
2. Oral हाइजीन का रखें ध्यान
3. डेंटल डैम करें प्रयोग


2. Oral हाइजीन का रखें ध्यान
3. डेंटल डैम करें प्रयोग

Health Tips: प्रसिद्ध उपन्यासकार हैरियट स्टोव ने कहा था कि एक महिला का स्वास्थ्य उसकी पूंजी है लेकिन महिलाएं अक्सर अपने हेल्थ की परवाह नहीं करती हैं। वक्त की कमी, घर या ऑफिस से संबंधित प्रेसर, जागरूकता की कमी और यौन-स्वास्थ्य के बारे में बात करने में झिझक रखाना, ये ऐसे कारक हैं जो इसमें प्रमुख योगदान करते हैं। पर नॉर्मल हेल्थ समस्याओं को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर जब आपकी योनि या ब्रेस्ट में नजर आ रहे हों। अक्सर महिलाओं की आम शिकायतें होती हैं, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है पर यह कुछ ज्यादा गंभीर होने का संकेत हो सकता है।
वो 6 समस्याएं जिन्हें महिलाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
1. सेक्स के समय दर्द

महिलाएं अक्सर सेक्स के दौरान दर्द के बारे में बात करने से हिचकिचाती हैं। हालांकि, दर्दनाक सेक्स एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण भी हो सकता है। एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी लेयर गर्भाशय के बाहर जमा हो जाती है। यह PID (पेल्विक सूजन की बीमारी) की वजह से भी हो सकता है, जो अक्सर वेजाइनल डिस्चार्ज के साथ रिप्रोडक्टिव ऑर्गन का संक्रमण होता है। अपर्याप्त लुब्रिकेशन और ड्राई वेजाइना के कारण भी सेक्स के दौरान पेन हो सकता है।
2. असामान्य या अनियमित पीरियड
मासिक धर्म हर 21-35 दिनों में नियमित रूप से होना चाहिए। भारी प्रवाह, मध्य-चक्र रक्तस्राव या स्पॉटिंग, लंबे समय तक पीरियड साइकिल, यह थायराइड, PCOD या फाइब्रॉएड जैसे हार्मोनल रोगों के कारण हो सकता है, जो गर्भाशय के सौम्य ट्यूमर हैं। सेक्स के बाद रक्तस्राव या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है और इसकी जांच कराना जरूरी होता है।
3. स्तन में परिवर्तन

स्तनों में गांठ फाइब्रोएडीनोमा जैसी हानिरहित स्थितियों के कारण हो सकती है। हालांकि, ब्रेस्ट में गांठ होना भी ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। जागरूकता की कमी की वजह से महिलाओं में स्तन कैंसर अक्सर उन्नत चरणों में पाया जाता है। स्तनों में गांठ जो स्तन के बाकी टिश्यू से सख्त और अलग लगती हैं या निप्पल से स्राव को चैक किया जाना चाहिए। महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए नियमित चेकअप करवाना चाहिए। ब्रेस्ट में किसी भी परिवर्तन का शीघ्र पता लगाने के लिए ब्रेस्ट सेल्फ टेस्टिंग के तरीकों के बारे में भी पता होना चाहिए।
4. वजन का एकाएक घटना और बढ़ना
अचानक वजन कम होना खुशी की बात हो सकती है पर अचानक वजन कम होना टीबी के साथ-साथ कैंसर या थायरॉयड विकारों का भी संकेत हो सकता है और इसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए। अचानक वजन बढ़ना पीसीओडी या थायराइड की समस्या के कारण हो सकता है और अगर इसका पता चल जाए तो इसे बहुत अच्छी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।
5. थकान महसूस होना
बहुत सी महिलाएं हर समय थकान महसूस करती हैं। बार-बार थकान एनीमिया, थायराइड विकार, सूक्ष्म पोषक तत्वों और विटामिन डी की कमी के कारण हो सकती है और इसकी जांच होनी चाहिए। पूरी रात की नींद के बाद भी थकान महसूस होना भी तनाव, चिंता, डिप्रेशन या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का कारण हो सकता है। इसलिए इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
6. ब्लोटिंग फील करना
ज्यादातर महिलाएं विशेष रूप से मासिक धर्म से पहले फूला हुआ या गैसी महसूस करती हैं। यह अधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हालांकि, अगर ब्लोटिंग महसूस करना बहुत बार होता है, तो इसे चैक करवाना चाहिए। यह इरिटेबल बावल सिंड्रोम, एंडोमेट्रियोसिस या यहां तक कि ओवरियन कैंसर का संकेत हो सकता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने कहा कि समुदाय और देश और अंततः दुनिया उतनी ही मजबूत है जितनी उनकी महिलाओं का स्वास्थ्य। इसलिए देश और दुनिया की बेहतरी के लिए हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना ही होगा।
फोटो सौजन्य- गूगल

