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Tag Archives: Kidney

High blood pressure and diabetes cause severe damage to the kidneys

Blood Pressure-Diabetes: भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की परेशानी काफी ज्यादा हो चुकी है। यह दोनों ही, सबसे तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल डिजीज हैं। इन दोनों बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है पर जब ये लंबे वक्त तक कंट्रोल में नहीं रहते, तो सबसे अधिक असर किडनी पर पड़ता है। एक डॉक्टर का कहना है कि क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख वजहों में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सबसे आगे है। आइये जाने किडनी पर दोनों बीमारियों का क्या असर पड़ता है-

किडनी पर डायबिटीज का क्या है असर

डायबिटीज का असर आपकी किडनी पर पड़ सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के मुताबिक, डायबिटीज होने पर हमारे शरीर का ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ा हुआ रहता है। यह हाई शुगर धीरे-धीरे किडनी के छोटे-छोटे ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचाने लगता है। किडनी का मुख्य काम ब्लड को फिल्टर करना है। लेकिन जब ब्लड शुगर ज्यादा रहता है, तो यह फिल्टरिंग सिस्टम खराब होने लगता है और प्रोटीन जैसे जरूरी तत्व पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगते हैं। इस स्थिति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाता है

ब्लड प्रेशर बढ़ने की स्थिति में किडनी को नुकसान हो सकता है। नेशनल किडनी फाउंडेशन के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर किडनी की ब्लड वेसल्स पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लंबे समय तक यह दबाव किडनी की फिल्टरिंग क्षमता को कमजोर कर देता है। ऐसे में धीरे-धीरे किडनी ठीक से ब्लड को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे शरीर में टॉक्सिस पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसे हाइपरटेंसिव किडनी डिजीज कहा जाता है।

जब ब्लड प्रेशर और डायबिटीज साथ में हो, तो किडनी पर क्या पड़ता है असर

High blood pressure and diabetes cause severe damage to the kidneys

अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर दोनों होते हैं, तो किडनी पर डबल स्ट्रेस पड़ता है। यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि किडनी फंक्शन तेजी से गिरता है।इस स्थिति में प्रोटीन यूरिन में बढ़ जाता है और किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में कई बार डायलिसिस की भी जरूरत पड़ सकती है

किडनी डैमेज होने के शुरुआती लक्षण-

किडनी डैमेज धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं। इसके कुछ शुरुआती लक्षण निम्न हैं-

  1. शरीर में बार-बार थकान महसूस होना
  2. पैरों और चेहरे पर सूजन
  3. पेशाब में झाग आना
  4. भूख कम लगना
  5. ब्लड प्रेशर का लगातार बढ़ा रहना
  6. किडनी को ऐसे हालात में कैसे रखें सुरक्षित

डॉक्टर कै कहना कि सही समय पर कंट्रोल करके किडनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। बस इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-

  • ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें।
  • ब्लड प्रेशर को 120/80 के आसपास रखने की कोशिश करें।
  • नमक और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • समय-समय पर किडनी टेस्ट कराएं।
  • डॉक्टर की दवा नियमित रूप लें।
Never ignore these 5 symptoms of kidney infection

Kidney इंफेक्शन के क्या हैं लक्षण-

क्या आपको मालूम है कि किडनी इंफेक्शन क्यों और कैसे होता है? आखिर इस इंफेक्शन के Symptom क्या हैं? बता दें कि किडनी संक्रमण मूत्राशय के संक्रमण से शुरू होता है और फिर एक या दोनों किडनी तक अपनी पहुंच बना लेता है। किडनी इंफेक्शन किसी भी व्यक्ति को हो सकता है लेकिन महिलाओं में किडनी इंफेक्शन सबसे आम है। जिनको भी किडनी में पथरी होती है उनमें भी किडनी इंफेक्शन खतरा अधिक रहता है। इसके कारण आपको फीवर आ सकता हैऔर ठंड लग सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण आपको यूरीन डिस्चार्ज करते समय जलन हो सकती है। किडनी इंफेक्शन का वक्त पर इलाज करवाना काफी अहम होता है, नहीं तो किडनी फेलियर होने का चांस बढ़ जाता है।

क्या हैं किडनी इंफेक्शन के संकेत

पेशाब करते समय जलन महसूस होना

Frequent urination at night can be a sign of serious illness, a look at the dangers

किडनी इंफेक्शन होने पर आपको पेशाब से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जब किडनी इंफेक्शन होता है, तो बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से पेशाब में जलन हो सकती है और पेशाब करते वक्त दर्द महसूस हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है तो पेशाब में झाग आ सकता है और पेशाब में खून भी निकल सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण पेशाब में बदबू भी आ जाती है।

किडनी इंफेक्शन होने पर आपको पेशाब से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जब किडनी इंफेक्शन होता है, तो बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, इसकी वजह से पेशाब में जलन हो सकती है और पेशाब करते वक्त दर्द महसूस हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है, तो पेशाब में झाग आ सकता है और पेशाब में खून भी निकल सकता है। किडनी इंफेक्शन के कारण पेशाब में बदबू भी आ जाती है।

