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Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

PCOS यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) महिलाओं को होने वाला एक एंडोक्राइन और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है। यह डिजीज महिलाओं को रजोनिवृत्ति से ठीक पहले के समय (प्रीमेनोपॉजल) होता है। पीसीओएस में महिलाओं के शरीर में असाधारण मात्रा में एंड्रोजन हार्मोन बनने लगता है। एंड्रोजन पुरुष हार्मोन होता है और बहुत ही कम मात्रा में महिलाओं के शरीर में पाया जाता है। पीसीओएस में एंड्रोजन बढ़ने के साथ-साथ मासिक धर्म अनियमित होना और अंडाशय पर छोटी-छोटी सिस्ट (अल्सर जैसी संरचनाएं) बनने लग जाती हैं। ओव्यूलेशन (डिंबोत्सर्जन) तब होता है, जब अंडाशय से अंडा इस प्रकार निकले की शुक्राणु उसे फर्टिलाइज कर ले। पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं ओव्यूलेशन के लिए जरूरी हार्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता है। ऐसी स्थिति में जब ओव्यूलेशन हो नहीं पाता है, तो अंडाशय पर छोटी-छोटी सिस्ट बनने लगती हैं। ये सिस्ट ज्यादा मात्रा में एंड्रोजन बनाती हैं, जो महिलाओं को मासिक धर्म को अनियमित करने के साथ-साथ पीसीओएस से संबंधित कई लक्षण पैदा कर देता है।

पीसीओएस के प्रकार

रॉटरडैम क्राइटेरिया के अनुसार पीसीओएस के 4 अलग-अलग प्रकार हैं –

क्लासिक पॉलिसिस्टिक ओवरी पीसीओएस – इसमें लंबे समय तक ओव्यूलेशन नहीं होता है और ओवरी में सिस्ट बनने के साथ-साथ एंड्रोजन का स्तर भी बढ़ जाता है। जिन महिलाओं को पीसीओएस का यह प्रकार होता है उनमें मेटाबॉलिक व हृदय संबंधी बीमारियां होने का काफी खतरा रहता है।
क्लासिक नोन-पॉलिसिस्टिक ओवरी पीसीओएस – इसमें ओव्यूलेशन कम होता है और एंड्रोजन का स्तर बढ़ा हुआ होता है। हालांकि, इसमें ओवरी सामान्य रहती हैं।
नोन-क्लासिक ओव्यूलेटरी पीसीओएस – इसमें ओव्यूलेशन भी होता है और मासिक धर्म भी नियमित रहते हैं। लेकिन इस दौरान एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है और ओवरी पर सिस्ट भी बन जाती हैं।
नोन-क्लासिक माइल्ड पीसीओएस – पीसीओएस के इस प्रकार के ओव्यूलेशन कम हो जाता है और ओवरी पर सिस्ट भी बन जाती हैं।

पीसीओएस के लक्षण

Vaginal Infection: Do not ignore the problem of burning and itching in the vagina

पीसीओएस ऐसा रोग है जिसके कारण कई अन्य रोग भी विकसित हो सकते हैं। पीसीओएस से प्रमुख रूप से तीन समस्याएं जुड़ी होती हैं और वे हैं मासिक धर्म में अनियमितता, एंड्रोजन का स्तर बढ़ना और अंडाशय में सिस्ट बनना। रॉटरडैम के क्राइटेरिया के अनुसार यदि किसी महिला को इन तीन लक्षणों में से कोई दो महसूस हो रहे हैं, तो वह पीसीओएस से ग्रस्त है। हालांकि, पीसीओएस से होने वाले संकेत व लक्षण ग्रसित महिला की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। पीसीओएस से आमतौर पर देखे जाने वाले लक्षणों में निम्न को भी शामिल किया जा सकता है –

इनफर्टिलिटी (बांझपन)
मोटापा बढ़ना
चेहरे, छाती और पेट पर अधिक बाल उगना
ऑयली स्किन और मुंहासे होना

पीसीओएस के कारण

पीसीओएस के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, यह अनुवांशिक, वातावरणीय और पारिवारिक स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। निम्न स्थितियां पीसीओएस का कारण बन सकती हैं –

