध बनते हैं। जर्नल सेज चॉइस की रिपोर्ट के अनुसार रेगुलर सेक्सुअल एक्टीविटी फिज़िकल और इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करती है।

2. अच्छी आती है नींद

इससे शरीर में ऑक्सीटोसिन यानि लव हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है और सेक्स के दौरान एंडोर्फिन रिलीज होता है। इन दोनों हार्मोन के मिलने से नींद की गुणवत्ता में सुधार आने लगता है। इससे शरीर को ज्यादा आराम महसूस होता है और ऊर्जा का स्तर भी बढ़ने लगता है।

3. इम्यून सिस्टम बेहतर होता है

एक रिपोर्ट के मुताबिक वे लोग जो फ्रीक्वेंट सेक्स करते थे यानि सप्ताह में एक से दो बार या उससे अधिक बार, उनके स्लाइवा में अधिक इम्युनोग्लोबुलिन ए आईजीए पाया जाता है। आईजीए एक प्रकार की एंटीबॉडी है जो बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होती है और हयूमन पेपिलोमावायरस या एचपीवी के खिलाफ रक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। इससे महिलाएँ बीमारियों और संक्रमणों से लड़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार जैसे जैसे यौन गतिविधि बढ़ती है, वैसे ही रोग प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण से निपटने में अधिक सक्षम हो जाती है।

4. हृदय संबधी समस्याएं कम होती हैं

नियमित यौन संबध बनाने से हृदय गति, ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ने लगता है, जो समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। नियमित सेक्स महिलाओं में हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में भी कारगर है। एक रिपोर्ट के अनुसार नियमित यौन गतिविधि हृदय रोग वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए रोगी के साथ साथ साथी के जीवन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है।

5. तनाव में कमी आती है

Some Natural Ways To Spice Up Your Sex Life

इससे लाइफ में दिनों दिन बढ़ने वाले तनाव को कम किया जा सकता है और सकारात्मक मनोदशा को बढ़ावा देने की क्षमता में सुधार आने लगता है। दरअसल, सेक्स के दौरान शरीर एंडोर्फिन जारी करता है, जिससे व्यक्ति खुशी का अनुभव करता है। ये रसायन तनाव और चिंता से निपटने में मदद करते हैं जिससे महिलाएं ज्यादा आराम और संतुष्ट महसूस करती हैं। नियमित सेक्स करने से भावनात्मक कल्याण और समग्र खुशी का एक चक्र बन सकता है। जर्नल ऑफ़ फ़ैमिली साइकोलॉजी के शोध में पाया गया कि दैनिक जीवन में जिन प्रतिभागियों ने यौन गतिविधि कम होने की बात कही, उनमें सेक्स की कमी पाई गई।

6. पेल्विक मसल्स मज़बूत होती हैं

इंटिमेसी जहां सेक्सुअल हेल्थ के लिए फायदेमंद है, तो इससे पेल्विक फ्लोर मसल्स की भी मज़बूती बढ़ जाती है। इससे यूटर्स और ब्लैण्डर को भी हेल्दी रखा जा सकता है। सेक्सुअल एंक्टीविटी से जहां आपसी प्यार और अंडरस्टैडिंग बढ़ने लगती है, तो वहीं लोअर बॉडी के मसल्स को मज़बूती मिलती है और स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम हो जाता है। इससे वेजाइना से संबधी बीमारियों का जोखिम कम होने लगता है।

7. कम होती है पेट की चर्बी

प्लोस वन के रिसर्च के अनुसार पुरुष सेक्स के दौरान प्रति मिनट लगभग 4.2 कैलोरी जलाते हैं, जबकि महिलाएं प्रति मिनट 3.1 कैलोरी बर्न करती हैं। सेक्स से शरीर में कैलोरी स्टोरेज से बचा जा सकता है और शरीर स्वस्थ रहता है। कैलोरी बर्न होना सेक्स सेशन की स्पीड, समय और पोज़िशन पर निर्भर करता है।

8. नेचुरल पेन किलर है

सेक्स के दौरान एंडोर्फिन का स्राव न केवल तनाव को कम करने में मदद करता है बल्कि यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम कर सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं को यौन गतिविधि में शामिल होने के बाद सिरदर्द, ऐंठन और शरीर के अन्य दर्द से अस्थायी राहत फील होता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

