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Author Archives: Nafisa Khan

Unhealthy Partnership: 4 ways to tell if someone is hiding something from you

Unhealthy Partnership: जिंदगी में रिश्ता कोई भी हो उसे निभाने के लिए केवल आपसी प्यार से भी ज्यादा दोनों के बीच में ट्रस्ट और एक दूसरे का सम्मान होना जरूरी है। जब कभी रिश्तों के बीच में इन तीनों चीजों में से कोई भी कम होता है, तो वह रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे रिश्तों को जब संभाला ना जाए तो वे टूट जाते हैं। पर कुछ लोग यह अनुमान नहीं लगा पाते हैं कि रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं और उन्हें तब ही पता चलता है जब रिश्ता टूटने के कगार पर आ जाता है। एक दूसरे को पर्याप्त समय न दे पाने के कारण से आजकल पति-पत्नी के रिश्ते के बीच खटपट शुरू होने का खतरा बढ़ जाता है।

यह खटपट आहिस्ता आहिस्ता बढ़ने लगता है और एक दूसरे से बातें छुपाई जाने लगती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन साथी उसकी बातों को समझ ही नहीं पाएगा। अगर आपको लगता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छिपाने लगा है, तो ऐसा आप उनके बात करने के अंदाज से भी पता लगा सकते हैं। जानें बात करने के वे चार अंदाज जो बताते हैं कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छुपाने लगा है।

1. जीवन साथी के बातों को हल्के में लेना

अगर आपका लाइफ पार्टनर पहले आपकी सारी बातों को सुनता था लेकिन अब उसने धीरे-धीरे आपकी बातों को इग्नोर करना शुरू कर दिया है, तो यह एक अच्छा संकेत नहीं है। अगर आपके कुछ पूछने पर भी बातों को इग्नोर किया जा रहा है, तो हो सकता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा हो। अगर आपके कुछ पूछने पर किसी और ही बात का जवाब दिया जा रहा है, तो आपको खुलकर बात करने की जरूरत है।

2. किसी भी बात का जवाब हंसकर देना

Unhealthy Partnership: 4 ways to tell if someone is hiding something from you

हर बात को हंसी मजाक में टालना या फिर किसी सीरियस बात का जवाब भी हंसकर देना भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का संकेत नहीं है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आपका पार्टनर आपको कोई खास बात भुलाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि आपको लगता है कि आप किसी भी प्रकार के डॉक्टर के संपर्क

3. जीवन साथी के लिए समय की किल्लत होना

वैसे तो आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास भी टाइम नहीं होता है, लेकिन फिर भी अपने पार्टनर के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। अगर आपका लाइफ पार्टनर आपके लिए समय नहीं निकाल पा रहा है, तो यह भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा करना कई परेशानियां पैदा कर सकता है, जिसका खास ध्यान रखना जरूरी है।

4. आपको इग्नोर कर प्लान बनाना

अगर आपका जीवन साथी अब आपके बिना ही बाहर घूमने फिरने या फिर पार्टी वगैरह के प्लान बनाने लगा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है। अगर आपके पूछने पर भी वह टालने का प्रयास कर रहा है तो उसके बात करने का यहा तरीका बताता है कि वह आपको इग्नोर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अपने जीवन साथी से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए, ताकि आपसी बातचीत से किसी भी तरह की उलझन को दूर किया जा सके।

फोटो सौजन्य- गूगल

Do these 4 exercises to get pregnant quickly

Pregnant: मां होने की फीलिंग्स हर महिला का सपना होता है। पर क्या को मालूम है कि मां बनने की प्लानिंग के बारे में सोचना जितना आसान होता है उतना मां बनने में नहीं। प्रेगनेंसी के समय हर महिलाओं को कई वजहों से जूझना पड़ता है। लेकिन इन सबके बीच आप शरीरिक रूप से फिट या फिर मजबूत नहीं हैं तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान पीठ दर्द, पैर दर्द और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको शरीरिक रूप से खुद को फिट और मजबूत बनाना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान खुद को फिट रखने के लिए आपको कुछ व्यायाम को अपने वर्कआउट में शामिल करना चाहिए, जो आपकी प्रेगनेंसी के सफर को सफल बना सके और आप एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म देने में हर तरह की चुनौतियां का सामना आसानी से कर सके। आइये जानते है उन एक्ससरसाइज के बारे में , जो आपकी प्रेगनेंसी की प्लानिंग को सफल बना सकते हैं।

कार्डियो एक्सरसाइज करें

Do these 4 exercises to get pregnant quickly

अगर आप प्रेगनेंसी की प्लानिंग बना रही हैं तो आपके लिए कार्डियो एक्सरसाइज आपके लिए अत्छा विकल्प साबित हो सकता है। अक्सर प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड सर्कुलेशन में खून का तेजी से सर्कुलेट होना, अचानक ह्रदय गति का बढ़ जाना आदि समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं जो कि गर्भापात का कारण भी बन सकती हैं। ऐसे में अगर आप नियमित तौर पर इस एक्सरसाइज को करती हैं तो आप इन सभी बीमारियों से छुटकारा पा सकती हैं। अलावा इसके यह तनाव, डिप्रेशन आदि समस्याओं से भी राहत पहुंचा सकता है।

