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A Strong relationship needs regular sex

Regular Sex: शरीर को स्वास्थ्य और एक्टिव बनाए रखने के लिए लोग अक्सर जिम और तरह-तरह के डाइट का सहारा लेते हैं, लेकिन रिश्ते में सेक्सुअल इंटिमेसी दिनों दिन बढ़ते तनाव के अलावा कई समस्याओं को दूर करने का बेहतरीन विकल्प है। दिनभर के कामकाज के बाद नियमित रूप से टेंशन का सामना करना पड़ता है, जो मूड स्विंग की वजह साबित होता है। ऐसे में सेफ सेक्स को रूटीन के तौर पर शामिल करना शारीरिक, इमोशनल और मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से काफी कारगर साबित होता है। वे महिलाएं जो अक्सर सेक्स को एंजॉय करती हैं वे अपने साथी के साथ जुड़ाव वाली फिलिंग महसूस करती हैं। जिससे रिश्ता खुशहाल बन जाता है और कुल मिलाकर उनका जीवन ज्यादा बैलेंस भरा होता है। आइये जानें रेगुलर सेक्स से होने वाले फायदे-

डॉक्टर के मुताबिक नियमित सेक्स कई तरह से आपकी मदद कर सकता है। हांलाकि सेक्स के विषय पर अभी भी लोग खुलकर बात करना पसंद नहीं करते हैं। यौन संबध से मेंटल हेल्थ और शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ नियमित सेक्सुअल एक्टीविटीज़ में शामिल होने से शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।

SEX सेहत को प्रभावित करता है?

When do women experience more sexual desire?

अमेरिकन सेक्सुअल हेल्थ एसोसिएशन के अनुसार नियमित सेक्स शरीर को फायदा पहुंचाता है। ये पुरुषों और महिलाओं के लिए कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ के रूप में फायदा पहुंचाता है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने, हृदय रोगों से राहत, कैलोरीज़ स्टोरेज की रोकथाम और मसल्स की मज़बूती को बढ़ाने में मदद करता है।

नियमित सेक्स करने से आपको मिलते हैं ये 8 फायदे

1. इमोशनल बॉडिंग मजबूत होती है

अक्सर उम्र के साथ पति पत्नी के रिश्ते में खिंचाव बढ़ने लगता है। ऐसे में नियमित सेक्स इमोशनल इंटिमेसी और कपल्स के बीच गहरे संबंध को बढ़ाता है। ऑक्सीटोसिन को लव हार्मोन कहा जाता है, जो सेक्स और शारीरिक स्पर्श के दौरान रिलीज़ होता है। ये हार्मोन भावनात्मक बंधन को मजबूत करने में मदद करता है और भागीदारों के बीच विश्वास और स्नेह बढ़ाता है। इससे अधिक संतोषजनक और स्थिर संबंध बनते हैं। जर्नल सेज चॉइस की रिपोर्ट के अनुसार रेगुलर सेक्सुअल एक्टीविटी फिज़िकल और इमोशनल हेल्थ को प्रभावित करती है।

2. अच्छी आती है नींद

इससे शरीर में ऑक्सीटोसिन यानि लव हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है और सेक्स के दौरान एंडोर्फिन रिलीज होता है। इन दोनों हार्मोन के मिलने से नींद की गुणवत्ता में सुधार आने लगता है। इससे शरीर को ज्यादा आराम महसूस होता है और ऊर्जा का स्तर भी बढ़ने लगता है।

3. इम्यून सिस्टम बेहतर होता है

एक रिपोर्ट के मुताबिक वे लोग जो फ्रीक्वेंट सेक्स करते थे यानि सप्ताह में एक से दो बार या उससे अधिक बार, उनके स्लाइवा में अधिक इम्युनोग्लोबुलिन ए आईजीए पाया जाता है। आईजीए एक प्रकार की एंटीबॉडी है जो बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होती है और हयूमन पेपिलोमावायरस या एचपीवी के खिलाफ रक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। इससे महिलाएँ बीमारियों और संक्रमणों से लड़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो जाती हैं। रिपोर्ट के अनुसार जैसे जैसे यौन गतिविधि बढ़ती है, वैसे ही रोग प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण से निपटने में अधिक सक्षम हो जाती है।

4. हृदय संबधी समस्याएं कम होती हैं

नियमित यौन संबध बनाने से हृदय गति, ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ने लगता है, जो समग्र हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। नियमित सेक्स महिलाओं में हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में भी कारगर है। एक रिपोर्ट के अनुसार नियमित यौन गतिविधि हृदय रोग वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए रोगी के साथ साथ साथी के जीवन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है।

