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Tag Archives: Masakalii

First Time Sex

Thyroid Affects:आजकल के गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से थायराइड प्रॉब्लम लोगों में आम बात हो गई है। बता दें कि थायराइड एक तितली के साइज की ग्रंथि होती है, जो गर्दन के भीतर मौजूद होती है। यह ग्लैंड थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर के मेटाबॉलिक रेट और एनर्जी लेवल को नियंत्रित करता है। जब थायराइड ग्लैंड अपना काम ठीक से करना बंद कर देती है, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म की समस्या होती है। थायराइड की बीमारी होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से तेजी से वजन में बदलाव, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स, मसल्स में दर्द, कब्ज, स्किन ड्राई होना और बाल गिरने जैसी समस्याएं हो सकती है। अलावा इसके थायराइड की समस्या का असर सेक्स लाइफ पर भी पड़ता सकता है। आइए जानते हैं थायराइड के कारण सेक्स लाइफ कैसे प्रभावित होती है-

कैसे प्रभावित करता है महिलाओं की सेक्स लाइफ को थायराइड-

A Strong relationship needs regular sex

हाइपोथायरायडिज्म या कम सक्रिय थायरॉयड के कारण अक्सर थकान, अवसाद और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। अत्यधिक थकान या कमजोरी के कारण महिला की सेक्स ड्राइव प्रभावित हो सकती है। इससे यौन इच्छा में बदलाव हो सकता है और यौन क्रिया में कमी भी आ सकती है। अलावा इसके, हाइपोथायरायडिज्म के कारण योनि में सूखापन हो सकता है। दरअसल, थायराइड की समस्या की वजह से वजाइनल ल्युब्रीकेंट कम हो जाता है। यह यौन गतिविधि को असुविधाजनक या यहां तक ​​कि दर्दनाक बना सकता है।

वहीं दूसरी तरफ, हाइपरथायरायडिज्म या अतिसक्रिय थायराइड के कारण चिंता, बेचैनी, एंग्जायटी और सोने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन सभी समस्याओं का सेक्स लाइफ पर बुरा असर पड़ता है। इसके कारण यौन इच्छा में कमी आ सकती है और इंटिमेसी भी प्रभावित होती है। जब आप थायरॉयड विकार से पीड़ित होते हैं, तो आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है। यह आपकी कामेच्छा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

क्या है इलाज?

अगर कोई लेडी इन समस्याओं का सामना कर रही है, तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। दवाओं और उचित उपचार से थायरॉयड के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हार्मोनल संतुलन बनाए रखा जा सकता है और ऊर्जा के स्तर में सुधार किया जा सकता है। इसके अलावा, अपनी भावनाओं और समस्याओं के बारे में अपने साथी के साथ खुलकर बात करें। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा और आपका पार्टनर उपचार प्रक्रिया के दौरान आपको भावनात्मक समर्थन प्रदान कर सकता है। ध्यान रखें कि थायराइड का समय पर इलाज किया जाए और इसे दवाओं से कंट्रोल में रखा जाए, तो लगभग सभी सेक्स प्रॉब्लम आसानी से दूर हो सकती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

If you want to look stylish in New Year Party

New Year Party Makeup: नया साल दस्तक दे रहा है ऐसे में पार्टी सीजन में सबसे स्टाइलिश और खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां पहले से कपड़ो से लेकर फुटवियर और ज्वेलरी तक की खरीदारी कर लेती हैं। लेकिन नए साल पर सिर्फ कपड़ों से कोई खास प्रभाव नहीं हो पाता, इसके लिए फेस पर ग्लो भी अहम रोल अदा करता है। मेकअप आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है, आपकी सुंदरता में चार चांद लगाता है और पार्टी में आपको अलग व खास बना सकता है। न्यू ईयर पार्टी के लिए जाना है तो तैयार होने के लिए कुछ मेकअप टिप्स को फॉलो करें। जरूरी है ऐसा मेकअप, जो आपकी रियल खूबसूरती को उभार दे।

हालांकि ज्यादा मेकअप चेहरे को ढक देता है, जबकि सही मेकअप चेहरे के एक्सप्रेशन को और निखार देता है। अगर आप चाहती हैं कि लोग आपके लुक की जमकर तारीफ करें तो नए साल की पार्टी के लिए इस तरह के मेकअप गाइड को अपनाएं।