वातावरणीय कारक- इन स्थितियों में संतुलित आहार न ले पाने के कारण और पर्याप्त शारीरिक गतिविधियां न कर पाने के कारण मोटापा बढ़ने लगता है। शरीर का वजन बढ़ना पीसीओएस समस्या से जुड़ा होता है। हालांकि, सामान्य वजन वाली कुछ महिलाओं को भी पीसीओएस हो सकता है। अलावा इसके किसी संक्रामक या विषाक्त चीज के संपर्क में आना भी वातावरणीय कारक के रूप में पीसीओएस का कारण बन सकता है।

पारिवारिक समस्या – जिन महिलाओं के परिवार में पहले किसी को पीसीओएस या टाइप 02 डायबिटीज हो चुका है, तो ऐसे में उन्हें भी पीसीओएस होने का खतरा बढ़ जाता है। किसी महिला में पीसीओएस के लक्षण कितने गंभीर हो सकते हैं, यह भी उसकी फैमिली हिस्ट्री पर निर्भर कर सकता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस – जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन पर प्रतिक्रिया न दे पाएं, तो शरीर अधिक मात्रा में इंसुलिन बनने लगता है। इस प्रकार शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य न होना, एंड्रोजन का स्तर बढ़ने का कारण बन सकता है। जीवनशैली से जुड़ी खराब आदतें जैसे पौष्टिक व संतुलित आहार न लेना और शारीरिक गतिविधियां न करना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बन सकता है। इस कारण से भी महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है और पीसीओएस के लक्षण गंभीर हो जाते हैं।

जोखिम कारक

पीसीओएस सिर्फ प्रजनन प्रणाली को नहीं बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करता है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ा देता है, जिससे जीवन भर समस्याएं हो सकती हैं। पीसीओएस के प्रमुख जोखिम कारकों में निम्न शामिल हैं –

मां या बहन को पहले से ही पीसीओएस होना
इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होना
गर्भाशय की मोटाई बढ़ने के कारण एंडोमेट्रियल कैंसर होने का खतरा बढ़ना
स्लीप एपनिया और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होना।

पीसीओएस की रोकथाम

पीसीओएस आमतौर पर प्यूबर्टी के दौरान विकसित होता है, जिसके कारण वयस्क होने पर डायबिटीज और बांझपन की समस्याएं होने लगती हैं। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए समय रहते ही पीसीओएस की रोकथाम करना बेहद जरूरी है।

जो महिलाएं मोटापे से ग्रस्त है उन्हें अपने वजन को कम करने के लिए उपयुक्त उपाय करने चाहिए, जिससे पीसीओएस की गंभीरता को कम करने में भी मदद मिलेगी।

इंसुलिन और एंड्रोजन लेवल के स्तर पर नजर रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये पीसीओएस विकसित होने का कारण बन सकते हैं।

पीसीओएस का निदान

पीसीओएस में होने वाले लक्षण आमतौर पर अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी हो सकते हैं। पीसीओएस की गंभीरता और उसके प्रकार का पता लगाने के लिए उचित निदान करना जरूरी होता है। पीसीओएस का निदान करने के लिए डॉक्टर मरीज की शारीरिक जांच करते हैं और साथ ही उनके स्वास्थ्य से जुड़ी पिछली जानकारियां (मेडिकल हिस्ट्री) भी लेते हैं। इसके बाद कुछ अन्य टेस्ट भी किए जाते हैं, जिनकी मदद से पीसीओएस की पुष्टि की जाती है, जैसे –

अल्ट्रासाउंड या पेल्विक एग्जाम
ब्लड टेस्ट
पीसीओएस का इलाज
पीसीओएस से होने वाली समस्याओं को ठीक करने के कई इलाज उपलब्ध हैं। पीसीओएस का इलाज आमतौर पर हर महिला को महसूस हो रहे लक्षणों, स्वास्थ्य स्थिति और वह गर्भधारण करना चाहती है या नहीं आदि के आधार पर किया जाता है।

महिला अगर गर्भधारण करना चाहती है –

जीवनशैली में बदलाव – महिला की डाइट में विशेष बदलाव किए जाते हैं और साथ ही उसे व्यायाम आदि भी करने को कहा जाता है, ताकि उसके शारीरिक वजन को नियंत्रित किया जा सके।
फर्टिलिटी की दवाएं – इस दौरान कुछ इंजेक्शन व खाने की दवाएं दी जाती हैं, जो ओवरी को अंडे निकालने में मदद करती हैं। हालांकि, इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे जुड़ा बच्चे होना या फिर पेल्विक में दर्द होना आदि।