5. तनाव में कमी आती है

Some Natural Ways To Spice Up Your Sex Life

इससे लाइफ में दिनों दिन बढ़ने वाले तनाव को कम किया जा सकता है और सकारात्मक मनोदशा को बढ़ावा देने की क्षमता में सुधार आने लगता है। दरअसल, सेक्स के दौरान शरीर एंडोर्फिन जारी करता है, जिससे व्यक्ति खुशी का अनुभव करता है। ये रसायन तनाव और चिंता से निपटने में मदद करते हैं जिससे महिलाएं ज्यादा आराम और संतुष्ट महसूस करती हैं। नियमित सेक्स करने से भावनात्मक कल्याण और समग्र खुशी का एक चक्र बन सकता है। जर्नल ऑफ़ फ़ैमिली साइकोलॉजी के शोध में पाया गया कि दैनिक जीवन में जिन प्रतिभागियों ने यौन गतिविधि कम होने की बात कही, उनमें सेक्स की कमी पाई गई।

6. पेल्विक मसल्स मज़बूत होती हैं

इंटिमेसी जहां सेक्सुअल हेल्थ के लिए फायदेमंद है, तो इससे पेल्विक फ्लोर मसल्स की भी मज़बूती बढ़ जाती है। इससे यूटर्स और ब्लैण्डर को भी हेल्दी रखा जा सकता है। सेक्सुअल एंक्टीविटी से जहां आपसी प्यार और अंडरस्टैडिंग बढ़ने लगती है, तो वहीं लोअर बॉडी के मसल्स को मज़बूती मिलती है और स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम हो जाता है। इससे वेजाइना से संबधी बीमारियों का जोखिम कम होने लगता है।

7. कम होती है पेट की चर्बी

प्लोस वन के रिसर्च के अनुसार पुरुष सेक्स के दौरान प्रति मिनट लगभग 4.2 कैलोरी जलाते हैं, जबकि महिलाएं प्रति मिनट 3.1 कैलोरी बर्न करती हैं। सेक्स से शरीर में कैलोरी स्टोरेज से बचा जा सकता है और शरीर स्वस्थ रहता है। कैलोरी बर्न होना सेक्स सेशन की स्पीड, समय और पोज़िशन पर निर्भर करता है।

8. नेचुरल पेन किलर है

सेक्स के दौरान एंडोर्फिन का स्राव न केवल तनाव को कम करने में मदद करता है बल्कि यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम कर सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ महिलाओं को यौन गतिविधि में शामिल होने के बाद सिरदर्द, ऐंठन और शरीर के अन्य दर्द से अस्थायी राहत फील होता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

Health Tips: एक कहावत है ‘हेल्थ ही असल पूंजी है’, लेकिन अक्सर देखा गया है कि हम महिलाएं अपनी सेहत को इग्नोर कर देती हैं। वक्त की कमी, ऑफिस या घर से संबंधित तनाव, जागरूकता की कमी यौन स्वास्थ्य के बारे में बात करने में झिझकना, सभी ऐसे कारक हैं जो इसमें योगदान करते हैं। लेकिन जनरल हेल्थ समस्याओं को भी आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर से जब वे बदलाव आपकी वजाइना या ब्रेस्ट में नजर आ रहे हों।

महिलाओं की आम शिकायतें होती हैं, जिन्हें ज्य़ादातर इग्नोर कर दिया जाता है। पर यह कुछ ज्यादा गंभीर होने का संकेत हो सकते हैं।

6 स्वास्थ्य समस्याएं जिन्हें महिलाओं को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए

1. सेक्स के दौरान दर्द होना

Do we have to face the risk of UTI after sex?

महिलाएं अक्सर संभोग के दौरान दर्द के बारे में बात करने से हिचकिचाती हैं। हालांकि, दर्दनाक सेक्स एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण भी हो सकता है। एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत गर्भाशय के बाहर जमा हो जाती है। यह पीआईडी ​​​​(पेल्विक सूजन की बीमारी) के कारण भी हो सकता है, जो अक्सर वेजाइनल डिस्चार्ज के साथ रिप्रोडक्टिव ऑर्गन का संक्रमण होता है। अपर्याप्त लुब्रिकेशन और ड्राई वेजाइना के कारण भी सेक्स दर्दनाक हो सकता है।