नया साल पर पार्टी मेकअप गाइड स्टेप्स

स्टेप- 1. मेकअप के लिए स्किन को करें तैयार

If you want to look stylish in New Year Party

पार्टी मेकअप से पहले फेस अच्छी तरह क्लीन करें। स्किन टाइप के मुताबिक मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं। हल्का प्राइमर लगाकर बेस को स्मूद बनाएं। ध्यान रखें, मेकअप तभी अच्छा दिखता है, जब स्किन हेल्दी हो।

स्टेप 2- बेस मेकअप

बेस मेकअप कम लगाएं पर सही लगाएं। फाउंडेशन की जगह बीबी या सीसी क्रीम बेहतर विकल्प है। कंसीलर सिर्फ डार्क सर्कल और दाग पर लगाएं। ज़्यादा पाउडर लगाने से बचें, वरना चेहरा फ्लैट दिखेगा।

स्टेप 3- ऐसे करें आई मेक अप्लाई

ये पार्टी लुक को इन्हेंस करता है। सॉफ्ट शिमर आई मेकअप अपना सकते हैं। पार्टी के लिए ब्रॉन्ज, गोल्ड या पीच आईशैडो को अप्लाई करें। पतली विंग्ड आईलाइनर और मस्कारा आपकी आंखों को खूबसूरत बना सकता है। भारी नकली लैश से बचें, नेचुरल ही प्यारा लगता है।

स्टेप 4- ब्लश और हाइलाइट

If you want to look stylish in New Year Party

ये चेहरे में जान डाल देते हैं। इसके लिए पीच या रोज ब्लश लगाएं। गालों के अपर बोन पर हल्का सा हाइलाइटर लगाएं। ज़्यादा चमक से बचें, नहीं तो फोटो खराब आएंगी।

स्टेप 5- लिपस्टिक लगाने लगाते वक्त रखें ध्यान

ऐसी लिपस्टिक लगाएं जो आपकी पर्सनैलिटी को जाहिर करें। पार्टी में न्यूड पिंक, बेरी या सॉफ्ट रेड शेड लिपस्टिक लगाएं। बहुत डार्क लिपस्टिक तभी अप्लाई करें, जब आई मेकअप हल्का हो। ग्लॉस सिर्फ़ सेंटर में लगाएं।

हेयर स्टाइल

मेकअप और पूरे लुक को पूरा करने के लिए हेयर स्टाइल पर भी फोकस करना जरूरी है। ओपन वेव्स और सॉफ्ट मेकअप सबसे सेफ विकल्प है। हाई बन बना रही हैं तो बोल्ड लिप एलिगेंट लुक देगा।

पार्टी मेकअप में ऐसी गलतियां से बचें

  1. पार्टी से ठीक पहले कोई नया प्रोडक्ट ट्राय न करें।
  2. मेकअप करते समय बहुत मोटा फाउंडेशन न लगाएं।
  3. मेकअप के पहले या बाद में स्किन केयर को भूले नहीं।
  4. आंख और होंठ दोनों को मेकअप से बहुत बोल्ड न करें। अगर हैवी हाई मेकअप है तो लिप्स शेड हल्का होना चाहिए।
  5. अक्सर लोग चेहरे पर फाउंडेशन या मेकअप अप्लाई करते हैं लेकिन गर्दन पर नहीं। जिससे गर्दन और चेहरे का शेड मैच नहीं होता है।

 

फोटो सौजन्य- गूगल

Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

Libido: कामेच्छा की कमी आधुनिक जीवनशैली में कई लोगों की समस्या बन चुकी है। लोगों की लाइफस्टाइल में तनाव, एंग्जायटी, अनहेल्दी इटिंग और लगातार भागदौड़ के बीच उनकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ पर भी प्रभाव पड़ता है और आहिस्ता-आहिस्ता लोगों में सेक्स करने की इच्छा में कमी आने लगती है। लंबे वक्त तक कमेच्छा में कमी की समस्या की वजह से लोगों की शादीशुदा जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है और इससे रिश्तों में गैप बढ़ जाता है। हालांकि, कई बार लोग कमेच्छा बढ़ाने के लिए दवाओं का सहारा भी लेते हैं। पर, इन दवाओं के दुष्प्रभाव होते हैं जो लंबे वक्त तक दिखायी दे सकते हैं।

ऐसे में दवाओं के बिना नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और किस तरह की सावधानियां बरतने से कामेच्छा की कमी दूर हो सकती है।

नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के उपाय क्या हैं?

Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है और हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए कामेच्छा काफी अहम है। अगर आपकी कामेच्छा कम है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको खास कर तीन स्टेजेस पर काम करना होगा। ये स्टेज हैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर।

शारीरिक स्तर पर कामेच्छा बढ़ाने के लिए डाइट में बदलाव जरूरी

अच्छी डाइट हेल्दी शरीर और हेल्दी लिबिडो लेवल के लिए भी जरूरी है। आप अपनी कम कमेच्छा की समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में बदलाव करें। अपनी डेली डाइट में बदलाव करें। आप जिंक और एल-आर्जिनिन जैसे तत्वों से भरपूर फूड्स जैसे- बींस, सीड्स, लॉब्स्टर्स और प्याज जैसी चीजों का सेवन करें।

कामेच्छा बढ़ाने के लिएआप चॉकलेट, अनार, एवोकाडो, ग्रीन टी, पम्पकिन सीड्स और तरबूज जैसे फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

इन सबके साथ आप प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें क्योंकि, प्रोसेस्ड फूड्स आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और लिबिडो भी कम करते हैं।

रोजाना करें एक्सरसाइज

रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। आप मसल्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज, कार्डियाक एक्सरसाइज करें। आप रोजाना योगाभ्यास कर सकते हैं और मेडिटेशन का भी अभ्यास करें। इससे आपको कामेच्छा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नींद की कमी ना होने दें

Libido: 3 home remedies to increase libido without medication

इन सबके अलावा रोजाना 6-7 घंटे की गहरी नींद सोएं। इससे आपका तनाव कम होगा और कामेच्छा बढ़ाने में भी आसानी होगी।

अपनी बीमारियों को करें मैनेज

अगर आपको हाइपटेंशन, मोटापा या अन्य किसी प्रकार की पुरानी स्वास्थ्य समस्या या क्रोनिक डिजिज है तो उसे मैनेज करें और नियंत्रित रखने के लिए जरूरी उपाय करें।

इन आदतों से बचें

अल्कोहल का सेवन करते हैं तो उसे धीरे-धीरे बंद कर दें। इसी तरह स्मोकिंग से भी कामेच्छा कम होती है इसीलिए, आप अपनी धूम्रपान की आदत छोड़ दें।

इंटीमेसी के लिए निकालें कीमती समय

अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच अपने पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें। अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और अपनी रिलेशनशिप की अच्छी बातों को याद करें। इससे आपकी रिलेशनशिप में नयी जान आएगी और आपको अपने पार्टनर से इमोशनली कनेक्ट कर पाने में भी मदद होगी।

फोटो सौजन्य- गूगल

The secret to Tamannaah's soft and glowing beauty lies in a face mask

नेचुरल इंग्रीडिएंट के इस्तेमाल से निखरती है खूबसूरती

Tamanna Bhatia दक्षिण फिल्म इंडस्ट्री में मिल्की ब्यूटी के नाम से जानी जाती है। इसके कारण तमन्ना की सॉफ्ट और ग्लोइंग त्वचा। तमन्ना की त्वचा क्लिन और हेल्दी ग्लो वाली है। अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए तमन्ना अपने स्किन केयर रूटीन का बहुत ज्यादा ख्याल रखती हैं। तमन्ना केमिकलयुक्त प्रॉडक्ट्स और ट्रीटमेंट से दूर रहते हुए नेचुरल इंग्रीडिएंट का प्रयोग करती हैं।

नेचुरल इंग्रीडिएंट्स हैं पसंद

The secret to Tamannaah's soft and glowing beauty lies in a face mask

घर में मिलने वाली आम चीजों की मदद से फेस पैक बनाती हैं तमन्ना और अपनी स्किन पर उन्हें इस्तेमाल करती हैं। बता दें कि ये नेचुरल इंग्रीडिएंट कई पीढ़ियों से भारतीय महिलाओं की पहली पसंद रही हैं और उन्हें इन इंग्रीडिएंट्स पर काफी विश्वास रहा है। आइये जानते हैं कि तमन्ना भटिया अपनी स्किन पर कौन सी चीजें अप्लाई करती हैं-

बेसन का फेस पैक

The secret to Tamannaah's soft and glowing beauty lies in a face mask

दो चम्मच बेसन, दो चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाएं। सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बना लें। फिर इस पैक को अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं। जब फेस पैक सूख जाता है तो अपना चेहरा ठंडे पानी से धो लें।