एरोबिक एक्सरसाइज करें

Do these 4 exercises to get pregnant quickly

अगर आप नियमित तौर पर थोड़ा वक्त एरोबिक एक्सरसाइज में निकालती हैं, तो आप प्रेगनन्सी के समय आने वाली सभी तरह की समस्याओं को कम कर सकती हैं। जी हां एरोबिक एक्सरसाइज जिनमें पैदल चलना, साइकलकिंग करना अदि शामिल होते हैं इन्हें करने से बच्चे को जन्म देते वक्त होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है।

पेल्विक फ्लोर को करें ऐसे मजबूत

Do these 4 exercises to get pregnant quickly

प्रेग्नेंसी जैसे-जैसे में पेल्विक हिस्से पर ज्यादा तनाव महसूस होता है। इसलिए इस हिस्से का मजबूत होना बेहद जरूरी होता है, नहीं तो इससे कई तरह की असुविधाओं का सामान करना पड़ सकता है। इसके लिए आप क्विक फ्लिक केगल्स, हील स्लाइड, हैप्पी बेबी पोज़, लंग्स और स्क्वैट्स जैसी एक्सरसाइज कर सकती हैं।

कोर की मासंपेशियों के लिए करें पिलाटे एक्सरसाइजप्रेगनेंसी के स्टेज आगे बढ़ते हैं, तो उस दौरान गर्भाशय और पेट के निचले हिस्से में तेजी से विकास होने लगता है। ऐसे में कोर की मांसपेशियों का हेल्दी होना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि यह आपके बढ़े हुए पेट को लचीला बनाने में मदद करती हैं। कोर की मासंपेशियों को मजबूत करने के लिए आप पिलाटे एक्सरसाइज का सहारा ले सकती हैं।

फोटो सौजन्य-  गूगल

Stress in women can affect scientific and physical health

Tension in Women: महिलाओं में टेंशन उनके भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। आप क्रोध, चिड़चिड़ापन, क्रोध, अवसाद, चिंता, मनोबल में बदलाव और हताशा जैसे संकेतों को पहचानती होंगी। पर यह आपके इनर्जी लेवल, भूख, मेमोरी और एकाग्रता को भी प्रभावित कर सकता है। टेंशन से राहत पाने के लिए कई अलग-अलग उपाय उपलब्ध हैं।

क्या होता है महिलाओं में टेंशन?

तनाव जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है लेकिन महिलाओं के लिए , जिन पर दूसरों की ज़रूरतों का ध्यान रखने का अधिक दबाव होता है, तनाव प्रेरक और साथ ही साथ अत्यधिक बोझिल भी हो सकता है। यह जागरूकता बढ़ा सकता है और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है या फिर यह चिंता और थकावट का कारण बन सकता है। कई महिलाएं इतनी व्यस्त रहती हैं कि उन्हें यह पता भी नहीं हो पाता कि तनाव उन पर कितना हावी होता है।

जब तनाव लंबे समय तक चलने वाला प्रतीत होने लगता है, तो यह सामान्य लगने लगता है। समय के साथ, यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

घर पर तनाव को नियंत्रित करने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं। या फिर अधिक सहायता के लिए आप किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से संपर्क कर सकते हैं।

महिलाओं में तनाव पुरुषों में तनाव से किस तरह अगल होता है?

Stress in women can affect scientific and physical health

हालांकि हर कोई तनाव का अनुभव करता है, लेकिन यह महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकता है। जैसे कि, अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के 2023 के ‘स्ट्रेस इन अमेरिका’ रिसर्च में निम्नलिखित निष्कर्ष निकले-

  1. महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में तनाव का औसत स्तर अधिक बताया।
  2. पुरुषों की तुलना में महिलाओं के यह कहने की संभावना अधिक थी कि उन्हें अधिक भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता हो सकती थी।
  3. पुरुषों की तुलना में महिलाएं वित्तीय चिंताओं से अधिक “परेशान” महसूस करती हैं।
  4. महिलाओं में पुरुषों की तुलना में पारिवारिक जिम्मेदारियों और रिश्तों को अपने जीवन में प्रमुख तनाव के कारकों के रूप में मानने की संभावना अधिक थी।
  5. शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि जैविक कारक (जैसे हार्मोन ) इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि प्रत्येक लिंग तनाव का अनुभव अलग-अलग तरीके से कैसे करता है। सामाजिक प्रभाव (जैसे समर्थन या परित्याग) भी तनाव को प्रभावित कर सकते हैं।

महिलाओं में तनाव के लक्षण क्या हैं?