2. अनियमित या असामान्य माहवारी

मासिक धर्म हर 21-35 दिनों में नियमित रूप से होना चाहिए। भारी प्रवाह, मध्य-चक्र रक्तस्राव या स्पॉटिंग, लंबे समय तक पीरियड साइकिल, यह थायराइड, पीसीओडी या फाइब्रॉएड जैसे हार्मोनल रोगों के कारण हो सकता है, जो गर्भाशय के सौम्य ट्यूमर हैं। सेक्स के बाद रक्तस्राव या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है और इसकी जांच की आवश्यकता है।

3. ब्रेस्ट में बदलाव

Breast Cancer

स्तनों में गांठ फाइब्रोएडीनोमा जैसी हानिरहित स्थितियों के कारण हो सकती है। हालांकि ब्रेस्ट में गांठ होना भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। जागरूकता की कमी के कारण महिलाओं में स्तन कैंसर अक्सर उन्नत चरणों में पाया जाता है। स्तनों में गांठ जो स्तन के बाकी टिश्यू से सख्त और अलग लगती हैं या निप्पल से स्राव को चैक किया जाना चाहिए। महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए नियमित चेकअप करवाना चाहिए। स्तन में किसी भी परिवर्तन का शीघ्र पता लगाने के लिए ब्रेस्ट सेल्फ टेस्टिंग के तरीकों के बारे में भी पता होना चाहिए।

4. अचानक वजन घटना और बढ़ना

अचानक वजन कम होना खुशी की बात हो सकती है, लेकिन एकाएक वजन कम होना टीबी के साथ-साथ कैंसर या थायरॉयड विकारों का भी संकेत हो सकता है और इसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए। अचानक वजन बढ़ना पीसीओडी या थायराइड की समस्या के कारण हो सकता है और अगर इसका पता चल जाए तो इसे बहुत अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।

5. थकान महसूस होना

बहुत सी महिलाएं हर समय थकान महसूस करती हैं। बार-बार थकान एनीमिया, थायराइड विकार, सूक्ष्म पोषक तत्वों और विटामिन डी की कमी के कारण हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। पूरी रात की नींद के बाद भी थकान महसूस होना भी तनाव, चिंता, डिप्रेशन या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का कारण हो सकता है। इसलिए इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

6. ब्लोटिंग

बहुत सी महिलाएं विशेष रूप से मासिक धर्म से पहले फूला हुआ या गैसी महसूस करती हैं। यह अधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हालांकि, अगर ब्लोटिंग महसूस करना बहुत बार होता है, तो इसे चैक करवाना चाहिए। यह इरिटेबल बावल सिंड्रोम, एंडोमेट्रियोसिस या यहां तक ​​कि ओवरियन कैंसर का संकेत हो सकता है। जैसा कि मिशेल ओबामा ने कहा कि समुदाय और देश और अंततः दुनिया उतनी ही मजबूत है जितनी उनकी महिलाओं का स्वास्थ्य। इसलिए देश और दुनिया की बेहतरी के लिए हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

Right time of walking for fitness: वेट लॉस करना हो या फिर फिटनेस लेवल बढ़ाना हो एक्सरसाइज का आगाज वॉकिंग के साथ ही होता है। सुबह या शाम के वक्त खुली हवा में टहलना आपकी हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। सिंपल तरीके से पैदल चलना या वॉकिंग और ब्रिस्क वॉक जैसी एक्सरसाइज न सिर्फ आसान होती है बल्कि यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

सर्दी या गर्मी के मौसम में भी आप बस कुछ बातों का ख्याल रखकर टहल सकते हैं। जैसे दिन में किस वक्त और कितनी देर तक वॉक करनी चाहिए। क्योंकि, सही समय पर वॉक ना करने से आपकी हेल्थ को नुकसान हो सकता है। इसलिए वॉक करने से पहले इस बात की जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए कि आपको कब वॉक करना चाहिए और कब नहीं।

गर्मियों के मौसम में वॉक करने का सही समय ?

Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

इस समय करें मॉर्निंग वॉक

वॉक करने का सबसे ठीक समय है है सुबह सूरज उगने के आसपास का समय। सूरज उगने के साथ ही आप टहलने निकल जाएं और सुबह 8 बजे तक वॉक पूरी कर लें। दरअसल, सूरज निकलने से पहले का समय हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होता है। वहीं, सुबह की हल्की धूप में टहलने से आपको तकलीफ भी नहीं होती। इस तरह आप थोड़ी देर धूप में रहकर विटामिन डी भी प्राप्त कर सकते हैं और आपकी हड्डियों को इसका फायदा हो सकता है।