कॉफी-चंदन का फेस पैक

इस फेस पैक को बनाने के लिए 02 चम्मच चंदन पाउडर, 2 चम्मच कॉफी पाउडर और 2 चम्मच शहद की जरूरत पड़ती है। इन सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बनाएं। इस फेस पैक को आप अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट के बाद आप इसे चेहरे से साफ कर दें।

स्किन के लिए बेसन के फायदे

The secret to Tamannaah's soft and glowing beauty lies in a face mask

बेसन चने के आटे से तैयार होता है। इसमें चने के गुण पाए जाते हैं। बेसन लगाने से स्किन पर निखार आता है। यह पिम्पल्स की समस्या से आराम दिलाता है और स्किन टैनिंग को भी साफ करता है।

स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग के लिए तमन्ना का हेल्दी डाइट

स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग रखने के लिए तमन्ना अपनी डाइट पर खास ध्यान देती हैं। वे ब्रोकोली का सलाद खाती हैं और एवोकाडो भी उनकी डाइट में रहता ही है। इन सबके साथ तमन्ना को रोजाना 8-10 गिलास पानी पीने की आदत है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Never ignore these 5 symptoms of kidney infection

Kidney इंफेक्शन के क्या हैं लक्षण-

क्या आपको मालूम है कि किडनी इंफेक्शन क्यों और कैसे होता है? आखिर इस इंफेक्शन के Symptom क्या हैं? बता दें कि किडनी संक्रमण मूत्राशय के संक्रमण से शुरू होता है और फिर एक या दोनों किडनी तक अपनी पहुंच बना लेता है। किडनी इंफेक्शन किसी भी व्यक्ति को हो सकता है लेकिन महिलाओं में किडनी इंफेक्शन सबसे आम है। जिनको भी किडनी में पथरी होती है उनमें भी किडनी इंफेक्शन खतरा अधिक रहता है। इसके कारण आपको फीवर आ सकता हैऔर ठंड लग सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण आपको यूरीन डिस्चार्ज करते समय जलन हो सकती है। किडनी इंफेक्शन का वक्त पर इलाज करवाना काफी अहम होता है, नहीं तो किडनी फेलियर होने का चांस बढ़ जाता है।

क्या हैं किडनी इंफेक्शन के संकेत

पेशाब करते समय जलन महसूस होना

Frequent urination at night can be a sign of serious illness, a look at the dangers

किडनी इंफेक्शन होने पर आपको पेशाब से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जब किडनी इंफेक्शन होता है, तो बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से पेशाब में जलन हो सकती है और पेशाब करते वक्त दर्द महसूस हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है तो पेशाब में झाग आ सकता है और पेशाब में खून भी निकल सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण पेशाब में बदबू भी आ जाती है।

किडनी इंफेक्शन होने पर आपको पेशाब से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जब किडनी इंफेक्शन होता है, तो बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से पेशाब में जलन हो सकती है और पेशाब करते वक्त दर्द महसूस हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है, तो पेशाब में झाग आ सकता है और पेशाब में खून भी निकल सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण पेशाब में बदबू भी आ जाती है।

अचानक से बुखार आना

एकाएक बुखार का आना और कंपकंपी फील होना भी किडनी इंफेक्शन का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अगर आपको अचानक से बुखार आने के साथ ही, कंपकंपी भी महसूस हो तो एक बार किडनी का टेस्ट जरूर करवाएं। हालांकि, बुखार और कंपकंपी होना सिर्फ किडनी इंफेक्शन का संकेत नहीं होता है। इसलिए आपको एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।

पीठ और कमर में दर्द होना

Never ignore these 5 symptoms of kidney infection

किडनी इंफेक्शन की वजह से कमर और पीठ में भी दर्द हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है, तो पीठ के निचले हिस्से या कमर में दर्द हो सकता है। यह दर्द एक तरफ या दोनों तरफ महसूस हो सकता है। इसलिए अगर आपको कमर में दर्द की समस्या रहती है, तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह संकेत किडनी इंफेक्शन का हो सकता है। इसलिए अगर आपको लंबे समय से कमर या पीठ में दर्द हो रहा है, तो एक बार केएफटी जरूर कराएं।

रह रहकर जी मिचलाना

किडनी में इंफेक्शन होने पर आपको उल्टी आना और जी मिचलाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि, कई अन्य कारणों से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको अचानक से उल्टी आ रही है या जी मिचलाने की समस्या हो रही है तो एक बार डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।

थकान और कमजोरी महसूस होना

किडनी में इंफेक्शन होने पर शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है। इसके कारण आपको थकान और कमजोरी का अनुभव हो सकता है। किडनी इंफेक्शन की वजह से आप अनहेल्दी महसूस कर सकते हैं। आपको हर समय बीमार वाली फिलिंग्स हो सकती है।

फोटो सौजन्य- गूगल

These home remedies can help reduce vaginal dryness in winter.