How beneficial is onion consumption in case of heat stroke

Onion for Heat Stroke: क्या गर्मी में आपको भी सिरदर्द, सिर घूमना या जी मिचलाने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है? अगर आपका जवाब हां है तो ये लू लगने के लक्षण हो सकते हैं। गर्मी के दिन आते ही लू का खतरा काफी बढ़ जाता है। गर्म हवाएं, तेज धूप और शरीर में पानी की कमी से हेल्थ को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। बता दें कि हीट स्ट्रोक तब लगती है, जब शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता है। ऐसे हालत में तेज बुखार, चक्कर आना, सिर दर्द, जी मिचलाना और कमजोरी जैसे सिंपटम महसूस हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में फौरन इलाज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अक्सर घरों में एक पुराना नुस्खा अपनाया जाता है- प्याज का सेवन। पर, क्या वाकई प्याज खाने से हीट स्ट्रोक से राहत मिल सकती है? आइये जानते हैं प्याज खाने से लू से कितना संभव है बचाव?

लू लगने पर प्याज खाना कितना असरदार?

How beneficial is onion consumption in case of heat stroke

गर्मी में प्याज खाने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि प्याज खाने से लू से बचाव होता है और गर्मी कम लगती है। दरअसल, प्याज में एंटीऑक्सीडेंट्स, सल्फर कंपाउंड्स और हल्का कूलिंग इफेक्ट होता है, जिससे लू से बचा जा सकता है।

लू से बचाव के लिए कच्चा प्याज खाना फायदेमंद होता है।
प्याज का रस पीने से भी लू से बचाव संभव है।
कई लोग तलवों और माथे पर प्याज का रस लगाने की सलाह देते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • प्याज खाने से शरीर को ठंडक मिलती है। इसलिए आपको समर डाइट में प्याज जरूर शामिल करें।
  • प्याज खाने से तेज बुखार या हीट स्ट्रोक के लक्षणों को कम नहीं किया जा सकता है।
  • गर्मी की वजह से होने वाली बेहोशी को प्याज खाकर ठीक नहीं किया जा सकता है।
  • प्याज लू का इलाज नहीं है। बल्कि, प्याज खाने से लू से काफी हद तक बचा जा सकता है।

लू लगने पर क्या करना चाहिए?

  1. अगर आपको लू के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें।
  2. ठंडी जगह पर बैठें और आराम करें।
  3. शरीर को ठंडा करें। आप नहा सकते हैं या शरीर को गीले कपड़े से पोंछ सकते हैं।
  4. ओआरएस का पानी पिएं। आप नारियल पानी और नींबू पानी भी पी सकते हैं।

वैसे तो लू को इन टिप्स से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन कुछ गंभीर मामलों में लू लगने पर अस्पताल में भर्ती की जरूरत पड़ सकती है।

हीट स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें?

  • लू से बचने के लिए दिन में 12 से 4 बजे के बीच में बाहर जाने से बचें।
  • दिनभर खूब सारा पानी पिएं। लिक्विड डाइट पर फोकस करें।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
  • छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
  • डाइट में प्याज, दही, छाछ, तरबूज आदि शामिल करें।

अगर आपको भी गर्मी में अक्सर ही लू से जुड़ी समस्या रहती है, तो प्याज का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। प्याज का सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू से बचाव होता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Birth Control Pill: Scientists have created a male contraceptive pill that puts a temporary brake on sperm production

Birth Control Pill: दशकों से गर्भनिरोधक की जिम्मेदारी ज्यादातर महिलाओं पर ही रही है, जबकि पुरुषों के पास सीमित विकल्प कंडोम या नसबंदी के रूप में उपलब्ध है। लेकिन अब साइंस की नई खोज इस सोच को बदलने जा रही है। हाल ही में पब्लिश एक स्टडी में विज्ञानिक ने पुरुषों के लिए ऐसी गर्भनिरोधक दवा की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है, जो बिना हार्मोन असर के काम कर सकती है और जिसका प्रभाव अस्थायी हो सकता है।

जाने क्या है ये नई खोज ?