इवनिंग वॉक

जो लोग सुबह की बजाय शाम को वॉक करना पसंद करते हैं, उन्हें शाम के समय 4 के बाद और 6-8 बजे तक वॉक करने की सलाह दी जाती है। इस समय हवा में ठंडक भी बढ़ने लगती है और प्रदूषण का स्तर भी कम होता है। सबसे खास बात यह भी है कि शाम 4-7 बजे के दौरान शरीर की मांसपेशियां बहुत फ्लेक्सिबल होती हैं। ऐसे में आपके लिए वॉक करना आसान हो सकता है और इससे आपके स्वास्थ्य को वॉक करने के फायदे भी पहुंच सकते हैं।

सर्दियों में कब टहलना चाहिए

Right time of walking, Avoid walking at the wrong time

ठंड के दिनों में सवेरे वॉक करना फायदेमंद होता है लेकिन, सूरज उगने से पहले और कोहरे के माहौल में वॉक करने से हेल्थ पर खराब असर पड़ सकता है। सुबह के समय हवा में ठंड होती है और तापमान भी काफी कम होता है। ऐसे में वॉक करते समय आपको सांस लेने से जुड़ी हुई समस्याएं हो सकती है। इसलिए, सर्दियों में सूरज उगने के बाद ही वॉक करें।

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गलत समय पर वॉक करना है नुकसानदायक

तड़के सुबह यानी अंधेरे में वॉक करना हेल्थ के लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि, ऐसे में हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होता है। जिससे अस्थमा, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ठंडियों में बहुत सुबह वॉक करने से मसल्स में खिंचाव और जॉइंट पेन की समस्या बढ़ सकती है। सुबह की ठंडी हवा और प्रदूषण के कारण फेफड़ों पर भी खराब असर पड़ता है जिससे छाती में भारीपन और दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

नेचुरल इंग्रीडिएंट के इस्तेमाल में हैं असल ग्लो

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मिल्की ब्यूटी से फेमस तमन्ना भाटिया की सॉफ्ट और ग्लोइंग Skin का राज। तमन्ना की स्किन और हेल्दी ग्लो करने के मामले में बेमिसाल है। उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अब भगवान से कोई ‘तमन्ना’ नहीं। बस उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अपने स्किन केयर रूटीन का काफी ध्यान देती हैं। तमन्ना केमिकल वाले प्रॉडक्ट्स और ट्रीटमेंट की जगह नेचुरल इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल करती हैं।

नेचुरल इंग्रीडिएंट की बात ही अलग है

The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

तमन्ना घर में मिलने वाली साधारण चीजों की मदद से फेस पैक बनाती हैं और अपनी स्किन पर उन्हें अप्लाई करती हैं। सबसे खास बात ये है ये नेचुरल इंग्रीडिएंट्स कई पीढ़ियों से भारतीय महिलाओं के फेवरेट रहे हैं और उन्हें इन इंग्रीडिएंट्स पर बहुत ज्यादा भरोसा रहा है। आइए जानते हैं तमन्ना अपनी स्किन पर कौन-सी चीजें लगाती हैं।

बेसन का फेस पैक

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दो चम्मच बेसन, दो चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाएं। सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बना लें। फिर इस पैक को अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं। जब फेस पैक सूख जाता है तो अपना चेहरा ठंडे पानी से धो लें।

कॉफी-चंदन का जबरदस्त फेस पैक

If you look old then drink coffee every day

इस फेस पैक को बनाने के लिए 02 चम्मच चंदन पाउडर, 02 चम्मच कॉफी पाउडर और 02 चम्मच शहद की जरूरत पड़ती है। इन सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बनाएं। इस फेस पैक को आप अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट के बाद आप इसे चेहरे से साफ कर दें।

हेल्दी डाइट पर जोर

The Bollywood heroine who no longer has any 'wish' from God to keep her skin healthy

स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग रखने के लिए तमन्ना अपनी डाइट पर खास ध्यान देती हैं। वे ब्रोकोली का सलाद खाती हैं और एवोकाडो भी उनकी डाइट में अक्सर रहता ही है। इन सबके साथ तमन्ना को डेली 08-10 गिलास पानी पीने की आदत है।

Birth Control Pill: Scientists have created a male contraceptive pill that puts a temporary brake on sperm production

Birth Control Pill: दशकों से गर्भनिरोधक की जिम्मेदारी ज्यादातर महिलाओं पर ही रही है, जबकि पुरुषों के पास सीमित विकल्प कंडोम या नसबंदी के रूप में उपलब्ध है। लेकिन अब साइंस की नई खोज इस सोच को बदलने जा रही है। हाल ही में पब्लिश एक स्टडी में विज्ञानिक ने पुरुषों के लिए ऐसी गर्भनिरोधक दवा की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है, जो बिना हार्मोन असर के काम कर सकती है और जिसका प्रभाव अस्थायी हो सकता है।

जाने क्या है ये नई खोज ?