तनाव के कई लक्षण होते हैं। हर व्यक्ति तनाव पर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। महिलाओं में तनाव के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

शारीरिक लक्षण : सिरदर्द , नींद आने में कठिनाई , मांसपेशियों में तनाव, दर्द (अक्सर पीठ और गर्दन में), अधिक खाना/कम खाना, त्वचा संबंधी समस्याएं, नशीली दवाओं और शराब का दुरुपयोग , ऊर्जा की कमी, पेट या आंतों में गड़बड़ी, यौन संबंध या अन्य चीजों में रुचि कम होना जिनका आप पहले आनंद लेते थे।

भावनात्मक : चिंता, अवसाद , क्रोध, उदासी, चिड़चिड़ापन, नियंत्रण से बाहर होने की भावना, मनोदशा में उतार-चढ़ाव , हताशा

मानसिक लक्षण : भूलने की बीमारी, चिंता, निर्णय लेने में असमर्थता, नकारात्मक सोच, ध्यान केंद्रित करने में कमी, ऊब, जिन चीजों में आमतौर पर आनंद आता है उनमें रुचि का अभाव, प्रेरणा की कमी, जीवन में अर्थ का अभाव, खालीपन, क्षमा न कर पाना, संदेह, अपराधबोध, निराशा

व्यावसायिक : काम का बोझ, तनाव , लंबे समय तक काम करना, तनावपूर्ण संबंध, एकाग्रता में कमी

सामाजिक : कम घनिष्ठता, अलगाव, पारिवारिक समस्याएं, अकेलापन

महिलाओं में तनाव के क्या कारण होते हैं?
तनाव के कुछ सबसे सामान्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • फाइनेंस
  • हेल्थ
  • रिलेशन
  • स्कूल या काम

कई महिलाओं का कहना है कि बच्चों, माता-पिता और घर के कामों जैसी पारिवारिक जिम्मेदारियों से तनाव और अस्वस्थता बढ़ती है। अक्सर महिलाएं अपना ध्यान रखने की बजाय दूसरों की जरूरतों को पूरा करने में अधिक समय व्यतीत करती हैं। हर काम में अच्छा प्रदर्शन करने की चाह रखना स्वाभाविक है। और कभी-कभी, समय या ऊर्जा की कमी होने पर भी “ना” कहना मुश्किल हो जाता है। इससे तनाव के लक्षण भी उत्पन्न हो सकते हैं।

तनाव मेरे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

Stress Effects

जब आप लंबे समय तक तनाव महसूस करते हैं, तो इसे दीर्घकालिक तनाव कहा जाता है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:

गंभीर या बार-बार होने वाले सिरदर्द ( तनावग्रस्त सिरदर्द और माइग्रेन )
हृदय संबंधी समस्याएं ( उच्च रक्तचाप , हृदय रोग और दिल का दौरा )
चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस)
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ( पैनिक डिसऑर्डर , सामान्यीकृत चिंता विकार , गंभीर अवसाद)
मांसपेशियों में तनाव और दर्द
मोटापा (तनाव के कारण वजन बढ़ना)
आघात
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (बीमारी के बाद ठीक होने में कठिनाई)
किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के मार्गदर्शन में, तनाव का प्रबंधन करने से आपको इन जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

महिलाएं तनाव को बेहतर तरीके से कैसे प्रबंधित कर सकती हैं?

महिलाएं स्वस्थ आत्म-देखभाल रणनीतियों को प्राथमिकता देकर और उनका अभ्यास करके तनाव को नियंत्रित कर सकती हैं। शुरुआत करने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

संज्ञानात्मक पुनर्परिभाषित करना (यह कहने के बजाय कि “मुझे यह करना है,” यह कहना कि “मुझे यह करने का अवसर मिल रहा है”)
संतुलित आहार लें (जैसे भूमध्यसागरीय आहार )।
प्रकृति का आनंद लें (टहलने जाएं और कुछ देर के लिए भाग-दौड़ भरी जिंदगी से दूर हो जाएं)।
व्यायाम करें या ऐसी शारीरिक गतिविधि में भाग लें जिससे आपका शरीर हिलता-डुलता रहे।
पर्याप्त नींद लें (प्रति रात सात से नौ घंटे)।
विश्राम की तकनीकों का अभ्यास करें (जैसे योग , ध्यान , गहरी सांस लेना)।
कृतज्ञता का अभ्यास करें
अपनी पसंद की गतिविधियों/शौकों के लिए समय निकालें।
दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं और मेलजोल बढ़ाएं।
डायरी लिखना शुरू करें

इसके बाद, आप अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने वाले कुछ सुझावों का पालन कर सकते हैं:

अपने तनाव के स्रोतों को पहचानें। दिन भर आप कैसा महसूस करते हैं और क्या करते हैं, उसे लिख लें। आप कार्यों को बाँटने या ज़रूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए कार्य योजनाएँ बना सकते हैं। विनम्रतापूर्वक लेकिन दृढ़ता से “ना” कहना और अपने लिए सीमाएँ निर्धारित करना महत्वपूर्ण है ।