Vaginal Dryness:

सर्दियों में खासकर बहुत-सी महिलाओं को वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या होती है। योनि में सूखापन बढ़ने से इरिटेशन महसूस होती है। वहीं, इससे महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द भी महसूस होता है। वेजाइनल ड्राइनेस की वजह से खुजली और तेज सेंसेशन या जलन जैसी परेशानियां भी महिलाओं को महसूस हो सकती हैं। वहीं, कुछ मामलों में सेक्स के बाद ब्लीडिंग की समस्या भी देखी जाती है। वेजाइनल ड्राइनेस एक तकलीफभर कंडीशन और सर्दियों में यह समस्या बार-बार होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में वेजाइनल हेल्थ को मेंटेन करने और खुद का ख्याल रखना महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

गायनोकॉलोजिस्ट के मुताबिक वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या से बचाव को लेकर सलाह दी।

वेजाइनल ड्राइनेस के कारण क्या हैं?

 

हार्मोन्स का प्रभाव

These home remedies can help reduce vaginal dryness in winter.

शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन्स का लेवल कम हो जाने से वेजाइना में ड्राइनेस बढ़ सकती है। महिलाओं में प्रेगनेंसी, मेनोपॉज और बेस्टफीडिंग के दौरान एस्ट्रोजेन का स्तर कम हो सकता है।

दवाओं के साइड-इफेक्ट्स

डिप्रेशन और कैंसर के इलाज के दौरान दी जाने वाली दवाओं और एंटीहिस्टामाइन गोलियों (antihistamines tablet) के साइड-इफेक्ट्स के कारण भी वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।

ये हैं बीमारियां

किसी पुरानी ऑटोइम्यून बीमारी, सिंड्रोम और डायबिटीज जैसी बीमारियों के कारण भी वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।

लाइफस्टाइल से जुड़ी वजह

स्मोकिंग, स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से भी इस तरह की समस्याए बढ़ सकती हैं।

वेजाइनल ड्राइनेस की समस्या से बचने के उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट के अनुसार, वेजाइनल ड्राइनेस और इंटीमेसी के दौरान होनेवाली तकलीफों को सही अप्रोच और कुछ सावधानियों की मदद से कम किया जा सकता है। हाइड्रेटेड रहकर, शरीर में हार्मोनल बैलेंस बनाकर, वॉटर बेस्ड लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करने के अलावा सेक्स से पहले फोर प्ले की मदद लेने से ये समस्याए कम हो सकती हैं।

हालांकि, अगर इन सबके बाद भी आपको दर्द और योनि में सूखापन की समस्या बनी रहती है तो किसी स्पेशलिस्ट की सलाह लें।

वेजाइनल ड्राइनेस के घरेलू और नेचुरल उपचार (Home remedies for treating Vaginal Dryness problem)

दही का ऐसे करें सेवन

दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक है। प्रोबायोटिक्स गट में हेल्दी बैक्टेरिया (Healthy bacteria in Gut) को बढ़ाने का काम करते हैं। इससे आपका डाइजेशन भी सुधरता है। प्रोबायोटिक्स वेजाइनल हेल्थ को भी बेहतर बनाते हैं। ये संक्रमण के रिस्क को कम करने के साथ-साथ ड्राइनेस की समस्या से भी बचाते हैं। वहीं, प्रोबायोटिक्स आपके ब्लैडर को भी हेल्दी रखते हैं।

दही के अलावा पनीर, अचार और किमची (Kimchi) का भी सेवन आप प्रोबायोटिक्स के लिए कर सकती हैंय़

विटामिन E रिच फूड्स खाएं 

शरीर को अगर सही मात्रा में विटामिन ई प्राप्त होता है तो इससे वेजाइनल लुब्रिकेशन भी बढ़ जाता है। इससे योनि में ड्राइनेस की समस्या कम होती है। विशेषकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में वेजाइनल ड्राइनेस की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में महिलाएं अपनी डाइट में विटामिन ई रिच फूड्स जरूर शामिल करें।

