Unhealthy Partnership: जिंदगी में रिश्ता कोई भी हो उसे निभाने के लिए केवल आपसी प्यार से भी ज्यादा दोनों के बीच में ट्रस्ट और एक दूसरे का सम्मान होना जरूरी है। जब कभी रिश्तों के बीच में इन तीनों चीजों में से कोई भी कम होता है, तो वह रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे रिश्तों को जब संभाला ना जाए तो वे टूट जाते हैं। पर कुछ लोग यह अनुमान नहीं लगा पाते हैं कि रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं और उन्हें तब ही पता चलता है जब रिश्ता टूटने के कगार पर आ जाता है। एक दूसरे को पर्याप्त समय न दे पाने के कारण से आजकल पति-पत्नी के रिश्ते के बीच खटपट शुरू होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह खटपट आहिस्ता आहिस्ता बढ़ने लगता है और एक दूसरे से बातें छुपाई जाने लगती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन साथी उसकी बातों को समझ ही नहीं पाएगा। अगर आपको लगता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छिपाने लगा है, तो ऐसा आप उनके बात करने के अंदाज से भी पता लगा सकते हैं। जानें बात करने के वे चार अंदाज जो बताते हैं कि आपका लाइफ पार्टनर आपके बातें छुपाने लगा है।
1. जीवन साथी के बातों को हल्के में लेना
अगर आपका लाइफ पार्टनर पहले आपकी सारी बातों को सुनता था लेकिन अब उसने धीरे-धीरे आपकी बातों को इग्नोर करना शुरू कर दिया है, तो यह एक अच्छा संकेत नहीं है। अगर आपके कुछ पूछने पर भी बातों को इग्नोर किया जा रहा है, तो हो सकता है कि आपका लाइफ पार्टनर आपके कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा हो। अगर आपके कुछ पूछने पर किसी और ही बात का जवाब दिया जा रहा है, तो आपको खुलकर बात करने की जरूरत है।
2. किसी भी बात का जवाब हंसकर देना
हर बात को हंसी मजाक में टालना या फिर किसी सीरियस बात का जवाब भी हंसकर देना भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का संकेत नहीं है। ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब आपका पार्टनर आपको कोई खास बात भुलाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि आपको लगता है कि आप किसी भी प्रकार के डॉक्टर के संपर्क
3. जीवन साथी के लिए समय की किल्लत होना
वैसे तो आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास भी टाइम नहीं होता है, लेकिन फिर भी अपने पार्टनर के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। अगर आपका लाइफ पार्टनर आपके लिए समय नहीं निकाल पा रहा है, तो यह भी एक हेल्दी रिलेशनशिप का अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा करना कई परेशानियां पैदा कर सकता है, जिसका खास ध्यान रखना जरूरी है।
4. आपको इग्नोर कर प्लान बनाना
अगर आपका जीवन साथी अब आपके बिना ही बाहर घूमने फिरने या फिर पार्टी वगैरह के प्लान बनाने लगा है, तो यह भी एक संकेत हो सकता है। अगर आपके पूछने पर भी वह टालने का प्रयास कर रहा है तो उसके बात करने का यहा तरीका बताता है कि वह आपको इग्नोर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अपने जीवन साथी से खुलकर इस बारे में बात करनी चाहिए, ताकि आपसी बातचीत से किसी भी तरह की उलझन को दूर किया जा सके।
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Relation:
एक बेहतर और सामाजिक जिंदगी जीने के लिए सभी रिश्तों का साथ मिलना जरूरी है और हर रिश्ते का अपना अलग रोल होता है। बड़े-बुजुर्ग भी कहते हैं कि खुशहाल जीवन जीने के लिए रिश्तों का होना मायने रखता है। पर रिश्तों को बनाकर रखने के लिए भी बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। रिश्तों को निभाने के लिए अगर सबसे पहले कुछ चाहिए तो वह समय है और आजकल लोगों के पास समय की किल्लत रहती है। इस भागदौड़ भरे जीवन में हर कोई अपने काम को लेकर इतना बिजी है कि वह अपने रिश्तों को वक्त नहीं दे पाता है। यही वजह है कि आजकल रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, जिसके बाद में गंभीर रिजल्ट भुगतने पड़ सकते हैं। अगर लगता है कि आपके रिश्तों की दूरी बढ़ती जा रही है, तो हम आपको कुछ खास तरीके बताएंगे जिनकी सहायता से आप अपने रिश्तों में बढ़ रही खाई को पाट सकते हैं। वक्त देना शुरू करें एक अच्छा रिश्ता निभाने के लिए अगर कोई चीज चाहिए होती है, तो वह समय ही है। समय रिश्ते को निभाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए अपना काम भी करें लेकिन काम के बीच से ही कुछ समय निकाल कर अपने रिश्तों को दें। काम के बीच कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर पर रहें या बाहर कहीं घूमने जाएं। भावनाओं को समझना जरूरी
रिश्तों दूरी पैदा करने वाले सबसे बड़े कारणों में एक है एक दूसरे की भावनाओं को न समझना। आपके लिए भी जरूरी है कि अपने रिश्तों में एक दूसरे की भावनाओं को आप समझें। ऐसा करने से रिश्तों में आपसी जुड़ाव बढ़ता है और धीरे-धीरे दूरी खत्म हो जाती है।
एक दूसरे को कराए स्पेशल फील
रिश्तों के बीच दूरी किसी भी कारण से आई हो, उसे खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका है एक दूसरे को स्पेशल फील कराना। ऐसा करके आप रिश्तों मे आए आपसी मनमुटाव कम कर सकते हैं। आप अपने अपनों के लिए पसंदीदा गिफ्ट दें या फिर कोई सरप्राइज घूमने-फिरने का प्लान रखें।
आपसी विश्वास को कायम रखें
अगर रिश्तों के बीच विश्वात मजबूत है, तो दूरी बनना इतना आसान नहीं है। इसलिए अगर आपको डर है कि कहीं आपके रिश्तों के बीच दूरी आ जाए तो अच्छा विकल्प है कि आप एक अपने रिश्तों के की बीच विश्वास को मजबूत करें। खुलकर अपनों से बात करें अपने दिल की सारी बात बताने व सुनने से धीरे-धीरे विश्वास मजबूत होने लगता है।
पर्सनल स्पेस रिश्तों के बीच मजबूती प्रदान करता है
आपसी रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस का होना भी जरूरी है और इसकी रिस्पेक्ट भी करनी चाहिए। इसलिए जब हम रिश्तों के बीच पर्सनल स्पेस में घुसने की कोशिश करते हैं, तभी रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है। लाइफ पार्टनर हो या कोई कितना भी करीबी रिश्ता हो हर किसी के पर्सनल स्पेस की रिस्पेक्ट करनी चाहिए।
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इस्लाम में Shab-E-Barat त्योहार की इस्लाम में बहुत अहमियत है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने की 15वीं तारीख की रात में शब-ए-बारात मनाई जाती है जो मंगलवार को देश भर में मनाई गई। शब-ए-बारात इबादत, रहमत, मगफिरत और फजीलतों की रात के तौर पर मानी जाती है। जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय के सभी लोग पूरी रात अल्लाह से अपने किए गए गुनाहों की माफी मांगते हैं।
खुदा की इबादत का यह दिन बहुत ही खास और पवित्र तरीके से मनाते हैं। शब-ए-बारात के मौके पर मस्जिद और कब्रिस्तानों को खास तरीके के सजाया जाता है। कब्रिस्तान में चारों तरफ रोशनी की जाती है, साथ-साथ कब्रों पर चिराग जलाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती है। लोग मस्जिदों और कब्रिस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों के लिए अल्लाह की इबादत करते हैं। इसे चार मुकद्दस रातों में से एक मानते हैं जिसमें पहली आशूरा की रात, दूसरी शब-ए-मेराज, तीसरी शब-ए-बारात और चौथी शब-ए-कद्र की रात होती है।