यदि महिला गर्भधारण नहीं करना चाहती है –

गर्भ निरोधक गोलियां – ये दवाएं गर्भधारण रोकने के साथ-साथ मासिक धर्म को नियंत्रित करने, एंड्रोजन लेवल को कम करने, मुंहासे दूर करने और बालों के उगने की समस्या को नियंत्रित करने में भी मदद करती हैं।

डायबिटीज की दवाएं – यदि महिला को डायबिटीज है, तो उसके लिए इन दवाओं को का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यदि महिला को डायबिटीज नहीं है, तो भी इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। डायबिटीज की दवाएं आमतौर पर मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को भी दी जा सकती हैं, जो शरीर का वजन कम करने और असामान्य रूप से उग रहे बालों को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

सप्लीमेंट्री दवाएं – इन दवाओं की मदद से भी पीसीओएस से ग्रसित महिलाओं में मोटापा, बालों का असामान्य रूप से उगना और अन्य समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

अलावा इसके अगर दवाओं व अन्य इलाज विकल्पों से स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा रहा है, तो सर्जरी भी की जा सकती है। हालांकि, अगर सर्जरी से भी इलाज संभव नहीं है तो असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) जिसकी मदद से फर्टिलिटी का इलाज किया जाता है। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) सबसे आम प्रकार की एआरटी थेरेपी है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Pre-Wedding Skincare

Glowing Skin Tips:  हम सब चाहते हैं कि हमारी स्किन ग्लो करे और सच मानिये यह कोई मुश्किल काम भी नहीं है। इसके लिए ज़रूरी है कि हम कुछ बातों का खास ध्यान रखें। ग्लोइंग स्किन पाने के लिए कुछ अलग से करने की ज़रूरत नहीं है, बस अपने रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ब्यूटी टिप्स को अपनाना होगा।

यूं तो बाज़ार में कई तरह के ट्रीटमेंट मौजूद हैं पर वे सबकी स्किन को सूट नहीं करते। इसलिए चमकदार त्वचा पाने के लिए हम घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं। आइए जानते हैं कि ग्लोइंग फ़ेस के लिए हम क्या करें ताकि हमारी स्किन देखकर सब कह उठें “वाह क्या हसीन चेहरा है”!

ग्लोइंग स्किन पाने के लिए उपाय

Bring glow to your face in Korean way and say goodbye to wrinkles

चेहरा चमके और खूबसूरती निखरे, यह ख्वाहिश आज हर लड़की की है, फिर चाहे उसकी उम्र कुछ भी हो। अपने चेहरे पर चमक लाने के उपाय के लिए घर और किचन में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनकी मदद से हम अपने चेहरे को चमका सकते हैं। कुछ अच्छी आदतें भी ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी सहायक बन सकती हैं।

1. अच्छी नींद लें –

दिन भर काम करना, रात को देर तक जागना और 8 घंटे की पूरी नींद न लेना आपकी स्किन के लिए अच्छा नहीं है। यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डालता है। भरपूर नींद न लेने से आपकी आंखें सुबह सूजी लगेंगी। यह दौर कई दिनों तक चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब आपकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स आ जाएंगे। आप थका हुआ महसूस करेंगे और आपकी स्किन डल दिखेगी।

जब आप सो रहे होते हैं तो उसी समय आपके स्किन सेल्स बूस्ट हो रहे होते हैं। जब आप भरपूर नींद नहीं लेंगे तो आपकी स्किन द्वारा रात में इस बूस्टिंग में कमी आएगी और चेहरा थका एवं अस्वस्थ लगेगा।

2. पानी खूब पीएं–

भरपूर पानी हमारी स्किन को ग्लो करने में मदद करता है। हमारे शरीर के अंदर की गंदगी को बाहर निकालता है और नए बॉडी सेल्स बनाता है। आप चाहें तो अपने पानी में हेल्दी चीजें मिलाकर भी पी सकती हैं, इस तरह से पानी के फ़ायदे भी बढ़ जाएंगे।

सुबह- सुबह आप उबलते पानी में एक चुटकी दालचीनी मिलाकर पी सकती हैं। इससे वजन कम होने में मदद तो मिलेगी ही, ग्लोइंग स्किन भी आपको मिलेगी। इसके अलावा, आप चाहें तो पानी में स्ट्रॉबेरी जूस भी मिलाकर पी सकती हैं। इसके नियमित सेवन से चेहरे के दाग- धब्बे गायब हो जाते हैं और चेहरे पर ग्लो आता है।