10 तक गिनें- अगर आप किसी स्थिति से नाराज़ हैं, तो वहां से दूर जाकर 10 तक गिनने की कोशिश करें। तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ गहरी सांसें लें और रुकें।

जैसे आप दूसरों का ख्याल रखते हैं, वैसे ही खुद का भी ख्याल रखें । आप दूसरों के प्रति दयालु हैं, इसलिए खुद के प्रति भी दयालु रहें। याद रखें, किसी और की मदद करने से पहले आपको खुद को ऑक्सीजन देनी होगी।

सामाजिक सहयोग प्राप्त करें । जरूरत के समय मदद मांगना मुश्किल हो सकता है। कई महिलाओं को मुश्किल समय में किसी ऐसे व्यक्ति का साथ मददगार लगता है जिस पर वे भरोसा कर सकें।

डिजिटल/सोशल मीडिया से कुछ समय के लिए दूरी बनाएं । जब भी संभव हो, स्क्रीन से ब्रेक लें ।

मदद लें- जरूरत पड़ने पर किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से बात करना ठीक है। वे तनाव से निपटने में आपकी मदद करने के लिए थेरेपी जैसे विभिन्न संसाधनों की सलाह दे सकते हैं ।

फोटो सौजन्य- गूगल

Say goodbye to unwanted grey hair

Natural Hair Dye: बचपन में जब हम बालों को लहराते घूमा करते थे और हमें अपने बालों की कोई फिक्र नहीं रहती थी। ऐसा लगता था मानों सबसे खूबसूरत बाल हमारे ही हैं। और आज याद करते हैं कि काश वो बेफिक्री, वो चमक वो खुशी, वो एहसास काश कोई लौटा दे, क्योंकि आजकल कम उम्र में सफेद होते बाल और उनका रुखापन, बेजान होकर झड़ना एक आम बात बन चुकी है। सफेद बालों को तो केमिकल हेयर डाई बालों को तुरंत रंग तो देती है पर लंबे वक्त तक इसका इस्तेमाल करने से नुकसान भी पहुंचाती है। ऐसे में केमिकल हेयर डाई की जगह क्यों ना दादी-नानी के नुस्खे को आजमाया जाए, जो कि भरोसेमंद भी है। वर्षों से अपनाए जाने वाला आंवला नुस्खा जो एक अच्छा प्राकृतिक उपाय है, जो बालों को गहरा रंग देने के साथ-साथ उन्हें मजबूत और चमकदार भी बनाता है। बता दें कि सही तरीके से प्रयोग करने पर यह बालों को नेचुरल ब्लैक टोन देने में मदद भी करता है।

ये है बालों के लिए आंवला के फायदे

Say goodbye to unwanted grey hair

कई शोध इस बात को साबित करते हैं कि आंवला विटामिन- C, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स से भरपूर होता है। साथ ही बालों में इसका इस्तेमाल करने से बालों की जड़ों को जबरदस्त मजबूती मिलती है, हेयर फॉल कम करता है और समय से पहले बालों के सफेद होने वाली समस्या कम हो जाती है। साथ ही इसके नियमित उपयोग से बालों में प्राकृतिक चमक आती है और स्कैल्प हेल्दी रहने लगते हैं। यही वजह है कि आंवला को नेचुरल हेयर डाई के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

नेचुरल आंवला डाई बनाने का आसान तरीका

आमला से नेचुरल हेयर डाई बनाने के लिए सबसे पहले आपको कुछ नेचुरल चीजों की जरूरत होगी जैसे 4,5 चम्मच आंवला पाउडर, 2 चम्मच मेहंगी, 1 चम्मच कॉफी पाउडर और जरूरत के अनुसार पानी। जब आप इन सभी चीजों को सही मात्रा में तैयार कर लेते हैं, तो उसके बाद आपको ये सभी चीजें एक कटोरे में डालनी हैं और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लेना है। अब आप इसको 30 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सारे तत्व अच्छी तरह एक्टिव हो जाएं और बालों को सही पोषण प्रदान कर सके।

सही तरह से लगाएं नेचुरल डाई

Consuming fenugreek in coconut oil will solve 5 hair problems

इस नेचुरल डाई को लगाने के लिए पहले बालों को हल्का गीला कर लें। अब तैयार पेस्ट को ब्रश या हाथों से बालों की जड़ों तक लगाएं। कोशिश करें कि आपके पूरे बाल कवर हो जाएं। अब कुछ देर के लिए शॉवर कैप पहन लें। इसे करीब एक घंटे तक सिर पर लगाएं। अब आप इसे सादे पानी से धो लें। हां, शैंपू न करें, वरना सारे जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे।

बेहतर रिजल्ट के लिए जरूरी टिप्स

आप हफ्ते में सिर्फ एक बार इसका इस्तेमाल करें, ज्यादा इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है लेकिन आप पहले पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि बालों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही डाई लगाने के बाद 24 घंटे तक शैंपू न करें, इससे बालों को पोषक तत्वों के अवशोषण का समय मिल जाएगा। वही जब आप इसका नियमित उपयोग करेंगे तो रंग और असर दोनों बेहतरीन हो जाएंगे।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you want to look stylish in New Year Party

