Hair Fall: बारिश के मौसम में कई लोग शिकायत करते हैं कि उनके बाल झड़ रहे हैं। अगर इस मौसम में आप भी बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो हम यहां आपको बताने जा रहे हैं कैसे इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
बता दें कि बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है पर यह मौसम बालों के लिए कई मुश्किलों को लेकर आता है। मानसून आरंभ होते ही काफी लोग बाल झड़ने, चिपचिपे स्कैल्प, डैंड्रफ और बालों के बेजान होने की शिकायत करने लगते हैं। कई लोगों को लगता है कि बारिश का पानी सीधे तौर पर बाल झड़ने की वजह है। मानसून में क्या वास्तव में बाल तेजी से गिरने लगते हैं, अगर हां तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय-
बारिश के मौसम में बाल झड़ने लगते हैं?
एक्सपर्ट के मुताबिक यह कहना गलत होगा सिर्फ मानसून या बारिश ही बालों के झड़ने का कारण है। दरअसल, इस मौसम में बढ़ी हुई नमी, पसीना, स्कैल्प पर गंदगी का जमना और सही देखभाल की कमी बालों की समस्याओं को बढ़ा जाती है। अगर मानसून के दौरान बालों की सही तरीके से देखभाल की जाए, तो हेयर फॉल को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बारिश में बालों का झड़ना ऐसे करें कम?
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बारिश के मौसम में जिन लोगों के बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं उन्हें कुछ खास उपायों को अपनाना चाहिए। जैसे कि-
अगर आप बारिश में भीग गए हैं, तो घर पहुंचकर बालों को साफ पानी से धो लें। बारिश के पानी में धूल, प्रदूषण और कई तरह के केमिकल्स भी होते हैं जो स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बारिश में भीगने के बाद बालों को साफ पानी और शैंपू से धोने स्कैल्प की सही तरीके से सफाई हो जाती है जिससे बालों का झड़ना का कम होता है।
मानसून में हवा में ज्यादा नमी होने के कारण स्कैल्प जल्दी ऑयली हो जाता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार सप्ताह में दो से तीन बार माइल्ड शैंपू से बालों को धोना चाहिए। शैंपू के बाद बालों पर कंडीशनर का इस्तेमाल करना जरूरी है।
गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। इस समय कंघी करने से बाल आसानी से टूट सकते हैं। इसलिए बालों के गीले होने पर उसे अच्छी तरह से सूखा लें। बालों के सूखने के बाद चौड़े दांत वाली कंघी से सुलझाने की कोशिश करें।
बालों का झड़ने और गिरने की समस्या न हो इसके लिए स्कैल्प का सही तरीके से साफ होना बहुत जरूरी है। अगर स्कैल्प पर तेल, पसीना और गंदगी जमा होगी, तो हेयर फॉल बढ़ सकता है। इसलिए स्कैल्प को समय- समय पर सही तरीके से साफ करना बहुत जरूरी है।
मानसून के दौरान हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग मशीन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बाल और कमजोर हो सकते हैं। ऐसे मौसम में बालों का झड़ना रोकने के लिए इस तरह की मशीन का इस्तेमाल जहां तक संभव हो कम से कम करें।