Birth Control Pill: Scientists have created a male contraceptive pill that puts a temporary brake on sperm production

अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में बताया कि शरीर में एक खास प्रक्रिया को रोककर स्पर्म बनने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि इससे शरीर को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता और दवा बंद करने पर फिर से सामान्य स्थिति लौट सकती है।

इस रिसर्च में साइंटिस्ट ने मियोसिस नाम की एक अहम जैविक प्रक्रिया पर ध्यान दिया, जो स्पर्म बनने के लिए जरूरी होती है। इस्तेमाल के दौरान एक खास कंपाउंड का प्रयोग कर इस प्रक्रिया को चूहों में अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि स्पर्म बनना बंद हो गया, पर जब दवा बंद की गई, तो उनकी प्रजनन क्षमता वापस लौट आई और वे स्वस्थ संतानों को जन्म देने में सक्षम रहे।

यह खोज क्यों अहम है?

यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अब तक पुरुष गर्भनिरोधक तरीकों में कई दिक्कतें सामने आती रही हैं। हार्मोन आधारित तरीकों से मूड में बदलाव और यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याएं होती हैं, जबकि नसबंदी स्थायी समाधान है और इसे आसानी से वापस नहीं किया जा सकता है। ऐसे में बिना हार्मोन वाला और अस्थायी तरीका उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Gas After Eating: अगर चाहते हैं खाना खाने के बाद गैस, पेट दर्द से तुरंत छुटकारा, तो पिएं 4 खास होममेड ड्रिंक्स

 

यह तकनीक ऐसे काम करती है ?

यह नई तकनीक स्पर्म के विकास के एक खास फेज को रोककर काम करती है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो स्पर्म सही तरीके से विकसित नहीं हो पाते और प्रजनन क्षमता कुछ समय के लिए ठहर जाती है। हालांकि, जैसे ही दवा का असर खत्म होता है, शरीर दोबारा सामान्य रूप से काम करने लगता है। जबकि साइंटिस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी प्रयोग किया गया कंपाउंड इंसानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसमें कुछ संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए फिलहाल इसे एक शुरुआती कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद ऐसे सुरक्षित विकल्प विकसित करना है, जो इसी प्रक्रिया को निशाना बनाकर काम कर सकें।

फोटो सौजन्य- गूगल

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

New Delhi: “ज्योतिष विद्या हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई है, लेकिन आज की आधुनिक युग में आगे बढ़ने के लिए परंपरा और विज्ञान, दोनों को संतुलित रूप से अपनाने की ज़रूरत है,” ये विचार व्यक्त किए केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने। वे शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित ‘एस्ट्रो-कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए अपना दृष्टिकोण सामने रख रहे थे।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जब इस प्राचीन विद्या का उपयोग सकारात्मक सोच को प्रेरित करने और सही मार्गदर्शन देने के लिए किया जाता है, तो यह समाज के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है। इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 21वीं सदी में ज्योतिष की निरंतर प्रासंगिकता को रेखांकित किया, और इसे उस गहन आस्था का प्रतिबिंब बताया जो मानव जीवन को ब्रह्मांड से जोड़ती है। तीव्र संचार के इस युग में, विजेंद्र गुप्ता ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव की तारीफ करते हुए कहा कि पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने वाले मंच सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और सामुदायिक ज़िम्मेदारी को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा की ज्योतिष शास्त्र हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और वेदों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण विद्या है, जिसने सदियों से मानव जीवन का मार्गदर्शन किया है। इसका उपयोग सकारात्मक सोच और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।

भव्य एवं ऐतिहासिक “राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ-एस्ट्रो कल्चरल  महोत्सव” में देश भर के जाने-माने ज्योतिषी एक मंच पर एकत्र हुए। इस अवसर पर लाइफ डिज़ाइनर एवं वास्तु केंद्र–ज्योतिष एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक कुणाल कुमार ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र जीवन की समस्याओं और संभावनाओं को समझने का एक वैज्ञानिक आधारित दृष्टिकोण प्रदान करता है, न कि सिर्फ भविष्य कहने वाला एक साधन।

रियल एस्टेट की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुके राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन ने भी ज्योतिष कॉन्क्लेव में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने इस कॉन्क्लेव में रियल एस्टेट में ज्योतिष के महत्व पर चर्चा की।