New Year Party Makeup: नया साल दस्तक दे रहा है ऐसे में पार्टी सीजन में सबसे स्टाइलिश और खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां पहले से कपड़ो से लेकर फुटवियर और ज्वेलरी तक की खरीदारी कर लेती हैं। लेकिन नए साल पर सिर्फ कपड़ों से कोई खास प्रभाव नहीं हो पाता, इसके लिए फेस पर ग्लो भी अहम रोल अदा करता है। मेकअप आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है, आपकी सुंदरता में चार चांद लगाता है और पार्टी में आपको अलग व खास बना सकता है। न्यू ईयर पार्टी के लिए जाना है तो तैयार होने के लिए कुछ मेकअप टिप्स को फॉलो करें। जरूरी है ऐसा मेकअप, जो आपकी रियल खूबसूरती को उभार दे।

हालांकि ज्यादा मेकअप चेहरे को ढक देता है, जबकि सही मेकअप चेहरे के एक्सप्रेशन को और निखार देता है। अगर आप चाहती हैं कि लोग आपके लुक की जमकर तारीफ करें तो नए साल की पार्टी के लिए इस तरह के मेकअप गाइड को अपनाएं।

नया साल पर पार्टी मेकअप गाइड स्टेप्स

स्टेप- 1. मेकअप के लिए स्किन को करें तैयार

If you want to look stylish in New Year Party

पार्टी मेकअप से पहले फेस अच्छी तरह क्लीन करें। स्किन टाइप के मुताबिक मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं। हल्का प्राइमर लगाकर बेस को स्मूद बनाएं। ध्यान रखें, मेकअप तभी अच्छा दिखता है, जब स्किन हेल्दी हो।

स्टेप 2- बेस मेकअप

बेस मेकअप कम लगाएं पर सही लगाएं। फाउंडेशन की जगह बीबी या सीसी क्रीम बेहतर विकल्प है। कंसीलर सिर्फ डार्क सर्कल और दाग पर लगाएं। ज़्यादा पाउडर लगाने से बचें, वरना चेहरा फ्लैट दिखेगा।

स्टेप 3- ऐसे करें आई मेक अप्लाई

ये पार्टी लुक को इन्हेंस करता है। सॉफ्ट शिमर आई मेकअप अपना सकते हैं। पार्टी के लिए ब्रॉन्ज, गोल्ड या पीच आईशैडो को अप्लाई करें। पतली विंग्ड आईलाइनर और मस्कारा आपकी आंखों को खूबसूरत बना सकता है। भारी नकली लैश से बचें, नेचुरल ही प्यारा लगता है।

स्टेप 4- ब्लश और हाइलाइट

If you want to look stylish in New Year Party

ये चेहरे में जान डाल देते हैं। इसके लिए पीच या रोज ब्लश लगाएं। गालों के अपर बोन पर हल्का सा हाइलाइटर लगाएं। ज़्यादा चमक से बचें, नहीं तो फोटो खराब आएंगी।

स्टेप 5- लिपस्टिक लगाने लगाते वक्त रखें ध्यान

ऐसी लिपस्टिक लगाएं जो आपकी पर्सनैलिटी को जाहिर करें। पार्टी में न्यूड पिंक, बेरी या सॉफ्ट रेड शेड लिपस्टिक लगाएं। बहुत डार्क लिपस्टिक तभी अप्लाई करें, जब आई मेकअप हल्का हो। ग्लॉस सिर्फ़ सेंटर में लगाएं।

हेयर स्टाइल

मेकअप और पूरे लुक को पूरा करने के लिए हेयर स्टाइल पर भी फोकस करना जरूरी है। ओपन वेव्स और सॉफ्ट मेकअप सबसे सेफ विकल्प है। हाई बन बना रही हैं तो बोल्ड लिप एलिगेंट लुक देगा।

पार्टी मेकअप में ऐसी गलतियां से बचें

  1. पार्टी से ठीक पहले कोई नया प्रोडक्ट ट्राय न करें।
  2. मेकअप करते समय बहुत मोटा फाउंडेशन न लगाएं।
  3. मेकअप के पहले या बाद में स्किन केयर को भूले नहीं।
  4. आंख और होंठ दोनों को मेकअप से बहुत बोल्ड न करें। अगर हैवी हाई मेकअप है तो लिप्स शेड हल्का होना चाहिए।
  5. अक्सर लोग चेहरे पर फाउंडेशन या मेकअप अप्लाई करते हैं लेकिन गर्दन पर नहीं। जिससे गर्दन और चेहरे का शेड मैच नहीं होता है।

 

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Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