अचानक से बुखार आना

एकाएक बुखार का आना और कंपकंपी फील होना भी किडनी इंफेक्शन का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अगर आपको अचानक से बुखार आने के साथ ही, कंपकंपी भी महसूस हो तो एक बार किडनी का टेस्ट जरूर करवाएं। हालांकि, बुखार और कंपकंपी होना सिर्फ किडनी इंफेक्शन का संकेत नहीं होता है। इसलिए आपको एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए।

पीठ और कमर में दर्द होना

Never ignore these 5 symptoms of kidney infection

किडनी इंफेक्शन की वजह से कमर और पीठ में भी दर्द हो सकता है। जब किडनी इंफेक्शन शुरू होता है, तो पीठ के निचले हिस्से या कमर में दर्द हो सकता है। यह दर्द एक तरफ या दोनों तरफ महसूस हो सकता है। इसलिए अगर आपको कमर में दर्द की समस्या रहती है, तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह संकेत किडनी इंफेक्शन का हो सकता है। इसलिए अगर आपको लंबे समय से कमर या पीठ में दर्द हो रहा है, तो एक बार केएफटी जरूर कराएं।

रह रहकर जी मिचलाना

किडनी में इंफेक्शन होने पर आपको उल्टी आना और जी मिचलाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि, कई अन्य कारणों से भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको अचानक से उल्टी आ रही है या जी मिचलाने की समस्या हो रही है तो एक बार डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।

थकान और कमजोरी महसूस होना

किडनी में इंफेक्शन होने पर शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है। इसके कारण आपको थकान और कमजोरी का अनुभव हो सकता है। किडनी इंफेक्शन की वजह से आप अनहेल्दी महसूस कर सकते हैं। आपको हर समय बीमार वाली फिलिंग्स हो सकती है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Ashoka tree is said to be women friendly in Ayurveda, as well as it is rich in many medicinal properties.

हम अक्सर अशोक के पेड़ को पार्क में, अपने घरों में, ऑफिस में या मंदिरों में देखते हैं। यह देखने में बहुत ही खूबसूरत होता है। चिकनी पत्तियों वाला यह लंबा पेड़ औषधीय गुणों के कारण भी प्रसिद्ध है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसे ज्योतिष शास्त्रों में दुखों का नाश करने वाला माना गया है।  इस पेड़ की खास बात यह है कि इसके पत्ते, जड़, छाल, फूल सब औषधि के रूप में काम आते हैं। इस पेड़ के भाग को महिलाओं की अनेक बीमारियों को दूर करने वाला माना जाता हैं। आयुर्वेद में इसे Women Friendly पेड़ भी कहा गया है।

जानते हैं इसके कुछ जादुई फायदों के बारे में, जो महिलाओं की कई समस्याओं में है रामबाण
1.एजिंग इफेक्ट कम करें: अशोक के छाल को पानी में उबाल कर काढ़ा जैसा बनाकर चेहरे या प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए। अशोक में कुछ एंटी एजिंग गुण होते है। जिससे ये त्वचा की रंगत निखारता है तथा बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है।
2. फोड़े-फुंसियों से राहत: कई बार देखा जाता है कि गर्मियों में फोड़े फुंसियों की शिकायत बढ़ जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अशोक की छाल का पेस्ट बनाकर फोड़े फुंसियों पर लगाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।
3.यह किडनी में होने वाले स्टोन के दर्द को भी कम करता है: अगर आपको या आपके परिवार में किसी को स्टोन यानी पथरी की समस्या है तो आपको दो ग्राम अशोक के बीज को पानी में पीस कर दिन में तीन बार दो दो चम्मच लेना चाहिए। इससे आपको बहुत अधिक आराम मिलेगा।
4. यूरिन से जुड़ी हुई समस्याओं का रामबाण समाधान: मूत्र विकार, या इससे संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए अशोक के बीज का सेवन करना लाभकारी होता है। इसके लिए अशोक के बीज को पीस कर पानी के साथ सुबह शाम लेना शुरू करे। कुछ ही दिनों में बेहतर परिणाम सामने होंगे।
5. गर्भधान में सहायक: कई बार महिलाएं गर्भधारण के लिए प्रयास कर रहे होती हैं लेकिन उनको गर्भ नहीं ठहरता या फिर टिकता नहीं है, इसके लिए अशोक के फूल भी काफी सहायक साबित होते हैं अशोक के फूल को दही के साथ पेस्ट बनाकर लेना चाहिए जिससे गर्भ धारण आसानी से हो जाएगा और गर्भ टिकेगा भी।
6. श्वेत प्रदर व महावारी के दर्द से दिलाए छुटकारा: जी हां, अक्सर यह देखा जाता है की अधिकतर महिलाएं श्वेत प्रदर की समस्या से ग्रस्त होती है तथा महावारी के समय भी उन्हें ना सहन होने वाले दर्द से गुजरना होता है। तो इससे निजात पाने के लिए अशोक की छाल को पानी में उबाल लें। फिर इसको पीस कर पानी के साथ सेवन करे।