एक्सपर्ट कहते हैं कि मानसून में हेयर फॉल बढ़ना एक आम समस्या है, लेकिन सही तरह से केयर से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। स्कैल्प को साफ रखना, संतुलित आहार लेना, गीले बालों की सही देखभाल करना और जरूरत से ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचना बालों को हेल्दी बनाता है।
फोटो सौजन्य- गूगल
FIFA World Cup 2026: वर्ल्ड कप में खेल रहे फुटबॉल खिलाड़ियों की बात ही अलग होती है, 90 मिनट तक दौड़ना, शरीर को फुर्तीला और लचीला बनाए रखने के साथ-साथ फोकस्ड रहना पड़ता है, जो उनकी फुल फिटनेस को दर्शाता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी जैसे फुटबॉल खिलाड़ी को जब हम मैदान में देखते हैं तो अक्सर सोचते हैं कि ये लोग खुद को इतने चुस्त-दुरुस्त कैसे बनाए रखते हैं और कोई भला इतना फुर्तीला कैसे हो सकता है। हालांकि, हमें यह भी पता है कि उनकी फुर्ती और फिटनेस का राज कहीं न कहीं उनकी जीवनशैली और खानपान में ही छिपा है। आगे हम जानेंगे कि आखिर रोनाल्डो और मेसी जैसे स्टार फुटबॉल प्लेयर अपनी फिटनेस को कायम रखने के लिए कैसी जीवनशैली बना के चलते हैं और उनके डाइट में क्या-क्या शामिल होता है।
रोनाल्डो और मेसी का लाइफस्टाइल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी का नाम दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल प्लेयर्स में आता है और इनका खास लाइफस्टाइल इन्हें एक फुर्तीला और फिट प्लेयर बनाता है। कुछ वेबसाइट्स रिपोर्ट्स के मुताबिक जानते हैं इन दोनों दिग्गज प्लेयर्स की डाइट और लाइफस्टाइल कैसी है।
रोनाल्डो की डाइट और लाइफस्टाइल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो हमेशा अपनी डाइट का खास ध्यान रखते हैं और दिन में तीन बार हेवी डाइट लेने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके दिन में 06 बार खाते हैं। उनकी डाइट में आमतौर पर हाई प्रोटीन फूड्स जैसे अंडे, चिकन और फिश जैसी चीजों को शामिल करते हैं। अलावा इसके फाइबर के लिए सलाद को अपनी डाइट में शामिल करना नहीं भूलते हैं।
इसके अलावा रोनाल्डो अपनी नींद का खास ध्यान रखते हैं, रिपोट्स के अनुसार रोनाल्डो लंबी नींद नहीं लेते हैं बल्कि छोटे-छोटे स्लीप साइकिल्स की मदद से अपनी नींद पूरी करते हैं। डिसिप्लिन्ड न्यूट्रिशन प्लान के अनुसार, अल्कोहल व स्मोकिंग से भी दूर हैं।
लियोनल मेसी की डाइट और लाइफस्टाइल
ऑकोडायरियो की मेटाबॉलिक पर दी गई जानकारी के मुताबिक मेसी नेचुरल फूड्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं और सा ही हाइड्रेशन का भी खास ध्यान रखते हैं। इसके साथ-साथ मेसी को उनकी कंसिस्टेंसी यानी लगातार ट्रेनिंग करते रहने और एक डिसिप्लिन्ड लाइफस्टाइल जीने की आदत के लिए जाना जाता है।
ऐसे बनाएं स्वयं को फुर्तीला और फिट
अगर आप भी फुटबॉल प्लेयर्स की तरह खुद को फुर्तीला और फिट बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको भी अपनी डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक शरीर को फुर्तीला बनाने के अच्छे लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतों में सुधार करना जरूरी है और सामान्य आदतें क्या होती हैं?
- रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें
- डेली पर्याप्त पानी पिएं
- साइकिलिंग, जॉगिंग और स्विमिंग जैसी एक्टिविटी करें
- ताजे व पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें
- रोजाना पर्याप्त नींद लें, सही समय पर सोएं और सही समय पर उठें
- मानसिक तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन आदि करें
Homemade Face pack: गर्मी में आपके स्किन से ज्यादा पसीना आता है जिसके कारण से गंदगी, धूल स्किन पर लंबे वक्त तक चिपकी रहती हैं और त्वचा को खराब कर देती हैं। अलावा इसके सूरज की हानिकारक किरणों का प्रभाव त्वचा की ऊपरी हिस्से को जला देता है, जिसे सनबर्न भी कहा जाता है। इस हालत में स्किन पर बार-बार डेड स्किन सेल्स जम जाते हैं और आपकी स्किन बेहद डल और बेजान नजर आती है। अगर आपके साथ भी ऐसी कुछ हुआ है तो आज हम आपके लिए चार होममेड फेस मास्क लेकर आए हैं, जो आपकी स्किन पर जमे डेड स्किन सेल्स को रिमूव करने और आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो प्रदान करने में मदद करेंगे। आइये जानते हैं इन्हें कैसे इस्तेमाल करें-
जाने क्यों जरूरी है त्वचा से डेड स्किन सेल्स को हटाना
डेड स्किन सेल्स को हटाने की कई फायदे हैं। यह स्किन पोर्स को बंद होने से बचाता है। जब ज्यादा डेट स्किन सेल्स हो जाते हैं, तो वे त्वचा के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिसकी वजह से एक्ने ब्रेकआउट की समस्या हो सकती है। अलावा इसके डेड स्किन सेल्स रिमूव होते हैं, तो नए सेल्स का निर्माण होता है, जिससे आपकी त्वचा ज्यादा फ्रेश और रेडिएंट नजर आती है।
गर्मी में जब त्वचा की ऊपरी परत जल जाती है, तो वे डेड स्किन सेल्स में परिवर्तित हो जाती है। जिसके कारण स्किन डल तथा बेजान नजर आती है। ऐसे में डेड स्किन सेल्स रिमूव करने से आपकी त्वचा के टेक्सचर और कांप्लेक्शन दोनों में सुधार होता है। साथ ही साथ जब डेड स्किन सेल्स हट जाते हैं, तो किसी भी स्किन केयर प्रोडक्ट को त्वचा आसानी से अवशोषित कर पाती है, जिससे उसका ज्यादा लाभ प्राप्त होता है।
4 होममेड फेस मास्क जो त्वचा को प्रदान करते हैं नेचुरल ग्लो
1. एवोकाडो फेस मास्क
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए: आधा मैश किया हुआ एवोकाडो, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच ऑलिव ऑयल
इस तरह तैयार करें:
सबसे पहले एक बोल में मैश किया हुआ एवोकाडो, शहद और ऑलिव ऑयल डालकर सभी को आपस में अच्छी तरह मिक्स करें।
एक पेस्ट तैयार करें अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा एवं गर्दन पर अप्लाई करें।
फिर इसे 15 से 20 मिनट तक लगा हुआ छोड़ दें।
समय पूरा हो जानें पर हाथों को गिला करें, जरूरत पड़ने पर चेहरे पर भी पानी लगा सकती हैं।
फिर हल्के हाथों से त्वचा को मसाज करें।
इस प्रकार डेड स्किन सेल्स बाहर निकल आएंगे और जरूरी पोषक तत्व त्वचा में अवशोषित हो जाएगा।
आखिर में सामान्य पानी से त्वचा को साफ कर लें और स्किन को ड्राई होने दें।
2. ओटमील योगर्ट फेस मास्क
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए: 1 चम्मच ओटमील, 1 चम्मच योगर्ट और 1 चम्मच शहद
इस तरह तैयार करें:
सभी सामग्री को एक बोल में अच्छी तरह से मिक्स कर लें और एक स्मूद पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को अपने चेहरे की त्वचा एवं गर्दन पर अच्छी तरह अप्लाई करें।
फिर 15 से 20 मिनट तक लगा हुआ छोड़ दें, इसके बाद अपने हाथों को गिला करें और सर्कुलर मोशन में 2 मिनट तक चेहरे की मसाज करें।
इससे आपके डेड स्किन सेल्स बाहर निकल आएंगे।
आखिर में अपनी त्वचा को सामान्य पानी से साफ कर लें, और स्किन को सुखाकर इस पर मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।
3. बेसन दही से बना फेस मास्क
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए: एक चम्मच बेसन, दो चम्मच दही, आधा चम्मच नींबू का रस, आधा चम्मच शहद
इस तरह तैयार करें:
सबसे पहले एक बोल में बेसन, दही, शहद और नींबू सभी को आपस में मिक्स करें और एक पेस्ट तैयार करें।
अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर अप्लाई करें और 15 से 20 मिनट तक लगा हुआ छोड़ दें।
जब यह ड्राई हो जाए तो अपने चेहरे को गिला करें और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में त्वचा को मसाज दें।
इस प्रकार डेड स्किन सेल्स रिमूव हो जाएंगे और आपकी त्वचा में नेचुरल ग्लो जुड़ जाएगा।
आखिर में हल्के गुनगुने या सामान्य पानी से त्वचा को साफ कर लें।
इसे भी पढ़ें: बॉलीवुड की वो हीरोइन जिसे अपनी SKIN को हेल्दी रखने के लिए भगवान से अब कोई ‘तमन्ना’ नहीं!