एवोकाडो, फ्लैक्सीड्स और पम्पकिन सीड्स के अलावा अंडे, फिश और शकरकंद में विटामिन ई (Vit E) पाया जाता है।

 हमेशा हाइड्रेटेड रहें

वेजाइनल ड्राइनेस से बचने का एक सबसे आसान तरीका है हाइड्रेशन। अगर आप सही मात्रा में पानी पीती हैं तो इससे वेजाइनल ड्राइनेस से बचने में आसानी हो सकती है। इसीलिए, रोजाना 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं। सर्दियों के मौसम में लिक्विड इंटेक बढ़ाने के लिए आप गर्म सूप, दाल का पानी, नारियल पानी और फल-सब्जियों के जूस भी पी सकती हैं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Your child will sleep soundly as soon as he goes to bed

Sleep Benefits: बच्चों के फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट के मद्देनजर भरपूर नींद बहुत ही जरूरी है। जल्दी सोने और जल्दी उठने से बच्चों में अनुशासन आता है और वे स्वस्थ्य रहते हैं। इससे बच्चों की इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। बचपन से बच्चों का एक टाइम सेट करें, उसके मुताबिक ही बच्चों को जागना, सोना, पढ़ना, खेलना सिखाएं। हालांकि ज्यादतर माता-पिता इन बातों पर अपने बिजी शेड्यूल की वजह से ध्यान नहीं दे पाते हैं। पेरेंट्स खुद रात में देर से सोते हैं और बच्चे भी उन्हीं के साथ सोना पसंद करते हैं, ऐसे में उनका बेड टाइम भी लेट हो जाता है। पर साधारण से लगने वाली ये बात गंभीर है। इसलिए बच्चों को वक्त पर सोने और उठने की आदत डालें। कुछ तरीके आपके लिए बेहद कारगर हो सकते हैं-

लेट नाइट डिनर से बचें

अगर आप चाहते हैं कि बच्चा समय पर सो जाए तो आप लेट नाइट डिनर से बचें। रात 08 बजे से पहले आप डिनर कर लें। डिनर और बच्चों के सोने के समय में कम से कम 02 से 03 घंटे का गैप होना जरूरी। ऐसा करने से एसिड रिफ्लक्स और पाचन संबंधी अन्य समस्याएं नहीं होंगी।

स्क्रीन टाइम पर दें कम रखें

Your child will sleep soundly as soon as he goes to bed

आमतौर पर बच्चे माता-पिता के साथ देर तक टीवी या फिर मोबाइल देखते हैं। लेकिन यह पेरेंट्स की बड़ी भूल है। स्क्रीन की ब्लू लाइट बच्चों के साथ ही बड़ों की नींद में खराब करती है। इसलिए सोने से कम से कम 1 घंटे पहले बच्चे को स्क्रीन से दूर रखें।

चीनी और कैफीन की मात्रा कम दें

बच्चों को हमेशा चीनी और कैफीन से दूर रहना चाहिए पर ज्यादातर बच्चे सोने से पहले दूध पीते हैं, जिसमें कॉफी या फिर चॉकलेट पाउडर आदि भी डाला जाता है। लेकिन चीनी और कैफीन दोनों ही नींद के दुश्मन हैं। इससे बेड पर जाने से ठीक पहले बच्चों को दूध न दें। बच्चों को दूध देने का बेस्ट टाइम शाम 4 से 6 के बीच है। उसी समय उन्हें दूध दें।

सोने का रूटीन बनाएं

Your child will sleep soundly as soon as he goes to bed

सोने से कम से कम 30 मिनट पहले इसका एक रूटीन सेट करें। किताबें पढ़कर बच्चों को सुनाएं, कहानियां सुनाएं, लोरी गाएं। इनसे बच्चा मेंटली और फिजिकली सोने के लिए तैयार होगा। वहीं बच्चों को सुलाने से पहले उनके साथ खेलने या फिर हंसी मजाक करने जैसी एक्टिविटी न करें। इससे बच्चे का माइंड एक्टिव रहेगा और वो सोना ही नहीं चाहेगा।

