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Gas After Eating

Gas after Eating: आजकल लोगों का खानपान काफी खराब होता जा रहा है, जिसका सीधा असर आपके हेल्थ पर पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि लोगों को अक्सर खाना खाने के बाद गैस बनना, पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि अगर आपका खानपान सही नहीं है, तो इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अनियमित खानपान, जंक फूड का अधिक सेवन, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव इसके प्रमुख कारणों में से एक हैं।

यह समस्या न आज केवल शारीरिक असहजता पैदा कर रही है, बल्कि डेली रूटीन को भी प्रभावित कर रही है। आप में से कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, और फिर तब ध्यान देते हैं, जब समस्या काफी भयानक रूप ले लेता है। लेकिन समय रहते समस्या पर ध्यान देना जरूरी है। सही आहार, नियमित दिनचर्या और कुछ आसान उपायों से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। पर कुछ आसान और घरेलू ड्रिंक्स आपकी इस परेशानी को कम कर सकते हैं, जिनके बारे में हम आपको कुछ खास होममेड ड्रिंक्स के खास फायदों के बारे में बताने वाले हैं।

गुनगुना नींबू पानी

अगर आप सुबह हल्का गुनगुना पानी नहीं पीते हैं तो आज से ही पीना शुरू कर दीजिए। नींबू पानी पीने के फायदे आमतौर पर पाचन क्रिया को अच्छा बनाने के लिए सबसे ज्यादा होते हैं। क्योंकि हल्का गुनगुना और नींबू वाला पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करने में बेहद असरदार होता है। इसमें मौजूद विटामिन-C शरीर को डिटॉक्स करते हैं और गैस व एसिडिटी को कम कर देते हैं। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और सूजन में कमी आती है।

अदरक का पानी

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह दोनों की तत्व पेट की सूजन और गैस को कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि अदरक का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है और भोजन भी आसानी से पच जाता है। यह मतली और भारीपन की समस्या को भी दूर करने में मददगार साबित होता है।

जीरा वॉटर

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जीरा पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। ऐसे में जीरा वॉटर पेट में गैस बनने की समस्या को कम कर सकता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे पेट की सूजन और अपच में राहत मिलती है। अगर आप चाहें तो सुबह भी जीरे का पानी पी सकते हैं क्योंकि खाली पेट जीरे का पानी पीने के कई अलग-अलग फायदे भी हो सकते हैं।

अजवाइन का पानी

अजवाइन का पानी भी गैस और सूजन से राहत दिलाता है। इसमें थाइमोल नामक तत्व होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत करता है। अजवाइन का पानी गैस, पेट दर्द और ब्लोटिंग से फौरन राहत दिलाता है। अगर आप हैवी डाइट लेते हैं को उसके बाद इसे पीना बहुत लाभकारी साबित होता है।

शहद व पुदीने वाला पानी

Gas After Eating

शहद और पुदीने का पानी स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पुदीना पेट को ठंडक देता है और पेट की जलन व सूजन को कम करने का काम करता है, जबकि शहद पाचन को सुधारता है। इन दोनों का मिश्रण गैस और ब्लोटिंग से राहत दिलाने का काम करता है। साथ ही शरीर को ताजगी भी देता है।

फोटो सौजन्य- गूगल

Feeding

मां बनना एक खास अहसास है, लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि यह हमारे मुताबिक आसान वक्त हो सकता है क्योंकि बच्चा बहुत छोटा है। इसके साथ होने वाली भ्रम और टेंशन बहुत मुश्किल भरा हो सकता है। स्तनपान (Breast Feeding) जैसा आसान कार्य, जो बिल्कुल सिंपल लगता है, उसे सही तरह से ना करना पेचीदा हो सकता है। यहां पर कुछ जरूरी सुझाव दिए गए हैं जो यह बताने के लिए काफी है कि आप और आपका शिशु स्तनपान की इस दुनिया को सहजता से अपना सकें।

-जितना जल्दी हो सके अपने शिशु को स्तानपान कराना ना भूले, अगर आप और आपका शिशु ठीक-ठाक है तो जन्म के फौरन बाद इसे करना अच्छा माना जाता है।