4. चावल के आटे का स्क्रब
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए: 2 चम्मच चावल का आटा और 2 चम्मच ऐलोवेरा जेल
इस तरह तैयार करें:
चावल के आटे और एलोवेरा जेल को आपस में एक साथ अच्छी तरह मिक्स कर लें।
अब इसे अपनी त्वचा पर अप्लाई करें और 2 मिनट तक उंगलियों को सर्कुलर मोशन में घूमते हुए स्किन को मसाज दें।
मसाज देने के बाद इन्हें लगभग 05 मिनट से 10 मिनट तक त्वचा पर लगा हुआ छोड़ दें।
आखिर में सामान्य पानी से स्किन को साफ कर लें।
फोटो सौजन्य- गूगल
Eid Ul Adha: इस बार 28 मई को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरे देश और दुनिया में मुस्लिम मना रहे हैं। बकरीद इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार है जिसमें अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास और आत्मत्याग के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। बकरीद के दिन सुबह मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद या ईदगाह में विशेष नमाज़ अदा करते हैं। इसके बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी जाती है। नमाज़ के बाद जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे बकरे की कुर्बानी देते हैं और इसके गोश्त को गरीबों और रिश्तोदारों में बांटते हैं। सिर्फ तीसरा हिस्सा खुद के लिए रखते हैं। इस तरह समाज का हर तबका त्योहार की खुशियों और दावतों में शामिल होता है। आपको जानकर हैरानी होगी बकरीद की शुरुआत इस्लाम के आने के बहुत पहले से ही अरब जगत में मनाया जाता था। आइए इसके पूरे इतिहास और इससे जुड़ी कहानियों के बारे में जानते हैं।
ऐसे हुई बकरीद की शुरुआत
बकरीद या ईद-उल-अजहा की शुरुआत पैगंबर हजरत इब्राहिम (अ.स) के दौर में आज से करीब 4,000 वर्ष पहले हुई थी। यह त्योहार मुख्य रूप से अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण, अटूट विश्वास और त्याग का ऐतिहासिक प्रतीक है। इस त्योहार के पीछे हजरत इब्राहिम के जीवन से जुड़ी एक ऐतिहासिक घटना जुड़ी हुई है। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक अल्लाह ने हजरत इब्राहिम के सपने में आकर उनकी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी मांगी। इब्राहिम को अपनी ढलती उम्र में मिले इकलौते बेटे, हजरत इस्माइल सबसे ज्यादा प्रिय थे। लेकिन अल्लाह का हुक्म मानकर हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए। जब उन्होंने बेटे को इसके बारे में बताया, तो बेटे इस्माइल ने भी अल्लाह की राह में समर्पित होने की रज़ामंदी दे दी इब्राहिम अपने बेटे को लेकर मक्का के पास मीना के मैदान की ओर बढ़े। रास्ते में शैतान ने उन्हें इस परीक्षा से डिगाने और भटकाने का प्रयास किया पर उन्होंने उसे कंकड़ मारकर दूर भगा दिया। इसी याद में हज के दौरान आज भी शैतान को कंकड़ मारे जाते हैं। हलांकि, यह अलग कहानी है। बहरहाल, मीना पहुंचकर जब इब्राहिम ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधी और बेटे की गर्दन पर छुरी चलाई, तो अल्लाह ने उनके इस सर्वोच्च समर्पण और नीयत को स्वीकार कर लिया और ठीक उसी वक्त अल्लाह ने अपने फरिश्ते जिब्राइल के जरिए जन्नत से एक दुम्बा (भेड़) वहां भेज दिया गया और इस्माइल की जगह उस दुम्बे की कुर्बानी हो गई। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर वर्ष इस्लामी महीने जुल-हिज्जा की 10 तारीख को दुनिया भर के मुस्लिम सक्षम लोग पशु (बकरा, भेड़, या ऊंट) की कुर्बानी देते हैं। इस पर्व का मूल उद्देश्य सिर्फ खून बहाना नहीं, बल्कि इंसान के भीतर मौजूद अहंकार, स्वार्थ और बुराई को अल्लाह की राह में कुर्बान करना है। इसके गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटकर गरीबों, रिश्तेदारों और खुद के लिए रखने का सामाजिक नियम है।