छठ (Chhath Puja) का त्योहार बिहार में खासकर मनाया जाता है पर अब इस त्योहार ने देश के बाकी राज्यों में भी दस्तक दे दी है। छठ पूजा का इतिहास बिहार से जुड़ा है। मान्यताओं अनुसार छठ पूजा की परंपरा बिहार में महाभारत काल से ही जुड़ी है। पांडवों और उनकी पत्नी द्रौपदी ने छठ पूजा का व्रत रखा था।
जब पांडव पूरा राजपाठ जुए में हार गए, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा था। इस व्रत से उनकी मनोकामना पूरी हुई थी और पांडवों को सब कुछ वापस मिल गया। इसलिए छठ के मौके पर सूर्य की आराधना फलदायी मानी जाती है।

नि:संतान महिलाएं अगर यह पूजा करती हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति अवश्य होती है। कथाओं के मद्देनजर बिहार राज्य में छठ पूजा की शुरूआत महाभारत के काल में हुई थी। पौराणिक कथाओं के मुताबिक सूर्यपुत्र कर्ण का संबंध बिहार के मुंगेर जिले से था। इसीलिए ये इस बात का प्रमाण देती है कि छठ पूजा की शुरुआत बिहार के मुंगेर जिले से हुई थी और आज भी बिहार के जिले में इस पर्व को बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है।

Chhath Puja 2023: आज से लोक आस्था का महापर्व छठ आरम्भ हो रहा है। छठ पर्व का समापन 20 नवंबर को होगा। 04 दिनों तक चलने वाले छठ पूजा के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य देते हुए समापन होता है। छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार होता है। इस पर्व में भगवान सूर्य के साथ छठी माई की पूजा-उपासना विधि-विधान के साथ की जाती है। यह सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस पर्व में आस्था रखने वाले लोग सालभर इसका इंतजार करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि छठ का व्रत संतान प्राप्ति की कामना, संतान की कुशलता, सुख-समृद्धि और उसकी दीर्घायु के लिए किया जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी सभी जरूरी बातें…
नहाए-खाय से शुरू छठ महापर्व
यह व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है। इसमें 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को रख जाता है। छठ पूजा का व्रत रखने वाले लोग चौबीस घंटो से अधिक समय तक निर्जल उपवास रखते हैं। इस पर्व का मुख्य व्रत षष्ठी तिथि को रखा जाता है, लेकिन छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से हो जाती है, जिसका समापन सप्तमी तिथि को प्रातः सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।
खरना 2023 की तारीख
खरना यानी लोहंडा छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। इस साल खरना 18 नवंबर को है। इस दिन का सूर्योदय सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।
छठ पूजा 2023 पर संध्या अर्घ्य का समय
छठ पूजा का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य का होता है। इस दिन छठ पर्व की मुख्य पूजा की जाती है। तीसरे दिन व्रती और उनके परिवार के लोग घाट पर आते हैं और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस साल छठ पूजा का संध्या अर्घ्य 19 नवंबर को दिया जाएगा। 19 नवंबर को सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।
चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने का समय
चौथा दिन छठ पर्व का अंतिम दिन होता है। इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इस महाव्रत का पारण किया जाता है। इस साल 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 06 बजकर 47 मिनट पर होगा।
छठी पूजा का महत्व
छठ पूजा के दौरान सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस पूजा में भक्त गंगा नदी जैसे पवित्र जल में स्नान करते हैं। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर सूर्य देव और छठी माता के लिए प्रसाद तैयार करते हैं। दूसरे और तीसरे दिन को खरना और छठ पूजा कहा जाता है। महिलाएं इन दिनों एक कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। साथ ही चौथे दिन महिलाएं पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य देती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं।
Chhath Puja में कभी ना करें ये गलतियां

Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा का एक खास महत्व है। दिवाली के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व से श्रीकृष्ण की पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। पंचांग के मुताबिक कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा की जाती है।
इस दिन गोबर लीपकर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की प्रतिमा बनाई जाती है। ज्यादातर दिवाली के अगले दिन ही गोवर्धन पूजा की जाती है लेकिन इस साल गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर उलझन की स्थिति बन रही है। किसी का कहना है कि यह पूजा 13 नवंबर यानी दिवाली के अगले दिन होनी है तो कोई इसे भैया दूज वाले दिन बता रहा है। ऐसे में इस साल 13 नवंबर या फिर 14 नवंबर के दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी।
गोवर्धन पूजा किस दिन की जाएगी
पंचांग के मुताबिक इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 13 नवंबर, सोमवार दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर आरम्भ होगी और इसका समापन अगले दिन 14 नवंबर, मंगलवार को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष गोवर्धन पूजा 14 नवंबर के दिन की जाएगी। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:25 मिनट से रात 9:36 मिनट के बीच है।
पौराणिक कथाओं के मुताबिक इंद्रदेव के घमंड के चलते पूरे गांव को तूफान और बारिश का प्रकोप सहना पड़ रहा था. श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकार ब्रजवासियों को बचाया था। इसके बाद से ही हर साल गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई।
गोवर्धन पूजा की विधि
गोवर्धन पूजा करने के लिए गोबर से गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाते हैं। फूलों से गोवर्धन पर्वत सजाया जाता है। पूजा सामग्री में धूप, रोली, अक्षत, खील दीप, बताशे, और अन्नकूट आदि शामिल किए जाते हैं। इसके बाद गोवर्धन पूजा में गोवर्धन पर्वत की कथा पढ़ी जाती है और गोबर से तैयार गोवर्धन की सात बार परिक्रमा करते हुए आरती की जाती है और जयकारे लगाए जाते हैं। इस तरह सम्पन्न होती है गोवर्धन पूजा।

Diwali का पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है इस दिन भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। उनके आने की खुशी में ही अयोध्या के लोगों ने दीप जलाकर उनका भारी स्वागत किया था। तभी से ही इस दिन रोशनी का महापर्व दिवाली मनाया जाने लगा। दिवाली एक दिन का नहीं बल्कि पूरे 5 दिन तक चलने वाला त्योहार है। दिवाली की रात में जहां लोग अपने घरों के बाहर दीपक जलाकर खुशियां बनाते हैं तो वहीं, घर में लोग विधि विधान लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं।
जानिए दिवाली पूजा विधि की सम्पूर्ण जानकारी:
एक चौकी, लाल कपड़ा, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा, अक्षत यानी साबुत चावल, लौंग, इलायची, एक तांबे या पीतल का कलश, कुमकुम, हल्दी, दूर्वा, सुपारी, मौली, 02 नारियल, 02 बड़े दीपक, आम के पत्ते, पान के पत्ते, 11 छोटे दीपक, अगरबत्ती, जल पात्र, गंगाजल, घी, सरसों का तेल, दीये की बाती, धूप, मीठे बताशे, खील, मिठाई, फल, पुष्प, कमल का फूल, पकवान, मेवे। कई लोग दिवाली पर मां लक्ष्मी को कमलगट्टे, कौड़ी और धनिया भी चढ़ाते हैं।
Diwali Puja Vidhi 2023 (दिवाली पूजा की तैयारी कैसे करें)
दिवाली की पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi)
दिवाली पर मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। ऐसे में पूजा के लिए सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर इस चौकी पर बीच में मुट्ठी भर अनाज रखें। कलश को अनाज के बीच में रखें। इसके बाद कलश में पानी भरकर एक सुपारी, गेंदे का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें। कलश पर 5 आम के पत्ते गोलाकार आकार में रखें। बीच में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाहिनी ओर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। फिर एक छोटी-सी थाली में चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं, हल्दी से कमल का फूल बनाएं, कुछ सिक्के डालें और मूर्ति के सामने रखें। इसके बाद अपने व्यापार/लेखा पुस्तक और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें। अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक करें और फिर दीपक प्रज्वलित करें।
दिवाली पूजा मुहूर्त 2023 (Diwali Puja Muhurat 2023)
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 12 नवंबर, 2023 को शाम 5:39 मिनट से लेकर 7:35 तक है।
दिवाली पर कितने दीपक जलाने चाहिए
दिवाली पर कम से कम 13 या 26 छोटे दीपक जलाने चाहिए। साथ में दो बड़े दीपक जलाने चाहिए जिसमें एक घी का दीपक और एक सरसों के तेल का दीपक होना चाहिए।