मुस्लिम में शिया समुदाय शब-ए-बारात को इमाम-ए-जमाना हजरत मेहदी की पैदाइश की खुशी में मनाते हैं उनका मानना है कि अल्लाह इमाम-ए-जमाना के जन्मदिन की खुशी में अपनी रहमतें बरसाते हैं। इसलिए इस्लाम के सभी समुदाय के लोग रात भर जागकर नमाज़ और कुरान की तिलावत करते हैं। इमाम-ए-जमाना की पैदाइश के मौके पर शिया समुदाय जगह-जगह महफिलों भी करते हैं।
बता दें कि शब-ए-बारात पर घरों को विशेष रूप से सजाते हैं और लजीज पकवान जैसे- बिरयानी, हलवा और हलीम आदि बनाया जाता है और इबादत के बाद गरीबों में भी बांटा जाता है।
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Natural Hair Dye: बचपन में जब हम बालों को लहराते घूमा करते थे और हमें अपने बालों की कोई फिक्र नहीं रहती थी। ऐसा लगता था मानों सबसे खूबसूरत बाल हमारे ही हैं। और आज याद करते हैं कि काश वो बेफिक्री, वो चमक वो खुशी, वो एहसास काश कोई लौटा दे, क्योंकि आजकल कम उम्र में सफेद होते बाल और उनका रुखापन, बेजान होकर झड़ना एक आम बात बन चुकी है। सफेद बालों को तो केमिकल हेयर डाई बालों को तुरंत रंग तो देती है पर लंबे वक्त तक इसका इस्तेमाल करने से नुकसान भी पहुंचाती है। ऐसे में केमिकल हेयर डाई की जगह क्यों ना दादी-नानी के नुस्खे को आजमाया जाए, जो कि भरोसेमंद भी है। वर्षों से अपनाए जाने वाला आंवला नुस्खा जो एक अच्छा प्राकृतिक उपाय है, जो बालों को गहरा रंग देने के साथ-साथ उन्हें मजबूत और चमकदार भी बनाता है। बता दें कि सही तरीके से प्रयोग करने पर यह बालों को नेचुरल ब्लैक टोन देने में मदद भी करता है।
ये है बालों के लिए आंवला के फायदे
कई शोध इस बात को साबित करते हैं कि आंवला विटामिन- C, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स से भरपूर होता है। साथ ही बालों में इसका इस्तेमाल करने से बालों की जड़ों को जबरदस्त मजबूती मिलती है, हेयर फॉल कम करता है और समय से पहले बालों के सफेद होने वाली समस्या कम हो जाती है। साथ ही इसके नियमित उपयोग से बालों में प्राकृतिक चमक आती है और स्कैल्प हेल्दी रहने लगते हैं। यही वजह है कि आंवला को नेचुरल हेयर डाई के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
नेचुरल आंवला डाई बनाने का आसान तरीका
आमला से नेचुरल हेयर डाई बनाने के लिए सबसे पहले आपको कुछ नेचुरल चीजों की जरूरत होगी जैसे 4,5 चम्मच आंवला पाउडर, 2 चम्मच मेहंगी, 1 चम्मच कॉफी पाउडर और जरूरत के अनुसार पानी। जब आप इन सभी चीजों को सही मात्रा में तैयार कर लेते हैं, तो उसके बाद आपको ये सभी चीजें एक कटोरे में डालनी हैं और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लेना है। अब आप इसको 30 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सारे तत्व अच्छी तरह एक्टिव हो जाएं और बालों को सही पोषण प्रदान कर सके।
सही तरह से लगाएं नेचुरल डाई
इस नेचुरल डाई को लगाने के लिए पहले बालों को हल्का गीला कर लें। अब तैयार पेस्ट को ब्रश या हाथों से बालों की जड़ों तक लगाएं। कोशिश करें कि आपके पूरे बाल कवर हो जाएं। अब कुछ देर के लिए शॉवर कैप पहन लें। इसे करीब एक घंटे तक सिर पर लगाएं। अब आप इसे सादे पानी से धो लें। हां, शैंपू न करें, वरना सारे जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे।