सबसे पहले बकरीद की शुरुआत कैसे हुई
ईद-उल-अजहा का इतिहास करीब 4,000 साल पुराना माना जाता है। इस घटना का जिक्र सबसे पहले हिब्रु बाइबिल में लिखा गया है। इसमें हजरत इब्राहिम को अब्राह्म के नाम से जाना जाता है जबकि अब्राह्म के बेटे को इसहाक नाम से जाना जाता है। वहीं, फरिश्ता को एंजिल कहकर पुकारा जाता है। ऐतिहासिक और सामाजिक मान्यताओं के मुताबिक यह घटना मक्का की है लेकिन एक सालाना इस्लामी त्योहार के रूप में ईद-उल-अज़हा को आधिकारिक तौर पर सबसे पहले मदीना में मनाया गया था। दरअसल, 622 ईस्वी में जब पैगंबर मोहम्मद साहब ने मक्का से मदीना हिजरत की, तब उन्होंने देखा कि मदीना के लोग पहले से चले आ रहे कुछ पारंपरिक फारसी त्योहार जैसे नौरोज़ और मेहरजान को मनाते थे। पैगंबर साहब ने उन त्योहारों की जगह इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित सिर्फ दो पवित्र दिन तय किए: ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद और ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद। इस तरह मदीना वह पहला स्थान बना जहां व्यवस्थित रूप से इस त्योहार की और सामूहिक नमाज़ की शुरुआत हुई।
Eid Ul Adha का सांस्कृतिक महत्व
बकरीद का पर्व अहंकार और स्वार्थ का त्याग करने के लिए मनाया जाता है। इसका मूल संदेश सिर्फ जानवर की कुर्बानी देना नहीं है बल्कि इंसान के भीतर छिपे स्वार्थ, लालच और अहंकार की कुर्बानी देना है. इससे समानता और सामाजिक सद्भाव की भावना भी प्रकट होती है। इसमें कुर्बानी के मांस को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों के लिए है। यह व्यवस्था समाज में आर्थिक असमानता को भुलाकर हर तबके को खुशी में शामिल करने का संदेश देती है।
बकरीद के दिन की शुरुआत
बकरीद के दिन मुसलमान सुबह में जल्दी उठ जाते हैं। सबसे पहले फज्र की नमाज अता करते हैं। इसके बाद घर की साफ-सफाई और स्नान किया जाता है, फिर नए या सबसे साफ कपड़े पहने जाते हैं। इस दिन आमतौर पर सुबह 8 से 10 बजे के बीच ईद-उल-अजहा की दो रकात विशेष नमाज़ और खुतबा (धार्मिक उपदेश) होता है. नमाज़ खत्म होते ही लोग आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को ईद मुबारक कहते हैं। दुश्मनी भूलकर गले मिलने का यह सबसे भावुक पल होता है। मीठी ईद के उलट बकरीद की सुबह नमाज़ बिना कुछ खाए पढ़ी जाती है। नमाज़ के बाद ही लोग पहला निवाला लेते हैं। ईदगाह से लौटने के बाद ही कुर्बानी का सिलसिला शुरू होता है। नमाज़ से पहले दी गई कुर्बानी मान्य नहीं होती। धार्मिक नियमों के तहत बकरे, भेड़ या अन्य स्वीकृत पशु की कुर्बानी दी जाती है। फिर रसोई में गोश्त पकाया जाता है फिर पारंपरिक पकवानों के साथ एक साथ बैठकर परिवार के सदस्य भोजन करते हैं। शाम के वक्त बड़े-बुजुर्ग बच्चों को प्यार से ईदी देते हैं। नए कपड़े पहने बच्चे घर-घर जाकर अपनी ईदी जमा करते हैं। शाम के समय लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और हिंदू-मुस्लिम भाइयों के घर ईद मिलने जाते हैं। घरों में मेहमानों को शीर-खुरमा और मटन के पकवान परोसे जाते हैं। इस दिन का समापन इस संतोष के साथ होता है कि समाज का कोई भी गरीब परिवार आज के दिन भूखा नहीं सोय। आज के दिन लोग रात में शांति व बरकत की दुआ के साथ दिन का समापन करते हैं। फोटो सौजन्य- गूगल