Libido: कामेच्छा की कमी आधुनिक जीवनशैली में कई लोगों की समस्या बन चुकी है। लोगों की लाइफस्टाइल में तनाव, एंग्जायटी, अनहेल्दी इटिंग और लगातार भागदौड़ के बीच उनकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ पर भी प्रभाव पड़ता है और आहिस्ता-आहिस्ता लोगों में सेक्स करने की इच्छा में कमी आने लगती है। लंबे वक्त तक कमेच्छा में कमी की समस्या की वजह से लोगों की शादीशुदा जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है और इससे रिश्तों में गैप बढ़ जाता है। हालांकि, कई बार लोग कमेच्छा बढ़ाने के लिए दवाओं का सहारा भी लेते हैं। पर, इन दवाओं के दुष्प्रभाव होते हैं जो लंबे वक्त तक दिखायी दे सकते हैं।

ऐसे में दवाओं के बिना नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और किस तरह की सावधानियां बरतने से कामेच्छा की कमी दूर हो सकती है।

नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के उपाय क्या हैं?

Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है और हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए कामेच्छा काफी अहम है। अगर आपकी कामेच्छा कम है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको खास कर तीन स्टेजेस पर काम करना होगा। ये स्टेज हैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर।

शारीरिक स्तर पर कामेच्छा बढ़ाने के लिए डाइट में बदलाव जरूरी

अच्छी डाइट हेल्दी शरीर और हेल्दी लिबिडो लेवल के लिए भी जरूरी है। आप अपनी कम कमेच्छा की समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में बदलाव करें। अपनी डेली डाइट में बदलाव करें। आप जिंक और एल-आर्जिनिन जैसे तत्वों से भरपूर फूड्स जैसे- बींस, सीड्स, लॉब्स्टर्स और प्याज जैसी चीजों का सेवन करें।

कामेच्छा बढ़ाने के लिएआप चॉकलेट, अनार, एवोकाडो, ग्रीन टी, पम्पकिन सीड्स और तरबूज जैसे फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

इन सबके साथ आप प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें क्योंकि, प्रोसेस्ड फूड्स आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और लिबिडो भी कम करते हैं।

रोजाना करें एक्सरसाइज

रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। आप मसल्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज, कार्डियाक एक्सरसाइज करें। आप रोजाना योगाभ्यास कर सकते हैं और मेडिटेशन का भी अभ्यास करें। इससे आपको कामेच्छा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नींद की कमी ना होने दें

Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

इन सबके अलावा रोजाना 6-7 घंटे की गहरी नींद सोएं। इससे आपका तनाव कम होगा और कामेच्छा बढ़ाने में भी आसानी होगी।

अपनी बीमारियों को करें मैनेज

अगर आपको हाइपटेंशन, मोटापा या अन्य किसी प्रकार की पुरानी स्वास्थ्य समस्या या क्रोनिक डिजिज है तो उसे मैनेज करें और नियंत्रित रखने के लिए जरूरी उपाय करें।

इन आदतों से बचें

अल्कोहल का सेवन करते हैं तो उसे धीरे-धीरे बंद कर दें। इसी तरह स्मोकिंग से भी कामेच्छा कम होती है इसीलिए, आप अपनी धूम्रपान की आदत छोड़ दें।

इंटीमेसी के लिए निकालें कीमती समय

अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच अपने पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें। अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और अपनी रिलेशनशिप की अच्छी बातों को याद करें। इससे आपकी रिलेशनशिप में नयी जान आएगी और आपको अपने पार्टनर से इमोशनली कनेक्ट कर पाने में भी मदद होगी।

फोटो सौजन्य- गूगल

These home remedies can help reduce vaginal dryness in winter.

Vaginal Dryness:

सर्दियों में खासकर बहुत-सी महिलाओं को वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या होती है। योनि में सूखापन बढ़ने से इरिटेशन महसूस होती है। वहीं, इससे महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द भी महसूस होता है। वेजाइनल ड्राइनेस की वजह से खुजली और तेज सेंसेशन या जलन जैसी परेशानियां भी महिलाओं को महसूस हो सकती हैं। वहीं, कुछ मामलों में सेक्स के बाद ब्लीडिंग की समस्या भी देखी जाती है। वेजाइनल ड्राइनेस एक तकलीफभर कंडीशन और सर्दियों में यह समस्या बार-बार होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में वेजाइनल हेल्थ को मेंटेन करने और खुद का ख्याल रखना महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

गायनोकॉलोजिस्ट के मुताबिक वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या से बचाव को लेकर सलाह दी।

वेजाइनल ड्राइनेस के कारण क्या हैं?

 

हार्मोन्स का प्रभाव

These home remedies can help reduce vaginal dryness in winter.

शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन्स का लेवल कम हो जाने से वेजाइना में ड्राइनेस बढ़ सकती है। महिलाओं में प्रेगनेंसी, मेनोपॉज और बेस्टफीडिंग के दौरान एस्ट्रोजेन का स्तर कम हो सकता है।

दवाओं के साइड-इफेक्ट्स

डिप्रेशन और कैंसर के इलाज के दौरान दी जाने वाली दवाओं और एंटीहिस्टामाइन गोलियों (antihistamines tablet) के साइड-इफेक्ट्स के कारण भी वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।

ये हैं बीमारियां

किसी पुरानी ऑटोइम्यून बीमारी, सिंड्रोम और डायबिटीज जैसी बीमारियों के कारण भी वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।

लाइफस्टाइल से जुड़ी वजह

स्मोकिंग, स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से भी इस तरह की समस्याए बढ़ सकती हैं।

वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या से बचने के उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट के अनुसार, वेजाइनल ड्राइनेस और इंटीमेसी के दौरान होनेवाली तकलीफों को सही अप्रोच और कुछ सावधानियों की मदद से कम किया जा सकता है। हाइड्रेटेड रहकर, शरीर में हार्मोनल बैलेंस बनाकर, वॉटर बेस्ड लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करने के अलावा सेक्स से पहले फोर प्ले की मदद लेने से ये समस्याए कम हो सकती हैं।

हालांकि, अगर इन सबके बाद भी आपको दर्द और योनि में सूखापन की समस्या बनी रहती है तो किसी स्पेशलिस्ट की सलाह लें।

वेजाइनल ड्राइनेस के घरेलू और नेचुरल उपचार (Home remedies for treating Vaginal Dryness problem)

दही का ऐसे करें सेवन

दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक है। प्रोबायोटिक्स गट में हेल्दी बैक्टेरिया (Healthy bacteria in Gut) को बढ़ाने का काम करते हैं। इससे आपका डाइजेशन भी सुधरता है। प्रोबायोटिक्स वेजाइनल हेल्थ को भी बेहतर बनाते हैं। ये संक्रमण के रिस्क को कम करने के साथ-साथ ड्राइनेस की समस्या से भी बचाते हैं। वहीं, प्रोबायोटिक्स आपके ब्लैडर को भी हेल्दी रखते हैं।

दही के अलावा पनीर, अचार और किमची (Kimchi) का भी सेवन आप प्रोबायोटिक्स के लिए कर सकती हैंय़

विटामिन E रिच फूड्स खाएं 

शरीर को अगर सही मात्रा में विटामिन ई प्राप्त होता है तो इससे वेजाइनल लुब्रिकेशन भी बढ़ जाता है। इससे योनि में ड्राइनेस की समस्या कम होती है। विशेषकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वेजाइनल ड्राइनेस की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में महिलाएं अपनी डाइट में विटामिन ई रिच फूड्स जरूर शामिल करें।

एवोकाडो, फ्लैक्सीड्स और पम्पकिन सीड्स के अलावा अंडे, फिश और शकरकंद में विटामिन ई (Vit E) पाया जाता है।

 हमेशा हाइड्रेटेड रहें

वेजाइनल ड्राइनेस से बचने का एक सबसे आसान तरीका है हाइड्रेशन। अगर आप सही मात्रा में पानी पीती हैं तो इससे वेजाइनल ड्राइनेस से बचने में आसानी हो सकती है। इसीलिए, रोजाना 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं। सर्दियों के मौसम में लिक्विड इंटेक बढ़ाने के लिए आप गर्म सूप, दाल का पानी, नारियल पानी और फल-सब्जियों के जूस भी पी सकती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Bollywood's King Khan also posted an emotional post remembering Dharam ji

Dharmendra:

सिनेमा जगत के हीमैन का निधन हो गया। वह 12 नवंबर को ही अस्पताल से घर लौटे थे। धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद से घर पर ही उनका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा था। उनका सोमवार को मुंबई के विले पार्ले में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए शोले के जय यानी अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, सलमान खान, आमिर खान, शबाना आजमी और अनिल कपूर समेत की दिग्गज सितारे पहुंचे। श्मशान घाट पर धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल और पोते करण देओल को काफी इमोशनल देखा गया।

Dharmendra's family has put an end to the rumours about his health after being on a ventilator

बॉलीवुड के किंग खान ने भी धरम जी को याद करते हुए पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘मेरे लिए आप सिर्फ एक महान कलाकार नहीं, एक पिता जैसे मार्गदर्शक थे।’

हेमा मालिनी की भी आंखें नम थीं। धर्मेंद्र और हेमा ने 1980 में शादी की थी और आखिर 45 साल बाद दोनों को साथ छूट गया। धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब के साहनेवाल गांव में हुआ था। 65 साल के करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और वह हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रखते हैं। धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू किया और साल 1960 के दशक में पॉपुलर हो गए। उनका आई मिलन की बेला, फूल और पत्थर और आए दिन बहार के.. ने उन्हें इस दशक में रातोंरात लोकप्रियता दिलाई। वहीं उन्हें हीमैन का दर्जा दिया गया, जो आज भी कायम है। उनकी फिल्में शोले से लेकर यमला पगला दीवाना तक सभी फिल्में फैंस की फेवरेट रही हैं। धर्मेंद्र ने शोले, धर्मवीर, चुपके-चुपके, मेरा गांव मेरा देश और ड्रीम गर्ल जैसी कई यादगार फिल्में दीं।