बेहतर रिजल्ट के लिए जरूरी टिप्स
आप हफ्ते में सिर्फ एक बार इसका इस्तेमाल करें, ज्यादा इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है लेकिन आप पहले पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि बालों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही डाई लगाने के बाद 24 घंटे तक शैंपू न करें, इससे बालों को पोषक तत्वों के अवशोषण का समय मिल जाएगा। वही जब आप इसका नियमित उपयोग करेंगे तो रंग और असर दोनों बेहतरीन हो जाएंगे।
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Makar Sankranti:
मकर संक्रांति के अवसर पर पूरे देश में तिल-गुड़ और खिचड़ी खाने और खिलाने का रिवाज है। लेकिन हमारे देश में एक हिस्सा ऐसा भी है जहां पर मकर संक्रांति के दिन दही-चुड़ा खाया जाता है। मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है? भारत के हर हिस्से में मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 और 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण कहा जाता है।मकर संक्रांति के खास दिन तिल और गुड़ के लड्डू, खिचड़ी, पूरन पोली, गजक और उंधियू जैसे पकवान बहुत ही चाव से खाए जाते हैं। मकर संक्रांति के दिन तिल-गुड़ तो हर हिस्से में खाया जाता है। लेकिन भारत का एक हिस्सा ऐसा भी है जहां पर मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाया जाता है। मिथिला में मकर संक्रांति के दिन खाया जाता है दही और चूड़ा
मिथिला में मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था, परंपरा, सामाजिक एकता और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ उत्सव है। इस दिन सबसे विशेष रूप से दही-चूड़ा खाया ही जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दही को हिंदू धर्म में शुद्ध और सात्विक माना गया है। वहीं, चावल को अन्न का राजा कहा जाता है। मकर संक्रांति पर सात्विक भोजन करने का विधान है। इसलिए मिथिला में मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाया जाता है।
दही -चूड़ा खाने के फायदे
आयुर्वेद के मुताबिक चूड़ा कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है और दही शरीर में गर्मी को बनाए रखता है। मकर संक्रांति का त्योहार सर्दियों में मनाया जाता है। दही- चूड़ा को एक साथ खाने से सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म बनाए रखने में मदद मिलती है। ये कॉम्बो शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत अंदर से देता है।
पाचन तंत्र को करता है मजबूत
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित रिसर्च के अनुसार दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स होते हैं। दही खाने से पेट में गुड़ बैक्टीरिया बढ़ते हैं। इससे कब्ज, गैस और अपच की परेशानी दूर होती है। वहीं, चूड़ा पचाने में आसान होता है। जब आप दही और चूड़ा को एक साथ खाते हैं तो इससे मल नरम होता है। इससे सुबह पेट अच्छे से साफ होता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनती है।
इम्यूनिटी स्ट्रांग करता है दही-चूड़ा
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। मकर संक्रांति के खास मौके पर दही- चूड़ा खाने से शरीर की सर्दी में कम होने वाली इम्यूनिटी बढ़ती है। इससे सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या घटती है। जिन लोगों की इम्यूनिटी काफी कमजोर हैं, उन्हें मकर संक्रांति के दिन दोपहर के खाने में दही- चूड़ा जरूर खाना चाहिए।
हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद
बता दें कि दही में कैल्शियम और फॉस्फोरस होता है। जबकि चूड़ा आयरन, फाइबर व प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। जब आप दही- चूड़ा को एक साथ खाते हैं तो ये शरीर की हड्डियों और दांतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दही-चूड़ा खाने से शरीर को कैल्शियम मिलता है। इससे हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
शरीर को देता है ऊर्जा
मकर संक्रांति के दिन अक्सर लोग सुबह जल्दी स्नान आदि करके पूजा, पाठ और दान करते हैं। इस प्रक्रिया को अपनाने के बाद शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है। दही- चूड़ा खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। खाने के बाद दही- चूड़ा तुरंत ग्लूकोज में बदल जाता है। इससे शरीर को ताजगी व एनर्जी मिलती है।
मकर संक्रांति के दिन कब खाएं दही-चूड़ा
परंपरा के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन दही -चूड़ा नाश्ते में तिलकुट, गुड़, सब्जी, अचार और चटनी के साथ खाया जाता है। कुछ लोग दोपहर के खाने में भी दही चूड़ा खाते हैं। आप अपनी हिसाब से मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाने का मजा सकते हैं। ध्यान रहे कि किसी भी परिस्थिति में दही-चूड़ा रात को ना खाएं।
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Thyroid Affects:आजकल के गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से थायराइड प्रॉब्लम लोगों में आम बात हो गई है। बता दें कि थायराइड एक तितली के साइज की ग्रंथि होती है, जो गर्दन के भीतर मौजूद होती है। यह ग्लैंड थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर के मेटाबॉलिक रेट और एनर्जी लेवल को नियंत्रित करता है। जब थायराइड ग्लैंड अपना काम ठीक से करना बंद कर देती है, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म की समस्या होती है। थायराइड की बीमारी होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से तेजी से वजन में बदलाव, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स, मसल्स में दर्द, कब्ज, स्किन ड्राई होना और बाल गिरने जैसी समस्याएं हो सकती है। अलावा इसके थायराइड की समस्या का असर सेक्स लाइफ पर भी पड़ता सकता है। आइए जानते हैं थायराइड के कारण सेक्स लाइफ कैसे प्रभावित होती है-
कैसे प्रभावित करता है महिलाओं की सेक्स लाइफ को थायराइड-
हाइपोथायरायडिज्म या कम सक्रिय थायरॉयड के कारण अक्सर थकान, अवसाद और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। अत्यधिक थकान या कमजोरी के कारण महिला की सेक्स ड्राइव प्रभावित हो सकती है। इससे यौन इच्छा में बदलाव हो सकता है और यौन क्रिया में कमी भी आ सकती है। अलावा इसके, हाइपोथायरायडिज्म के कारण योनि में सूखापन हो सकता है। दरअसल, थायराइड की समस्या की वजह से वजाइनल ल्युब्रीकेंट कम हो जाता है। यह यौन गतिविधि को असुविधाजनक या यहां तक कि दर्दनाक बना सकता है।
वहीं दूसरी तरफ, हाइपरथायरायडिज्म या अतिसक्रिय थायराइड के कारण चिंता, बेचैनी, एंग्जायटी और सोने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन सभी समस्याओं का सेक्स लाइफ पर बुरा असर पड़ता है। इसके कारण यौन इच्छा में कमी आ सकती है और इंटिमेसी भी प्रभावित होती है। जब आप थायरॉयड विकार से पीड़ित होते हैं, तो आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है। यह आपकी कामेच्छा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
क्या है इलाज?