रात में बनाएं सोने का माहौल

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा गहरी और अच्छी नींद ले तो उसे अच्छा नींद का माहौल दें। कमरे को साफ करें, बेडशीट या तो चेंज करें या फिर उसे फिर से ठीक से बिछाएं, कमरे की रोशनी धीमी करें, पर्दे अच्छे से लगाएं। बच्चों को नाइट वियर जरूर पहनाएं। ये उनकी नाइट रूटीन का हिस्सा होने चाहिए। उन्हें नहलाकर या फिर हाथ मुंह वॉश करके क्रीम और पाउडर लगाएं। इससे वे रिलैक्स होंगे। इसी के साथ कमरे का टेंपरेचर बच्चों के अनुसार सेट करें। इससे बच्चे को पता चल जाएगा कि अब सोने का समय है और वे गहरी नींद सो पाएंगे। इतना ही नहीं उनकी नींद बीच-बीच में टूटेगी नहीं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Bollywood's King Khan also posted an emotional post remembering Dharam ji

Dharmendra:

सिनेमा जगत के हीमैन का निधन हो गया। वह 12 नवंबर को ही अस्पताल से घर लौटे थे। धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद से घर पर ही उनका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा था। उनका सोमवार को मुंबई के विले पार्ले में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए शोले के जय यानी अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, सलमान खान, आमिर खान, शबाना आजमी और अनिल कपूर समेत की दिग्गज सितारे पहुंचे। श्मशान घाट पर धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल और पोते करण देओल को काफी इमोशनल देखा गया।

Dharmendra's family has put an end to the rumours about his health after being on a ventilator

बॉलीवुड के किंग खान ने भी धरम जी को याद करते हुए पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘मेरे लिए आप सिर्फ एक महान कलाकार नहीं, एक पिता जैसे मार्गदर्शक थे।’

हेमा मालिनी की भी आंखें नम थीं। धर्मेंद्र और हेमा ने 1980 में शादी की थी और आखिर 45 साल बाद दोनों को साथ छूट गया। धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब के साहनेवाल गांव में हुआ था। 65 साल के करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और वह हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रखते हैं। धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू किया और साल 1960 के दशक में पॉपुलर हो गए। उनका आई मिलन की बेला, फूल और पत्थर और आए दिन बहार के.. ने उन्हें इस दशक में रातोंरात लोकप्रियता दिलाई। वहीं उन्हें हीमैन का दर्जा दिया गया, जो आज भी कायम है। उनकी फिल्में शोले से लेकर यमला पगला दीवाना तक सभी फिल्में फैंस की फेवरेट रही हैं। धर्मेंद्र ने शोले, धर्मवीर, चुपके-चुपके, मेरा गांव मेरा देश और ड्रीम गर्ल जैसी कई यादगार फिल्में दीं।

हाल ही में वो शाहिद कपूर-कृति सेनन की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में नजर आए थे। अब वो जल्द ही अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ में दिखेंगे, जो इस साल 25 दिसंबर को रिलीज होगी। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें धर्मेंद्र को शानदार अंदाज देखने को मिला।

 

Mental Health: Parents yelling at children has a serious impact on their minds

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कई पैरेंट्स छोटी-मोटी बात पर आपस में चिल्लाने लगते हैं या वह बच्चों पर गुस्सा करने लगते हैं, जो सभी को आम बात लगती है। दिनभर की थकान, काम का टेंशन और बच्चों की शरारतें सब मिलकर कभी-कभी पैरेंट्स को चिल्लाने पर मजबूर कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार गुस्सा या चिल्लाने से बच्चों के दिमाग और भावनाओं पर गंभीर असर पड़ता है?

शायद आपको तुरंत इसका पता ना चले लेकिन घर पर बच्चों के साथ होने वाली कसकर चिल्लाने से छोटे व बड़े दोनों उम्र के बच्चों के दिमाग पर असर डालती है। साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक गुस्से में चिल्लाने पर बच्चे का मस्तिष्क डर और तनाव की स्थिति में चला जाता है। उनके शरीर में कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन बढ़ जाता है। लंबे वक्त तक यह हार्मोन ज्यादा रहने से बच्चे में चिंता, अवसाद और सीखने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों पर उनकी उम्र के हिसाब से प्रभाव

छोटे बच्चे का मस्तिष्क अभी विकसित हो रहा होता है, इसलिए चिल्लाना उन्हें बहुत डराता है और वे सहज रूप से सीख नहीं पाते। वहीं, किशोरावस्था में लगातार डांट और चिल्लाना उनके आत्म-सम्मान, कॉन्फिडेंस और सामाजिक व्यवहार को डिस्टर्ब कर सकता है।