ज्वेलरी की वैज्ञानिक रूप से पहचान, परीक्षण और प्रमाण पत्र देने वाली संस्था Gem Lab के डायरेक्टर दविंदर सिंह को एस्ट्रो महाकुम्भ में सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि Gem Lab का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई रत्न क्यों, कैसे और कितना वास्तविक है — ताकि खरीदार धोखे से बच सके और उसकी कीमत सही मिले।

Help U Educational and Charitable Trust के संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव पर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सारे अच्छे काम नीति निर्माण और बेहतर प्रशासन से ही संभव हो सकते हैं। कोटा स्थित ALLEN Career Institute के सह-संस्थापक और निदेशक ब्रजेश महेश्वरी भी इस मौके पर सम्मानित किये गए।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

डी एच डिस्कवरी इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर तलविंदर सिंह लाली ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव में विशेष सहयोग दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन से जुड़े हर आयोजन को वे अपने स्पीकर्स के जरिए नई पहचान देंगे। उनका उद्देश्य है- हर आध्यात्मिक आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाना और उसे सशक्त बनाना।

एस्ट्रोलोजर एआई के जरिये ज्योतिष का ज्ञान दे रहे एस्ट्रोज एआई के सीईओ प्रतीक पाण्डेय ने एस्ट्रो की दुनिया के कई रहस्यों से पर्दा उठाया। स्प्रिचुअल एडवाइजर और क्रिएटिव Entrepreneur/Strategist केवल कपूर को इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

महोत्सव को सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर डॉ वाई राखी, जी डी वशिष्ठ, अजय भाम्बी, कुनाल वास्तु केंद्र के संस्थापक कुनाल कुमार, फादर ऑफ़ एस्ट्रोलोजी के नाम से मशहूर विवेक त्रिपाठी, अनिल वत्स, डॉ. नीति शर्मा और सारथी त्रिशला चतुर्वेदी, एस्ट्रो अंकित, आचार्य शुभेश शर्मन, कॉर्पोरेट वास्तु एक्सपर्ट मनोज जैन, रीतू सिंह, आचार्य विक्रमादित्य, प्रोफेसर (डॉक्टर) ज्योतिषाचार्य सुजाता शर्मा, ज्योतिष रतन के डॉक्टर अरविन्द कुमार, ज्योतिषाचार्य सतेंदर प्रकाश, अंक ज्योतिष के जानकार राही रामेश यादव, वास्तु एक्सपर्ट पवन भाटिया, एस्ट्रोलॉजर डॉक्टर श्वेता शर्मा ने भी संबोधित किया। कथा वाचक वर्धा नारायण, अंक ज्योतिषी अनुराग पुरी, रिद्धि सिद्धि एडवरटाइजिंग एजेंसी के सीईओ विनय धींगरा एवं संदीप कुमार के आलावा म्यूजिक वैली के डायरेक्टर योगेश शर्मा, समाजसेवक राशिद इस्माईल, सुधाकर गैसोलिन से आशी जैन, मेघदूत ग्रामो उद्योग सेवा संस्थान के डायरेक्टर विवेक शुक्ला, संअनुभूति संस्था के प्रेसिडेंट संजय गौतम मौजूद रहे।

एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव में नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक किंकर, दधिबल यादव, राकेश थपलियाल, खरी कसौटी नेशनल न्यूज़ पेपर के प्रधान संपादक के सी विश्नोई व वरिष्ठ पत्रकार संजय पोद्दार, वरिष्ठ पत्रकार एवं टीवी एंकर डॉ श्रीवर्धन त्रिवेदी, अनुराग मुस्कान, विकास कौशिक, प्रवीण तिवारी, हिमांशी सिंह आदि मौजूद रहे।

आखिर में कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप श्रीवास्तव एवं फजले गुफरान ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव के सफल आयोजन पर सभी अतिथियों और सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और एस्ट्रोलॉजी से जुड़े लोगों का सहयोग और समर्थन मिलता रहा तो एस्ट्रो महाकुंभ देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाएगा।

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

Dhurandhar-2 रिलीज के बाद से ही हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। ये फिल्म पहले भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई है। इसके बाद इस फिल्म ने 1,000 करोड़ रुपये की कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। आइये जानते हैं इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कितने रुपये बटोरे हैं।