अगर कोई लेडी इन समस्याओं का सामना कर रही है, तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। दवाओं और उचित उपचार से थायरॉयड के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हार्मोनल संतुलन बनाए रखा जा सकता है और ऊर्जा के स्तर में सुधार किया जा सकता है। इसके अलावा, अपनी भावनाओं और समस्याओं के बारे में अपने साथी के साथ खुलकर बात करें। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा और आपका पार्टनर उपचार प्रक्रिया के दौरान आपको भावनात्मक समर्थन प्रदान कर सकता है। ध्यान रखें कि थायराइड का समय पर इलाज किया जाए और इसे दवाओं से कंट्रोल में रखा जाए, तो लगभग सभी सेक्स प्रॉब्लम आसानी से दूर हो सकती हैं।
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New Year Party Makeup: नया साल दस्तक दे रहा है ऐसे में पार्टी सीजन में सबसे स्टाइलिश और खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां पहले से कपड़ो से लेकर फुटवियर और ज्वेलरी तक की खरीदारी कर लेती हैं। लेकिन नए साल पर सिर्फ कपड़ों से कोई खास प्रभाव नहीं हो पाता, इसके लिए फेस पर ग्लो भी अहम रोल अदा करता है। मेकअप आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है, आपकी सुंदरता में चार चांद लगाता है और पार्टी में आपको अलग व खास बना सकता है। न्यू ईयर पार्टी के लिए जाना है तो तैयार होने के लिए कुछ मेकअप टिप्स को फॉलो करें। जरूरी है ऐसा मेकअप, जो आपकी रियल खूबसूरती को उभार दे।
हालांकि ज्यादा मेकअप चेहरे को ढक देता है, जबकि सही मेकअप चेहरे के एक्सप्रेशन को और निखार देता है। अगर आप चाहती हैं कि लोग आपके लुक की जमकर तारीफ करें तो नए साल की पार्टी के लिए इस तरह के मेकअप गाइड को अपनाएं।
नया साल पर पार्टी मेकअप गाइड स्टेप्स
स्टेप- 1. मेकअप के लिए स्किन को करें तैयार
पार्टी मेकअप से पहले फेस अच्छी तरह क्लीन करें। स्किन टाइप के मुताबिक मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं। हल्का प्राइमर लगाकर बेस को स्मूद बनाएं। ध्यान रखें, मेकअप तभी अच्छा दिखता है, जब स्किन हेल्दी हो।
स्टेप 2- बेस मेकअप
बेस मेकअप कम लगाएं पर सही लगाएं। फाउंडेशन की जगह बीबी या सीसी क्रीम बेहतर विकल्प है। कंसीलर सिर्फ डार्क सर्कल और दाग पर लगाएं। ज़्यादा पाउडर लगाने से बचें, वरना चेहरा फ्लैट दिखेगा।
स्टेप 3- ऐसे करें आई मेक अप्लाई
ये पार्टी लुक को इन्हेंस करता है। सॉफ्ट शिमर आई मेकअप अपना सकते हैं। पार्टी के लिए ब्रॉन्ज, गोल्ड या पीच आईशैडो को अप्लाई करें। पतली विंग्ड आईलाइनर और मस्कारा आपकी आंखों को खूबसूरत बना सकता है। भारी नकली लैश से बचें, नेचुरल ही प्यारा लगता है।
स्टेप 4- ब्लश और हाइलाइट
ये चेहरे में जान डाल देते हैं। इसके लिए पीच या रोज ब्लश लगाएं। गालों के अपर बोन पर हल्का सा हाइलाइटर लगाएं। ज़्यादा चमक से बचें, नहीं तो फोटो खराब आएंगी।
स्टेप 5- लिपस्टिक लगाने लगाते वक्त रखें ध्यान
ऐसी लिपस्टिक लगाएं जो आपकी पर्सनैलिटी को जाहिर करें। पार्टी में न्यूड पिंक, बेरी या सॉफ्ट रेड शेड लिपस्टिक लगाएं। बहुत डार्क लिपस्टिक तभी अप्लाई करें, जब आई मेकअप हल्का हो। ग्लॉस सिर्फ़ सेंटर में लगाएं।
हेयर स्टाइल
मेकअप और पूरे लुक को पूरा करने के लिए हेयर स्टाइल पर भी फोकस करना जरूरी है। ओपन वेव्स और सॉफ्ट मेकअप सबसे सेफ विकल्प है। हाई बन बना रही हैं तो बोल्ड लिप एलिगेंट लुक देगा।
पार्टी मेकअप में ऐसी गलतियां से बचें
- पार्टी से ठीक पहले कोई नया प्रोडक्ट ट्राय न करें।
- मेकअप करते समय बहुत मोटा फाउंडेशन न लगाएं।
- मेकअप के पहले या बाद में स्किन केयर को भूले नहीं।