3. व्यायाम करें –

व्यायाम का तात्पर्य सिर्फ़ वजन कम करना नहीं, बल्कि बॉडी को शेप में लाना और चेहरे पर चमक लाना है। व्यायाम से चेहरे पर चमक बढ़ती है और मन भी खुश रहता है। व्यायाम करने के दौरान शरीर से पसीना निकलता है और स्किन की गंदगी बाहर निकल जाती है। यही नहीं, मूड भी अच्छा होता है, शरीर थकता है और नींद भी गहरी आती है जो चेहरे की त्वचा के लिए बहुत ज़रूरी है। चेहरा खूबसूरत दिखने लगता है।

सूर्य नमस्कार , वॉकिंग, साइकलिंग, जॉगिंग, स्किपिंग, डांसिंग जैसे एक्सरसाइज़, स्किन को ग्लो कराने के लिए बेहतरीन हैं। कुछ नहीं तो कम से कम रोजाना तेज कदमों से चलना ज़रूर करें। साथ ही अगर आप फेशियल एक्सरसाइज़ को रोजाना सिर्फ़ 5 मिनट के लिए करेंगे तो, एक महीने बाद आप खुद ही अपने चेहरे को बदला हुआ पाएंगे। यह घरेलू नुस्खा ऐसा है जिसके लिए आपको किसी भी चीज़ की ज़रूरत नहीं। आपकी झुर्रियां भी दूर होंगी और चेहरे पर निखार आ जाएगा।

4. योग का अभ्यास –

Yoga for women

आपकी स्किन ग्लो करे, इसके लिए योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग आपकी त्वचा की मांसपेशियों में कसाव लाकर उसे निखारता है। शारीरिक व्यायाम के साथ ही मानसिक तौर पर आपको शांत करता है। जब तक आप अंदर से हेल्दी नहीं रहेंगे, तब तक वह संतुष्टि और शांति बाहर भी नहीं दिखेगी।

चेहरे पर चमक लाने वाले योग में मुख्य हैं- चक्रासन, सर्वांगासन, हलासान, शीर्षासन और प्राणायाम। इन आसनों से शरीर में ऑक्सीजन और खून का बहाव बढ़ जाता है, जो चेहरे पर चमक लाते हैं। ये योग चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को कम करते हैं,त्वचा का ढीलापन कम करते हैं और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए ज़रूरी हैं।

5. साबुन के इस्तेमाल को करें बंद–

बिना साबुन का इस्तेमाल किए, आपको अपनी त्वचा साफ़ नहीं लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साबुन का ज़्यादा इस्तेमाल आपके चेहरे की त्वचा के लिए सही नहीं है ? साबुन में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं जो स्किन को बेजान बना देते हैं। यही नहीं, आपकी स्किन को ड्राई बनाकर स्किन से प्राकृतिक तेल और सीबम को निकालकर मॉइश्चर छीन लेते हैं। स्किन का पीएच स्तर असंतुलित हो जाता है और त्वचा को नुकसान होने लगता है।

आप चाहें तो साबुन की जगह घरेलू चीज़ों का इस्तेमाल करके अपने चेहरे की त्वचा को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। बाज़ार में कुछ प्राकृतिक फ़ेसवॉश भी उपलब्ध हैं, जो आपकी स्किन को ड्राई और बेजान नहीं करते हैं। आप जो भी फेस प्रोडक्ट इस्तेमाल करें, ध्यान रक्खें की वह आपकी स्किन टाइप के अनुकूल हो।

6. तनाव में न रहें –

तनाव एक ऐसी बीमारी है, जो ऊपर से दिखती नहीं देती ,लेकिन अंदर ही अंदर आपको खाए जाती है। आपको मानसिक स्तर पर परेशान करने के साथ ही आपके स्वास्थ्य पर भी हमला करती है l तनाव से हमारा शरीर कोर्टिसोल नामक एक हार्मोन छोड़ता है, जिससे त्वचा ज़्यादा मात्रा में सीबम छोड़ती है, जिससे पोर्स बंद हो जाते हैं l चेहरे पर मुंहासे होने का एक कारण आपका लगातार तनाव में रहना भी है।