Birth Control Pill: Scientists have created a male contraceptive pill that puts a temporary brake on sperm production

अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में बताया कि शरीर में एक खास प्रक्रिया को रोककर स्पर्म बनने की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि इससे शरीर को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता और दवा बंद करने पर फिर से सामान्य स्थिति लौट सकती है।

इस रिसर्च में साइंटिस्ट ने मियोसिस नाम की एक अहम जैविक प्रक्रिया पर ध्यान दिया, जो स्पर्म बनने के लिए जरूरी होती है। इस्तेमाल के दौरान एक खास कंपाउंड का प्रयोग कर इस प्रक्रिया को चूहों में अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि स्पर्म बनना बंद हो गया, पर जब दवा बंद की गई, तो उनकी प्रजनन क्षमता वापस लौट आई और वे स्वस्थ संतानों को जन्म देने में सक्षम रहे।

यह खोज क्यों अहम है?

यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अब तक पुरुष गर्भनिरोधक तरीकों में कई दिक्कतें सामने आती रही हैं। हार्मोन आधारित तरीकों से मूड में बदलाव और यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याएं होती हैं, जबकि नसबंदी स्थायी समाधान है और इसे आसानी से वापस नहीं किया जा सकता है। ऐसे में बिना हार्मोन वाला और अस्थायी तरीका उम्मीद की किरण के तौर पर देखा जा रहा है।

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यह तकनीक ऐसे काम करती है ?

यह नई तकनीक स्पर्म के विकास के एक खास फेज को रोककर काम करती है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो स्पर्म सही तरीके से विकसित नहीं हो पाते और प्रजनन क्षमता कुछ समय के लिए ठहर जाती है। हालांकि, जैसे ही दवा का असर खत्म होता है, शरीर दोबारा सामान्य रूप से काम करने लगता है। जबकि साइंटिस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी प्रयोग किया गया कंपाउंड इंसानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसमें कुछ संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए फिलहाल इसे एक शुरुआती कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद ऐसे सुरक्षित विकल्प विकसित करना है, जो इसी प्रक्रिया को निशाना बनाकर काम कर सकें।

फोटो सौजन्य- गूगल

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

New Delhi: “ज्योतिष विद्या हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई है, लेकिन आज की आधुनिक युग में आगे बढ़ने के लिए परंपरा और विज्ञान, दोनों को संतुलित रूप से अपनाने की ज़रूरत है,” ये विचार व्यक्त किए केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने। वे शनिवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित ‘एस्ट्रो-कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए अपना दृष्टिकोण सामने रख रहे थे।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जब इस प्राचीन विद्या का उपयोग सकारात्मक सोच को प्रेरित करने और सही मार्गदर्शन देने के लिए किया जाता है, तो यह समाज के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है। इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 21वीं सदी में ज्योतिष की निरंतर प्रासंगिकता को रेखांकित किया, और इसे उस गहन आस्था का प्रतिबिंब बताया जो मानव जीवन को ब्रह्मांड से जोड़ती है। तीव्र संचार के इस युग में, विजेंद्र गुप्ता ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव की तारीफ करते हुए कहा कि पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने वाले मंच सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और सामुदायिक ज़िम्मेदारी को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा की ज्योतिष शास्त्र हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और वेदों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण विद्या है, जिसने सदियों से मानव जीवन का मार्गदर्शन किया है। इसका उपयोग सकारात्मक सोच और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।

भव्य एवं ऐतिहासिक “राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ-एस्ट्रो कल्चरल  महोत्सव” में देश भर के जाने-माने ज्योतिषी एक मंच पर एकत्र हुए। इस अवसर पर लाइफ डिज़ाइनर एवं वास्तु केंद्र–ज्योतिष एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक कुणाल कुमार ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र जीवन की समस्याओं और संभावनाओं को समझने का एक वैज्ञानिक आधारित दृष्टिकोण प्रदान करता है, न कि सिर्फ भविष्य कहने वाला एक साधन।

रियल एस्टेट की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुके राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन ने भी ज्योतिष कॉन्क्लेव में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने इस कॉन्क्लेव में रियल एस्टेट में ज्योतिष के महत्व पर चर्चा की।