हाल ही में वो शाहिद कपूर-कृति सेनन की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में नजर आए थे। अब वो जल्द ही अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ में दिखेंगे, जो इस साल 25 दिसंबर को रिलीज होगी। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें धर्मेंद्र को शानदार अंदाज देखने को मिला।

 

Dharmendra's family has put an end to the rumours about his health after being on a ventilator

Dharmendra Health: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत के मद्देनजर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरों के बीच, उनके परिवार और सनी देओल की टीम की ओर से आई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

देओल परिवार के अनुसार धर्मेंद्र की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उनकी हालत में सुधार जारी है। आइये जानते हैं कि एक्टर धर्मेंद्र के साथ अस्पताल में कौन-कौन है और उनकी तबीयत में कितना सुधार है? 89 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के लिए जाने जाते हैं और डॉक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर बताया है। धर्मेंद्र की देखभाल एक्सपर्ट डॉक्टर की टीम की निगरानी में की जा रही है। वहीं, उनके परिवार के सभी सदस्य हेमा मालिनी सनी देओल और बॉबी दओल अस्पताल में मौजूद हैं। धर्मेंद्र के फैंस और इंडस्ट्री के साथी सितारे लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #GetWellSoonDharmendra ट्रेंड कर रहा है और देशभर में दुआओं का सिलसिला जारी है।

परिवार ने झूठी खबरों का किया खंडन

धर्मेंद्र के परिवार ने अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। सनी देओल की टीम ने कहा कि वे रिकवर कर रहे हैं और इलाज का असर हो रहा है। आइए हम सब उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करें। टीम ने यह भी बताया कि वह लगातार मीडिया से संपर्क में हैं और धर्मेंद्र की तबीयत पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर रोक लगाने की अपील की है।

बता दें कि धर्मेंद्र की तबीयत को लेकर झूठी खबरें सोशल मीडिया पर रातोंरात फैल गई थीं। इन खबरों को देखकर कई नामी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने भी श्रद्धांजलि संदेश साझा कर दिए, लेकिन कुछ ही घंटों में धर्मेंद्र के परिवार ने इन खबरों का खंडन किया और कहा कि अभिनेता का इलाज चल रहा है।

 

Karwa Chauth: Is this day Karwa Chauth

KARWA CHAUTH: पति की लंबी उम्र और बिंदास वैवाहिक जीवन की कामना के साथ शुक्रवार को सुहागिनों ने करवा चौथ का निर्जल व्रत रखा। सोलह श्रृंगार कर शुभ मुहूर्त में शाम को पूजा के साथ, कथा सुनी और चांद देवता का दर्शन व अर्ध्य दिया। फिर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण कर लगभग 15 घंटे व्रत रखा। वहीं कई स्थानों पर कुंवारी कन्याओं ने अच्छे जीवनसाथी की कामना के साथ सूर्योदय से चंद्रोदय तक बिना कुछ खाए-पीये करवा चौथ का व्रत रखा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस बार करवा चौथ पर सिद्धि योग बना। जो पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।

ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी की दुकानों पर दिखी लंबी लाइनें

Pre-Wedding Skincare

चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहा। यह संयोग सुहागिनों के लिए बहुत शुभ और फलदायी रहा। करवा चौथ पर हर जगह बाजारों में खास रौनक देखने को मिली। महिलाएं ने चूरा, मिष्ठान, सिंदूर, फूल और माला वगैरह की खरीदारी की। वहीं, सुबह से ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी की दुकानों पर भी लंबी लाइनें देखी गई। अखंड सौभाग्य के महापर्व करवाचौथ पर सुबह सुर्योदय से पहले सुहागिनों ने स्नान-ध्यान के बाद सुख सौभाग्य का संकल्प करके व्रत रखा। शाम को महिलाओं ने अपने विवाह का जोड़ा या पारंपरिक लहंगा पहन कर, सोलह शृंगार में सजधज कर शुभ मूहूर्त में कहीं अपने परिवार की महिलाओं, तो कहीं मोहल्ले की महिलाओं के साथ सामूहिक रूप से छत व आंगन में मिट्टी, चांदी, पीतल आदि का करवा लेकर पूजन किया।

सुहागिनों ने अपने परिवार के बड़ों का लिया अशीर्वाद

शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश और चंद्र देव का विधि विधान से पूजन किया। करवाचौथ की कथा कही और सुनी। इस बार गुरु और शुक्र के अस्त ना होने की वजह से नवविवाहित महिलाओं ने भी अपना पहला करवाचौथ का व्रत रखा। इसके बाद रात 8.02 मिनट पर चन्द्रोदय होते ही महिलाओं ने चन्द्र देव का दर्शन कर अर्घ्य दिया। अपने पति के हाथों से जल और मिष्ठान ग्रहण कर व्रत का पारण किया। पूजन के बाद सुहागिन महिलाओं ने अपने परिवार के बड़ों से अशीर्वाद प्राप्त किया।

फोटो सौजन्य- गूगल

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