टेंशन की स्थिति में अपने शरीर को शांत करने के लिए आपको ठंडे पानी से नहाना चाहिए। आप चाहें तो नहाते समय किसी फ्रेगरेंस वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, यह आपके तनाव भरे मस्तिष्क को शांति पहुंचाएगा। शरीर के साथ चेहरे की मालिश भी आपके तनाव को काफ़ी हद तक दूर करने में कारगर है। अपने चेहरे की त्वचा के नसों को रिलैक्स महसूस कराने के लिए आप चेहरे पर बर्फ़ रगड़ सकती हैं।

7. चेहरा साफ़ करके सोयें –

चेहरे पर लगा मेकअप, बाहर का प्रदूषण, धूल- कण आपके चेहरे पर रोमछिद्रों के जरिए अंदर तक पहुंच जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह गंदगी आपकी स्किन को कितना नुकसान पहुंचा सकती है? आपकी स्किन रात में ही मरम्मत अवस्था में जाती है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप रात को सोते समय अपनी स्किन को अच्छी तरह से साफ़ करके सोयें।

सबसे पहले तो घर आते ही चेहरे से मेकअप हटा लें। इसके लिए आप क्लींजिंग मिल्क या मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, रात को सोते समय कोई अच्छी नाइट क्रीम के इस्तेमाल से आपको चेहरे पर ग्लो मिल जायेगी।

8. अपने मन को शांत रखें –

निराशा और क्रोध कुछ ऐसे कारण हैं, जिससे आपके चेहरे की चमक खो जाती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति आए, आप अपने मन को शांत रखने की कोशिश करें। अपने मन को ऐसी अवस्था में ले जाएं कि आपको आसानी से कोई दुःख और परेशानी न हिला सके। इस स्थिति को पाने के लिए आप ध्यान कर सकते हैं। यह काफ़ी हद तक आपके मन को शांत रखने में मदद करता है और आपकी स्किन कभी भी ग्लो करना नहीं बंद करेगी। चेहरे पर लगा मेकअप, बाहर का प्रदूषण, धूल- कण आपके चेहरे पर रोमछिद्रों के जरिए अंदर तक पहुंच जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह गंदगी आपकी स्किन को कितना नुकसान पहुंचा सकती है? आपकी स्किन रात में ही मरम्मत अवस्था में जाती है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप रात को सोते समय अपनी स्किन को अच्छी तरह से साफ़ करके सोयें।

सबसे पहले तो घर आते ही चेहरे से मेकअप हटा लें। इसके लिए आप क्लींजिंग मिल्क या मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, रात को सोते समय कोई अच्छी नाइट क्रीम के इस्तेमाल से आपको चेहरे पर ग्लो मिल जायेगी।

8. अपने मन को सुरक्षित रखें –

निराशा और क्रोध कुछ ऐसे कारण हैं, जिससे आपके चेहरे की चमक खो जाती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि चाहे जैसी भी परिस्थिति आए, आप अपने मन को शांत रखने की कोशिश करें। अपने मन को ऐसी अवस्था में ले जाएं कि आपको आसानी से कोई दुःख और परेशानी न हिला सके। इस स्थिति को पाने के लिए आप ध्यान कर सकते हैं। यह काफ़ी हद तक आपके मन को शांत रखने में मदद करता है और आपकी स्किन कभी भी ग्लो करना नहीं बंद करेगी।

9. प्राकृतिक भोजनशैली अपनाएं –

हम सब जानते हैं कि हम जैसा खाएंगे, वैसा ही हमारा शरीर दिखेगा। इसलिए हमें अपनी डाइट में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। यह हमारी स्किन पर जादुई तरीके से काम करता है और इनमें निहित प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स आदि हमें लाभ पहुंचाते हैं। जो मौसम चल रहा हो, उस मौसम में मिलने वाली सब्जियां और फल तो ज़रूर खानी चाहिए। जैसे सर्दियों के मौसम में संतरे जैसे फल और पालक, मेथी जैसी हरी सब्जियां।

ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू उपाय –

चेहरे पर चमक लाना बहुत आसान नहीं तो बहुत मुश्किल भी नहीं है। इसके लिए बस हमें अपने किचन और घर में झांकने की ज़रूरत है। हमारे किचन पर यूं ही हमारी दादी- नानी इठलाती नहीं थीं। उन्हें यह बखूबी पता था कि यह किचन न सिर्फ़ हमारे पेट की भूख को शांत करता है, बल्कि हमें खूबसूरत भी बनाता है।