ज्वेलरी की वैज्ञानिक रूप से पहचान, परीक्षण और प्रमाण पत्र देने वाली संस्था Gem Lab के डायरेक्टर दविंदर सिंह को एस्ट्रो महाकुम्भ में सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि Gem Lab का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई रत्न क्यों, कैसे और कितना वास्तविक है — ताकि खरीदार धोखे से बच सके और उसकी कीमत सही मिले।

Help U Educational and Charitable Trust के संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव पर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सारे अच्छे काम नीति निर्माण और बेहतर प्रशासन से ही संभव हो सकते हैं। कोटा स्थित ALLEN Career Institute के सह-संस्थापक और निदेशक ब्रजेश महेश्वरी भी इस मौके पर सम्मानित किये गए।

India's first National Astrology Mahakumbh was organized in Delhi

डी एच डिस्कवरी इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर तलविंदर सिंह लाली ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव में विशेष सहयोग दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन से जुड़े हर आयोजन को वे अपने स्पीकर्स के जरिए नई पहचान देंगे। उनका उद्देश्य है- हर आध्यात्मिक आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाना और उसे सशक्त बनाना।

एस्ट्रोलोजर एआई के जरिये ज्योतिष का ज्ञान दे रहे एस्ट्रोज एआई के सीईओ प्रतीक पाण्डेय ने एस्ट्रो की दुनिया के कई रहस्यों से पर्दा उठाया। स्प्रिचुअल एडवाइजर और क्रिएटिव Entrepreneur/Strategist केवल कपूर को इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

महोत्सव को सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर डॉ वाई राखी, जी डी वशिष्ठ, अजय भाम्बी, कुनाल वास्तु केंद्र के संस्थापक कुनाल कुमार, फादर ऑफ़ एस्ट्रोलोजी के नाम से मशहूर विवेक त्रिपाठी, अनिल वत्स, डॉ. नीति शर्मा और सारथी त्रिशला चतुर्वेदी, एस्ट्रो अंकित, आचार्य शुभेश शर्मन, कॉर्पोरेट वास्तु एक्सपर्ट मनोज जैन, रीतू सिंह, आचार्य विक्रमादित्य, प्रोफेसर (डॉक्टर) ज्योतिषाचार्य सुजाता शर्मा, ज्योतिष रतन के डॉक्टर अरविन्द कुमार, ज्योतिषाचार्य सतेंदर प्रकाश, अंक ज्योतिष के जानकार राही रामेश यादव, वास्तु एक्सपर्ट पवन भाटिया, एस्ट्रोलॉजर डॉक्टर श्वेता शर्मा ने भी संबोधित किया। कथा वाचक वर्धा नारायण, अंक ज्योतिषी अनुराग पुरी, रिद्धि सिद्धि एडवरटाइजिंग एजेंसी के सीईओ विनय धींगरा एवं संदीप कुमार के आलावा म्यूजिक वैली के डायरेक्टर योगेश शर्मा, समाजसेवक राशिद इस्माईल, सुधाकर गैसोलिन से आशी जैन, मेघदूत ग्रामो उद्योग सेवा संस्थान के डायरेक्टर विवेक शुक्ला, संअनुभूति संस्था के प्रेसिडेंट संजय गौतम मौजूद रहे।

एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव में नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक किंकर, दधिबल यादव, राकेश थपलियाल, खरी कसौटी नेशनल न्यूज़ पेपर के प्रधान संपादक के सी विश्नोई व वरिष्ठ पत्रकार संजय पोद्दार, वरिष्ठ पत्रकार एवं टीवी एंकर डॉ श्रीवर्धन त्रिवेदी, अनुराग मुस्कान, विकास कौशिक, प्रवीण तिवारी, हिमांशी सिंह आदि मौजूद रहे।

आखिर में कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप श्रीवास्तव एवं फजले गुफरान ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव के सफल आयोजन पर सभी अतिथियों और सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और एस्ट्रोलॉजी से जुड़े लोगों का सहयोग और समर्थन मिलता रहा तो एस्ट्रो महाकुंभ देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाएगा।

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

Dhurandhar-2 रिलीज के बाद से ही हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। ये फिल्म पहले भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई है। इसके बाद इस फिल्म ने 1,000 करोड़ रुपये की कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। आइये जानते हैं इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कितने रुपये बटोरे हैं।