नेचुरल इंग्रीडिएंट के इस्तेमाल में हैं असल ग्लो
साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मिल्की ब्यूटी से फेमस तमन्ना भाटिया की सॉफ्ट और ग्लोइंग Skin का राज। तमन्ना की स्किन और हेल्दी ग्लो करने के मामले में बेमिसाल है। उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अब भगवान से कोई 'तमन्ना' नहीं। बस उन्हें अपनी स्किन को हेल्दी रखने के लिए अपने स्किन केयर रूटीन का काफी ध्यान देती हैं। तमन्ना केमिकल वाले प्रॉडक्ट्स और ट्रीटमेंट की जगह नेचुरल इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल करती हैं। नेचुरल इंग्रीडिएंट की बात ही अलग है
तमन्ना घर में मिलने वाली साधारण चीजों की मदद से फेस पैक बनाती हैं और अपनी स्किन पर उन्हें अप्लाई करती हैं। सबसे खास बात ये है ये नेचुरल इंग्रीडिएंट्स कई पीढ़ियों से भारतीय महिलाओं के फेवरेट रहे हैं और उन्हें इन इंग्रीडिएंट्स पर बहुत ज्यादा भरोसा रहा है। आइए जानते हैं तमन्ना अपनी स्किन पर कौन-सी चीजें लगाती हैं।
बेसन का फेस पैक
दो चम्मच बेसन, दो चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाएं। सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बना लें। फिर इस पैक को अपनी गर्दन और चेहरे पर लगाएं। जब फेस पैक सूख जाता है तो अपना चेहरा ठंडे पानी से धो लें।
कॉफी-चंदन का जबरदस्त फेस पैक
इस फेस पैक को बनाने के लिए 02 चम्मच चंदन पाउडर, 02 चम्मच कॉफी पाउडर और 02 चम्मच शहद की जरूरत पड़ती है। इन सभी चीजों को मिक्स करके फेस पैक बनाएं। इस फेस पैक को आप अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट के बाद आप इसे चेहरे से साफ कर दें।
हेल्दी डाइट पर जोर
स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग रखने के लिए तमन्ना अपनी डाइट पर खास ध्यान देती हैं। वे ब्रोकोली का सलाद खाती हैं और एवोकाडो भी उनकी डाइट में अक्सर रहता ही है। इन सबके साथ तमन्ना को डेली 08-10 गिलास पानी पीने की आदत है।
Eid-Ul-Fitra: रमजान के 30 रोजे रखने के बाद अब ईद की खुशियों का खास पल आया है। सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों में ईद-उल-फितर मनाई जा रही है, जबकि भारत में 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इस मौके को लेकर मुस्लिमों में हर्षोल्लास का माहौल है। हर कोई ईद की तैयारियों में जुटा हुआ है। रोजेदार पूरे महीने रोजा रखने के बाद इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 21 मार्च को ईद-उल-फितर के दिन लोग सुबह ईदगाह या मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।
नमाज के बाद मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोग अपने घर-परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ मिलकर इस त्योहार को खुशी-खुशी मनाते हैं। ईद-उल-फितर को 'मीठी ईद' भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में खीर, सेवइयां और कई तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं। लोग एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई देते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना है।