‘धुरंधर 2’ की अब तक की कमाई

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

दूसरे हफ्ते के आखिर में ‘धुरंधर 2’ की कमाई घट गई थी। तीसरे वीकेंड पर फिल्म की कमाई में दोबारा इजाफा हुआ। रविवार को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 28.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। पहले दिन इसने 102.55 करोड़ रुपये कमाए थे। एक वीक में फिल्म का कारोबार 674.17 करोड़ रुपये रहा था। दूसरे हफ्ते में इस फिल्म ने 263.65 करोड़ रुपये कमाए। इस तरह से 18 दिनों में इसने 1013.77 करोड़ रुपये का टोटल कलेक्शन किया है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली यह पहली फिल्म बन गई है।

‘धुरंधर 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

‘धुरंधर 2’ जहां भारत में बेहतरीन कलेक्शन कर रही है, वहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर भी छाई हुई है। 18 दिनों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1,605.74 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है। नॉर्थ अमेरिका में इस फिल्म ने 25 मिलियन डॉलर की कमाई की है। यहां यह फिल्म सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है।

जाने किन फिल्मों से अब भी है पीछे

‘धुरंधर 2’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जहां सभी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है, वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में यह फिल्म अब भी ‘पुष्पा 2’, ‘बाहुबली 2’ और ‘दंगल’ से पीछे है। ‘पुष्पा 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 1,742 करोड़ रुपये है। ‘बाहुबली 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 1,788 करोड़ रुपये है। इसी तरह ‘दंगल’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 2,070 करोड़ रुपये है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Eid-ul-Fitra is a symbol of mutual brotherhood, love and unity

Eid-Ul-Fitra: रमजान के 30 रोजे रखने के बाद अब ईद की खुशियों का खास पल आया है। सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों में ईद-उल-फितर मनाई जा रही है, जबकि भारत में 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इस मौके को लेकर मुस्लिमों में हर्षोल्लास का माहौल है। हर कोई ईद की तैयारियों में जुटा हुआ है। रोजेदार पूरे महीने रोजा रखने के बाद इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 21 मार्च को ईद-उल-फितर के दिन लोग सुबह ईदगाह या मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।

Eid-ul-Fitra is a symbol of mutual brotherhood, love and unity

नमाज के बाद मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोग अपने घर-परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ मिलकर इस त्योहार को खुशी-खुशी मनाते हैं। ईद-उल-फितर को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में खीर, सेवइयां और कई तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं। लोग एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई देते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना है।

इसी महीने में कुरान शरीफ का नाजिल (अवतरण) हुआ था, जिसे लैलतुल कद्र की पवित्र रात से जोड़ा जाता है। इसी वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजे रखते हैं। ईद का यह मुबारक दिन आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का प्रतीक है। इस दिन लोग गिले-शिकवे भुलाकर अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you urinate shortly after drinking water, it could be a sign of illness

Health Care: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है और किडनी सही तरीके से वर्क करती है, लेकिन कई लोगों को यह समस्या होती है कि पानी पीने के कुछ ही समय बाद उन्हें बार-बार पेशाब करने की समस्या से जुझना पड़ता है।

पानी पीने के तुरंत बाद पेशाब आने की वजह

डॉक्टर का कहना है कि हम सबको सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि पानी के बाद पेशाब आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। जब आप ज्यादा मात्रा में पानी या कोई भी अन्य पेय पदार्थ लेते हैं, तो इससे किडनी का काम फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है। अगर आप कम वक्त में बहुत ज्यादा पानी का सेवन करते हैं तो स्वाभाविक रूप से बार-बार पेशाब आ सकता है। अलावा इसके ठंड का मौसम, कैफीन का सेवन या कुछ दवाइयां भी पेशाब की मात्रा में इजाफा कर सकती है।

ओवरएक्टिव ब्लैडर- किसी कारण से अगर आपको बिना ज्यादा पानी पिए भी बार-बार पेशाब आने की परेशानी हो रही है, तो यह ओवरएक्टिव ब्लैडर का संकेत हो सकता है। इसमें मूत्राशय की कोशिकाएं अधिक एक्टिव हो जाती हैं। इससे बार-बार पेशाब आता है।