-सही स्थिति में स्तनपान कराने के लिए हेल्प लें। अगर आपको दर्द हो रहा है तो शायद यह स्थिति आगे कोई समस्या हो सकती है। शुरुआती कोमलता का अनुभव करना सामान्य है लेकिन अगर आप महसूस कर रही पीड़ा असहनीय हो जाती है, तो यह सामान्य नहीं है। कोई नर्स अगर आपके घर पर आती है तो वह स्थनपान की स्थिति निर्धारण में सुधार करने में आपकी सहायता कर सकती है, जिससे यह असहनीय नहीं होगा।

-अपने शिशु को अपने शरीर के करीब रखें। जब आपका शिशु आपसे लिपटा हो, तब त्वचा से संपर्क, आपके शिशु के लिए सुखदायक हो सकता है और भूख लगने पर उनके द्वारा किए जाने वाले संकेतों को आपको प्रतिक्रिया देने में मदद होगी।

-नवजात के शुरुआती दिनों में बार-बार दूध पीना सामान्य प्रक्रिया हैं क्योंकि भूख शिशुओं की एक सक्रिय आदत है।

-फिलहाल एक दिनचर्या बनाने की कोशिश ना करें, बस अपने शिशु की जरूरत और प्रतिक्रियाओं के साथ चलें। शुरुआती दिनों मे यह बार-बार हो सकता हैं।

-हर बार दोनों स्तनों से शिशु को दूध पिलाएं, भले ही आपका शिशु सिर्फ एक से ही पीता हो।

-स्तनपान ऐसी प्रक्रिया है जिसे आपको और शिशु को एकसाथ सीखना है और इसे सामान्य और प्राकृतिक महसूस करने में थोड़ा वक्त लग सकता है। शुरुआती दिनों और हफ्ते में जो होता है वह अच्छे में बदलता है और वक्त बीतने पर आप इसे सबसे आरामदायक चीज़ की तरह महसूस करेंगी|

-जब आप शिशु को स्तनपान करा रहीं हैं तो बेहतर होगा कि उसे किसी भी तरह के बोतल से दूध पिलाने की आदत ना डालें। बोतल और चूसक का उपयोग आपके शिशु के स्तनपान के ‘गुण’ पर प्रभाव डाल सकता है।

-अगर आप लंबे समय तक पीड़ा-मुक्त स्तनपान के बाद पीड़ा महसूस कर रही हैं, तो यह आपके निप्पल पर फंगल संक्रमण के कारण हो सकता हैं। अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अगर यह स्थिति होने पर आपको और आपके शिशु को चिकित्सा की आवश्यकता पड़ेगी ।

Breast Feeding

-सही यह होगा कि स्तनपान के दौरान आप समय ना देखें। स्तनपान पर आपका शिशु कितने समय तक है और यह प्राप्त किये जाने वाले दूध की मात्रा को नहीं दर्शाता है। कई शिशु कुछ मिनट में जितना उन्हें चाहिए उतना पी लेते हैं जबकि अन्य कुछ ज्यादा वक्त लेते हैं। बस अपने शिशु की जरूरतों पर ध्यान रखें।

-ज्यादातर शिशु स्तनपान के वक्त स्वाभाविक रूप से विश्राम लेते हैं जो कि समय में भिन्न होते हैं। लेकिन लंबे स्तनपान (जैसे, नियमित रूप से एक घंटे से अधिक) जो आपके शिशु को खुश रखने में विफल होते हैं और उन्हें बैचैन कर देते है, एक संकेत है कि शायद कुछ सही नहीं हैं। एक बार फिर स्थिति निर्धारण की जांच करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपका शिशु संतोषजनक मात्रा में दूध पी रहा है।

अपने स्तन पैड को नियमित रूप से बदलें क्योंकि गंदे स्तन पैड बैक्टीरिया विकसित कर सकते हैं।

स्तनपान रोकने के लिए धीरे से शिशु के जरिए बनाई गई सक्शन सील को समाप्त कर अपने शिशु को निप्पल से हटा लें। यह करने के लिए अपनी उंगली को अपने शिशु के मुंह के कोने तक धीरे से सरकाएं और आहिस्ते से उन्हें दूर खींच लें।

अपने निप्पल पर थोड़ा दूध निचोड़े और इससे मसाज करें। अगर संभव हो तो अपने नीपल को थोड़ी देर खुली हवा में सूखने दें। यह स्वास्थ्य और सफाई रखने में मदद करेगा।