इसी महीने में कुरान शरीफ का नाजिल (अवतरण) हुआ था, जिसे लैलतुल कद्र की पवित्र रात से जोड़ा जाता है। इसी वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजे रखते हैं। ईद का यह मुबारक दिन आपसी भाईचारे, मोहब्बत और एकता का प्रतीक है। इस दिन लोग गिले-शिकवे भुलाकर अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।
फोटो सौजन्य- गूगल
Unhealthy Partnership: जिंदगी में रिश्ता कोई भी हो उसे निभाने के लिए केवल आपसी प्यार से भी ज्यादा दोनों के बीच में ट्रस्ट और एक दूसरे का सम्मान होना जरूरी है। जब कभी रिश्तों के बीच में इन तीनों चीजों में से कोई भी कम होता है, तो वह रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे रिश्तों को जब संभाला ना जाए तो वे टूट जाते हैं। पर कुछ लोग यह अनुमान नहीं लगा पाते हैं कि रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं और उन्हें तब ही पता चलता है जब रिश्ता टूटने के कगार पर आ जाता है। एक दूसरे को पर्याप्त समय न दे पाने के कारण से आजकल पति-पत्नी के रिश्ते के बीच खटपट शुरू होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह खटपट आहिस्ता आहिस्ता बढ़ने लगता है और एक दूसरे से बातें छुपाई जाने लगती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन साथी उसकी बातों को समझ ही नहीं पाएगा। अगर आपको लगता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छिपाने लगा है, तो ऐसा आप उनके बात करने के अंदाज से भी पता लगा सकते हैं। जानें बात करने के वे चार अंदाज जो बताते हैं कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छुपाने लगा है।
1. जीवन साथी के बातों को हल्के में लेना
अगर आपका लाइफ पार्टनर पहले आपकी सारी बातों को सुनता था लेकिन अब उसने धीरे-धीरे आपकी बातों को इग्नोर करना शुरू कर दिया है, तो यह एक अच्छा संकेत नहीं है। अगर आपके कुछ पूछने पर भी बातों को इग्नोर किया जा रहा है, तो हो सकता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा हो। अगर आपके कुछ पूछने पर किसी और ही बात का जवाब दिया जा रहा है, तो आपको खुलकर बात करने की जरूरत है।
2. किसी भी बात का जवाब हंसकर देना
हर बात को हंसी मजाक में टालना या फिर किसी सीरियस बात का जवाब भी हंसकर देना भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का संकेत नहीं है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आपका पार्टनर आपको कोई खास बात भुलाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि आपको लगता है कि आप किसी भी प्रकार के डॉक्टर के संपर्क
3. जीवन साथी के लिए समय की किल्लत होना
वैसे तो आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास भी टाइम नहीं होता है, लेकिन फिर भी अपने पार्टनर के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। अगर आपका लाइफ पार्टनर आपके लिए समय नहीं निकाल पा रहा है, तो यह भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा करना कई परेशानियां पैदा कर सकता है, जिसका खास ध्यान रखना जरूरी है।
4. आपको इग्नोर कर प्लान बनाना