डायबिटीज– बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का भी एक शुरुआती लक्षण हो सकता है। पानी पीने के बाद पेशाब आ रहा है और प्यास भी लग रही है तो एक बार डॉक्टर की सलाह पर डायबिटीज टेस्ट जरूर करवाएं।

यूरिन इन्फेक्शन- अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, दर्द या पेशाब में गंध की समस्या हो रही है, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का संकेत हो सकता है।

किडनी से जुड़ी समस्या- कुछ मामलों में किडनी से जुड़ी समस्याओं के कारण भी बार-बार पेशाब आ सकता है। किडनी शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है।

ज्यादा पेशाब आने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

If you urinate shortly after drinking water, it could be a sign of illness

डॉक्टर का कहना है कि पानी पीने के बाद कुछ समय बाद ही आपको कुछ लक्षण खुद में नजर आते हैं, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

  1. हर 10- 15 मिनट में पेशाब आना
  2. पेशाब करते समय जलन या दर्द
  3. पेशाब में यूरिन के साथ खून आना
  4. पेशाब करते समय पीठ में दर्द रहना
  5. बार-बार प्यास लगना
  6. रात में कई बार पेशाब के लिए उठना

कैसे बचें बार-बार पेशाब आने की समस्या से ?

  • बार-बार पेशाब की समस्या से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
  • पानी एक साथ ज्यादा मात्रा में न पिएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं
  • चाय और कॉफी जैसे ड्रिंक जिसमें कैफीन होता है, उसका सेवन सीमित मात्रा में करें।
  • रात को सोने से पहले ज्यादा मात्रा में पानी पीने से बचें।
  • खाने में तरल पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करने की कोशिश करें।

फोटो सौजन्य- गूगल

These 5 easy ways can help bridge the growing gap in your relationship

Relation:

एक बेहतर और सामाजिक जिंदगी जीने के लिए सभी रिश्तों का साथ मिलना जरूरी है और हर रिश्ते का अपना अलग रोल होता है। बड़े-बुजुर्ग भी कहते हैं कि खुशहाल जीवन जीने के लिए रिश्तों का होना मायने रखता है। पर रिश्तों को बनाकर रखने के लिए भी बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। रिश्तों को निभाने के लिए अगर सबसे पहले कुछ चाहिए तो वह समय है और आजकल लोगों के पास समय की किल्लत रहती है। इस भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई अपने काम को लेकर इतना बिजी है कि वह अपने रिश्तों को वक्त नहीं दे पाता है। यही वजह है कि आजकल रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, जिसके बाद में गंभीर रिजल्ट भुगतने पड़ सकते हैं। अगर लगता है कि आपके रिश्तों की दूरी बढ़ती जा रही है, तो हम आपको कुछ खास तरीके बताएंगे जिनकी सहायता से आप अपने रिश्तों में बढ़ रही खाई को पाट सकते हैं।

वक्त देना शुरू करें

एक अच्छा रिश्ता निभाने के लिए अगर कोई चीज चाहिए होती है, तो वह समय ही है। समय रिश्ते को निभाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए अपना काम भी करें लेकिन काम के बीच से ही कुछ समय निकाल कर अपने रिश्तों को दें। काम के बीच कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर पर रहें या बाहर कहीं घूमने जाएं।

भावनाओं को समझना जरूरी

These 5 easy ways can help bridge the growing gap in your relationship

रिश्तों दूरी पैदा करने वाले सबसे बड़े कारणों में एक है एक दूसरे की भावनाओं को न समझना। आपके लिए भी जरूरी है कि अपने रिश्तों में एक दूसरे की भावनाओं को आप समझें। ऐसा करने से रिश्तों में आपसी जुड़ाव बढ़ता है और धीरे-धीरे दूरी खत्म हो जाती है।

एक दूसरे को कराए स्पेशल फील

रिश्तों के बीच दूरी किसी भी कारण से आई हो, उसे खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका है एक दूसरे को स्पेशल फील कराना। ऐसा करके आप रिश्तों मे आए आपसी मनमुटाव कम कर सकते हैं। आप अपने अपनों के लिए पसंदीदा गिफ्ट दें या फिर कोई सरप्राइज घूमने-फिरने का प्लान रखें।