धनतेरस (Dhanteras) पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस वर्ष 10 नवंबर को धनतेरस के दिन सोना और चांदी खरीदने का सबसे गोल्डन टाइम यानी शुभ समय दोपहर 02 बजकर, 35 मिनट से 11 नवंबर की सुबह 06 बजकर 40 मिनट के बीच है। अलावा इसके अगर आप इस वक्त खरीदारी से चूक जाते है तो 11 नवंबर को सुबह 06 बजकर, 40 मिनट से दोपहर 01 बजकर, 57 मिनट के बीच सामान परचेज कर सकते हैं।
दिवाली रोशनी का महापर्व है। यह हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में सबसे खास त्योहार है। हर किसी को इस महापर्व का साल भर इंतजार रहता है। दीपोत्सव का यह पर्व पूरे 05 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस का पर्व छोटी दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। पंचांग के मुताबिक धनतेरस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन धन्वंतरि देव, लक्ष्मी जी और कुबेर महाराज की पूजा कर की जाती है। साथ ही किसी भी वस्तु की खरीदारी के लिए यह दिन उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है। यही कारण है कि लोग इस दिन बर्तनों की खरीदारी के अलावा सोने-चांदी की चीजें भी खरीदते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल धनतेरस पर खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है-
साल 2023 में धनतेरस तिथि
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर, 35 मिनट से आरम्भ हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 11 नवंबर की दोपहर 01 बजकर, 57 मिनट पर होगा। धनतेरस के दिन पूजा प्रदोष काल में होती है, इसलिए धनतेरस 10 नवंबर को मनाई जाएगी।
पूजा मुहूर्त और शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 47 मिनट से रात 07 बजकर 47 मिनट तक है।
धनतेरस पर पूजा की ये है विधि
ये है धनतेरस का खास महत्व
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनका पूजन किया जाता है। धनतेरस के दिन धन की देवी लक्ष्मी जी, धन कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन विधि पूर्वक पूजा करने से घर में धन की कमी नहीं होती है।