अगर आपका जीवन साथी अब आपके बिना ही बाहर घूमने फिरने या फिर पार्टी वगैरह के प्लान बनाने लगा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है। अगर आपके पूछने पर भी वह टालने का प्रयास कर रहा है तो उसके बात करने का यहा तरीका बताता है कि वह आपको इग्नोर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अपने जीवन साथी से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए, ताकि आपसी बातचीत से किसी भी तरह की उलझन को दूर किया जा सके।
फोटो सौजन्य- गूगल
Relation:
एक बेहतर और सामाजिक जिंदगी जीने के लिए सभी रिश्तों का साथ मिलना जरूरी है और हर रिश्ते का अपना अलग रोल होता है। बड़े-बुजुर्ग भी कहते हैं कि खुशहाल जीवन जीने के लिए रिश्तों का होना मायने रखता है। पर रिश्तों को बनाकर रखने के लिए भी बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। रिश्तों को निभाने के लिए अगर सबसे पहले कुछ चाहिए तो वह समय है और आजकल लोगों के पास समय की किल्लत रहती है। इस भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई अपने काम को लेकर इतना बिजी है कि वह अपने रिश्तों को वक्त नहीं दे पाता है। यही वजह है कि आजकल रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, जिसके बाद में गंभीर रिजल्ट भुगतने पड़ सकते हैं। अगर लगता है कि आपके रिश्तों की दूरी बढ़ती जा रही है, तो हम आपको कुछ खास तरीके बताएंगे जिनकी सहायता से आप अपने रिश्तों में बढ़ रही खाई को पाट सकते हैं। वक्त देना शुरू करें एक अच्छा रिश्ता निभाने के लिए अगर कोई चीज चाहिए होती है, तो वह समय ही है। समय रिश्ते को निभाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए अपना काम भी करें लेकिन काम के बीच से ही कुछ समय निकाल कर अपने रिश्तों को दें। काम के बीच कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर पर रहें या बाहर कहीं घूमने जाएं। भावनाओं को समझना जरूरी
रिश्तों दूरी पैदा करने वाले सबसे बड़े कारणों में एक है एक दूसरे की भावनाओं को न समझना। आपके लिए भी जरूरी है कि अपने रिश्तों में एक दूसरे की भावनाओं को आप समझें। ऐसा करने से रिश्तों में आपसी जुड़ाव बढ़ता है और धीरे-धीरे दूरी खत्म हो जाती है।
एक दूसरे को कराए स्पेशल फील
रिश्तों के बीच दूरी किसी भी कारण से आई हो, उसे खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका है एक दूसरे को स्पेशल फील कराना। ऐसा करके आप रिश्तों मे आए आपसी मनमुटाव कम कर सकते हैं। आप अपने अपनों के लिए पसंदीदा गिफ्ट दें या फिर कोई सरप्राइज घूमने-फिरने का प्लान रखें।
आपसी विश्वास को कायम रखें
अगर रिश्तों के बीच विश्वात मजबूत है, तो दूरी बनना इतना आसान नहीं है। इसलिए अगर आपको डर है कि कहीं आपके रिश्तों के बीच दूरी आ जाए तो अच्छा विकल्प है कि आप एक अपने रिश्तों के की बीच विश्वास को मजबूत करें। खुलकर अपनों से बात करें अपने दिल की सारी बात बताने व सुनने से धीरे-धीरे विश्वास मजबूत होने लगता है।
पर्सनल स्पेस रिश्तों के बीच मजबूती प्रदान करता है
आपसी रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस का होना भी जरूरी है और इसकी रिस्पेक्ट भी करनी चाहिए। इसलिए जब हम रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस में घुसने की कोशिश करते हैं, तभी रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है। लाइफ पार्टनर हो या कोई कितना भी करीबी रिश्ता हो हर किसी के पर्सनल स्पेस की रिस्पेक्ट करनी चाहिए।
फोटो सौजन्य- गूगल