आपसी विश्वास को कायम रखें

अगर रिश्तों के बीच विश्वात मजबूत है, तो दूरी बनना इतना आसान नहीं है। इसलिए अगर आपको डर है कि कहीं आपके रिश्तों के बीच दूरी आ जाए तो अच्छा विकल्प है कि आप एक अपने रिश्तों के की बीच विश्वास को मजबूत करें। खुलकर अपनों से बात करें अपने दिल की सारी बात बताने व सुनने से धीरे-धीरे विश्वास मजबूत होने लगता है।

पर्सनल स्पेस रिश्तों के बीच मजबूती प्रदान करता है

आपसी रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस का होना भी जरूरी है और इसकी रिस्पेक्ट भी करनी चाहिए। इसलिए जब हम रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस में घुसने की कोशिश करते हैं, तभी रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है। लाइफ पार्टनर हो या कोई कितना भी करीबी रिश्ता हो हर किसी के पर्सनल स्पेस की रिस्पेक्ट करनी चाहिए।

फोटो सौजन्य- गूगल

Shab-e-Barat is the night of worship, mercy, forgiveness and virtues

इस्लाम में Shab-E-Barat त्योहार की इस्लाम में बहुत अहमियत है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने की 15वीं तारीख की रात में शब-ए-बारात मनाई जाती है जो मंगलवार को देश भर में मनाई गई। शब-ए-बारात इबादत, रहमत, मगफिरत और फजीलतों की रात के तौर पर मानी जाती है। जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के सभी लोग पूरी रात अल्लाह से अपने किए गए गुनाहों की माफी मांगते हैं।

Shab-e-Barat is the night of worship, mercy, forgiveness and virtues

खुदा की इबादत का यह दिन बहुत ही खास और पवित्र तरीके से मनाते हैं। शब-ए-बारात के मौके पर मस्जिद और कब्रिस्तानों को खास तरीके के सजाया जाता है। कब्रिस्तान में चारों तरफ रोशनी की जाती है, साथ-साथ कब्रों पर चिराग जलाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती है। लोग मस्जिदों और कब्रिस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों के लिए अल्लाह की इबादत करते हैं। इसे चार मुकद्दस रातों में से एक मानते हैं जिसमें पहली आशूरा की रात, दूसरी शब-ए-मेराज, तीसरी शब-ए-बारात और चौथी शब-ए-कद्र की रात होती है।

Shab-e-Barat is the night of worship, mercy, forgiveness and virtues

मुस्लिम में शिया समुदाय शब-ए-बारात को इमाम-ए-जमाना हजरत मेहदी की पैदाइश की खुशी में मनाते हैं उनका मानना है कि अल्लाह इमाम-ए-जमाना के जन्मदिन की खुशी में अपनी रहमतें बरसाते हैं। इसलिए इस्लाम के सभी समुदाय के लोग रात भर जागकर नमाज़ और कुरान की तिलावत करते हैं। इमाम-ए-जमाना की पैदाइश के मौके पर शिया समुदाय जगह-जगह महफिलों भी करते हैं।

बता दें कि शब-ए-बारात पर घरों को विशेष रूप से सजाते हैं और लजीज पकवान जैसे- बिरयानी, हलवा और हलीम आदि बनाया जाता है और इबादत के बाद गरीबों में भी बांटा जाता है।

फोचो सौजन्य- गूगल

Why did Arijit Singh say goodbye to playback singing at the peak of his career

जब से मशहूर प्लेबैक सिंगर Arijit Singh ने फिल्मों में गायकी से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद ये खबर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस ऐलान के बाद करोड़ों फैंस का दिल टूट गया है। संगीत और फिल्म जगत में तरह-तरह के अफवाह उड़ाए जा रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया के जरिए अरिजीत ने स्प्षट कर दिया कि वह संगीत नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि सिर्फ फिल्मों के लिए गाना बंद कर रहे हैं। पर इस फैसले के पीछे केवल थकान ही वजह नहीं मानी जारी है।

अरिजीत ने सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में भी गाना गाया है ‘मातृभूमि’, जिसे हाल ही रिलीज किया गया। वहीं, ‘बॉर्डर 2’ में ‘घर कब आओगे’ गाना गाया। जहां फैंस भावुक हो गए, वहीं हर कोई यह भी जानना चाहता है कि आखिर अरिजीत सिंह ने क्यों प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने और इससे संन्यास लेने का फैसला किया? ऐसी क्या वजह रही कि उन्हें इतनी कम उम्र में ही सिंगिंग से संन्यास के बारे में सोचना पड़ा?