एक समय था जब कोरोना ने हमें अपने अपने घरों की चारदीवारी में बैठकर अपना मनोरंजन का इंतजाम करने को मजबूर कर दिया था। इस दरम्यान बोर्ड गेम को काफी तरजी मिली क्योंकि दोस्तों या पेपर्स के एक ग्रुप ने Online Media पर बोर्ड गेम खेलना शुरू कर दिया।
1. गेम नाइट का बना सकते हैं प्लान
कपल्स दिल चाहे तो कुछ खास ऑनलाइन गेम जैसे कि सीक्वेंस या स्क्रैबल दो लोगों द्वारा खेले जाने वाला गेम खेल सकते हैं। कुछ तो ऐसे भी गेम हैं जो कि आपके बचपन को फिर से जिंदा तक दे।
2. कपल के लिए जरूरी स्पा
एक ही समय में आपको मानसिक शांति देने के साथ-साथ आपकी मसल्स को आराम देने वाले स्पा एक्सपीरियंस को कौन पसंद नहीं करेगा? अपने साथी के साथ एक कपल स्पा एक्सपीरियंस बुक करें और ऑफिस के बिजी डे के बाद एरोमेटिक मसाज के साथ थैरपी का आनंद लें।
यदि आप किसी स्पा में जाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो आप सुगंधित तेलों, धीमे संगीत और गर्म पानी के बबल बाथ के साथ एक रोमांटिक इन-हाउस स्पा की योजना भी बना सकते हैं।
3. स्टार-गेजिंग का बनाएं प्लान
आधी रात को जब पूरा शहर सोता है और आपके पास कम प्रदूषण और कम शोर के साथ पूरा आकाश होता है, तो इसका वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। स्टार-गेजिंग का अनुभव प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है कि शहर की सीमा के बाहरी इलाके में एक कैंपिंग गतिविधि की योजना बनाएं।
यह ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां साफ आसमान हो और परेशान करने के लिए कोई शोर नहीं है। अपने पार्टनर के साथ एक रात बिताएं, सितारों की गिनती करें और जीवन भर की यादें बनाएं।
4. ड्रीम डेट पर जा सकते हैं
आप अपने पार्टनर के लिए उसी जगह ड्रीम डेट प्लान कर सकते हैं, जहां आप उनसे पहली बार मिले थे। अपने साथी को उसी तरह के कपड़े पहनकर आश्चर्यचकित करें (यदि अभी भी आपके पास हैं) और उन्हें उस जगह पर अजनबी के रूप में मिलें, जैसे आप पहली बार मिले थे।
5. एक साथ एक शौक करें पूरा

निश्चित रूप से ये एक ऐसी एक्टिविटी होगी, जिसका आप हमेशा अभ्यास करना चाहते थे, लेकिन काम की वजह से या अन्य कारणों से आपको मौका नहीं मिला। पेंटिंग, मिट्टी के बर्तन, डांस, खाना पकाना, ये कुछ भी हो सकता है, जिसे आप अपने साथी के साथ करना पसंद करेंगे। अपने साथी को अपने साथ खुशी के पल साझा करने दें।
6. सनसेट का लें आनंद
कुछ लोगों का सनराइज और सनसेट से एक रिलेशन होता है। यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जो सनसेट का पीछा करना पसंद करते हैं, तो समुद्र के किनारे एक रेस्तरां में एक डेट नाइट योजना बनाएं और सनसेट देखने के लिए लंबी पैदल यात्रा करें। यह सबसे रोमांटिक गतिविधियों में से एक हो सकता है, जो आप अपने पार्टनर के साथ करते हैं।
7. रोमांटिक ए़़डवेंचर का लें मजा
अगर आप और आपका पार्टनर उन लोगों में से हैं, जो एड्रेनालाईन रश से प्यार करते हैं, तो राफ्टिंग, बंजी जंपिंग या पैरासेलिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटी की योजना बनाएं और साथ में रोमांच का आनंद लें। साथ में किसी भी एडवेंचर एक्टिविटी को करने के लिए एक रोमांटिक थ्रिल जरूर मिलता है।
परिणाम (Result)
अब बस ये आइडिया पढ़कर इसे भूल मत जाइयेगा, बल्कि ये सोचना शुरू कर दीजिए कि आपकी अगली रोमांटिक डेट कौन सी होगी?

Pregnancy: एक अध्ययन के अनुसार शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मांसाहारी महिलाओं की तुलना में कम कीटनाशक पाए गए। यूपी में पिछले दिनों 111 नवजात बच्चों की मौत हो गई और इन नवजात की मौत की वजह गर्भवती महिलाओं के दूध में पाए जाने वाले कीटनाशक को बताया गया। लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल के अध्ययन के मुताबिक यह दावा किया गया है कि महाराजगंज में हुई इन मौत के लिए महिलाओं के दूध में पाए जाने वाले कीटनाशक हैं। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि मां के दूध तक कीटनाशक कैसे पहुंचे।
अस्पताल ने इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए कुछ गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया। इस स्टडी में 130 शाकाहारी और मांसाहारी प्रेग्नेंट महिलाओं को शामिल किया गया था। यह शोध डॉक्टरों की एक टीम द्वारा किया गया था। इस शोध को एनवायरमेंटल रिसर्च जनरल में पब्लिश किया गया है। इस रिसर्च में कहा गया है कि शाकाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मांसाहारी महिलाओं की तुलना में कम कीटनाशक पाए गए पर कीटनाशक दोनों ही महिलाओं में पाए गए।
केमिकल फार्मिंग है कीटनाशक होने की वजह