‘धुरंधर 2’ की अब तक की कमाई

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

दूसरे हफ्ते के आखिर में ‘धुरंधर 2’ की कमाई घट गई थी। तीसरे वीकेंड पर फिल्म की कमाई में दोबारा इजाफा हुआ। रविवार को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 28.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। पहले दिन इसने 102.55 करोड़ रुपये कमाए थे। एक वीक में फिल्म का कारोबार 674.17 करोड़ रुपये रहा था। दूसरे हफ्ते में इस फिल्म ने 263.65 करोड़ रुपये कमाए। इस तरह से 18 दिनों में इसने 1013.77 करोड़ रुपये का टोटल कलेक्शन किया है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली यह पहली फिल्म बन गई है।

‘धुरंधर 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन

Dhurandhar 2 becomes the first film to cross the Rs 1,000 crore mark at the domestic box office

‘धुरंधर 2’ जहां भारत में बेहतरीन कलेक्शन कर रही है, वहीं दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर भी छाई हुई है। 18 दिनों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1,605.74 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है। नॉर्थ अमेरिका में इस फिल्म ने 25 मिलियन डॉलर की कमाई की है। यहां यह फिल्म सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है।

जाने किन फिल्मों से अब भी है पीछे

‘धुरंधर 2’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जहां सभी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है, वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में यह फिल्म अब भी ‘पुष्पा 2’, ‘बाहुबली 2’ और ‘दंगल’ से पीछे है। ‘पुष्पा 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 1,742 करोड़ रुपये है। ‘बाहुबली 2’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 1,788 करोड़ रुपये है। इसी तरह ‘दंगल’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 2,070 करोड़ रुपये है।

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Gas After Eating

Gas after Eating: आजकल लोगों का खानपान काफी खराब होता जा रहा है, जिसका सीधा असर आपके हेल्थ पर पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि लोगों को अक्सर खाना खाने के बाद गैस बनना, पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि अगर आपका खानपान सही नहीं है, तो इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अनियमित खानपान, जंक फूड का अधिक सेवन, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारणों में से एक हैं।

यह समस्या न आज केवल शारीरिक असहजता पैदा कर रही है, बल्कि डेली रूटीन को भी प्रभावित कर रही है। आप में से कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, और फिर तब ध्यान देते हैं, जब समस्या काफी भयानक रूप ले लेता है। लेकिन समय रहते समस्या पर ध्यान देना जरूरी है। सही आहार, नियमित दिनचर्या और कुछ आसान उपायों से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। पर कुछ आसान और घरेलू ड्रिंक्स आपकी इस परेशानी को कम कर सकते हैं, जिनके बारे में हम आपको कुछ खास होममेड ड्रिंक्स के खास फायदों के बारे में बताने वाले हैं।

गुनगुना नींबू पानी

अगर आप सुबह हल्का गुनगुना पानी नहीं पीते हैं तो आज से ही पीना शुरू कर दीजिए। नींबू पानी पीने के फायदे आमतौर पर पाचन क्रिया को अच्छा बनाने के लिए सबसे ज्यादा होते हैं। क्योंकि हल्का गुनगुना और नींबू वाला पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करने में बेहद असरदार होता है। इसमें मौजूद विटामिन-C शरीर को डिटॉक्स करते हैं और गैस व एसिडिटी को कम कर देते हैं। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और सूजन में कमी आती है।

अदरक का पानी

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह दोनों की तत्व पेट की सूजन और गैस को कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि अदरक का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है और भोजन भी आसानी से पच जाता है। यह मतली और भारीपन की समस्या को भी दूर करने में मददगार साबित होता है।

जीरा वॉटर

Water of celery and cumin seeds makes the fat stored in the body disappear

जीरा पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। ऐसे में जीरा वॉटर पेट में गैस बनने की समस्या को कम कर सकता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे पेट की सूजन और अपच में राहत मिलती है। अगर आप चाहें तो सुबह भी जीरे का पानी पी सकते हैं क्योंकि खाली पेट जीरे का पानी पीने के कई अलग-अलग फायदे भी हो सकते हैं।

अजवाइन का पानी

अजवाइन का पानी भी गैस और सूजन से राहत दिलाता है। इसमें थाइमोल नामक तत्व होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत करता है। अजवाइन का पानी गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग से फौरन राहत दिलाता है। अगर आप हैवी डाइट लेते हैं को उसके बाद इसे पीना बहुत लाभकारी साबित होता है।

शहद व पुदीने वाला पानी

Gas After Eating

शहद और पुदीने का पानी स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पुदीना पेट को ठंडक देता है और पेट की जलन व सूजन को कम करने का काम करता है, जबकि शहद पाचन को सुधारता है। इन दोनों का मिश्रण गैस और ब्लोटिंग से राहत दिलाने का काम करता है। साथ ही शरीर को ताजगी भी देता है।