इस साल लाइन में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं और यकीनन अरिजीत सिंह के पास भी कई प्रोजेक्ट और गाने होंगे, लेकिन सिंगर ने साफ-साफ कह दिया कि वह अब और कोई प्रोजेक्ट साइन नहीं करेंगे। उन्होंने अपना फैसला अपने X अकाउंट पर 27 जनवरी को सुनाया। बाद में इंस्टाग्राम पर एक स्टेटमेंट जारी किया। अरिजीत सिंह के फैसले से लोग काफी हैरान हैं और सिंगर से अपील कर रहे हैं कि वो प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास के अपने फैसले पर दोबारा सोचें। पर साथ ही जानना चाह रहे हैं कि वो चीज क्या है, जिसके कारण अरिजीत ने ऐसा फैसला लिया?

अरिजीत सिंह ने खुद बताया क्यों लिया संन्यास

अरिजीत सिंह ने इसका जवाब अपने ट्वीट में ही दे दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि न तो यह फैसला जल्दबाजी में लिया है और ना ही यह किसी एक घटना की वजह लिया गया है। उन्होंने लिखा, ‘इसका सिर्फ एक कारण नहीं है, इसके कई पहलू हैं, और मैं काफी समय से इस पर विचार कर रहा था। आखिरकार, मैंने हिम्मत जुटा ली।’

‘मेरी दिलचस्पी जल्दी खत्म हो जाती है, मैं थक गया हूं’

अरिजीत सिंह ने आगे लिखा, ‘इसका एक कारण बहुत ही सीधा और सिंपल है, और वो ये कि मेरी दिलचस्पी जल्दी ही खत्म हो जाती है, इसीलिए मैं अकसर अपने गानों की धुन बदलता रहता हूं और उन्हें लाइव प्रेजेंट करता हूं। तो, सच्चाई यह है कि मैं थक गया हूं। मुझे आगे बढ़ने के लिए अलग-अलग तरह के म्यूजिक को आजमाना होगा।’

अरिजीत नए आर्टिस्टों को मौका देना चाहते हैं

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Arijit Singh (@arijitsingh)

अरिजीत सिंह ने यह भी लिखा कि वह आगे आने वाले समय में नए आर्टिस्टों के लिए जगह बनाना चाहते हैं, और प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का उनका एक कारण यह भी है। उन्होंने लिखा, ‘एक और कारण यह है कि मैं नए सिंगर्स को सुनने के लिए उत्सुक हूं जो मुझे वास्तव में इंस्पायर कर सकें।’

बताता चलूं कि बहुत कम लोगों को पता है कि अरिजीत सिंह की दिलचस्पी फिल्म निर्देशन में भी है।

अरिजीत ने आगे लिखा कि इतने सालों तक आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया, उसका दिल से धन्यवाद। मुझे यह बताने में बहुत खुशी हो रही है कि मैं अब प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। मैं इस चैप्टर को यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा।’

अरिजीत सिंह का करियर और स्टारडम

अरिजीत सिंह के करियर की बात करें, तो वह साल 1987 में पश्चिम बंगाल के जीयागंज में पैदा हुए थे। उनकी मां क्लासिकल सिंगर थीं और मौसी तबला वादक, तो इस नाते उन्हें म्यूजिक विरासत में मिला। बाद में अरिजीत ने क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। फिर साल 2005 में उन्होंने रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया। अरिजीत सिंह यह शो नहीं जीत पाए, पर जजों और लोगों का दिल जरूर जीत लिया। फिर अरिजीत सिंह ने ’10 के 10 ले गए दिल’ जीता। अरिजीत सिंह के बॉलीवुड करियर में सबसे बड़ा ट्विस्ट ‘आशिकी 2’ के गाने ‘तुम ही हो’ के बाद आया, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

फोटो सौजन्य- गूगल