अध्ययन के अनुसार मांसाहारी खाने से दूर रहने वाली महिलाओं के स्तन के दूध में कम कीटनाशक पाए गए हैं। शोध में यह भी कहा गया है कि दूध में कीटनाशक होने की वजह केमिकल फार्मिंग है। दरअसल, हरी सब्जियों या तमाम फसलों को उगाने के लिए तरह-तरह के कीटनाशकों और रसायनों का प्रयोग किया जाता है। जानवरों को भी सप्लीमेंट्स और केमिकल्स के इंजेक्शन्स दिए जाते हैं, जिसकी वजह से मांसाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में कीटनाशक उत्पन्न हो जाते हैं।
मांसाहारी भोजन करने वाली महिलाओं के दूध में मौजूद कीटनाशक शाकाहारी महिलाओं की तुलना में तीन गुना ज्यादा थे। इस शोध में कहा गया है कि मां के दूध के जरिए बच्चे में भी कीटनाशक आराम से पहुंच सकते हैं। स्तन के दूध में मौजूद कीटनाशकों ने मासूम शिशुओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।
बहरहाल, इस अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का ही सेवन करना चाहिए ताकि नवजात बच्चों में कीटनाशक मां के दूध के जरिए ना पहुंच सके।

जकार्ता: इस साल हुए मिस यूनिवर्स इंडोनेशिया कॉम्पिटिशन के मद्देनजर एक हैरान करने वाली खबर मीडिया में आई है। कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाली कंटेस्टेंट्स ने ऑर्गेनाइजर्स पर संगीन आरोप लगाया है। कंटेस्टेंट्स ने आयोजकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में कंप्लेन की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि कंटेस्टेंट्स ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसकी जांच की जाएगी।
‘5 को एक अलग-अलग कमरे में ले गए’
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 29 जुलाई से 03 अगस्त के बीच यह सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित कराई गई थी। इसमें शामिल लड़कियों का आरोप है कि आयोजकों ने उनमें से 05 को एक अलग-अलग कमरे में ले गए, जहां पांच पुरुषों सहित करीब 20 लोग पहले से मौजूद थे। वहां उन्हें शारीरिक जांच के लिए अपने अंडरवियर उतारने के लिए कहा। इस दौरान उन लोगों ने उनके फोटो लिए और वीडियो बनाए।
कंटेस्टेंट्स की खींची गई टॉपलेस तस्वीरें
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इस प्रतियोगियों की वकील मेलिसा एंगग्रेनी ने कहा कि पांचों प्रतियोगियों की टॉपलेस तस्वीरें खींची गईं, जबकि इस तरह की जांच की कोई जरूरत नहीं थी। वहीं शिकायतकर्ताओं में शामिल एक लड़की ने न्यूज चैनल कोम्पास टीवी द्वारा प्रसारित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उसे अनुचित तरीके से पोज देने के लिए कहा गया था, जिसमें उसके पैर खोलना भी शामिल था. उन्होंने कहा- ‘मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे घूरा जा रहा है, मैं बेहद कन्फ्यूज और असहज थी’।
आयोजकों ने नहीं दिया कोई जवाब
रॉयटर्स के मुताबिक उसने मिस यूनिवर्स इंडोनेशिया पेजेंट आयोजित करने वाली कंपनी पीटी कैपेला स्वास्तिका कार्या और कंपनी के संस्थापक पोपी कैपेला से उनके सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में धार्मिक समूहों ने अतीत में सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर आपत्ति जताई है। ऐसे में यह घटना सामने आने के बाद पूरा मामला गहराता नजर आ रहा है।