1. एलोवेरा

अपनी स्किन को चमकदार बनाए रखने का एलोवेरा एक करिश्माई तरीका है। यह हमारी स्किन में नमी को बनाए रखता है l इसमें एंटी-एजिंग गुण भी होते हैं जो हमारी स्किन की इलास्टिसिटी को खोने नहीं देते और झुर्रियों को कम करते हैं। इसमें व्याप्त मॉइस्चराइजिंग गुण स्किन में नमी को बरकरार कर ड्राइनेस को पास नहीं आने देते। इसका एंटी- एक्ने गुण मुंहासों को घटाता है और जलन को भी कम करता है।

इस्तेमाल करने का आसान तरीका

  1. आप एलोवेरा जेल को अपनी स्किन पर कभी भी लगा सकती हैं।
  2. अगर आपकी नॉर्मल स्किन है तो आप इसे मॉइस्चराइजर की जगह भी इस्तेमाल में ला सकती हैं।
  3. वरना आप रात को सोने से पहले इससे अपनी स्किन की मसाज करके सोयें।
  4. अगर आपके घर में एलोवेरा का पौधा है तो आप उसकी एक डंडी तोडें और उससे जेल को निकालकर चेहरे पर लगा लें।

2. ग्रीन टी

ग्रीम टी सिर्फ़ पीने के लिए ही नहीं, स्किन पर लगाने के भी काम आता है l ग्रीन टी सूरज की रौशनी से आपके चेहरे को बचाता है और स्किन कैंसर जैसी समस्या से सुरक्षा करता है। यह चेहरे पर निकलने वाले मुंहासों से भी रक्षा करता है और समय से पहले चेहरे पर दिखने वाले उम्र के निशानों को भी कंट्रोल करता है।

उपयोग का तरीका

ग्रीन टी को लगभग आधे कप पानी में उबालें।
इसके बाद इसमें ब्राउन शुगर और मलाई मिलाकर इससे चेहरे की मालिश करें। यह आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाता है।

3. नारियल तेल

दक्षिण भारत के लोग नारियल तेल का उपयोग बहुत अधिक करते हैं l यह न सिर्फ एक बढ़िया तरीके से नमी प्रदान करता है, बल्कि हमारी स्किन को ठंडा भी रखता है l सूर्य की तेज रोशनी से हमारी त्वचा को बचाता भी है और बेहतरीन एंटी- एजिंग के तौर पर त्वचा पर दिखने वाले उम्र के असर को रोकता भी है l

उपयोग का तरीका

जिस तरह हम क्रीम का उपयोग करते हैं, ठीक वैसे ही हमें नारियल तेल का उपयोग करना चाहिए।
इसे अपनी त्वचा पर लगाना चाहिए।
आप इसे शरीर के हर हिस्से पर लगा सकते हैं।
इससे हमारी त्वचा में कसावट और चमक भी आती है।

4. रोजाना कितना नारियल पानी पीएं

प्रेगनेंसी में महिलाओं को नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है लेकिन आम दिनों में भी इसे कोई भी पी सकता है। इसके रोजाना सेवन करने से कुछ दिनों में ही चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर फर्क नजर आने लगेगा।

5. हल्दी

हल्दी को मसलों की रानी कहा गया हैl हल्दी त्वचा की परेशानियों को दूर करने में भी कारगर भूमिका निभाता है। ग्लोइंग फ़ेस के लिए घरेलू नुस्खों में हल्दी फोटोएजिंग व सोराइसिस से हमारी रक्षा करता है। इसमें एंटी- ऑक्सीडेंट गुण होता है, जो बेसन के साथ मिलकर स्किन को एक्सफोलिएट करता है और स्किन में जान ले आता है।

हल्दी के साथ बेसन और पानी मिलाकर इसका स्क्रब बना लें।
फिर इसे चेहरे पर लगाएं और १०-१५ मिनट के बाद जब यह सूख जाए तो हौले से रगड़ते हुए धो लें।
यह उबटन आपकी स्किन पर इतना ग्लो ला सकता है, जितना कोई महंगी क्रीम न कर सके।