चिल्लाने की जगह ये करें

Mental Health: Parents yelling at children has a serious impact on their minds

  • संयम बनाएं- गुस्से में फौरन चिल्लाने की बजाय पहले खुद शांत होना जरूरी।
  • सकारात्मक भाषा अपनाएं- बच्चों को डांटने की बजाय समझाने की कोशिश करें।
  • मिसाल के तौर पर- बच्चा होमवर्क नहीं करता? चिल्लाने की बजाय उसके साथ बैठकर कारण समझें और हल खोंजे।
  • प्रोत्साहन दें- छोटी छोटी अच्छी आदतों और प्रयासों को सराहें। इससे बच्चा ज्यादा आत्मविश्वासी बनता है।

माता-पिता के लिए खास टिप्स

खुद के तनाव को पहचाने- अगर आप तनाव में हैं, तो गुस्से को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। शांत होने के तरीके अपनाएं-गहरी सांस लें, ध्यान करें, थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें या थोड़ा समय अकेले बिताएं।

संवाद बनाएं, आदेश नहीं- बच्चों से बात करें, उन्हें समझाएं कि गलती सुधारने का मौका है।

चिल्लाने के नुकसान

  1. बच्चों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
  2. उनकी सोचने और सीखने की क्षमता पर असर पड़ता है।
  3. लंबे वक्त में भावनात्मक समस्याएं और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है।
  4. सामाजिक जीवन और रिश्तों में भी असर दिखाई दे सकता है।

सबसे अहम बात

Mental Health: Parents yelling at children has a serious impact on their minds

डॉक्टर के अनुसार बच्चों के लिए प्यार और सुरक्षा की भावना सबसे अहम है। जब हम गुस्से में चिल्लाते हैं तो वे सिर्फ डर महसूस करते हैं और सीखने या सोचने की जगह बचने पर ध्यान देते हैं।
इसलिए हर बार गुस्सा आने पर एक गहरी सांस लें और बच्चों के साथ संवेदनशील, प्यार सा और सकारात्मक संवाद करें। चिल्लाना तात्कालिक राहत दे सकता है पर लंबे समय में यह बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को प्रभावित करता है। संयम, समझदारी और मोहब्बत से बच्चों को समझाना उन्हें हेल्दी, खुशहाल और आत्मविश्वासी बनाता है।

हाइलाइट्स-

आपका बच्चों के साथ कैसा व्यावहार करते हैं,इसका बच्चे के दिमाग पर सीधा असर पड़ता है। चिल्लाने से बच्चे के मन में डर पैदा हो जाता है।
बच्चों पर चिल्लाने के बजाय प्यार से बात करें और कूल होकर समझाएं।

फोटो सौजन्य- गूगल

Dharmendra's family has put an end to the rumours about his health after being on a ventilator

Dharmendra Health: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत के मद्देनजर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरों के बीच, उनके परिवार और सनी देओल की टीम की ओर से आई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

देओल परिवार के अनुसार धर्मेंद्र की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उनकी हालत में सुधार जारी है। आइये जानते हैं कि एक्टर धर्मेंद्र के साथ अस्पताल में कौन-कौन है और उनकी तबीयत में कितना सुधार है? 89 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के लिए जाने जाते हैं और डॉक्टरों ने उनकी हालत को स्थिर बताया है। धर्मेंद्र की देखभाल एक्सपर्ट डॉक्टर की टीम की निगरानी में की जा रही है। वहीं, उनके परिवार के सभी सदस्य हेमा मालिनी सनी देओल और बॉबी दओल अस्पताल में मौजूद हैं। धर्मेंद्र के फैंस और इंडस्ट्री के साथी सितारे लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #GetWellSoonDharmendra ट्रेंड कर रहा है और देशभर में दुआओं का सिलसिला जारी है।

परिवार ने झूठी खबरों का किया खंडन

धर्मेंद्र के परिवार ने अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। सनी देओल की टीम ने कहा कि वे रिकवर कर रहे हैं और इलाज का असर हो रहा है। आइए हम सब उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करें। टीम ने यह भी बताया कि वह लगातार मीडिया से संपर्क में हैं और धर्मेंद्र की तबीयत पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर रोक लगाने की अपील की है।

बता दें कि धर्मेंद्र की तबीयत को लेकर झूठी खबरें सोशल मीडिया पर रातोंरात फैल गई थीं। इन खबरों को देखकर कई नामी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने भी श्रद्धांजलि संदेश साझा कर दिए, लेकिन कुछ ही घंटों में धर्मेंद्र के परिवार ने इन खबरों का खंडन किया और कहा कि अभिनेता का इलाज चल रहा है।