- आंख और होंठ दोनों को मेकअप से बहुत बोल्ड न करें। अगर हैवी हाई मेकअप है तो लिप्स शेड हल्का होना चाहिए।
- अक्सर लोग चेहरे पर फाउंडेशन या मेकअप अप्लाई करते हैं लेकिन गर्दन पर नहीं। जिससे गर्दन और चेहरे का शेड मैच नहीं होता है।
Libido: कामेच्छा की कमी आधुनिक जीवनशैली में कई लोगों की समस्या बन चुकी है। लोगों की लाइफस्टाइल में तनाव, एंग्जायटी, अनहेल्दी इटिंग और लगातार भागदौड़ के बीच उनकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ पर भी प्रभाव पड़ता है और आहिस्ता-आहिस्ता लोगों में सेक्स करने की इच्छा में कमी आने लगती है। लंबे वक्त तक कमेच्छा में कमी की समस्या की वजह से लोगों की शादीशुदा जिंदगी पर भी असर पड़ सकता है और इससे रिश्तों में गैप बढ़ जाता है। हालांकि, कई बार लोग कमेच्छा बढ़ाने के लिए दवाओं का सहारा भी लेते हैं। पर, इन दवाओं के दुष्प्रभाव होते हैं जो लंबे वक्त तक दिखायी दे सकते हैं।
ऐसे में दवाओं के बिना नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए और किस तरह की सावधानियां बरतने से कामेच्छा की कमी दूर हो सकती है।
नेचुरली कामेच्छा बढ़ाने के उपाय क्या हैं?
सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है और हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए कामेच्छा काफी अहम है। अगर आपकी कामेच्छा कम है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको खास कर तीन स्टेजेस पर काम करना होगा। ये स्टेज हैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर।
शारीरिक स्तर पर कामेच्छा बढ़ाने के लिए डाइट में बदलाव जरूरी
अच्छी डाइट हेल्दी शरीर और हेल्दी लिबिडो लेवल के लिए भी जरूरी है। आप अपनी कम कमेच्छा की समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में बदलाव करें। अपनी डेली डाइट में बदलाव करें। आप जिंक और एल-आर्जिनिन जैसे तत्वों से भरपूर फूड्स जैसे- बींस, सीड्स, लॉब्स्टर्स और प्याज जैसी चीजों का सेवन करें।
कामेच्छा बढ़ाने के लिएआप चॉकलेट, अनार, एवोकाडो, ग्रीन टी, पम्पकिन सीड्स और तरबूज जैसे फूड्स का सेवन कर सकते हैं।
इन सबके साथ आप प्रोसेस्ड फूड्स से परहेज करें क्योंकि, प्रोसेस्ड फूड्स आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और लिबिडो भी कम करते हैं।
रोजाना करें एक्सरसाइज
रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। आप मसल्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज, कार्डियाक एक्सरसाइज करें। आप रोजाना योगाभ्यास कर सकते हैं और मेडिटेशन का भी अभ्यास करें। इससे आपको कामेच्छा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नींद की कमी ना होने दें
इन सबके अलावा रोजाना 6-7 घंटे की गहरी नींद सोएं। इससे आपका तनाव कम होगा और कामेच्छा बढ़ाने में भी आसानी होगी।
अपनी बीमारियों को करें मैनेज
अगर आपको हाइपटेंशन, मोटापा या अन्य किसी प्रकार की पुरानी स्वास्थ्य समस्या या क्रोनिक डिजिज है तो उसे मैनेज करें और नियंत्रित रखने के लिए जरूरी उपाय करें।
इन आदतों से बचें
अल्कोहल का सेवन करते हैं तो उसे धीरे-धीरे बंद कर दें। इसी तरह स्मोकिंग से भी कामेच्छा कम होती है इसीलिए, आप अपनी धूम्रपान की आदत छोड़ दें।
इंटीमेसी के लिए निकालें कीमती समय
अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच अपने पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें। अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और अपनी रिलेशनशिप की अच्छी बातों को याद करें। इससे आपकी रिलेशनशिप में नयी जान आएगी और आपको अपने पार्टनर से इमोशनली कनेक्ट कर पाने में भी मदद होगी।
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