6. दूध

दूध त्वचा के लिए भी बहुत पौष्टिक तरीके से काम करता है। यदि आपकी स्किन ड्राई है तो दूध से बेहतरीन कोई और मॉइस्चराइजर नहीं हो सकता। दूध में निहित विटामिन-A आपकी स्किन की चमक बरकरार रखता है।

इस्तेमाल का तरीका

  • कच्चे दूध, बेसन और शहद को मिलाकर एक पैक तैयार कर लें, अब इसे चेहरे पर लगा लें।
  • करीब १५ मिनट बाद इसे धो लें, चेहरा निखर उठेगा।
  • इस पैक को आप हफ़्ते में एक या दो बार भी लगा सकती हैं, यह स्किन से नमी को जाने नहीं देता।
Dark Underarms: If you hesitate to wear the clothes you like due to dark underarms

Underarms Darkness: गर्मियों का सीजन हो या पार्टी का सीजन, स्लीवलेस ड्रेस पहनना हर किसी को भाता है। लेकिन कई लोग अंडरआर्म्स के काले दाग के कारण अपनी पसंद के कपड़े पहनने से हिचकिचाती हैं। डार्क अंडरआर्म्स कोई गंभीर बीमारी नहीं है पर यह आत्मविश्वास को जरूर प्रभावित कर सकता है।

बता दूं कि इसका कारण कई हो सकती है, जैसे बार-बार शेविंग करना, त्वचा पर डेड स्किन का जमा होना, तेज केमिकल वाले डिओडोरेंट का प्रयोग, हार्मोनल बदलाव या कुछ हेल्थ संबंधी हालात। यहां खास बात यह कि सही स्किन केयर रूटीन और कुछ आसान आदतों में बदलाव करके कई मामलों में अंडरआर्म्स का कालापन कम किया जा सकता है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर घरेलू नुस्खे को आंख बंद करके अपनाना सही नहीं है। अक्सर महिलाएं नींबू, बेकिंग सोडा या अन्य केमिकल प्रोडक्ट्स स्किन पर लगाने से जलन और पिगमेंटेशन बढ़ने का खतरा भी हो सकता है। इसलिए सुरक्षित तरीका अपनाना बेहद जरूरी और कारगर साबित होता है। यहां हम जानेंगे कालेपन को कम करने के उपाय, किन चीजों से बचना जरूरी है और कब डॉक्टर की सलाह लेना है।

अंडरआर्म्स का कालापन कई कारणों से हो सकता है। बार-बार शेविंग करने से त्वचा पर हल्की जलन और पिगमेंटेशन बढ़ सकता है। इसके अलावा,

  • डेड स्किन जमा होना,
  • टाइट कपड़े पहनना,
  • लगातार रगड़,
  • हार्मोनल बदलाव,
  • मोटापा
    कुछ लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी स्वास्थ्य स्थितियां भी इसकी वजह बन सकती हैं। इसलिए सिर्फ रंग हल्का करने पर नहीं, बल्कि कारण को समझकर समाधान अपनाना ज्यादा प्रभावी रहता है।

नियमित एक्सफोलिएशन और मॉइस्चराइजिंग करें

Dark Underarms: If you hesitate to wear the clothes you like due to dark underarms

* अंडरआर्म्स की त्वचा को सप्ताह में 1-2 बार हल्के एक्सफोलिएंट से साफ करने से डेड स्किन हटाने में मदद मिल सकती है।
* इसके बाद खुशबू रहित मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि स्किन सॉफ्ट रहे।
* जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा में जलन हो सकती है, इसलिए हल्के हाथों से देखभाल करना बेहतर है।* बार-बार शेविंग करने से त्वचा पर रगड़ बढ़ सकती है।
* बालों की जड़ें दिखाई देने के कारण अंडरआर्म्स ज्यादा काले लग सकते हैं।
* नियमित देखभाल से त्वचा की बनावट और रंगत में धीरे-धीरे सुधार दिख सकता है।
शेविंग की जगह सही हेयर रिमूवल तरीका चुनें
* यदि आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त हो तो ट्रिमिंग, वैक्सिंग या अन्य सुरक्षित हेयर रिमूवल विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
* साथ ही, अल्कोहल या तेज़ खुशबू वाले डिओडोरेंट की बजाय संवेदनशील स्किन के लिए बने उत्पाद चुनना भी फायदेमंद हो सकता है।