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Eid-ul-Fitra is a symbol of mutual brotherhood, love and unity

Eid-Ul-Fitra: रमजान के 30 रोजे रखने के बाद अब ईद की खुशियों का खास पल आया है। सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों में ईद-उल-फितर मनाई जा रही है, जबकि भारत में 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इस मौके को लेकर मुस्लिमों में हर्षोल्लास का माहौल है। हर कोई ईद की तैयारियों में जुटा हुआ है। रोजेदार पूरे महीने रोजा रखने के बाद इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 21 मार्च को ईद-उल-फितर के दिन लोग सुबह ईदगाह या मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।

Eid-ul-Fitra is a symbol of mutual brotherhood, love and unity

नमाज के बाद मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोग अपने घर-परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ मिलकर इस त्योहार को खुशी-खुशी मनाते हैं। ईद-उल-फितर को ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में खीर, सेवइयां और कई तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं। लोग एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई देते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना है।

इसी महीने में कुरान शरीफ का नाजिल (अवतरण) हुआ था, जिसे लैलतुल कद्र की पवित्र रात से जोड़ा जाता है। इसी वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजे रखते हैं। ईद का यह मुबारक दिन आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का प्रतीक है। इस दिन लोग गिले-शिकवे भुलाकर अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।

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If you urinate shortly after drinking water, it could be a sign of illness

Health Care: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है और किडनी सही तरीके से वर्क करती है, लेकिन कई लोगों को यह समस्या होती है कि पानी पीने के कुछ ही समय बाद उन्हें बार-बार पेशाब करने की समस्या से जुझना पड़ता है।

पानी पीने के तुरंत बाद पेशाब आने की वजह

डॉक्टर का कहना है कि हम सबको सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि पानी के बाद पेशाब आना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। जब आप ज्यादा मात्रा में पानी या कोई भी अन्य पेय पदार्थ लेते हैं, तो इससे किडनी का काम फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है। अगर आप कम वक्त में बहुत ज्यादा पानी का सेवन करते हैं तो स्वाभाविक रूप से बार-बार पेशाब आ सकता है। अलावा इसके ठंड का मौसम, कैफीन का सेवन या कुछ दवाइयां भी पेशाब की मात्रा में इजाफा कर सकती है।

ओवरएक्टिव ब्लैडर- किसी कारण से अगर आपको बिना ज्यादा पानी पिए भी बार-बार पेशाब आने की परेशानी हो रही है, तो यह ओवरएक्टिव ब्लैडर का संकेत हो सकता है। इसमें मूत्राशय की कोशिकाएं अधिक एक्टिव हो जाती हैं। इससे बार-बार पेशाब आता है।

डायबिटीज– बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का भी एक शुरुआती लक्षण हो सकता है। पानी पीने के बाद पेशाब आ रहा है और प्यास भी लग रही है तो एक बार डॉक्टर की सलाह पर डायबिटीज टेस्ट जरूर करवाएं।

यूरिन इन्फेक्शन- अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, दर्द या पेशाब में गंध की समस्या हो रही है, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का संकेत हो सकता है।

किडनी से जुड़ी समस्या- कुछ मामलों में किडनी से जुड़ी समस्याओं के कारण भी बार-बार पेशाब आ सकता है। किडनी शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है।

ज्यादा पेशाब आने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

If you urinate shortly after drinking water, it could be a sign of illness

डॉक्टर का कहना है कि पानी पीने के बाद कुछ समय बाद ही आपको कुछ लक्षण खुद में नजर आते हैं, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

  1. हर 10- 15 मिनट में पेशाब आना
  2. पेशाब करते समय जलन या दर्द
  3. पेशाब में यूरिन के साथ खून आना
  4. पेशाब करते समय पीठ में दर्द रहना
  5. बार-बार प्यास लगना
  6. रात में कई बार पेशाब के लिए उठना

कैसे बचें बार-बार पेशाब आने की समस्या से ?

  • बार-बार पेशाब की समस्या से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
  • पानी एक साथ ज्यादा मात्रा में न पिएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं
  • चाय और कॉफी जैसे ड्रिंक जिसमें कैफीन होता है, उसका सेवन सीमित मात्रा में करें।
  • रात को सोने से पहले ज्यादा मात्रा में पानी पीने से बचें।
  • खाने में तरल पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करने की कोशिश करें।

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